मेघालय के गारो हिल्स में पहले सरकारी नशा मुक्ति केंद्र की शुरुआत, कॉनराड के. संगमा ने तय किए कड़े नियम मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने दक्षिण पश्चिम गारो हिल्स के गंबागरे में सेवा इनलैंड ड्रीम नशा मुक्ति केंद्र का उद्घाटन किया और राज्य भर के केंद्रों के लिए मानक संचालन प्रक्रियाएं जारी कीं। नशीली दवाओं के बढ़ते खतरे पर लगाम लगाने के लिए मेघालय प्रशासन ने गारो हिल्स क्षेत्र में सरकारी सहायता से चलने वाले पहले नशा मुक्ति केंद्र का शुभारंभ किया है। दक्षिण पश्चिम गारो हिल्स के गंबागरे में स्थित सेवा इनलैंड ड्रीम नशा मुक्ति केंद्र का औपचारिक उद्घाटन मंगलवार को राज्य के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने स्थानीय विधायक सुबीर मारक की मौजूदगी में किया। इस नए केंद्र के शुरू होते ही राज्य में सक्रिय पुनर्वास केंद्रों की कुल संख्या बढ़कर 15 हो गई है, जबकि ड्रीम मिशन की शुरुआत से पहले मेघालय में केवल 9 ऐसे केंद्र संचालित थे। वर्तमान में इनमें से 10 केंद्रों को सरकारी सहयोग मिल रहा है और कई अन्य केंद्र शुरू करने की तैयारी चल रही है। पुनर्वास केंद्रों के लिए पहली बार व्यापक नियम लागू इस उद्घाटन समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों के लिए मेघालय की पहली व्यापक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) भी जारी की। इन नए दिशा-निर्देशों का मुख्य उद्देश्य सरकारी और गैर-सरकारी दोनों तरह की सुविधाओं में न्यूनतम देखभाल मानकों और जवाबदेही को सुनिश्चित करना है। यह एसओपी दाखिले और छुट्टी की स्पष्ट प्रक्रियाओं, उचित दस्तावेजीकरण, अनिवार्य परामर्श सत्रों, सुरक्षा इंतजामों और कर्मचारियों की जिम्मेदारियों को तय करती है। इसके साथ ही उपचार कराने वाले व्यक्तियों की मानवीय गरिमा और अधिकारों की रक्षा को अनिवार्य बनाया गया है। प्रशासनिक दृष्टिकोण पर चर्चा करते हुए कॉनराड के. संगमा ने बताया कि वर्ष 2018 में सत्ता संभालने के बाद सरकार ने अलग-अलग व्यक्तिगत योजनाओं के बजाय समाज के विभिन्न वर्गों की जरूरतों को केंद्र में रखकर नीतियां बनाई हैं। उन्होंने कहा, “जब हमने 2018 में पदभार संभाला था, तो हमारी सोच सरकारी कार्यक्रमों और योजनाओं से नहीं, बल्कि हितधारक दृष्टिकोण से संचालित थी।” उन्होंने स्पष्ट किया कि युवाओं, महिलाओं और किसानों को विकास की प्राथमिकताओं में रखा गया है। पुस्तकालयों और खेलकूद के जरिए युवाओं को भटकाव से बचाने की पहल नशे की समस्या से निपटने के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि केवल पुनर्वास से जुड़ा बुनियादी ढांचा खड़ा कर देना ही काफी नहीं होगा। इसके लिए युवा पीढ़ी को सकारात्मक और रचनात्मक विकल्प उपलब्ध कराने होंगे। उन्होंने बच्चों और युवाओं को नशे के चंगुल तथा मोबाइल फोन के अत्यधिक इस्तेमाल से दूर रखने के लिए पुस्तकालयों, खेल सुविधाओं, संगीत और सामुदायिक गतिविधियों में अधिक निवेश का आह्वान किया। इसी योजना के तहत संगमा ने अधिकारियों को तुरा स्थित जिला पुस्तकालय का कायाकल्प करने और इसे बच्चों के अनुकूल केंद्र बनाने के निर्देश दिए ताकि वे अध्ययन के प्रति आकर्षित हो सकें। पुस्तकालय की भूमिका को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा, “एक पुस्तकालय केवल किताबों की इमारत नहीं है; यह एक ऐसा स्थान है जो किसी बच्चे को मोबाइल की लत और मादक पदार्थों के सेवन से बचा सकता है।” राज्य सरकार इस मॉडल को सभी जिलों में दोहराने की योजना बना रही है ताकि पुस्तकालयों को युवा भागीदारी केंद्रों में बदला जा सके। ड्रीम मिशन का समन्वय और बुनियादी ढांचे का पुनर्चक्रण मुख्यमंत्री ने 26 जून 2023 को शुरू किए गए ड्रीम मिशन के प्रभाव को भी साझा किया, जिसने नशा विरोधी अभियान के तहत कई विभागों को एक मंच पर लाने का काम किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि यह मिशन पुलिस, स्वास्थ्य, सामाजिक कल्याण, शिक्षा और जिला प्रशासन को समाज के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रेरित कर रहा है। गंबागरे का यह नया नशा मुक्ति केंद्र एक आदिवासी कन्या छात्रावास के भवन को पुनर्निर्मित करके तैयार किया गया है। सरकारी अधिकारियों के मुताबिक मौजूदा भवनों का उपयोग करने के इस मॉडल से जमीन अधिग्रहण की बाधाएं दूर होती हैं और परियोजना को मंजूरी मिलने से लेकर शुरू होने के बीच का समय काफी कम हो जाता है। यह आवासीय सुविधा तुरा सिविल अस्पताल में पहले से मौजूद डिटॉक्सीफिकेशन केंद्र की पूरक बनेगी। अस्पताल का डिटॉक्सीफिकेशन केंद्र तत्काल मेडिकल उपचार संभालेगा, जबकि गंबागरे केंद्र में मरीजों की लंबी अवधि की मनोसामाजिक रिकवरी पर ध्यान दिया जाएगा। सेवा इनलैंड नामक समुदाय और आस्था आधारित संस्था सरकारी मदद से इस केंद्र का संचालन करेगी। निगरानी पोर्टल, हेल्पलाइन और जांच अभियान मरीजों और परिवारों की सुविधा के लिए राज्य ने रिकवरी ट्रैकर पोर्टल शुरू किया है, जो केंद्रों में बिस्तरों की उपलब्धता की वास्तविक समय में जानकारी देता है। अन्य पहलों में ड्रीम सोलेस होम नामक हाफवे होम की स्थापना, स्कूलों के लिए नवचेतना रोकथाम मॉड्यूल और शंकरदेव कॉलेज के सहयोग से किया जा रहा राज्यव्यापी नशा सर्वेक्षण शामिल हैं। इसके अलावा पुलिस बल को मजबूत करने के लिए 6 खोजी कुत्तों वाली समर्पित नारकोटिक्स के9 यूनिट भी तैनात की गई है। अपने तुरा दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने तुरा के मातृत्व एवं बाल अस्पताल का भी निरीक्षण किया। वहां सफाई व्यवस्था में आए सुधार की सराहना करते हुए उन्होंने माताओं की सुविधा के लिए कुछ कमरों में एयर कंडीशनिंग लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा, “वे जिस शारीरिक तनाव और आघात से गुजरती हैं, उसके बाद हम उन्हें कम से कम आराम तो दे ही सकते हैं।” हालांकि उन्होंने यह भी याद दिलाया कि ये सभी अतिरिक्त सुविधाएं उपलब्ध बजट सीमा के भीतर ही पूरी की जाएंगी। इसका आप पर असर मेघालय सरकार द्वारा शुरू किए गए इस नए केंद्र और कड़े नियमों से नशा मुक्ति सेवाओं की गुणवत्ता और उपलब्धता में बड़ा सुधार होगा। • मेघालय में: राज्य में सरकारी सहायता प्राप्त केंद्रों की संख्या 10 होने से स्थानीय परिवारों को उपचार के लिए बाहर नहीं भटकना पड़ेगा। नए रिकवरी ट्रैकर पोर्टल की मदद से लोग घर बैठे खाली बिस्तरों की उपलब्धता आसानी से देख सकते हैं। • गारो हिल्स में: दक्षिण पश्चिम गारो हिल्स के गंबागरे में इस केंद्र के खुलने से क्षेत्र के मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद तुरा अस्पताल से लंबी अवधि के सुधार के लिए यहीं दाखिला मिल सकेगा। इसके अलावा तुरा की जिला लाइब्रेरी के अपग्रेड होने से स्थानीय बच्चों को रचनात्मक गतिविधियां और अध्ययन का बेहतर माहौल मिलेगा। • मरीजों के अधिकारों पर: राज्य की पहली व्यापक एसओपी लागू होने से निजी व सरकारी दोनों केंद्रों में मरीजों के सम्मान और सुरक्षा के साथ इलाज की अनिवार्य गारंटी मिलेगी। अब किसी भी केंद्र में मनमाने नियम या लापरवाही पाए जाने पर तय मानकों के तहत कानूनी जवाबदेही तय होगी। • युवाओं और परिवारों के लिए: स्कूलों में नवचेतना मॉड्यूल और नार्कोटिक्स के9 यूनिट के सक्रिय होने से युवाओं में नशे के फैलाव पर सख्त रोक लगेगी। अभिभावक अब शुरुआती लक्षणों की पहचान कर समय रहते नजदीकी केंद्रों से परामर्श और चिकित्सा सहायता प्राप्त कर सकते हैं। ऐसा क्यों हुआ मेघालय में मादक पदार्थों के बढ़ते मामलों और बुनियादी ढांचे की कमी को दूर करने के लिए सरकार ने रणनीतिक स्तर पर यह कदम उठाया है। • संस्थागत समन्वय की आवश्यकता: राज्य में जून 2023 में शुरू किए गए ड्रीम मिशन के तहत स्वास्थ्य, पुलिस और समाज कल्याण विभागों को एक साथ जोड़कर समन्वित कार्रवाई की योजना बनाई गई थी। इसी अंतर-विभागीय रणनीति को धरातल पर उतारने के लिए नए केंद्रों की स्थापना जरूरी हो गई थी। • गारो हिल्स में सुविधाओं की कमी: गारो हिल्स क्षेत्र में पहले से तुरा सिविल अस्पताल में मेडिकल डिटॉक्सीफिकेशन की सुविधा तो थी, लेकिन लंबी अवधि के पुनर्वास के लिए कोई सरकारी सहायता प्राप्त केंद्र मौजूद नहीं था। इसी असंतुलन को खत्म करने के लिए गंबागरे में यह सुविधा खोली गई। • जमीन अधिग्रहण की बाधाएं: नई इमारतों के निर्माण में जमीन अधिग्रहण और बजट की देरी से बचने के लिए प्रशासन ने खाली पड़े आदिवासी कन्या छात्रावास के भवन का पुनर्चक्रण किया। इस व्यावहारिक फैसले से परियोजना को तुरंत चालू करना संभव हो सका। • मानकों और निगरानी का अभाव: नशा मुक्ति केंद्रों में उपचार और कार्यप्रणाली की गुणवत्ता को लेकर पहले कोई राज्य स्तरीय दिशानिर्देश नहीं थे। मरीजों की सुरक्षा और गरिमा सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने पहली बार अनिवार्य एसओपी लागू करने का फैसला किया। सवाल-जवाब 1. मेघालय में नए नशा मुक्ति केंद्र का उद्घाटन कहां किया गया है? इस केंद्र का उद्घाटन दक्षिण पश्चिम गारो हिल्स के गंबागरे में किया गया है। 2. वर्तमान में मेघालय में कितने पुनर्वास केंद्र संचालित हो रहे हैं? मेघालय में अब कुल 15 पुनर्वास केंद्र सक्रिय हैं, जिनमें से 10 को सरकार का सहयोग मिल रहा है। 3. पुनर्वास केंद्रों के लिए जारी नई एसओपी में क्या शामिल है? इस एसओपी में दाखिले और छुट्टी के नियम, स्टाफ की जिम्मेदारियां, सुरक्षा, परामर्श और मरीजों की गरिमा के न्यूनतम मानक तय किए गए हैं। 4. गंबागरे का यह केंद्र किस इमारत में स्थापित किया गया है? इस केंद्र को एक आदिवासी कन्या छात्रावास के भवन को पुनर्निर्मित करके स्थापित किया गया है। 5. मेघालय में खाली बिस्तरों की जानकारी के लिए कौन सा पोर्टल शुरू किया गया है? बिस्तरों की वास्तविक समय में जानकारी देने के लिए राज्य में रिकवरी ट्रैकर पोर्टल शुरू किया गया है। 6. तुरा जिला पुस्तकालय को अपग्रेड करने का क्या उद्देश्य है? तुरा लाइब्रेरी को बच्चों के अनुकूल बनाकर युवाओं को मोबाइल की लत और नशे की आदत से दूर रखने का लक्ष्य रखा गया है। https://trendkia.com/meghalaya/meghalaya-ke-garo-hills-men-pahale-sarakari-nasha-mukti-kendra-ki-shuruata-conrad-k-sangma-ne-taya-kie-kare-niyama-36299 TrendKia — Har trend, sabse pehle.