मेघालय के जोवाई में 134 छात्राओं ने पूरा किया आत्मरक्षा प्रशिक्षण बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के तहत जोवाई प्रेस्बिटेरियन हायर सेकेंडरी स्कूल की 134 छात्राओं को आत्मरक्षा का पांच दिवसीय विशेष प्रशिक्षण दिया गया। मेघालय के जोवाई में छात्राओं को शारीरिक रूप से सशक्त और मानसिक रूप से सतर्क बनाने के मकसद से आयोजित पांच दिवसीय विशेष आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। जोवाई प्रेस्बिटेरियन चर्च के मिशन कंपाउंड स्थित जुबली हॉल में चले इस सत्र में जोवाई प्रेस्बिटेरियन हायर सेकेंडरी स्कूल की 134 छात्राओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के अंतिम दिन शनिवार को सभी प्रतिभागी छात्राओं को पाठ्यक्रम पूरा करने पर प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। प्रशासन और खेल संस्था का संयुक्त प्रयास यह प्रशिक्षण शिविर 14 सितंबर से 19 सितंबर तक आयोजित किया गया था। इस पूरे कार्यक्रम का संचालन बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ (BBBP) अभियान के तहत किया गया। पश्चिम जयंतिया हिल्स जिले के समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत आने वाले डिस्ट्रिक्ट हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ विमेन (DHEW) ने शिलांग की संस्था हैप्पी रेड रूस्टर के साथ मिलकर इस कार्यशाला का आयोजन किया था। इसका मुख्य उद्देश्य बालिकाओं और महिलाओं के बीच व्यक्तिगत सुरक्षा, आत्मविश्वास और आत्मरक्षा की बुनियादी तकनीकों को बढ़ावा देना था। तकनीक, अनुशासन और सतर्कता पर जोर प्रशिक्षण सत्र के दौरान छात्राओं को दैनिक जीवन में किसी भी अप्रत्याशित खतरे से निपटने के गुर सिखाए गए। जोवाई प्रेस्बिटेरियन हायर सेकेंडरी स्कूल के शिक्षक ए. लामारे ने विभाग की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि विपरीत और असुरक्षित परिस्थितियों में बालिकाओं के लिए तैयार और आत्मविश्वासी रहना बेहद जरूरी है। वहीं हैप्पी रेड रूस्टर एमएमए शिलांग के संस्थापक इसैया ने छात्राओं से आग्रह किया कि वे पांच दिनों में सीखी गई तकनीकों का नियमित अभ्यास जारी रखें। उन्होंने चुनौतीपूर्ण समय में शांत, सतर्क और अनुशासित रहने के महत्व को रेखांकित किया। समापन समारोह और प्रशासनिक मार्गदर्शन कार्यशाला के आखिरी सत्र में छात्राओं ने सीखी गई आत्मरक्षा तकनीकों का व्यावहारिक प्रदर्शन किया और अपने अनुभव साझा किए। इस समापन सत्र की अध्यक्षता पश्चिम जयंतिया हिल्स DHEW की जेंडर स्पेशलिस्ट एस. लामारे ने की। कार्यक्रम के अंत में पश्चिम जयंतिया हिल्स DHEW के डिस्ट्रिक्ट मिशन कोऑर्डिनेटर एफ.जी.एन. रिंग्गा ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने छात्राओं को कौशल का नियमित अभ्यास बनाए रखने की सलाह देने के साथ ही यह भी कहा कि किसी भी खतरे या असुरक्षा की स्थिति में तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को सूचना दी जानी चाहिए। इसका आप पर असर यह प्रशिक्षण छात्राओं में व्यक्तिगत सुरक्षा और किसी भी खतरे के समय तुरंत प्रतिक्रिया देने की व्यावहारिक समझ विकसित करता है। • भारत में: देश भर के सरकारी और सहायता प्राप्त विद्यालयों में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के तहत छात्राओं के शारीरिक सशक्तीकरण पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। ऐसे कार्यक्रमों से छात्राओं को आत्मरक्षा की बुनियादी तकनीकों को सीखने और आपात स्थितियों में सतर्क रहने में मदद मिलती है। • मेघालय में: पश्चिम जयंतिया हिल्स और आसपास के क्षेत्रों के अभिभावक और स्कूल प्रशासन ऐसी पहलों के जरिए बालिकाओं के लिए सुरक्षित माहौल तैयार कर रहे हैं। स्थानीय स्तर पर छात्राओं को किसी भी उत्पीड़न या खतरे की स्थिति में सीधे पुलिस और संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। • छात्रों के लिए: इस प्रकार के प्रशिक्षण से छात्राओं में डर की जगह आत्मविश्वास और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता विकसित होती है। नियमित अभ्यास से वे यात्रा, स्कूल आने-जाने और सार्वजनिक स्थानों पर अधिक सुरक्षित महसूस कर सकती हैं। • सुरक्षा तंत्र: छात्राओं को न केवल शारीरिक बचाव सिखाया जाता है बल्कि कानूनी और प्रशासनिक सुरक्षा तंत्र से जुड़ने की जानकारी भी दी जाती है। इससे खतरे का सामना होने पर वे चुप रहने के बजाय तुरंत निकटतम पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए सक्षम बनती हैं। ऐसा क्यों हुआ यह प्रशिक्षण कार्यक्रम बालिकाओं की सुरक्षा बढ़ाने और सार्वजनिक स्थानों पर उनके आत्मविश्वास को मजबूत करने के उद्देश्य से शुरू किया गया था। प्रशासन ने स्थानीय स्कूलों और मार्शल आर्ट विशेषज्ञों को जोड़कर इस जरूरत को पूरा किया। • योजनागत प्राथमिकता: बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पहल के तहत बालिकाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा के साथ-साथ उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा को प्राथमिक लक्ष्य बनाया गया है। इसी नीतिगत दिशा के तहत जिला स्तर पर इस तरह के शारीरिक सशक्तिकरण शिविरों को वित्तीय और संगठनात्मक समर्थन दिया गया। • व्यावहारिक सुरक्षा की जरूरत: दैनिक जीवन में छात्राओं को आने-जाने के दौरान अप्रत्याशित असुरक्षित परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है। इसे ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने छात्राओं को केवल सैद्धांतिक नहीं, बल्कि व्यावहारिक आत्मरक्षा तकनीक सिखाने का निर्णय लिया। • विशेषज्ञों की भागीदारी: समाज कल्याण विभाग ने स्थानीय खेल एवं कॉम्बैट स्पोर्ट्स संस्था हैप्पी रेड रूस्टर के साथ साझेदारी की। इससे छात्राओं को पेशेवर मार्शल आर्ट विशेषज्ञों से वास्तविक परिस्थितियों के अनुकूल बुनियादी कौशल सीखने का अवसर मिला। सवाल-जवाब 1. यह आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर किस स्थान पर आयोजित किया गया था? यह शिविर मेघालय के जोवाई में जोवाई प्रेस्बिटेरियन चर्च के मिशन कंपाउंड स्थित जुबली हॉल में आयोजित किया गया था। 2. इस कार्यशाला में कितने विद्यार्थियों ने भाग लिया और प्रमाण पत्र प्राप्त किया? जोवाई प्रेस्बिटेरियन हायर सेकेंडरी स्कूल की कुल 134 छात्राओं ने यह पांच दिवसीय प्रशिक्षण पूरा कर प्रमाण पत्र हासिल किए। 3. प्रशिक्षण कार्यक्रम किन तारीखों के बीच आयोजित किया गया था? यह कार्यक्रम 14 सितंबर से 19 सितंबर तक पांच दिनों की अवधि में आयोजित किया गया था। 4. इस पहल का आयोजन किन संस्थाओं के माध्यम से किया गया था? इसे पश्चिम जयंतिया हिल्स के समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत DHEW द्वारा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के तहत हैप्पी रेड रूस्टर शिलांग के सहयोग से आयोजित किया गया। 5. प्रशिक्षण के दौरान छात्राओं को मुख्य रूप से क्या सलाह दी गई? छात्राओं को आत्मरक्षा तकनीकों का नियमित अभ्यास करने, चुनौतीपूर्ण स्थिति में शांत व सतर्क रहने और किसी भी खतरे की सूचना निकटतम पुलिस थाने को देने की सलाह दी गई। https://trendkia.com/meghalaya/meghalaya-ke-jowai-men-134-chhatraon-ne-pura-kiya-atmaraksha-prashikshana-35295 TrendKia — Har trend, sabse pehle.