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  "type": "article",
  "title": "मेघालय में अंतरराष्ट्रीय कृषि विकास कोष के प्रतिनिधिमंडल ने किया ग्रामीण आजीविका और कृषि पारिस्थितिकी प्रोजेक्ट्स का जायजा",
  "summary": "अंतरराष्ट्रीय कृषि विकास कोष के 21 सदस्यीय उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने 2 नवंबर से 4 नवंबर तक मेघालय का दौरा किया और ग्रामीण विकास व कृषि योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की।",
  "content": "शिलांग: अंतरराष्ट्रीय कृषि विकास कोष (IFAD) के कार्यकारी बोर्ड के आठ सदस्यों सहित 21 सदस्यीय एक विशेष प्रतिनिधिमंडल ने 2 नवंबर से 4 नवंबर के बीच मेघालय का व्यापक दौरा किया। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका को मजबूत करने, बाजार तक पहुंच को बेहतर बनाने और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने के लिए चलाई जा रही विकास पहलों का जमीनी स्तर पर आकलन करना था।\n\nदौरे की शुरुआत और शुरुआती चरण\n\nयह महत्वपूर्ण दौरा अंतरराष्ट्रीय कृषि विकास कोष (IFAD) के भारत के वार्षिक देश दौरे के तहत आयोजित किया गया था, जिससे अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों को पूर्वोत्तर राज्य में विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं के क्रियान्वयन और उनके प्रभावों का प्रत्यक्ष रूप से निरीक्षण करने का अवसर मिला। प्रतिनिधिमंडल ने अपनी इस यात्रा की शुरुआत जिरांग में ईस्टर्न रीजन मार्केटिंग कोऑपरेटिव सोसाइटी के 100 एकड़ में फैले एक्सपेरिएंशियल फार्म से की। इसके बाद टीम ने एक प्राइम हब और जिरांग एग्रो फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड का भी दौरा किया।\n\nवैश्विक भागीदारी और विभिन्न देशों के प्रतिनिधि\n\nइस उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल में दुनिया के कई प्रमुख देशों के प्रतिनिधि शामिल थे। ब्राजील, चीन, इरिट्रिया, फिनलैंड, इंडोनेशिया, नाइजीरिया, नॉर्वे और यूनाइटेड किंगडम के प्रतिनिधि इस महत्वपूर्ण दौरे का हिस्सा बने, जिन्होंने भारत में ग्रामीण विकास के मॉडल को करीब से समझा।\n\nपरियोजनाओं का स्थल निरीक्षण और स्थानीय लोगों से बातचीत\n\nदौरे के दूसरे दिन, टीम ने उमवांग IVCS लिमिटेड का रुख किया, जहां उन्होंने मेघालय लाइवलीहुड एंड एक्सेस टू मार्केट्स प्रोजेक्ट (MLAMP) के अंतर्गत शुरू की गई कई प्रमुख पहलों की समीक्षा की। इन पहलों में सामूहिक विपणन केंद्र, कस्टम हायरिंग सेंटर, सामुदायिक मछली तालाब और आधुनिक भंडारण सुविधा शामिल थी। इसके अलावा, प्रतिनिधिमंडल ने स्थानीय निवासियों और सामुदायिक सदस्यों के साथ सीधी बातचीत की ताकि यह समझा जा सके कि इन हस्तक्षेपों ने उनकी आजीविका और आर्थिक अवसरों को किस प्रकार बेहतर बनाया है।\n\nप्राइम हब और मुख्यमंत्री के साथ उच्च स्तरीय बैठक\n\nकार्यक्रम के सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए टीम ने री भोई जिले के भोइरुम्बोंग में लुमडाइतखला स्थित ईरिफा प्राइम हब और ऑर्गेनिक स्पाइस प्रोसेसिंग प्लांट का भी दौरा किया। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने शिलांग में मुख्यमंत्री कोनार्ड के. संगमा से मुलाकात की और राज्य के विकास मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।\n\nअनुदान सहायता और प्रमुख प्रशासनिक चेहरे\n\nयात्रा के अंतिम दिन, प्रतिनिधिमंडल ने कृषि पारिस्थितिकी मूल्य श्रृंखला परियोजना में निवेश के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए शिलांग में प्राइम स्टार्टअप हब का दौरा किया। इस परियोजना के तहत IFAD की ओर से मिलने वाली अनुदान सहायता के मामले में मेघालय भारतीय राज्यों में तीसरे स्थान पर है, जिसे ₹8.19 करोड़ की राशि प्राप्त हुई है। इस प्रतिनिधिमंडल में IFAD सचिव क्लाउडिया टेन हैव, देश संचालन विभाग के सहयोगी उपाध्यक्ष डोनल ब्राउन, IFAD के स्वतंत्र मूल्यांकन कार्यालय के निदेशक इंद्रान नायडू और एशिया एवं प्रशांत डिवीजन की निदेशक रीहाना रजा शामिल थीं।\n\nशीर्ष अधिकारी और समग्र निष्कर्ष\n\nइस पूरी यात्रा के दौरान भारत में IFAD के देश निदेशक जेम्स मार्क डी सूसा-शील्ड्स, भारत सरकार के आर्थिक मामलों के विभाग की निदेशक एस. दिव्यदर्शिनी और वरिष्ठ सलाहकार जय के. शर्मा भी इस टीम का हिस्सा रहे। तीन दिवसीय कार्यक्रम के समापन पर प्रतिनिधिमंडल ने MLAMP के तहत की गई प्रगति और सुधार कार्यों पर संतोष व्यक्त किया। इस दौरे ने ग्रामीण समुदायों के लिए सामुदायिक आधारित संस्थाओं को मजबूत करने, कृषि मूल्य श्रृंखलाओं का विस्तार करने और बाजारों तक पहुंच में सुधार लाने के लिए मेघालय के निरंतर प्रयासों को रेखांकित किया।\n\nइसका आप पर असर\nयह दौरा मेघालय के ग्रामीण इलाकों में कृषि और आजीविका योजनाओं के भविष्य को प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करता है।\n\n• मेघालय में: स्थानीय किसानों और ग्रामीण समुदायों को बाजार तक बेहतर पहुंच, आधुनिक भंडारण और सामुदायिक बुनियादी ढांचे का निरंतर लाभ मिलेगा। इससे राज्य के कृषि उत्पादों की मूल्य श्रृंखला मजबूत होगी।\n• भारत में: अंतरराष्ट्रीय वित्तीय एजेंसियों द्वारा ग्रामीण विकास परियोजनाओं की निगरानी से देश भर में कृषि और आजीविका योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन को बढ़ावा मिलता है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nयह दौरा भारत के साथ अंतरराष्ट्रीय फंड के वार्षिक देश दौरे के तहत आयोजित किया गया था, जिसका उद्देश्य चल रही परियोजनाओं की प्रगति का जायजा लेना था।\n\n• वार्षिक समीक्षा: अंतरराष्ट्रीय कृषि विकास कोष (IFAD) नियमित रूप से अपने वित्तपोषित प्रोजेक्ट्स का मूल्यांकन करने के लिए सदस्य देशों का दौरा करता है।\n• अनुदान आवंटन: मेघालय इस परियोजना के तहत ₹8.19 करोड़ की भारी अनुदान सहायता हासिल कर चुका है, जिससे निवेशकों और बोर्ड सदस्यों में रुचि बढ़ी है।\n• बुनियादी ढांचे की जांच: जिरांग और री भोई जैसे जिलों में जमीनी स्तर पर चल रहे कार्यों की सफलता का आकलन करना इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य था।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. IFAD प्रतिनिधिमंडल ने मेघालय का दौरा कब किया?\nIFAD का प्रतिनिधिमंडल 2 नवंबर से 4 नवंबर के बीच मेघालय के दौरे पर था।\n\n2. इस प्रतिनिधिमंडल में कितने सदस्य शामिल थे?\nइस प्रतिनिधिमंडल में कार्यकारी बोर्ड के 8 सदस्यों समेत कुल 21 सदस्य शामिल थे।\n\n3. मेघालय को इस परियोजना के तहत कितनी राशि मिली है?\nमेघालय ने इस परियोजना के तहत ₹8.19 करोड़ की अनुदान सहायता प्राप्त की है।\n\n4. दौरे के दौरान प्रतिनिधिमंडल किन प्रमुख हस्तियों से मिला?\nप्रतिनिधिमंडल ने शिलांग में मेघालय के मुख्यमंत्री कोनार्ड के. संगमा से मुलाकात की।\n\n5. मेघालय IFAD अनुदान सहायता के मामले में भारत में किस स्थान पर है?\nमेघालय इस परियोजना के तहत IFAD अनुदान सहायता प्राप्त करने में भारतीय राज्यों में तीसरे स्थान पर है।",
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