# मेघालय के पांच स्वास्थ्य केंद्रों को मिला राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन, स्वास्थ्य सेवाओं में हुआ सुधार

> मेघालय में स्थित पांच आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाणन से नवाजा गया है। इन सभी केंद्रों ने स्वास्थ्य सेवा के विभिन्न मानकों पर बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए यह बड़ी सफलता हासिल की है।

**Type:** article · **Category:** मेघालय · **Published:** 2026-11-06 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/meghalaya/five-meghalaya-health-centres-secure-national-quality-certification-57228 · **Language:** Hindi
**Tags:** मेघालय स्वास्थ्य, आयुष्मान आरोग्य मंदिर, एनक्यूएएस प्रमाणन, प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा, राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रणाली

मेघालय राज्य के भीतर जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए पांच आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS) प्रमाणन प्रदान किया गया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रणाली संसाधन केंद्र (NHSRC) की ओर से दी जाने वाली यह मान्यता इस बात को दर्शाती है कि इन स्वास्थ्य केंद्रों ने सभी निर्धारित गुणवत्ता पैमानों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। इस उपलब्धि के साथ ये केंद्र मेघालय में इस श्रेणी के अंतर्गत यह विशिष्ट दर्जा पाने वाले शुरुआती स्वास्थ्य केंद्र बन गए हैं।

 

## इन पांच केंद्रों को मिली बड़ी उपलब्धि
 जिन पांच स्वास्थ्य केंद्रों को इस राष्ट्रीय प्रमाणन से सम्मानित किया गया है, उनमें पश्चिम जयंतिया हिल्स जिले के सैतसमा और मिहमािंट्डु, उत्तर गारो हिल्स के राजा ए.पाल और नारोंगकोल, तथा पश्चिम खासी हिल्स का मनाइ केंद्र शामिल है। इन सभी चिकित्सा इकाइयों ने अपने-अपने क्षेत्रों में स्थानीय लोगों को बेहतर और सुरक्षित स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के लिए कड़े मानकों को सफलतापूर्वक पूरा किया है।

 

## मूल्यांकन में सामने आए अंक
 इन स्वास्थ्य केंद्रों के मूल्यांकन के दौरान सभी ने प्रभावशाली अंक प्राप्त किए हैं। पश्चिम जयंतिया हिल्स जिले के सैतसमा केंद्र ने सबसे अधिक 94.07 प्रतिशत अंक हासिल किए, जबकि इसी जिले का मिहमािंट्डु केंद्र 93.91 प्रतिशत अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहा। इसके अलावा उत्तर गारो हिल्स के राजा ए.पाल केंद्र को 93.30 प्रतिशत, नारोंगकोल को 92.87 प्रतिशत और पश्चिम खासी हिल्स के मनाइ केंद्र को 91.07 प्रतिशत अंक प्राप्त हुए।

 

## किन सेवाओं और पैमानों पर हुआ आकलन
 यह व्यापक मूल्यांकन स्वास्थ्य सेवा वितरण के कुल 12 प्रमुख क्षेत्रों को ध्यान में रखकर किया गया था। इनमें मातृ एवं बाल स्वास्थ्य, नवजात और शिशु देखभाल, परिवार नियोजन, दंत चिकित्सा सेवाएं, मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं, आपातकालीन चिकित्सा देखभाल, तथा संचारी और गैर-संचारी रोगों का प्रबंधन शामिल था। इसके अतिरिक्त दवाओं और जांच सुविधाओं, बुजुर्गों की देखभाल, नेत्र और कान-नाक-गले की सामान्य समस्याओं तथा किशोर स्वास्थ्य सेवाओं का भी बारीकी से आकलन किया गया था।

 

## स्वास्थ्य कर्मियों के योगदान की सराहना
 इस प्रकार की मान्यता मिलने से ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में चिकित्सा पहुंच को बेहतर बनाने तथा रोगियों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के प्रयासों को बढ़ावा मिलता है। इस सफलता में बहु-उद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं (MLHPs), सहायक नर्स मिडवाइफ (ANMs) और अन्य चिकित्सा कर्मियों की भूमिका बेहद अहम रही है, जिन्होंने इन पांचों केंद्रों पर आवश्यक मानदंडों को बनाए रखने के लिए पूरी मेहनत से काम किया है। राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थान सुरक्षित और मरीज-केंद्रित चिकित्सा सेवाएं प्रदान करते रहें।

## इसका आप पर असर
यह प्रमाणन ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को मिलने वाली सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार का सीधा संकेत देता है।

- **भारत में:** देश भर के विभिन्न राज्यों में आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के जरिए प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं और बुनियादी चिकित्सा सुविधाओं के स्तर को लगातार उन्नत किया जा रहा है।
- **मेघालय में:** पश्चिम जयंतिया हिल्स, उत्तर गारो हिल्स और पश्चिम खासी हिल्स के इन पांच केंद्रों से जुड़े स्थानीय मरीजों को अब और बेहतर तथा उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सकीय देखभाल मिल सकेगी।
- **गुणवत्ता मानकों में वृद्धि:** मरीजों को मातृ एवं बाल स्वास्थ्य, आपातकालीन देखभाल और विभिन्न बीमारियों के इलाज के लिए अब अधिक भरोसेमंद और मानकीकृत सुविधाएं मिलेंगी।
- **स्वास्थ्य कर्मियों की भूमिका:** स्थानीय स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और नर्सों के प्रयासों से ग्रामीण स्तर पर चिकित्सा परामर्श और दवाइयों की उपलब्धता अधिक सुगम हो गई है।

## ऐसा क्यों हुआ
इन स्वास्थ्य केंद्रों को यह राष्ट्रीय प्रमाणन मिलने के पीछे कड़े गुणवत्ता मानदंडों को पूरा करने के लिए किया गया निरंतर प्रयास और जमीनी स्तर पर चिकित्सा सेवाओं का व्यवस्थित संचालन है।

- **मूल्यांकन प्रक्रिया:** राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रणाली संसाधन केंद्र द्वारा निर्धारित 12 अलग-अलग सेवा पैमानों पर इन केंद्रों की कार्यप्रणाली की गहन जांच की गई थी।
- **कर्मचारियों का योगदान:** बहु-उद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और सहायक नर्सों ने सभी मानकों का कड़ाई से पालन करते हुए मरीजों की देखभाल में सुधार किया।
- **बुनियादी ढांचे में सुधार:** केंद्रों ने दवाओं, जांच सुविधाओं और आपातकालीन सेवाओं के प्रबंधन में आवश्यक सुधार करके उच्च स्कोर हासिल किए।

## सवाल-जवाब

### 1. मेघालय में कितने स्वास्थ्य केंद्रों को एनक्यूएएस प्रमाणन मिला है?
मेघालय में कुल पांच आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को यह राष्ट्रीय प्रमाणन मिला है।

### 2. इस प्रमाणन को प्रदान करने वाली संस्था का क्या नाम है?
यह प्रमाणन राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रणाली संसाधन केंद्र द्वारा प्रदान किया गया है।

### 3. किस केंद्र ने सबसे अधिक अंक प्राप्त किए हैं?
पश्चिम जयंतिया हिल्स जिले के सैतसमा केंद्र ने 94.07 प्रतिशत के साथ सबसे अधिक अंक हासिल किए।

### 4. मूल्यांकन के दौरान कुल कितने सेवा क्षेत्रों की जांच की गई?
मूल्यांकन के दौरान स्वास्थ्य सेवा वितरण के 12 प्रमुख क्षेत्रों का आकलन किया गया।

### 5. प्रमाणित किए गए पांच केंद्र किन जिलों में स्थित हैं?
ये केंद्र पश्चिम जयंतिया हिल्स, उत्तर गारो हिल्स और पश्चिम खासी हिल्स जिलों में स्थित हैं।

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