असम के टैक्सी चालकों ने मंत्रियों की बैठक के बाद मेघालय के वाहनों का रोक्का खत्म किया असम और मेघालय के बीच मंत्री स्तर की उच्च स्तरीय बातचीत के बाद असम के टैक्सी चालकों ने मेघालय के वाहनों के खिलाफ अपनी नाकेबंदी अस्थायी तौर पर रोक दी है। गुवाहाटी: असम के वाणिज्यिक वाहन चालकों ने शनिवार को मेघालय के नंबर वाले वाहनों के खिलाफ अपनी नाकेबंदी को फिलहाल स्थगित कर दिया है। असम और मेघालय के बीच मंत्री स्तर पर हुई महत्वपूर्ण वार्ताओं और राज्य सरकार की ओर से दिए गए ठोस आश्वासनों के बाद यह निर्णय लिया गया है। इस विरोध प्रदर्शन के थमने से दोनों पड़ोसी राज्यों के बीच यातायात व्यवस्था सामान्य होने की उम्मीद जताई जा रही है जो पिछले कुछ दिनों से काफी प्रभावित चल रही थी। मंत्रियों के बीच हुई उच्च स्तरीय बैठक यह पूरा घटनाक्रम तब आगे बढ़ा जब असम के सीमा सुरक्षा और विकास मंत्री अतुल बोरा ने मेघालय के उपमुख्यमंत्री एस. धर के साथ एक अहम बैठक की। इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य दोनों राज्यों के बीच चल रहे परिवहन गतिरोध और हालिया तनाव को दूर करना था। मंत्रियों की इस सकारात्मक चर्चा के बाद स्थिति में सुधार के संकेत मिलने लगे और प्रशासन ने तुरंत हस्तक्षेप कर मामले को सुलझाने की दिशा में कदम बढ़ाए। शिलॉंग हिंसा के खिलाफ था विरोध असम के टैक्सी चालकों द्वारा यह नाकेबंदी मुख्य रूप से 19 अगस्त को शिलॉंग में हुई हिंसा के विरोध में शुरू की गई थी। शिलॉंग में खासी स्टूडेंट्स यूनियन की एक बाइक रैली के दौरान हिंसक झड़पें भड़क उठी थीं। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार इस उपद्रव में असम में पंजीकृत वाहनों समेत कम से कम 31 वाहन क्षतिग्रस्त हो गए थे और कुल 16 लोग घायल हुए थे। इसी बात से आक्रोशित होकर असम के ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों ने गुरुवार से जोरबा और खानापाड़ा जैसे प्रमुख प्रवेश बिंदुओं पर मेघालय जाने वाले ट्रैफिक को रोकना शुरू कर दिया था। विशेष जांच दल और मुआवजे का आश्वासन आंदोलन का नेतृत्व कर रहे कैब ऑपरेटरों के एक प्रतिनिधि ने जोरबा नाकेबंदी स्थल पर मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि सरकार की तरफ से उन्हें उचित कार्रवाई का भरोसा दिया गया है। ऑपरेटर ने कहा कि मेघालय सरकार ने इस हिंसा की निष्पक्ष जांच के लिए एक विशेष जांच दल का गठन किया है और वे सभी इस एसआईटी की रिपोर्ट आने का इंतजार करेंगे। इसके अलावा, प्रदर्शनकारियों को यह भी आश्वस्त किया गया है कि हिंसा के दौरान जिन चालकों और गाड़ियों को नुकसान पहुंचा है, उन्हें समुचित मुआवजा दिया जाएगा। आगे की बातचीत और यातायात की बहाली मंत्री एस. धर के साथ बैठक संपन्न होने के तुरंत बाद अतुल बोरा ने जोरबा पहुंचकर धरने पर बैठे प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की और उनकी बातें सुनीं। तय कार्यक्रम के अनुसार, प्रदर्शनकारी ऑपरेटरों का एक प्रतिनिधिमंडल अपनी बची हुई अन्य मांगों पर विस्तार से चर्चा करने और इस विवाद का स्थायी समाधान निकालने के लिए रविवार को असम सरकार के अधिकारियों से फिर से मुलाकात करेगा। शनिवार को यह विरोध प्रदर्शन गुवाहाटी को मेघालय से जोड़ने वाले अन्य मार्गों तक भी फैल गया था, जिससे अंतरराज्यीय आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया था और दोनों राज्यों के बीच तनाव और बढ़ गया था। बहरहाल, नाकेबंदी हटने से यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। इसका आप पर असर भारत में: असम और मेघालय के बीच सीमावर्ती और अंतरराज्यीय परिवहन मार्गों पर आवाजाही सामान्य होने से देश के इस हिस्से में सफर करने वाले आम यात्रियों और पर्यटकों को राहत मिलेगी। गुवाहाटी में: जोरबा और खानापाड़ा के प्रवेश मार्गों पर नाकेबंदी हटने से स्थानीय कमर्शियल चालकों और दैनिक यात्रियों का आवागमन सुचारू हो गया है। सवाल-जवाब 1. असम के चालकों ने मेघालय के वाहनों की नाकेबंदी क्यों की थी? यह नाकेबंदी 19 अगस्त को शिलॉंग में हुई हिंसा और उसमें असम के वाहनों व चालकों को पहुंचे नुकसान के विरोध में की गई थी। 2. किस मंत्री की बैठक के बाद नाकेबंदी हटाई गई? असम के सीमा सुरक्षा और विकास मंत्री अतुल बोरा और मेघालय के उपमुख्यमंत्री एस. धर के बीच हुई बैठक के बाद यह फैसला लिया गया। 3. शिलॉंग हिंसा की जांच के लिए क्या कदम उठाया गया है? मेघालय सरकार ने हिंसा की जांच के लिए एक विशेष जांच दल का गठन किया है। 4. विरोध प्रदर्शन किन मुख्य स्थानों पर हो रहा था? यह विरोध प्रदर्शन मुख्य रूप से जोरबा और खानापाड़ा जैसे प्रमुख प्रवेश बिंदुओं पर चल रहा था। https://trendkia.com/meghalaya/assam-ke-taiksi-chalakon-ne-mntriyon-ki-baithaka-ke-bada-meghalaya-ke-vahanon-ka-rokka-khatma-kiya-20347 TrendKia — Har trend, sabse pehle.