शिलांग में यूथ एंड इनोवेशन समिट 2026, कॉनराड के संगमा ने कई नई योजनाओं का किया ऐलान शिलॉन्ग में आयोजित यूथ एंड इनोवेशन समिट 2026 के दौरान मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा ने उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए कई नई पहलों और डिजिटल प्लेटफॉर्म का अनावरण किया। शिलांग में आयोजित मुख्यमंत्री यूथ एंड इनोवेशन समिट 2026 के दौरान राज्य सरकार ने एक मजबूत और स्थायी उद्यमिता परिवेश तैयार करने की दिशा में बड़े कदम उठाए हैं। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा ने सोमवार को कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नए विचारों के साथ आगे आने और अपने कारोबार स्थापित करने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य में ऐसे कई कार्यक्रम और प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं, जिससे उद्योग जगत के दिग्गजों और निवेशकों का ध्यान मेघालय की ओर आकर्षित हो सके। सरकारी नीतियां और उत्प्रेरक की भूमिका कॉनराड के संगमा ने इस बात पर प्रकाश डाला कि सरकार का काम केवल निर्देश देना नहीं, बल्कि एक उत्प्रेरक के रूप में काम करना है जो उद्यमियों को सही मंच, नीतियां और आवश्यक समर्थन मुहैया करा सके। उन्होंने इस बात को स्पष्ट करते हुए कहा कि इस तरह के सकारात्मक बदलाव केवल एक प्रतियोगिता या एक आईटी पार्क के बनने से संभव नहीं होते हैं, बल्कि यह एक निरंतर प्रक्रिया है जो लगातार जारी रहनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि वह मेघालय में एक ऐसा निरंतर माहौल बनाना चाहते हैं जहां युवाओं को महसूस हो कि यही वह जगह है जहां असली नवाचार को जन्म मिलता है। मुख्यमंत्री बिजनेस कैटालिस्ट चैलेंज के विजेता इस सम्मेलन के मंच से मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री बिजनेस कैटालिस्ट चैलेंज के विजेताओं के नामों की घोषणा की और उन्हें सम्मानित किया। इस प्रतियोगिता के तहत विभिन्न महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने अपने बिजनेस प्रस्ताव एक विशेषज्ञ पैनल के सामने रखे थे। इन चयनित प्रस्तावों में मावक्यारवाट की सिंगल ओरिजिन कॉफी, लकाडोंग हल्दी और खासी मैंडरिन के लिए शीत गृह यानी कोल्ड स्टोरेज सुविधाएं, इवडुह बाजार के कचरे से खाद का निर्माण और इस्तेमाल किए जा चुके खाना पकाने के तेल से साबुन बनाने जैसे अनूठे प्रोजेक्ट शामिल थे। प्राइम डिजिटल सर्विस प्रोवाइडर प्लेटफॉर्म की शुरुआत कार्यक्रम के दौरान प्राइम डिजिटल सर्विस प्रोवाइडर प्लेटफॉर्म को भी लॉन्च किया गया, जिसे मेघालय का अपना घर-घर सेवा मंच कहा जा रहा है। इस डिजिटल माध्यम के जरिए नागरिक प्लंबिंग, बढ़ईगिरी, बिजली का काम, साफ-सफाई, सैलून सेवाओं और सिलाई जैसे कार्यों के लिए सत्यापित स्थानीय पेशेवरों की सेवाएं आसानी से बुक कर सकेंगे। इस प्लेटफॉर्म पर किसी भी प्रकार का कमीशन नहीं लिया जाएगा, जिससे सेवा प्रदाता खुद अपनी कीमतें तय करने के साथ-साथ अपनी सार्वजनिक रेटिंग और डिजिटल भुगतान का रिकॉर्ड भी तैयार कर सकेंगे। आने वाले समय में इस सेवा का विस्तार चरणबद्ध तरीके से राज्य के सभी जिला मुख्यालयों तक किया जाएगा। नवाचार प्रतियोगिता और आईटी क्षेत्र का विस्तार इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री इनोवेशन कॉन्टेस्ट 2026 की भी शुरुआत की, जो उन सभी स्थानीय निवासियों के लिए खुली है जिनके पास काम करने वाला कोई प्रोटोटाइप मौजूद है। यह प्रतियोगिता स्थानीय नवप्रवर्तकों को सरकारी विभागों और तकनीकी विशेषज्ञों से जोड़ती है ताकि उनके व्यावहारिक समाधानों को धरातल पर उतारा जा सके। सूचना प्रौद्योगिकी के मोर्चे पर बात करते हुए उन्होंने बताया कि हाल ही में शुरू किए गए राज्य के दूसरे आईटी पार्क की सभी इकाइयां पूरी तरह आवंटित हो चुकी हैं और अब निवेशकों ने इसके तीसरे चरण में भी अपनी गहरी रुचि दिखाई है। मानव पूंजी और कौशल विकास पर जोर मुख्यमंत्री ने अपने हालिया दिल्ली दौरे का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने राज्य के अर्ली चाइल्डहुड डेवलपमेंट मॉडल को प्रस्तुत करने की बात भी साझा की। उन्होंने शिलांग स्थित आईआईएम, एनआईएफटी और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन डिजाइन जैसे प्रमुख केंद्रीय संस्थानों से आग्रह किया कि वे स्थानीय युवाओं और उद्यमियों के लिए विशेष लघु अवधि के पाठ्यक्रम और सर्टिफिकेट प्रोग्राम संचालित करें। इसके अलावा उन्होंने डॉक्टर थियोडोर संगमा और आईआईएम शिलांग की पूरी टीम का आभार व्यक्त किया जिन्होंने सीएमबीसी कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसका आप पर असर यह पहल मेघालय के युवाओं और स्थानीय व्यवसायियों के लिए सीधे तौर पर रोजगार और आर्थिक अवसरों के नए रास्ते खोलेगी। • भारत में: देश के अन्य राज्यों के लिए भी स्थानीय स्तर पर स्टार्टअप और कौशल विकास को बढ़ावा देने का एक नया मॉडल सामने आया है। • शिलांग में: स्थानीय युवाओं को पढ़ाई के साथ-साथ व्यवसाय शुरू करने के लिए आर्थिक अनुदान और डिजिटल प्लेटफॉर्म का सीधा लाभ मिलेगा। • रोजगार के अवसर: प्राइम डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन और बढ़ई जैसे स्थानीय पेशेवरों को बिना किसी कमीशन के सीधे ग्राहक मिलेंगे। • कृषि और स्थानीय उत्पाद: लकाडोंग हल्दी, खासी मैंडरिन और कॉफी उत्पादकों को कोल्ड स्टोरेज और बेहतर बाजार मिलने से उनकी आय में सुधार होगा। ऐसा क्यों हुआ राज्य में लंबे समय से एक मजबूत और आत्मनिर्भर व्यावसायिक पारिस्थितिकी तंत्र की कमी महसूस की जा रही थी, जिसके लिए सरकार ने यह कदम उठाया है। • बेरोजगारी और पलायन: युवाओं को स्थानीय स्तर पर आजीविका के साधन उपलब्ध कराने और स्वरोजगार के प्रति आकर्षित करने के लिए इन कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई है। • पारंपरिक उत्पादों का संरक्षण: लकाडोंग हल्दी और सिंगल ओरिजिन कॉफी जैसे अनूठे स्थानीय उत्पादों को सही बाजार और संरक्षण दिलाने की आवश्यकता थी। • डिजिटल बुनियादी ढांचा: घर-घर मिलने वाली सेवाओं को संगठित कर बिचौलियों को हटाने और स्थानीय पेशेवरों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की जरूरत थी। सवाल-जवाब 1. यूथ एंड इनोवेशन समिट 2026 का आयोजन कहाँ किया गया था? इस समिट का आयोजन शिलांग में किया गया था। 2. मुख्यमंत्री बिजनेस कैटालिस्ट चैलेंज के तहत किन प्रस्तावों को चुना गया था? इसमें इस्तेमाल तेल से साबुन, बाजार के कचरे से खाद, हल्दी व संतरे के लिए कोल्ड स्टोरेज और सिंगल ओरिजिन कॉफी के प्रस्ताव चुने गए। 3. प्राइम डिजिटल सर्विस प्रोवाइडर प्लेटफॉर्म की क्या विशेषता है? यह प्लेटफॉर्म जीरो कमीशन पर काम करता है और नागरिक इसके जरिए सत्यापित स्थानीय पेशेवरों को बुक कर सकते हैं। 4. मुख्यमंत्री इनोवेशन कॉन्टेस्ट 2026 किसके लिए खुली है? यह प्रतियोगिता मेघालय के उन निवासियों के लिए खुली है जिनके पास काम करने वाला एक वर्किंग प्रोटोटाइप मौजूद है। 5. राज्य के दूसरे आईटी पार्क की स्थिति क्या है? हाल ही में उद्घाटन के बाद राज्य का दूसरा आईटी पार्क पूरी तरह से आवंटित हो चुका है। प्रेरणा और सबक मेघालय के युवाओं और उद्यमियों के लिए यह पहल विपरीत परिस्थितियों में भी नए रास्ते तलाशने की प्रेरणा देती है। • स्थानीय संसाधनों का उपयोग: बेकार पड़ी वस्तुओं जैसे इस्तेमाल हुए कुकिंग ऑयल और बाजार के कचरे से उपयोगी उत्पाद बनाकर उद्यमी बन सकते हैं। • प्रोटोप्राइव से शुरुआत: एक छोटे से वर्किंग प्रोटोटाइप के जरिए अपने आइडिया को सरकार और विशेषज्ञों के सामने रखकर आगे बढ़ाया जा सकता है। • कौशल को पहचान दिलाना: प्लंबिंग, सिलाई या बढ़ई जैसे पारंपरिक कौशल को डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए बड़े पैमाने पर ले जाया जा सकता है। https://trendkia.com/meghalaya/meghalaya-cm-conrad-k-sangma-unveils-entrepreneurship-initiatives-at-youth-and-innovation-summit-2026-47061 TrendKia — Har trend, sabse pehle.