येन के अवमूल्यन को जापानी वित्त मंत्री सात्सुकी कातायामा ने बताया चिंताजनक, अमेरिकी ट्रेजरी से सहयोग बढ़ाने पर सहमति जापानी वित्त मंत्री सात्सुकी कातायामा ने कमजोर येन को अर्थव्यवस्था के लिए समस्या बताते हुए अमेरिकी ट्रेजरी से विदेशी मुद्रा बाजार में करीबी संवाद और तालमेल जारी रखने की पुष्टि की है। मुद्रा विनिमय बाजार में जापानी मुद्रा येन पर बन रहे दबाव के बीच जापानी सरकार ने अपनी स्पष्ट प्रतिक्रिया दी है। जापानी वित्त मंत्री सात्सुकी कातायामा ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि जापानी येन का अवमूल्यन व्यापक तौर पर आर्थिक व्यवस्था के लिए समस्या उत्पन्न करता है। उन्होंने यह भी बताया कि 25 सितंबर को हुई टेलीफोन वार्ता के दौरान अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट के साथ द्विपक्षीय सहयोग मजबूत करने पर सहमति बनी थी। उनका कहना है कि विदेशी मुद्रा बाजार में स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए अमेरिकी वित्त विभाग के साथ लगातार सीधा संपर्क बनाए रखा जाएगा ताकि बाजार का कामकाज सुचारू रूप से चलता रहे। इसके साथ ही सरकार बॉन्ड बाजार के साथ करीबी संवाद जारी रखेगी और उपयुक्त ऋण प्रबंधन नीतियों का संचालन करेगी। मुद्रा की कमजोरी और सरकारी आर्थिक नीतियों का रुख जापान की घरेलू आर्थिक नीतियों को लेकर उठ रहे सवालों के जवाब में वित्त मंत्री सात्सुकी कातायामा ने स्पष्ट किया कि ताकाइची का प्रशासन रिफ्लेशनरी यानी कृत्रिम रूप से मुद्रास्फीति बढ़ाने वाला नहीं है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि ब्याज दरों का निर्धारण पूरी तरह से बाजार की ताकतें करती हैं। सरकार का लक्ष्य वित्तीय प्राथमिकताओं को संभालते हुए बाजार सहभागियों के साथ पूरी तत्परता और सतर्कता की उच्च भावना के साथ तालमेल बनाए रखना है। जापानी वित्त मंत्री ने दोहराया कि येन का अंडरवैल्यूड यानी अपनी वास्तविक क्षमता से कम आंका जाना आर्थिक दृष्टिकोण से कठिनाइयां पैदा करता है। इस बयान के आने के समय विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले जापानी येन यानी USD/JPY जोड़ी दिन के कारोबार में 0.05 प्रतिशत की तेजी के साथ 157.45 के स्तर पर देखी गई। जापानी येन का वैश्विक दर्जा और बैंक ऑफ जापान की भूमिका वैश्विक वित्तीय प्रणाली में जापानी येन दुनिया की सबसे अधिक कारोबार की जाने वाली मुद्राओं में शामिल है। इसका वास्तविक मूल्य मोटे तौर पर जापानी अर्थव्यवस्था के समग्र प्रदर्शन पर निर्भर करता है, लेकिन इसे सबसे अधिक प्रभावित बैंक ऑफ जापान यानी BoJ की मौद्रिक नीतियां, अमेरिकी और जापानी सरकारी बॉन्ड यील्ड के बीच का अंतर तथा वैश्विक व्यापारियों का जोखिम का मिजाज करते हैं। बैंक ऑफ जापान के मुख्य वैधानिक दायित्वों में मुद्रा का नियंत्रण शामिल है, इसलिए इस केंद्रीय बैंक द्वारा उठाया गया प्रत्येक कदम येन की दिशा तय करने में बेहद महत्वपूर्ण साबित होता है। अतीत में कई मौकों पर बैंक ऑफ जापान ने प्रत्यक्ष रूप से मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप किया है। आमतौर पर ऐसा हस्तक्षेप येन के मूल्य को घटाने या नियंत्रित करने के उद्देश्य से किया जाता रहा है, हालांकि अपने प्रमुख व्यापारिक साझेदारों की राजनीतिक चिंताओं को देखते हुए यह कदम बार-बार उठाने से परहेज किया जाता है। दशक भर की ढीली मौद्रिक नीति और नीतिगत अलगाव का प्रभाव साल 2013 से लेकर 2024 के बीच बैंक ऑफ जापान ने अत्यधिक ढीली मौद्रिक नीति लागू रखी थी। इस लंबी अवधि में वैश्विक स्तर पर अन्य प्रमुख केंद्रीय बैंकों और बैंक ऑफ जापान के नीतिगत रुख में भारी अलगाव देखने को मिला, जिसके कारण येन अपनी मुख्य प्रतिस्पर्धी मुद्राओं के मुकाबले कमजोर होता चला गया। पिछले एक दशक में BoJ द्वारा इस रुख पर अड़े रहने के कारण विशेष रूप से अमेरिकी फेडरल रिजर्व के साथ नीतिगत अंतर लगातार चौड़ा होता गया। इसी अंतर ने 10 वर्षीय अमेरिकी और जापानी सरकारी बॉन्ड के यील्ड स्प्रेड को बढ़ा दिया, जिससे विदेशी मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर को जापानी येन की तुलना में जबर्दस्त लाभ मिला। हालांकि, वर्ष 2024 में बैंक ऑफ जापान ने अपनी इस अत्यधिक ढीली मौद्रिक नीति को चरणबद्ध तरीके से वापस लेने का निर्णय लिया। इसके साथ ही दुनिया के अन्य प्रमुख केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों में की गई कटौती ने दोनों देशों के बॉन्ड यील्ड के इस अंतर को धीरे-धीरे पाटना शुरू किया, जिससे येन को कुछ सहारा मिला है। सुरक्षित निवेश का दर्जा और वैश्विक बाजार का हालिया व्यवहार आर्थिक उथल-पुथल के समय जापानी येन को पारंपरिक रूप से सुरक्षित निवेश का साधन माना जाता रहा है। इसका सीधा अर्थ यह है कि जब भी वैश्विक वित्तीय बाजारों में अनिश्चितता या तनाव बढ़ता है, तो निवेशक अधिक जोखिम भरी संपत्तियों से पूंजी निकालकर स्थिरता और विश्वसनीयता के भरोसे जापानी मुद्रा में निवेश करना पसंद करते हैं। इस प्रकार की विपरीत परिस्थितियों में येन की मजबूती अन्य मुद्राओं की तुलना में बढ़ जाती है। हालांकि हालिया समय में USD/JPY जोड़ी एक सप्ताह के निचले स्तर से उबरने के बाद अपने लाभ को आगे बढ़ाने में संघर्ष करती नजर आई और एशियाई कारोबारी सत्र में 157.50 के आसपास सुस्त दायरे में सिमटी रही। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा जापानी येन की कमजोरी पर व्यक्त की गई चिंताओं ने बाजार में यह अटकलें तेज कर दी हैं कि अमेरिका और जापान मिलकर एक और संयुक्त बाजार हस्तक्षेप कर सकते हैं। बैंक ऑफ जापान का सख्त रुख येन को समर्थन दे रहा है, लेकिन दूसरी ओर कच्चे तेल के कारण उत्पन्न महंगाई की चिंताओं और फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की संभावनाओं ने अमेरिकी बॉन्ड यील्ड को कई वर्षों के उच्चतम स्तर पर पहुंचा दिया है, जिससे डॉलर दो महीने के उच्च स्तर के करीब स्थिर रहकर स्पॉट कीमतों को सहारा दे रहा है। फेडरल रिजर्व और बैंक ऑफ जापान के समान नीतिगत कदम मौद्रिक नीतियों के हालिया घटनाक्रम में अमेरिकी फेडरल रिजर्व और बैंक ऑफ जापान ने पिछले सप्ताह एक जैसा महत्वपूर्ण कदम उठाया है। दोनों ही केंद्रीय बैंकों ने अपनी ब्याज दरों में 25 बेसिस प्वाइंट्स की बढ़ोतरी की है। दोनों मौद्रिक प्राधिकरण इस समय मुद्रास्फीति के जोखिमों का सीधे तौर पर सामना कर रहे हैं और दोनों ने ही संकेत दिया है कि उनके भविष्य के फैसले आने वाले आर्थिक आंकड़ों की दिशा पर निर्भर करेंगे। दूसरी तरफ एशियाई सत्र में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और अमेरिकी डॉलर की जोड़ी AUD/USD रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया यानी RBA के ब्याज दर संबंधी निर्णय से पहले 0.7000 के ठीक ऊपर स्थिर रुख के साथ कारोबार करती रही। तेल आधारित मुद्रास्फीति के दबाव और अमेरिका-ईरान के बीच बने गतिरोध ने डॉलर को सुरक्षित पनाहगाह के तौर पर मजबूत किया है। वहीं सोने की कीमतों में भी तेज गिरावट के बाद 4,100 डॉलर प्रति औंस के स्तर से नीचे फिसलने की प्रतीक्षा के बीच ठहराव देखा गया है। इसके अतिरिक्त वित्तीय तकनीक क्षेत्र में क्रॉस चेन ट्रेडिंग प्रोटोकॉल NEAR Intents के रिस्क-इंटेलिजेंस सिस्टम SHIELD ने हालिया बिटगेट सुरक्षा सेंधमारी से जुड़े 50 मिलियन डॉलर से अधिक के संदिग्ध मनी लॉन्ड्रिंग प्रवाह को अवरुद्ध किया और निष्पादन प्रक्रिया के दौरान 503,000 डॉलर को सफलतापूर्वक फ्रीज कर दिया। इसका आप पर असर मुद्रा बाजार में येन के उतार-चढ़ाव और केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने से वैश्विक वित्तीय लागत और व्यापारिक संतुलन पर सीधा असर पड़ रहा है। • भारतीय आयातकों और कंपनियों पर: जापानी मुद्रा की अस्थिरता और मजबूत अमेरिकी डॉलर से भारत के आयात बिल पर दबाव बढ़ता है। यदि डॉलर इसी तरह मजबूत रहा, तो तेल और वैश्विक व्यापार का भुगतान महंगा होगा जिससे घरेलू मुद्रास्फीति पर असर पड़ सकता है। • वैश्विक व घरेलू निवेशकों पर: जापानी और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी से इक्विटी बाजारों में पूंजी का प्रवाह धीमा हो सकता है। सुरक्षित निवेश की ओर बढ़ते कदम भारतीय शेयर बाजारों से विदेशी संस्थागत पूंजी की अस्थायी निकासी का कारण बन सकते हैं। • अंतरराष्ट्रीय यात्रियों और छात्रों पर: विदेशी मुद्रा विनिमय दरों में अस्थिरता के कारण विदेश यात्रा और शिक्षा व्यय की योजना बनाना अधिक संवेदनशील हो जाता है। छात्रों और यात्रियों को मुद्रा विनिमय दरों पर कड़ी नजर रखनी चाहिए ताकि लागत में अचानक होने वाली बढ़ोतरी से बचा जा सके। • क्रिप्टो और डिजिटल एसेट ट्रेडर्स पर: विनिमय बाजारों में सुरक्षा प्रोटोकॉल और जोखिम निगरानी तंत्र पहले से अधिक सख्त हो रहे हैं। संदिग्ध लेन-देन पर तात्कालिक रोक लगने से व्यापारियों को केवल अधिकृत और सुरक्षित प्लेटफ़ॉर्म्स पर ही लेनदेन करने की सलाह दी जाती है। ऐसा क्यों हुआ जापानी येन का निरंतर अवमूल्यन और विनिमय बाजार में बना दबाव लंबे समय से चली आ रही आर्थिक और मौद्रिक नीतियों का परिणाम है। • मौद्रिक नीतियों का ऐतिहासिक अंतर: बैंक ऑफ जापान ने 2013 से 2024 तक शून्य के करीब बेहद ढीली मौद्रिक नीतियां बनाए रखीं, जबकि अमेरिका ने महंगाई थामने के लिए दरें तेजी से बढ़ाईं। इस व्यापक अंतर ने पूंजी को अमेरिकी बॉन्ड और डॉलर की तरफ मोड़ा, जिससे येन लगातार कमजोर होता गया। • बॉन्ड यील्ड का गहरा फैलाव: अमेरिकी और जापानी 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड के बीच भारी अंतर ने अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को येन बेचकर डॉलर खरीदने के लिए प्रेरित किया। हालांकि दोनों बैंकों द्वारा 25 बेसिस प्वाइंट्स की ताजा बढ़ोतरी के बावजूद अमेरिकी यील्ड मल्टी-ईयर हाई पर बनी हुई है। • कच्चे तेल से उपजी महंगाई की आशंका: तेल की बढ़ती कीमतों ने फेडरल रिजर्व द्वारा आगे भी ब्याज दरें बढ़ाने की संभावनाओं को हवा दी है। इस स्थिति ने अमेरिकी डॉलर को मजबूती दी और जापानी अधिकारियों को संभावित संयुक्त हस्तक्षेप पर विचार करने के लिए विवश किया। सवाल-जवाब 1. जापानी वित्त मंत्री सात्सुकी कातायामा ने येन को लेकर क्या बयान दिया? उन्होंने कहा कि येन का अवमूल्यन व्यापक रूप से समस्या पैदा करता है और इस मुद्दे पर अमेरिकी ट्रेजरी से सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी है। 2. सात्सुकी कातायामा और स्कॉट बेसेंट के बीच बातचीत कब हुई थी? जापानी वित्त मंत्री सात्सुकी कातायामा और अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट के बीच यह टेलीफोन वार्ता 25 सितंबर को हुई थी। 3. ताकाइची प्रशासन की आर्थिक नीति पर वित्त मंत्री ने क्या स्पष्टीकरण दिया? उन्होंने स्पष्ट किया कि ताकाइची का प्रशासन रिफ्लेशनरी नहीं है और ब्याज दरों का निर्धारण बाजारों द्वारा किया जाता है। 4. फेडरल रिजर्व और बैंक ऑफ जापान ने हाल ही में क्या नीतिगत कदम उठाए हैं? दोनों केंद्रीय बैंकों ने पिछले सप्ताह अपनी ब्याज दरों में 25 बेसिस प्वाइंट्स की बढ़ोतरी की है और दोनों ही महंगाई के जोखिमों का सामना कर रहे हैं। 5. बयान के समय USD/JPY करेंसी पेयर किस स्तर पर कारोबार कर रहा था? बयान के समय USD/JPY जोड़ी दिन में 0.05 प्रतिशत की बढ़त के साथ 157.45 के स्तर पर कारोबार कर रही थी। 6. NEAR Intents प्रोटोकॉल ने किस सुरक्षा घटना में हस्तक्षेप किया? प्रोटोकॉल के SHIELD सिस्टम ने बिटगेट सुरक्षा सेंधमारी से जुड़े 50 मिलियन डॉलर से अधिक के मनी लॉन्ड्रिंग प्रयास को रोका और 503,000 डॉलर को फ्रीज किया। https://trendkia.com/market/yena-ke-avamulyana-ko-japani-vitta-mntri-satsuki-katayama-ne-bataya-chintajanaka-ameriki-treasury-se-sahayoga-barhane-para-sahamat-40114 TrendKia — Har trend, sabse pehle.