# मेघालय के आंगनबाड़ी कर्मियों के मानदेय का मुद्दा केंद्र सरकार के समक्ष उठाएंगे सांसद जेम्स संगमा

> मेघालय से राज्यसभा सांसद जेम्स पांगसांग कोंगकल संगमा ने आंगनबाड़ी रसोइयों और सहायिकाओं को भरोसा दिया है कि वह उनके मानदेय में बढ़ोतरी की मांग केंद्र सरकार के सामने रखेंगे।

**Type:** article · **Category:** मेघालय · **Published:** 2026-10-10 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/meghalaya/meghalaya-ke-anganabari-karmiyon-ke-manadeya-ka-mudda-kendra-sarakara-ke-samaksha-uthaenge-sansada-james-sangma-45800 · **Language:** Hindi
**Tags:** मेघालय, जेम्स संगमा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मानदेय वृद्धि, केंद्र सरकार, राज्यसभा सांसद

मेघालय में आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन से जुड़े रसोइयों और सहायिकाओं के मानदेय में वृद्धि का मामला अब केंद्र सरकार की चौखट तक पहुंचेगा। राज्यसभा सांसद जेम्स पांगसांग कोंगकल संगमा ने शुक्रवार को इन जमीनी कार्यकर्ताओं को आश्वस्त किया कि वह उनके कम वेतन और उससे उपजी आर्थिक परेशानियों को केंद्रीय स्तर पर मजबूती से उठाएंगे।

## सांसद से मिला आंगनबाड़ी कर्मियों का प्रतिनिधिमंडल
शुक्रवार को आंगनबाड़ी रसोइयों और सहायिकाओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने सांसद जेम्स पांगसांग कोंगकल संगमा से मुलाकात की। इस बैठक के दौरान उन्होंने अपनी मौजूदा वित्तीय दिक्कतों को विस्तार से साझा किया। कार्यकर्ताओं का कहना था कि वर्तमान में उन्हें मिलने वाला मानदेय बहुत कम है, जिससे परिवार का भरण-पोषण करना बेहद कठिन हो रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए उनके पारिश्रमिक में तुरंत संशोधन किया जाना चाहिए।

## केंद्र के समक्ष रखी जाएंगी जमीनी चुनौतियां
कार्यकर्ताओं की समस्याओं को सुनने के बाद सांसद ने स्वीकार किया कि कम पारिश्रमिक के कारण इन कर्मचारियों को वास्तविक आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि वह केंद्र सरकार के पास जाकर इस विषय पर ठोस कार्रवाई की मांग करेंगे।

जेम्स संगमा ने कहा, **“उन्होंने अपने मानदेय को लेकर चिंता जताई है कि यह पर्याप्त नहीं है और इसमें संशोधन होना चाहिए।”**

सांसद ने स्पष्ट किया कि मेघालय का प्रतिनिधि होने के नाते उनका दायित्व है कि वह इन कर्मचारियों की आवाज दिल्ली तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा, **“मेघालय से सांसद होने के नाते, मैं भारत सरकार के सामने उनकी चिंताएं रखूंगा ताकि इन दिक्कतों का समाधान हो सके और सरकार को उनके सामने आ रही चुनौतियों की पूरी जानकारी मिले।”**

## समाधान की दिशा में ठोस प्रयास का भरोसा
प्रतिनिधिमंडल ने सांसद का ध्यान इस बात पर भी आकर्षित किया कि आंगनबाड़ी केंद्रों के सुचारु और दैनिक कामकाज में रसोइयों तथा सहायिकाओं की भूमिका रीढ़ की हड्डी जैसी होती है। बच्चों के पोषण और देखभाल की पूरी जिम्मेदारी इन्हीं के कंधों पर रहती है। इसके बावजूद उन्हें मिलने वाला पारिश्रमिक उनकी मेहनत के अनुरूप नहीं है।

सांसद संगमा ने भरोसा दिलाया कि वह केंद्र सरकार से आग्रह करेंगे कि इन मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाए। उन्होंने कहा, **“मैं भारत सरकार से अनुरोध करूंगा कि वह उनकी मांगों पर ध्यान दे ताकि कोई समाधान निकाला जा सके।”**

## इसका आप पर असर
मेघालय में आंगनबाड़ी सहायिकाओं और रसोइयों के मानदेय में संभावित बढ़ोतरी से जमीनी स्तर के कर्मियों को सीधा वित्तीय लाभ मिल सकता है।

- **भारत में:** देश भर के योजना कर्मियों में वेतन पुनरीक्षण की मांग को लेकर नए सिरे से चर्चा तेज हो सकती है। इससे अन्य राज्यों के आंगनबाड़ी संगठनों को भी अपनी मांगों के लिए आवाज उठाने का संबल मिलेगा।
- **मेघालय में:** राज्य के आंगनबाड़ी केंद्रों में काम करने वाले सैकड़ों रसोइयों और सहायिकाओं के लिए आय बढ़ने की उम्मीद जगी है। सांसद के हस्तक्षेप से केंद्र और राज्य स्तर पर मानदेय नीति में बदलाव की प्रक्रिया को गति मिल सकती है।
- **आंगनबाड़ी कर्मियों के लिए:** कम मानदेय के चलते लंबे समय से आर्थिक तंगी झेल रहे परिवारों को राहत मिलने की संभावना बनी है। इससे कार्यकर्ता अपनी मूलभूत घरेलू जरूरतें बेहतर तरीके से पूरी करने की स्थिति में आ सकते हैं।
- **ग्रामीण सेवाओं पर असर:** उचित पारिश्रमिक मिलने पर जमीनी कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ेगा। इसका सकारात्मक प्रभाव बच्चों के पोषण और दैनिक आंगनबाड़ी सेवाओं की गुणवत्ता पर पड़ सकता है।

## ऐसा क्यों हुआ
आंगनबाड़ी रसोइयों और सहायिकाओं ने मौजूदा कम मानदेय से पैदा हुई गंभीर आर्थिक तंगी के चलते सांसद से सीधे गुहार लगाई है।

- **अपर्याप्त पारिश्रमिक:** आंगनबाड़ी केंद्रों में काम करने वाली सहायिकाओं और रसोइयों को मिलने वाला वर्तमान वेतन अत्यधिक कम है, जिसके चलते उन्हें परिवार चलाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
- **काम के बोझ की अनदेखी:** दैनिक पोषण और केंद्र संचालन की अहम जिम्मेदारी संभालने के बावजूद कर्मियों को लगता है कि उनकी मेहनत के अनुपात में उचित पारिश्रमिक नहीं दिया जा रहा है।
- **संसदीय प्रतिनिधि से संपर्क:** अपनी बात सीधे दिल्ली के नीति-निर्माताओं तक पहुंचाने के लिए कार्यकर्ताओं ने राज्यसभा सांसद से व्यक्तिगत मुलाकात कर मांग पत्र सौंपा।
- **आगे की संभावित प्रक्रिया:** सांसद द्वारा केंद्र सरकार को औपचारिक प्रतिवेदन सौंपे जाने के बाद संबंधित केंद्रीय मंत्रालय से मानदेय समीक्षा पर विचार करने की अपेक्षा है।

## सवाल-जवाब

### 1. सांसद जेम्स संगमा ने आंगनबाड़ी कर्मियों को क्या आश्वासन दिया है?
उन्होंने आश्वासन दिया है कि वह आंगनबाड़ी रसोइयों और सहायिकाओं के मानदेय में बढ़ोतरी की मांग को केंद्र सरकार के समक्ष मजबूती से उठाएंगे।

### 2. आंगनबाड़ी रसोइयों और सहायिकाओं की मुख्य मांग क्या है?
उनकी मुख्य मांग है कि वर्तमान में मिलने वाला मानदेय नाकाफी है, इसलिए इसमें तुरंत बढ़ोतरी और संशोधन किया जाए।

### 3. कर्मियों ने सांसद से मिलने का निर्णय क्यों लिया?
कम पारिश्रमिक के कारण गंभीर वित्तीय कठिनाइयों का सामना कर रहे कार्यकर्ताओं ने अपनी आवाज केंद्र सरकार तक पहुंचाने के लिए सांसद से मुलाकात की।

### 4. आंगनबाड़ी केंद्रों में रसोइयों और सहायिकाओं की क्या भूमिका है?
वे आंगनबाड़ी केंद्रों के दैनिक कामकाज को सुचारु रखने, भोजन पकाने और बच्चों की बुनियादी देखभाल में अहम भूमिका निभाते हैं।

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