श्री सीमेंट परियोजना पर मेघालय सरकार से स्पष्टता की मांग, जयंतिया नेशनल काउंसिल ने उठाए सवाल जयंतिया नेशनल काउंसिल ने मेघालय सरकार से लुम साइर्मन में श्री सीमेंट परियोजना पर यथास्थिति बनाए रखने और नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा है। मेघालय के ख्लिएत्रियात में स्थानीय स्तर पर सक्रिय एक संगठन ने राज्य प्रशासन से स्पष्ट रुख अपनाने की मांग उठाई है। लुम साइर्मन क्षेत्र में प्रस्तावित श्री सीमेंट परियोजना को लेकर चल रहे घटनाक्रम के बीच जयंतिया नेशनल काउंसिल ने अधिकारियों को पत्र सौंपकर सभी विधिक प्रक्रियाओं का पूरी तरह पालन करने पर जोर दिया है। संगठन के केंद्रीय कार्यकारी निकाय ने इस सिलसिले में सोमवार को स्टेट लेवल एक्सपर्ट अप्रेजल कमेटी और स्टेट एनवायरनमेंट इंपैक्ट असेसमेंट अथॉरिटी को अपने मांग पत्र सौंपे। अधिकारियों के साथ हुई महत्वपूर्ण बैठक इस पूरे मामले को लेकर संगठन के एक प्रतिनिधिमंडल ने संबंधित अधिकारियों से सीधी मुलाकात की। जयंतिया नेशनल काउंसिल के केंद्रीय कार्यकारी निकाय के अध्यक्ष सांबोर्मी लिंगदोह ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि प्रशासन को इस विषय पर पूरी पारदर्शिता के साथ काम करना चाहिए। उन्होंने यह भी जोड़ा कि सरकार द्वारा गठित तथ्य-अन्वेषण समिति की रिपोर्ट आने से पहले प्रशासन को आगे की किसी भी प्रक्रिया से बचना चाहिए। इसी कड़ी में काउंसिल के सदस्यों ने स्टेट एनवायरनमेंट इंपैक्ट असेसमेंट अथॉरिटी के चेयरमैन अन्नामलाई से भी प्रत्यक्ष भेंट की। पर्यावरण मंजूरी और कागजी कार्रवाई पर असमंजस संगठन के अनुसार, मुलाकात के दौरान अथॉरिटी के चेयरमैन अन्नामलाई ने स्पष्ट किया कि सरकार द्वारा यथास्थिति के ऐलान के बाद से इस प्रोजेक्ट पर किसी भी तरह की आगे की कार्रवाई नहीं की गई है और ना ही फाइल पर कोई काम हुआ है। अधिकारियों की ओर से यह भी बताया गया कि जब तक यह रोक या यथास्थिति बरकरार है, तब तक किसी भी सूरत में पर्यावरण मंजूरी जारी करने की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई जाएगी और इस पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया जाएगा। हालांकि, काउंसिल ने सरकारी महकमों से मिल रही विरोधाभासी जानकारियों पर अपनी गहरी चिंता जाहिर की है। प्रशासनिक बयानों में विरोधाभास का मुद्दा संगठन के प्रतिनिधियों ने उसी दिन मुख्यमंत्री सचिवालय के संयुक्त सचिव से भी मुलाकात की थी, जहां से उन्हें बताया गया कि यह यथास्थिति केवल जमीनी स्तर के कामकाज पर लागू होती है, न कि कागजी कार्रवाई पर। काउंसिल का कहना है कि यह रुख पर्यावरण प्राधिकरण के प्रमुख द्वारा दी गई उस जानकारी से बिल्कुल उलट है जिसमें कहा गया था कि रोक के दौरान कोई भी कागजी प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ेगी। सरकार से आधिकारिक स्पष्टीकरण की मांग इन तमाम अंतर्विरोधों को देखते हुए जयंतिया नेशनल काउंसिल ने राज्य सरकार से यह मांग की है कि वह सभी संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश जारी करे। संगठन ने विशेष रूप से पूर्वी जयंतिया हिल्स जिले के निवासियों और व्यापक हिनिव्रेट्रेप समुदाय के सामने आकर स्थिति को पूरी तरह साफ करने को कहा है। इसके साथ ही, काउंसिल ने जोर देकर कहा है कि सरकार को एक औपचारिक अधिसूचना के जरिए यह साफ करना चाहिए कि इस यथास्थिति के दायरे में क्या-क्या शामिल है, ताकि किसी भी तरह के विधिक उल्लंघन को रोका जा सके। इसका आप पर असर यह प्रशासनिक गतिरोध स्थानीय निवासियों और क्षेत्रीय विकास परियोजनाओं की गति को सीधे तौर पर प्रभावित कर रहा है। • भारत में: देश भर में औद्योगिक परियोजनाओं के दौरान पर्यावरणीय नियमों और स्थानीय स्पष्टता की मांग को लेकर प्रशासनिक स्तर पर नीतिगत बहस तेज हो जाती है। • मेघालय में: पूर्वी जयंतिया हिल्स जिले और स्थानीय हिनिव्रेट्रेप समुदाय के लोगों को स्पष्ट सरकारी दिशा-निर्देशों का इंतजार है ताकि परियोजना के भविष्य को लेकर असमंजस दूर हो सके। ऐसा क्यों हुआ सरकारी महकमों के बनों में अंतर और स्थानीय स्तर पर विरोध के चलते यह स्थिति उत्पन्न हुई है। • विरोधाभासी बयान: मुख्यमंत्री सचिवालय और पर्यावरण प्राधिकरण से अलग-अलग सूचनाएं मिलने के कारण भ्रम की स्थिति पैदा हुई। • तथ्य-अन्वेषण समिति: राज्य सरकार द्वारा एक विशेष समिति का गठन किए जाने के बाद से परियोजना से जुड़े सभी अगले कदमों पर रोक लगाई गई है। • नियामक अनुपालन: स्थानीय संगठन द्वारा सभी कानूनी प्रक्रियाओं का सख्ती से पालन कराने की मांग ने इस मामले को तूल दिया है। सवाल-जवाब 1. जयंतिया नेशनल काउंसिल ने किस परियोजना को लेकर मांग उठाई है? काउंसिल ने लुम साइर्मन में श्री सीमेंट परियोजना को लेकर मांग उठाई है। 2. संगठन ने अपने पत्र किन विभागों को सौंपे हैं? संगठन ने स्टेट लेवल एक्सपर्ट अप्रेजल कमेटी और स्टेट एनवायरनमेंट इंपैक्ट असेसमेंट अथॉरिटी को पत्र सौंपे हैं। 3. सांबोर्मी लिंगदोह कौन हैं? सांबोर्मी लिंगदोह जयंतिया नेशनल काउंसिल के केंद्रीय कार्यकारी निकाय के अध्यक्ष हैं। 4. पर्यावरण प्राधिकरण के चेयरमैन ने क्या जानकारी दी? चेयरमैन अन्नामलाई ने बताया कि यथास्थिति लागू होने के बाद से इस प्रोजेक्ट पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। 5. मुख्यमंत्री सचिवालय से क्या जानकारी मिली थी? सचिवालय से बताया गया था कि यथास्थिति केवल जमीनी कामकाज पर लागू है, कागजी कार्रवाई पर नहीं। https://trendkia.com/meghalaya/jaaintia-national-council-seeks-clarity-from-meghalaya-government-on-shree-cement-project-status-quo-32291 TrendKia — Har trend, sabse pehle.