# दक्षिण अफ्रीका में 69वें राष्ट्रमंडल संसदीय सम्मेलन का हिस्सा बना मेघालय का प्रतिनिधिमंडल

> मेघालय विधानसभा अध्यक्ष थॉमस ए संगमा के नेतृत्व में एक दल केप टाउन में संसदीय लोकतंत्र और विधायी सुधारों पर आयोजित वैश्विक मंच में भाग ले रहा है।

**Type:** article · **Category:** मेघालय · **Published:** 2026-09-19 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/meghalaya/dakshina-aphrika-men-69ven-commonwealth-parliamentary-conference-ka-hissa-bana-meghalaya-ka-pratinidhimndala-33773 · **Language:** Hindi
**Tags:** मेघालय, थॉमस ए संगमा, राष्ट्रमंडल संसदीय सम्मेलन, केप टाउन, दक्षिण अफ्रीका, विधानसभा, संसदीय लोकतंत्र

संसदीय लोकतंत्र, समावेशी शासन और आधुनिक विधायी चुनौतियों पर वैश्विक चर्चा के लिए दक्षिण अफ्रीका के केप टाउन शहर में 69वां राष्ट्रमंडल संसदीय सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भारतीय राज्य मेघालय का प्रतिनिधित्व विधानसभा अध्यक्ष थॉमस ए संगमा की अगुवाई में एक विशेष प्रतिनिधिमंडल कर रहा है। 13 सितंबर से शुरू हुआ यह व्यापक विधायी सम्मेलन 19 सितंबर तक चलेगा, जिसमें राष्ट्रमंडल के विभिन्न देशों से आए कानून निर्माता और संसदीय प्रतिनिधि एकत्र हुए हैं।

## प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख सदस्य और सहभागिता
इस आधिकारिक यात्रा में विधानसभा अध्यक्ष थॉमस ए संगमा के साथ मेघालय विधानसभा के उपाध्यक्ष लिमिसन डी संगमा भी मौजूद हैं। प्रशासनिक और विधायी तंत्र की ओर से विधानसभा सचिव मालथस एस संगमा, उप सचिव राजा खारपुरी तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी दल के साथ केप टाउन पहुंचे हैं। मेघालय से गया यह दल विभिन्न चर्चा सत्रों में सक्रिय भागीदारी कर रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य अपने विधायी अनुभवों को साझा करना और समकालीन शासन प्रणालियों से जुड़ी नई प्रक्रियाओं को समझना है।

## सम्मेलन की थीम और मुख्य चर्चा के विषय
इस वर्ष का सम्मेलन 'बदलती वैश्विक व्यवस्था में अंतरराष्ट्रीय कानून और संसदीय लोकतंत्र को सुदृढ़ बनाना: राष्ट्रमंडल नेतृत्व' विषय पर केंद्रित है। सम्मेलन के तहत 15 सितंबर को आयोजित सत्रों में कई गंभीर और प्रासंगिक मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। इनमें पीढ़ियों के बीच समानता, लैंगिक मुख्यधारा, समावेशी संसद, निष्पक्ष व्यापार, आर्थिक व सामाजिक असमानता और दिव्यांगजनों के लिए सुगम पहुंच जैसे अहम विषय शामिल रहे। इसके अतिरिक्त कार्यक्रम के दौरान चौथे सीपीए लिफाका व्याख्यान का आयोजन भी हुआ और प्रतिनिधियों के लिए विशेष ब्रीफिंग सत्र आयोजित किए गए।

## इसका आप पर असर
विधायी संवादों और अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में भागीदारी से राज्य स्तर की शासन व्यवस्था और नीति निर्माण प्रक्रियाओं पर सीधा असर पड़ता है।

- **भारत में:** अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारतीय राज्यों की उपस्थिति से राष्ट्रमंडल स्तर पर संसदीय परंपराओं का आदान-प्रदान मजबूत होता है। इससे शासन और नीतियों में समावेशी दृष्टिकोण अपनाने में मदद मिलती है।
- **मेघालय में:** इस सम्मेलन से लौटने के बाद राज्य के विधायी तंत्र में दिव्यांगजनों के लिए सुगम पहुंच और लैंगिक समानता जैसे विषयों पर नई विधायी पहलों की उम्मीद की जा सकती है। इससे विधानसभा के दैनिक कामकाज और नियमों में भी वैश्विक स्तर की सर्वोत्तम प्रथाएं लागू हो सकेंगी।
- **जनता के लिए:** समावेशी संसद और निष्पक्ष व्यापार पर होने वाले मंथन से नागरिक केंद्रित कानूनों के निर्माण में गति आती है। जनता को अधिक पारदर्शी और आधुनिक प्रशासनिक व्यवस्था का लाभ मिलता है।
- **विधायी सुधार:** विधानसभा के वरिष्ठ अधिकारियों को अंतरराष्ट्रीय प्रक्रियाओं की सीधी जानकारी मिलती है। यह अनुभव भविष्य में सदन संचालन और नए कानूनों के प्रारूप तैयार करने में काम आता है।

## ऐसा क्यों हुआ
राष्ट्रमंडल संसदीय संघ के सदस्य देशों के बीच विधायी अनुभवों के नियमित आदान-प्रदान और लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से यह वार्षिक सम्मेलन आयोजित किया गया है।

- **नियमित सम्मेलन चक्र:** 69वां राष्ट्रमंडल संसदीय सम्मेलन 13 से 19 सितंबर तक केप टाउन में लोकतांत्रिक संस्थाओं के पुनरीक्षण के तहत आयोजित हुआ है। विभिन्न देशों और राज्यों की विधानसभाओं को संसदीय कार्यप्रणाली साझा करने के लिए आमंत्रित किया गया।
- **वैश्विक चुनौतियों का समाधान:** बदलती वैश्विक व्यवस्था में अंतरराष्ट्रीय कानून, निष्पक्ष व्यापार और सामाजिक समानता जैसे मुद्दों पर साझी समझ बनाना आवश्यक हो गया था। इस सत्र में पीढ़ियों के बीच समानता और दिव्यांगजनों की पहुंच जैसे उभरते विषयों को एजेंडे में प्रमुखता दी गई।
- **मेघालय की आधिकारिक सहभागिता:** राज्य की विधायी शाखा का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के साथ प्रशासनिक अधिकारियों का दल भेजा गया। यह दल समकालीन प्रशासनिक तौर-तरीकों को समझने और लागू करने के उद्देश्य से शामिल हुआ है।

## सवाल-जवाब

### 1. 69वां राष्ट्रमंडल संसदीय सम्मेलन कहां और कब आयोजित हो रहा है?
यह सम्मेलन दक्षिण अफ्रीका के केप टाउन शहर में 13 सितंबर से 19 सितंबर तक आयोजित किया जा रहा है।

### 2. इस सम्मेलन में मेघालय के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कौन कर रहा है?
मेघालय विधानसभा के अध्यक्ष थॉमस ए संगमा इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं।

### 3. मेघालय के दल में और कौन-कौन से प्रमुख व्यक्ति शामिल हैं?
दल में विधानसभा उपाध्यक्ष लिमिसन डी संगमा, सचिव मालथस एस संगमा, उप सचिव राजा खारपुरी और अन्य अधिकारी शामिल हैं।

### 4. सम्मेलन की मुख्य थीम क्या रखी गई है?
इस सम्मेलन की थीम 'बदलती वैश्विक व्यवस्था में अंतरराष्ट्रीय कानून और संसदीय लोकतंत्र को सुदृढ़ बनाना: राष्ट्रमंडल नेतृत्व' है।

### 5. 15 सितंबर के सत्रों में किन मुख्य मुद्दों पर चर्चा हुई?
इस दिन लैंगिक मुख्यधारा, निष्पक्ष व्यापार, दिव्यांगजनों के लिए पहुंच, असमानता और अंतर-पीढ़ीगत समानता जैसे विषयों पर चर्चा हुई।

### 6. सम्मेलन में कौन सा विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया?
कार्यक्रम के दौरान चौथा सीपीए लिफाका व्याख्यान आयोजित किया गया।

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