बर्नीहाट में मेघालय न्यायिक अकादमी ने वायु प्रदूषण पर चलाया विशेष जागरूकता अभियान मेघालय उच्च न्यायालय के तत्वावधान में बर्नीहाट में स्वच्छ हवा के अधिकार और कचरा प्रबंधन पर एक दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। बर्नीहाट क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ हवा की आवश्यकता को लेकर एक दिवसीय विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। मेघालय राज्य न्यायिक अकादमी (MSJA) की ओर से आयोजित यह कार्यक्रम मेघालय उच्च न्यायालय के तत्वावधान में संपन्न हुआ। इसका मुख्य विषय 'राइट टू क्लीन एयर: फ्रॉम स्टैटिस्टिक्स टू एक्शन' रखा गया था। इस पहल का मुख्य मकसद इलाके में गहराती वायु प्रदूषण की समस्या के प्रति लोगों को सचेत करना और आम नागरिकों की सहभागिता को बढ़ावा देना था। प्रशासनिक सहयोग और उद्घाटन सत्र री-भोई जिले के बर्नीहाट स्थित मल्टीपर्पज हॉल में यह कार्यक्रम उमलिंग सामुदायिक एवं ग्रामीण विकास (C&RD) ब्लॉक के प्रखंड विकास अधिकारी (BDO) कार्यालय के सहयोग से आयोजित हुआ। इस पूरे आयोजन में सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए पर्यावरणीय जिम्मेदारी पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में मेघालय राज्य न्यायिक अकादमी की निदेशक के.एम. लिंगदोह नोंगब्री मौजूद रहीं। उमलिंग सीएंडआरडी ब्लॉक के बीडीओ एरिक केविन खार ने स्वागत भाषण के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद अकादमी के उप निदेशक एन.आई. खार ने विषय प्रवेश कराते हुए परिचयात्मक भाषण दिया। तकनीकी सत्र और कचरा प्रबंधन पर चर्चा प्रदूषण के जमीनी स्तर और कानूनी प्रावधानों को समझाने के लिए मेघालय राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के विशेषज्ञों ने तकनीकी सत्र संचालित किए। बोर्ड के मुख्य पर्यावरण इंजीनियर वानशानबोर आर. खारक्रांग ने बर्नीहाट में वायु प्रदूषण पर सांख्यिकीय रिपोर्ट विषय पर विस्तार से जानकारी दी। इसके साथ ही मुख्य वैज्ञानिक एस. स्वेर ने वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स, 2026 पर एक महत्वपूर्ण सत्र का संचालन किया। कार्यक्रम के दौरान आईईएसएमजी के पर्यावरण और चक्रीय प्रणाली प्रभाग यानी योमारियांग के सदस्यों ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने हवा की गुणवत्ता सुधारने में स्थानीय समाज की भूमिका और कचरा निस्तारण के नए तरीकों पर रोशनी डाली। छात्रों की सहभागिता और व्यावहारिक गतिविधियां आयोजन को रोचक बनाने के लिए कई व्यावहारिक गतिविधियां रखी गईं। इसमें विद्यार्थियों द्वारा प्रदूषण हॉटस्पॉट मैपिंग, कचरा पृथक्करण चुनौती और कचरा व प्रदूषण जासूस पहेली जैसी प्रतियोगिताएं शामिल थीं। इसके अलावा कचरा प्रबंधन और वायु प्रदूषण की रोकथाम पर प्रदर्शन वीडियो भी दिखाए गए। कार्यक्रम के अंत में भाग लेने वाले लोगों को वाहनों के लिए कचरा पाउच भी बांटे गए। इसका आप पर असर बर्नीहाट और आसपास के निवासियों के लिए वायु गुणवत्ता नियमों और कचरा प्रबंधन को लेकर प्रशासनिक निगरानी बढ़ेगी। • मेघालय में: राज्य स्तर पर प्रदूषण नियंत्रण और कचरा प्रबंधन नियमों का कड़ाई से पालन कराने के लिए न्यायिक व प्रशासनिक तंत्र सक्रिय हो रहा है। इससे स्थानीय उद्योगों और परिवहन क्षेत्र पर उत्सर्जन मानकों को बनाए रखने का दबाव बढ़ेगा। • री-भोई जिले में: बर्नीहाट क्षेत्र के निवासियों को कचरा अलग करने और प्रदूषण हॉटस्पॉट की पहचान करने के लिए सीधे जागरूक किया गया है। स्थानीय लोग वाहनों में कचरा पाउच रखने और खुले में कचरा जलाने से बचने जैसी आदतें अपनाकर वायु प्रदूषण को कम कर सकते हैं। ऐसा क्यों हुआ बर्नीहाट में बढ़ते वायु प्रदूषण के स्तर और कचरा निस्तारण की खराब स्थिति को देखते हुए न्यायिक संस्थाओं ने स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर यह पहल शुरू की। • बढ़ता प्रदूषण स्तर: बर्नीहाट क्षेत्र में हवा की गुणवत्ता चिंताजनक स्तर पर पहुंच चुकी थी, जिसके वैज्ञानिक आंकड़ों को सामने लाने की सख्त जरूरत थी। इसी कारण प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सांख्यिकीय रिपोर्ट साझा की। • नियमों की जानकारी का अभाव: नए वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स, 2026 को लेकर आम नागरिकों और स्थानीय निकायों में स्पष्टता की कमी थी। इस अंतर को पाटने के लिए विशेषज्ञों ने कानूनी और व्यावहारिक सत्र आयोजित किए। • सामुदायिक भागीदारी की कमी: प्रदूषण नियंत्रण को केवल सरकारी काम मानने के बजाय स्थानीय नागरिकों और छात्रों को समाधान का हिस्सा बनाने के उद्देश्य से यह जागरूकता सत्र आयोजित हुआ। सवाल-जवाब 1. बर्नीहाट में इस जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किसने किया? यह कार्यक्रम मेघालय उच्च न्यायालय के तत्वावधान में मेघालय राज्य न्यायिक अकादमी (MSJA) द्वारा उमलिंग सीएंडआरडी ब्लॉक कार्यालय के सहयोग से आयोजित किया गया। 2. इस कार्यक्रम का मुख्य विषय क्या था? इस एक दिवसीय कार्यक्रम का मुख्य विषय 'राइट टू क्लीन एयर: फ्रॉम स्टैटिस्टिक्स टू एक्शन' था। 3. यह कार्यक्रम किस स्थान पर आयोजित किया गया? यह आयोजन री-भोई जिले के बर्नीहाट स्थित मल्टीपर्पज हॉल में गुरुवार, 9 सितंबर को हुआ। 4. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के किन अधिकारियों ने सत्र लिए? मेघालय राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुख्य पर्यावरण इंजीनियर वानशानबोर आर. खारक्रांग और मुख्य वैज्ञानिक एस. स्वेर ने सत्र संचालित किए। 5. छात्रों के लिए किस तरह की गतिविधियां आयोजित की गईं? छात्रों के लिए हॉटस्पॉट मैपिंग, कचरा पृथक्करण प्रतियोगिता और पॉल्यूशन डिटेक्टिव पहेली जैसी गतिविधियां रखी गईं। https://trendkia.com/meghalaya/byrnihat-men-meghalaya-judicial-academy-ne-vayu-pradushana-para-chalaya-vishesha-jagarukata-abhiyana-45462 TrendKia — Har trend, sabse pehle.