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  "type": "article",
  "title": "अक्टूबर में मेघालय के जीएसटी संग्रह में 35 प्रतिशत का उछाल, पूर्वोत्तर में हासिल किया तीसरा स्थान",
  "summary": "मेघालय ने अक्टूबर महीने में 216 करोड़ रुपये का जीएसटी राजस्व जुटाया है, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 35 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्शाता है।",
  "content": "मेघालय ने कर संग्रह के मोर्चे पर मजबूत प्रदर्शन करते हुए अक्टूबर महीने में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) राजस्व में 35 प्रतिशत की शानदार सालाना वृद्धि दर्ज की है। इस दौरान राज्य का कुल जीएसटी संग्रह बढ़कर 216 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जबकि पिछले वर्ष इसी समान महीने में यह आंकड़ा 160 करोड़ रुपये दर्ज किया गया था। इस तेज गति से राजस्व जुटाने के साथ ही राज्य ने पूर्वोत्तर भारत के शीर्ष तीन सबसे तेज गति से वृद्धि करने वाले राज्यों में अपनी जगह बना ली है।\n\nपूर्वोत्तर राज्यों के बीच राजस्व वृद्धि की स्थिति\nरविवार को सार्वजनिक किए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र में जीएसटी संग्रह की वृद्धि दर के मामले में मेघालय तीसरे पायदान पर रहा। इस तालिका में असम सबसे आगे रहा, जिसने 47 प्रतिशत की सर्वाधिक वार्षिक वृद्धि हासिल की। असम का जीएसटी संग्रह पिछले साल अक्टूबर के 1,315 करोड़ रुपये की तुलना में बढ़कर इस बार 1,934 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। वहीं, मणिपुर ने 40 प्रतिशत की मजबूत बढ़ोतरी के साथ दूसरा स्थान अर्जित किया, जहां कर संग्रह 64 करोड़ रुपये से बढ़कर 90 करोड़ रुपये पर जा पहुंचा।\n\nएसजीएसटी में 81 प्रतिशत का जोरदार इजाफा\nमेघालय के आंतरिक राजस्व ढांचे में भी सुधार के ठोस प्रमाण मिले हैं। सेटलमेंट से पूर्व राज्य माल एवं सेवा कर (एसजीएसटी) के आंकड़ों में और भी ज्यादा तेज उछाल दर्ज किया गया। अक्टूबर महीने के दौरान राज्य का प्री-सेटलमेंट एसजीएसटी संग्रह 81 प्रतिशत बढ़कर 84 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। पिछले वर्ष अक्टूबर के दौरान यह राशि केवल 47 करोड़ रुपये दर्ज की गई थी। यह महत्वपूर्ण बढ़त पिछले साल के मुकाबले राज्य के प्रत्यक्ष कर प्रवाह और राजस्व प्रबंधन में आए स्पष्ट सुधार को दर्शाती है।\n\nसिक्किम के राजस्व में देखी गई गिरावट\nपूर्वोत्तर के अधिकांश राज्यों द्वारा दर्ज किए गए इस सकारात्मक रुझान के बीच क्षेत्रीय आंकड़ों में कुछ विपरीत परिणाम भी नजर आए। इस पूरी तालिका में सिक्किम एकमात्र ऐसा पूर्वोत्तर राज्य रहा, जिसके अक्टूबर महीने के कुल जीएसटी राजस्व संग्रह में पिछले साल की तुलना में गिरावट दर्ज की गई।\n\nइसका आप पर असर\nकर राजस्व में इस तेज उछाल से राज्य की आर्थिक क्षमता और विकास परियोजनाओं के बजट में सीधी मजबूती आती है।\n\n• पूर्वोत्तर में: क्षेत्र के राज्यों के बढ़ते कर संग्रह से बुनियादी ढांचे और सार्वजनिक सेवाओं के लिए अधिक वित्तीय संसाधन उपलब्ध होंगे। असम, मेघालय और मणिपुर जैसे राज्यों में बजट घाटा कम होने से स्थानीय विकास कार्यों की गति तेज हो सकती है।\n• मेघालय में: कुल कर संग्रह 216 करोड़ रुपये और एसजीएसटी 84 करोड़ रुपये पहुंचने से राज्य सरकार के पास सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा परियोजनाओं के लिए फंड बढ़ेगा। कर अनुपालन मजबूत होने से नागरिकों पर बिना अतिरिक्त कर भार डाले जनकल्याणकारी योजनाओं का दायरा बढ़ाया जा सकता है।\n• व्यापारियों के लिए: एसजीएसटी में 81 प्रतिशत की वृद्धि बेहतर कर रिपोर्टिंग और दर्ज व्यापारिक गतिविधियों का संकेत देती है। अनुपालन सुधार से स्थानीय बाजारों में औपचारिक कारोबार को अधिक स्पष्टता और स्थिरता मिलेगी।\n• सिक्किम के संदर्भ में: सिक्किम में गिरावट यह दर्शाती है कि वहां के स्थानीय व्यापार और खपत में कमी आई है। राज्य सरकार को राजस्व की भरपाई के लिए आगामी महीनों में अतिरिक्त समीक्षा या बजटीय समायोजन करने पड़ सकते हैं।\n\nऐसा क्यों हुआ\nराजस्व में यह तेज वृद्धि त्योहारी सीजन की आर्थिक गतिविधियों, बेहतर स्थानीय खपत और सख्त कर अनुपालन का प्रत्यक्ष परिणाम है।\n\n• त्योहारी मांग और उपभोग: अक्टूबर महीने के दौरान पूर्वोत्तर राज्यों में त्योहारी खरीदारी और व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आई। इस खपत के चलते लेनदेन का आकार बढ़ा, जिससे संग्रह पिछले साल के मुकाबले 35 प्रतिशत चढ़कर 216 करोड़ रुपये हो गया।\n• आंतरिक व्यापार और एसजीएसटी उछाल: राज्य के भीतर होने वाले लेन-देन पर लगने वाले प्री-सेटलमेंट एसजीएसटी में 81 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई। स्थानीय आपूर्ति श्रृंखलाओं और खुदरा बाजारों में डिजिटल बिलिंग व कर प्रणालियों के बढ़ते उपयोग ने इस उछाल को संभव बनाया।\n• क्षेत्रीय विकास का रुझान: असम और मणिपुर में क्रमशः 47 प्रतिशत और 40 प्रतिशत की वृद्धि ने पूरे क्षेत्र में व्यापारिक विस्तार का माहौल तैयार किया। केवल सिक्किम इस गति को बनाए रखने में असमर्थ रहा, जहां स्थानीय व्यापारिक परिस्थितियों के कारण संग्रह में कमी दर्ज की गई।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. अक्टूबर में मेघालय का कुल जीएसटी संग्रह कितना रहा?\nमेघालय ने अक्टूबर में 216 करोड़ रुपये का कुल जीएसटी राजस्व जुटाया, जो पिछले साल के 160 करोड़ रुपये से 35 प्रतिशत अधिक है।\n\n2. पूर्वोत्तर राज्यों में जीएसटी वृद्धि के मामले में मेघालय किस स्थान पर रहा?\nमेघालय 35 प्रतिशत की वृद्धि के साथ पूरे पूर्वोत्तर में असम और मणिपुर के बाद तीसरे स्थान पर रहा।\n\n3. पूर्वोत्तर में सबसे अधिक जीएसटी वृद्धि किस राज्य ने दर्ज की?\nअसम ने 47 प्रतिशत की सर्वाधिक वृद्धि दर्ज की, जहां कर संग्रह 1,315 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,934 करोड़ रुपये हो गया।\n\n4. मेघालय के प्री-सेटलमेंट एसजीएसटी संग्रह में कितनी बढ़ोतरी हुई?\nमेघालय का प्री-सेटलमेंट एसजीएसटी संग्रह 81 प्रतिशत बढ़कर पिछले साल के 47 करोड़ रुपये के मुकाबले 84 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।\n\n5. क्या पूर्वोत्तर के किसी राज्य के जीएसटी राजस्व में गिरावट भी आई?\nहां, आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार सिक्किम पूर्वोत्तर का एकमात्र राज्य रहा जहां अक्टूबर में जीएसटी राजस्व में गिरावट दर्ज की गई।",
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  "publishedAt": "2026-11-02",
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    "टैक्स राजस्व"
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      "answer": "हां, आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार सिक्किम पूर्वोत्तर का एकमात्र राज्य रहा जहां अक्टूबर में जीएसटी राजस्व में गिरावट दर्ज की गई।"
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