भाजपा को मिलेगा पूर्व यूडीपी नेता जेमिनो मावथो का साथ, 12 सितंबर को होगा प्रवेश मई में यूडीपी विधायक पद से इस्तीफा देने वाले जेमिनो मावथो अपने समर्थकों के साथ 12 सितंबर को भाजपा में शामिल होंगे। मेघालय में 2028 विधानसभा चुनाव से पहले यूडीपी के और भी विधायकों के पाला बदलने की चर्चा तेज हो गई है। यूडीपी यानी यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी के पूर्व विधायक जेमिनो मावथो अब भाजपा का दामन थामने जा रहे हैं। उन्होंने साफ कर दिया है कि वे अपने समर्थकों के साथ 12 सितंबर को भाजपा में शामिल होंगे। समर्थकों के साथ बैठक के बाद लिया फैसला जेमिनो मावथो ने रविवार को यह जानकारी सार्वजनिक की। उन्होंने बताया कि यह फैसला शिलांग में एक दिन पहले हुई बैठक में समर्थकों से बातचीत के बाद लिया गया। इसी बैठक में तय हुआ कि वे 12 सितंबर को भाजपा में औपचारिक रूप से शामिल होंगे। यूडीपी में लंबी पारी के बाद अलग हुआ रास्ता जेमिनो मावथो कोई साधारण नेता नहीं हैं। वे लंबे समय तक यूडीपी में उपाध्यक्ष और महासचिव जैसे अहम पदों पर रहे। मई महीने में उन्होंने यूडीपी से इस्तीफा दे दिया था, और अब कुछ महीनों बाद उन्होंने भाजपा में जाने का ऐलान किया है। 2020-21 से ही चल रही थी बातचीत भाजपा की तरफ से जेमिनो मावथो को शामिल करने की कोशिश कोई नई बात नहीं है। उनका कहना है कि भाजपा ने साल 2020-21 में ही उनसे संपर्क किया था और उस दौर में भी उनके पार्टी बदलने के संकेत मिलने लगे थे। हालांकि उस वक्त उन्होंने जल्दबाजी नहीं दिखाई और फैसला लेने से पहले वक्त लेना बेहतर समझा। मेघालय में बड़े सियासी फेरबदल के आसार जेमिनो मावथो का यह कदम ऐसे समय पर आया है जब मेघालय की राजनीति में हलचल तेज है। 2028 के विधानसभा चुनाव से पहले यूडीपी में बड़े पैमाने पर टूट की अटकलें लगाई जा रही हैं। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि यूडीपी के कुल 12 विधायकों में से करीब नौ विधायक भाजपा का रुख कर सकते हैं, जिससे राज्य का सियासी समीकरण चुनाव से काफी पहले ही बदल सकता है। इसका आप पर असर यह दलबदल भारत में चुनावों से पहले नेताओं के पाला बदलने के बढ़ते चलन का हिस्सा है, जिसका असर आम मतदाताओं की राजनीतिक समझ और भरोसे पर पड़ता है। • भारत में: इस तरह के दलबदल राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी के प्रति वफादारी और दल-बदल कानून को लेकर बहस को हवा देते हैं। यह भी दिखाता है कि राष्ट्रीय पार्टियां पूर्वोत्तर में क्षेत्रीय दलों की जगह कैसे ले रही हैं। • मेघालय में: जेमिनो मावथो के इलाके और राज्यभर के मतदाताओं के सामने अब यह सवाल है कि जिस पार्टी के नाम पर उन्होंने वोट दिया था, उसका नेता अब पाला बदल रहा है। अगर यूडीपी के करीब नौ विधायकों के भाजपा में जाने की अटकलें सच साबित होती हैं, तो 2028 विधानसभा चुनाव से पहले ही राज्य की सत्ता समीकरण और सरकार की स्थिरता प्रभावित हो सकती है। • यूडीपी समर्थकों के लिए: वर्षों से जेमिनो मावथो का साथ देने वाले कार्यकर्ताओं को अब यह तय करना होगा कि वे उनके साथ भाजपा में जाएं या यूडीपी में बने रहें, यह फैसला अगले चुनाव से पहले स्थानीय राजनीतिक संगठन को प्रभावित कर सकता है। • भाजपा की पूर्वोत्तर रणनीति के लिए: जेमिनो मावथो जैसे अनुभवी क्षेत्रीय नेता को शामिल करना मेघालय में भाजपा के संगठनात्मक आधार को मजबूत करता है, जहां पार्टी की सीधी चुनावी पकड़ ऐतिहासिक रूप से सीमित रही है। सवाल-जवाब 1. जेमिनो मावथो कौन हैं? वे यूडीपी (यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी) के पूर्व विधायक हैं और पार्टी में उपाध्यक्ष व महासचिव जैसे पदों पर रह चुके हैं। 2. जेमिनो मावथो भाजपा में कब शामिल होंगे? वे अपने समर्थकों के साथ 12 सितंबर को भाजपा में औपचारिक रूप से शामिल होंगे। 3. उन्होंने यूडीपी कब छोड़ी थी? उन्होंने मई महीने में यूडीपी से इस्तीफा दे दिया था। 4. क्या भाजपा ने पहले भी उनसे संपर्क किया था? हां, उनके मुताबिक भाजपा ने 2020-21 में ही उनसे संपर्क किया था, लेकिन उन्होंने उस वक्त फैसला लेने से पहले समय लेना बेहतर समझा। 5. क्या यूडीपी के और विधायक भी भाजपा में जा सकते हैं? राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि यूडीपी के 12 में से करीब नौ विधायक भाजपा का रुख कर सकते हैं। 6. यह मामला मेघालय की राजनीति के लिए क्यों अहम है? यह 2028 विधानसभा चुनाव से पहले यूडीपी में बड़े राजनीतिक फेरबदल की अटकलों के बीच सामने आया है। https://trendkia.com/meghalaya/bjp-ko-milega-purva-udp-neta-jemino-mawthoh-ka-satha-12-sitnbara-ko-hoga-pravesha-28495 TrendKia — Har trend, sabse pehle.