मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड के संगमा ने दिल्ली में विकास फंडिंग और 2032 विजन पर की अहम चर्चा नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित वित्त मंत्रियों के सम्मेलन में मेघालय के मुख्यमंत्री ने राज्य के मिशन 10 एजेंडा और सार्वजनिक वित्त को मजबूत करने पर विचार रखे। नई दिल्ली के भारत मंडपम में राज्यों के वित्त मंत्रियों और वित्त सचिवों के एक राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन हुआ, जिसमें मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड के संगमा ने शिरकत की। इस सम्मेलन का मुख्य विषय 'विकसित भारत की ओर भारत की यात्रा का वित्तपोषण' तय किया गया था, जहाँ देश भर के विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। सार्वजनिक वित्त और विकास फंडिंग पर मुख्य जोर सम्मेलन की कार्यसूची में सार्वजनिक वित्तीय व्यवस्था को मजबूत बनाना और विकास कार्यों के लिए पूंजी जुटाने के नए विकल्पों की तलाश करना सबसे ऊपर रहा। इसके अलावा कृषि क्षेत्र की प्राथमिकताओं, ऊर्जा परिवर्तन, नई तकनीकों के इस्तेमाल और राज्यों के आर्थिक विकास के सटीक आकलन हेतु सकल राज्य घरेलू उत्पाद यानी जीएसडीपी (GSDP) के उपयोग पर विस्तार से बात की गई। इन सभी पहलुओं पर विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं ने मिलकर मंथन किया। मेघालय का मिशन 10 और विकास लक्ष्य यह विचार-विमर्श विशेष रूप से मेघालय के विकास लक्ष्यों के लिए प्रासंगिक रहा, जिसे राज्य सरकार अपने मिशन 10 एजेंडे के तहत आगे बढ़ा रही है। इस एजेंडे का उद्देश्य प्रमुख क्षेत्रों में आर्थिक गति देना, बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाना, स्थानीय लोगों के लिए आजीविका के नए मौके तैयार करना और व्यापारिक उद्यमों को मजबूत वित्तीय सहयोग देना है। विशेषज्ञों से सीखने और 2032 विजन पर मुख्यमंत्री का वक्तव्य कार्यक्रम के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह के साझा मंच मेघालय को दूसरे राज्यों के अनुभवों से सीखने, नीति विशेषज्ञों से संवाद करने और पूंजी के नए वित्तीय मॉडलों को समझने का बेहतरीन मौका देते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य अपने वर्ष 2032 के विजन की दिशा में काम कर रहा है, जिसके लिए ठोस वित्तीय रणनीतियाँ आवश्यक हैं। इस सम्मेलन ने वित्त मंत्रियों, सचिवों और अन्य हितधारकों को एक मंच पर लाकर भारत के विकास सफर की वित्तीय योजना पर सार्थक मंथन का अवसर दिया। मुख्यमंत्री ने इस आयोजन से जुड़े मुख्य बिंदुओं को X पर लिखा और अपनी भागीदारी की पुष्टि की। इसका आप पर असर इस सम्मेलन में बनी वित्तीय रणनीतियों से राज्यों के बजट आवंटन और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर सीधा असर पड़ेगा। • भारत में: केंद्र और राज्यों के बीच सार्वजनिक वित्त तथा ऊर्जा परिवर्तन को लेकर बेहतर समन्वय बनेगा। इससे राष्ट्रीय स्तर पर विकास परियोजनाओं के लिए नई फंडिंग व्यवस्था तैयार करने में तेजी आएगी। • मेघालय में: राज्य के मिशन 10 और 2032 के लक्ष्यों को गति मिलने से स्थानीय स्तर पर नई आजीविका और रोजगार के अवसर बनेंगे। उद्यमों को वित्तीय सहायता मिलने से राज्य के छोटे कारोबारियों और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को सीधा लाभ होगा। • किसानों और ऊर्जा क्षेत्र: कृषि सुधारों और स्वच्छ ऊर्जा के नए मॉडलों पर चर्चा से ग्रामीण योजनाओं में तकनीकी निवेश बढ़ेगा। किसानों को अपनी उपज के लिए बेहतर ढांचागत सुविधाएं मिलने की राह आसान होगी। • आर्थिक निगरानी: सकल राज्य घरेलू उत्पाद के सटीक मूल्यांकन से विकास नीतियों का पारदर्शी आकलन संभव हो सकेगा। राज्य सरकारें अपने वित्तीय संसाधनों का अधिक प्रभावी तरीके से इस्तेमाल कर पाएंगी। ऐसा क्यों हुआ राज्यों की वित्तीय स्थिति मजबूत करने और भविष्य के विकास लक्ष्यों के लिए पूंजी जुटाने की साझा रूपरेखा तैयार करने के मकसद से इस सम्मेलन का आयोजन किया गया। • राष्ट्रीय विकास की आवश्यकता: 'विकसित भारत' की रूपरेखा को जमीन पर उतारने के लिए राज्यों के पास पर्याप्त और सुव्यवस्थित वित्तीय संसाधन होना बेहद जरूरी माना गया है। इसी कारण सभी राज्यों के वित्त मंत्रियों और सचिवों को एक साझा मंच पर लाया गया। • विकास फंडिंग के नए मॉडल्स: पारंपरिक बजट के अतिरिक्त बुनियादी ढांचे, कृषि और ऊर्जा परिवर्तन जैसे खर्चीले क्षेत्रों के लिए अभिनव वित्तीय समाधान खोजना समय की मांग बन गया है। • मेघालय का विजन एजेंडा: मेघालय सरकार वर्तमान में अपने मिशन 10 और विजन 2032 के लक्ष्यों पर काम कर रही है, जिसके लिए राष्ट्रीय स्तर पर नीतिगत तालमेल और विशेषज्ञ सलाह की आवश्यकता थी। सवाल-जवाब 1. सम्मेलन का आयोजन कहाँ और किस विषय पर हुआ? यह सम्मेलन नई दिल्ली के भारत मंडपम में 'विकसित भारत की ओर भारत की यात्रा का वित्तपोषण' विषय पर आयोजित किया गया। 2. मेघालय के मुख्यमंत्री ने किन प्राथमिकताओं पर ध्यान केंद्रित किया? उन्होंने सार्वजनिक वित्त को मजबूत बनाने, नए फंडिंग मॉडल तलाशने और राज्य के मिशन 10 एजेंडा को आगे बढ़ाने पर जोर दिया। 3. सम्मेलन में किन प्रमुख क्षेत्रों पर चर्चा की गई? चर्चा में कृषि, ऊर्जा परिवर्तन, आधुनिक प्रौद्योगिकी, सार्वजनिक वित्त और आर्थिक वृद्धि नापने के लिए जीएसडीपी का उपयोग शामिल रहा। 4. मेघालय का विजन किस वर्ष तक केंद्रित है? मेघालय सरकार अपने विजन 2032 के लक्ष्यों को ध्यान में रखकर वित्तीय और विकासात्मक नीतियों पर काम कर रही है। https://trendkia.com/meghalaya/meghalaya-ke-mukhyamntri-conrad-k-sangma-ne-delhi-men-vikasa-phndinga-aura-2032-vijana-para-ki-ahama-charcha-33825 TrendKia — Har trend, sabse pehle.