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  "type": "article",
  "title": "भारतीय कॉम्बैट स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने के लिए कॉनराड संगमा बने यूएमएआई के राष्ट्रीय चेयरमैन",
  "summary": "मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा ने यूनाईटेड मय थाई एसोसिएशन ऑफ इंडिया के चेयरमैन पद का दायित्व संभाला है। 2027 में प्रस्तावित 39वें राष्ट्रीय खेलों से पहले देश भर में इस मार्शल आर्ट खेल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।",
  "content": "मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा ने यूनाईटेड मय थाई एसोसिएशन ऑफ इंडिया (UMAI) के चेयरमैन का पद स्वीकार कर लिया है। इस महत्वपूर्ण प्रशासनिक घटनाक्रम का मुख्य उद्देश्य देश भर में मय थाई खेल के प्रचार-प्रसार, संगठनात्मक विकास और कॉम्बैट स्पोर्ट्स को नई दिशा प्रदान करना है।\n\nराष्ट्रीय शासी निकाय और अंतरराष्ट्रीय मान्यता\nयूएमएआई भारत में मय थाई खेल के संचालन, संवर्धन और नियमों को लागू करने वाली आधिकारिक राष्ट्रीय संस्था है। इस एसोसिएशन को वर्ष 2019 में इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ मयथाई एसोसिएशंस (IFMA) से औपचारिक मान्यता प्राप्त हुई थी। गौरतलब है कि आईएफएमए को अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) और एशिया ओलंपिक परिषद (OCA) से पूर्ण मान्यता प्राप्त है, जिससे भारतीय खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने का प्रामाणिक मंच मिलता है।\n\n \n\nनेतृत्व का दृष्टिकोण और घोषणा\nचेयरमैन पद का दायित्व संभालने की घोषणा यूएमएआई के महासचिव डॉ श्रीराम चौधरी और एसोसिएशन के अन्य पदाधिकारियों के साथ हुई एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद की गई। डॉ श्रीराम चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा का प्रशासनिक अनुभव और दूरदर्शी नेतृत्व भारत में इस कॉम्बैट स्पोर्ट्स को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। संगमा ने 9 सितंबर 2026 को X पर पोस्ट कर इस दायित्व के प्रति आभार जताया और बताया कि बैठक में युवाओं के लिए इस खेल के माध्यम से उपलब्ध अवसरों पर व्यापक चर्चा हुई।\n\nमेघालय बना कॉम्बैट स्पोर्ट्स का केंद्र और 2027 के राष्ट्रीय खेल\nहाल के वर्षों में मेघालय देश में मय थाई खेल के एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरा है। राज्य का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में 50 से अधिक पदक अपने नाम किए हैं। खिलाड़ियों के इस उत्कृष्ट प्रदर्शन को देखते हुए मुख्यमंत्री ने 'चीफ मिनिस्टर्स कनेक्ट' कार्यक्रम के 'अचीवर्स ऑफ द मंथ' खेल संस्करण में मय थाई विजेताओं को सम्मानित भी किया।\n\nइसके साथ ही राज्य सरकार ने 2027 में मेघालय में आयोजित होने वाले 39वें राष्ट्रीय खेलों में मय थाई को शामिल करने की संभावनाओं पर बल दिया है। यदि यह मार्शल आर्ट खेल राष्ट्रीय खेलों में शामिल होता है, तो इससे देश भर के एथलीटों को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का बड़ा मंच मिलेगा। यह पहल न केवल युवाओं में खेल के प्रति रुचि बढ़ाएगी, बल्कि मेघालय की एक प्रमुख खेल गंतव्य के रूप में पहचान को भी और अधिक मजबूत करेगी।\n\nइसका आप पर असर\nयूएमएआई में कॉनराड के संगमा के चेयरमैन बनने से देशभर में कॉम्बैट स्पोर्ट्स के खिलाड़ियों के लिए बेहतर बुनियादी ढाँचे और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के नए अवसर खुलेंगे।\n\n• भारत में: मय थाई खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धाओं में भाग लेने के स्पष्ट मार्ग मिलेंगे। ओलंपिक संस्थाओं से संबद्धता के कारण युवाओं को मान्यता प्राप्त चैंपियनशिप में अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा।\n• मेघालय में: स्थानीय एथलीटों को राज्य सरकार से प्रत्यक्ष सहायता और प्रोत्साहन मिलेगा। 'चीफ मिनिस्टर्स कनेक्ट' जैसे कार्यक्रमों से उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सम्मान और आर्थिक प्रोत्साहन प्राप्त होगा।\n• युवा खिलाड़ियों के लिए: मार्शल आर्ट्स को करियर के रूप में अपनाने वाले युवाओं के लिए नए अवसर पैदा होंगे। राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में शामिल होने से स्पोर्ट्स कोटा और छात्रवृत्ति के रास्ते सुगम होंगे।\n• खेल अवसंरचना के लिए: बड़े खेल आयोजनों से पहले राज्य में आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं का निर्माण होगा। 2027 के राष्ट्रीय खेलों के आयोजन से खेल इंफ्रास्ट्रक्चर में व्यापक सुधार आएगा।\n\nऐसा क्यों हुआ\nयह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब राष्ट्रीय संस्था मय थाई को भारत के मुख्यधारा के खेलों में शामिल कराने के लिए मजबूत प्रशासनिक नेतृत्व तलाश रही थी।\n\n• प्रशासनिक नेतृत्व की आवश्यकता: यूएमएआई को देश भर में मय थाई के विस्तार के लिए प्रभावशाली दूरदर्शी नेतृत्व की आवश्यकता थी। मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा के जुड़ने से राष्ट्रीय खेल संस्था को प्रशासनिक मजबूती मिलेगी।\n• मेघालय का बेहतरीन प्रदर्शन: मेघालय मय थाई के एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरा है। राज्य के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में 50 से अधिक पदक जीतकर अपनी श्रेष्ठता साबित की है।\n• राष्ट्रीय खेलों की तैयारी: मेघालय 2027 में 39वें राष्ट्रीय खेलों की मेज़बानी करने जा रहा है। इस आयोजन में मय थाई को शामिल कराने के प्रस्ताव को मजबूत समर्थन देने के लिए यह कदम महत्वपूर्ण है।\n• अंतरराष्ट्रीय मान्यता: आईएफएमए को आईओसी और ओसीए से मान्यता प्राप्त है। भारतीय मार्शल आर्ट्स प्रशासन घरेलू स्तर पर वैश्विक ओलंपिक मानकों के अनुरूप काम करना चाहता है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. यूएमएआई (UMAI) के चेयरमैन के रूप में किसे नियुक्त किया गया है?\nमेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा ने यूनाईटेड मय थाई एसोसिएशन ऑफ इंडिया (UMAI) के चेयरमैन का पद स्वीकार किया है।\n\n2. यूएमएआई क्या है और इसे किन अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से मान्यता प्राप्त है?\nयूएमएआई भारत में मय थाई खेल की राष्ट्रीय शासी संस्था है। इसे 2019 में आईएफएमए (IFMA) द्वारा मान्यता मिली थी, जिसे अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) और एशिया ओलंपिक परिषद (OCA) से मान्यता प्राप्त है।\n\n3. मय थाई में मेघालय के खिलाड़ियों ने अब तक कितने पदक जीते हैं?\nमेघालय के एथलीटों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में 50 से अधिक पदक हासिल किए हैं।\n\n4. मेघालय किस वर्ष राष्ट्रीय खेलों की मेज़बानी करेगा और क्या इसमें मय थाई शामिल होगा?\nमेघालय 2027 में 39वें राष्ट्रीय खेलों की मेज़बानी करने वाला है। राज्य सरकार ने इन खेलों में मय थाई को शामिल करने का प्रस्ताव रखा है।",
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  "category": "मेघालय",
  "publishedAt": "2026-09-09",
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