{
  "type": "article",
  "title": "मेघालय के सरकारी स्कूलों में आधुनिक शिक्षा की नई पहल: री-भोई में शुरू हुईं 27 STEM लैब्स",
  "summary": "एनटीपीसी लिमिटेड की सीएसआर पहल के तहत मेघालय के री-भोई जिले के 27 सरकारी स्कूलों में आधुनिक साइंस और टेक लैब स्थापित की गई हैं ताकि ग्रामीण बच्चों को व्यावहारिक शिक्षा मिल सके।",
  "content": "मेघालय में स्कूली शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और बच्चों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए एक बड़ी पहल की शुरुआत की गई है। राज्य के री-भोई जिले में स्थित 27 सरकारी स्कूलों में आधुनिक STEM (साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथ्स) ट्रांसफॉर्मेटिव लैब्स का उद्घाटन किया गया है। सार्वजनिक क्षेत्र की प्रतिष्ठित कंपनी एनटीपीसी लिमिटेड की कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी यानी CSR पहल के तहत शुरू की गई इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को व्यावहारिक और तकनीक-आधारित शिक्षा प्रदान करना है।\n\n \n\nउमरोई में आयोजित हुआ भव्य उद्घाटन कार्यक्रम\n\nइस पूरी परियोजना का मुख्य उद्घाटन समारोह उमडेन उमरोई आरएमएसए सेकेंडरी स्कूल में आयोजित किया गया था। इस विशेष कार्यक्रम में उमरोई के स्थानीय विधायक दमनबैत लामारे ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और नई आधुनिक लैब का फीता काटकर उद्घाटन किया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर री-भोई के डिप्टी कमिश्नर अभिषेक सैनी भी मौजूद रहे, जिन्होंने सरकारी स्कूलों में इस तरह की आधुनिक सुविधाओं के विस्तार की सराहना की और इसे ग्रामीण बच्चों के भविष्य के लिए एक मील का पत्थर बताया।\n\n \n\nपरियोजना की लागत और मुख्य प्रशासनिक सहयोग\n\nग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने वाली इस पूरी परियोजना को धरातल पर उतारने में कुल 148.50 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। उद्घाटन समारोह के दौरान एनटीपीसी लिमिटेड, बोंगाईगांव की डीजीएम (एचआर और कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन) मधुरिया सिंघा लखर और जिला स्कूल शिक्षा अधिकारी आर. शदाप भी उपस्थित रहे। इसके साथ ही क्षेत्र के विभिन्न स्कूलों के शिक्षक, उत्सुक छात्र और स्कूल प्रशासन के कर्मचारी इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बने।\n\n \n\nव्यावहारिक शिक्षा और रचनात्मकता को बढ़ावा\n\nये नवनिर्मित प्रयोगशालाएं छात्रों को पारंपरिक किताबी ज्ञान से आगे ले जाकर व्यावहारिक रूप से सीखने के साधन प्रदान करेंगी। इन लैब्स के माध्यम से छात्रों को उभरती हुई तकनीकी प्रणालियों और नए वैज्ञानिक उपकरणों के साथ खुद प्रयोग करने का मौका मिलेगा। री-भोई जिला अपनी दुर्गम भौगोलिक स्थिति के कारण अक्सर आधुनिक शैक्षिक सुविधाओं से अछूता रह जाता था, लेकिन अब इस नई शुरुआत से बच्चों में वैज्ञानिक जिज्ञासा और रचनात्मकता को बढ़ावा मिलेगा। इससे छात्र भविष्य में तकनीकी क्षेत्रों में बेहतर करियर बनाने के लिए प्रेरित होंगे।\n\nइसका आप पर असर\nइस नई सीएसआर पहल से मेघालय के ग्रामीण इलाकों में सरकारी शिक्षा की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा और छात्रों को नए अवसर मिलेंगे।\n\n• मेघालय में: री-भोई के ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को व्यावहारिक प्रयोगों का सीधा अवसर मिलेगा। इससे उनकी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में प्रदर्शन सुधारने में मदद मिलेगी।\n\n• सरकारी स्कूलों के लिए: कुल 27 स्कूलों को 148.50 लाख रुपये के वैज्ञानिक सेटअप से लैस किया जा रहा है। यह उन्नयन सार्वजनिक शिक्षा प्रणाली के प्रति लोगों का भरोसा बढ़ाएगा।\n\n• छात्रों और अभिभावकों के लिए: अब ग्रामीण माता-पिता को तकनीकी शिक्षा के लिए बच्चों को शहर के महंगे स्कूलों में नहीं भेजना पड़ेगा। छात्र स्थानीय स्तर पर ही कोडिंग और आधुनिक उपकरणों के इस्तेमाल की कला सीख सकेंगे।\n\nऐसा क्यों हुआ\nइन वैज्ञानिक प्रयोगशालाओं की स्थापना का मुख्य कारण ग्रामीण क्षेत्रों में व्यावहारिक शिक्षा के बुनियादी ढांचे की भारी कमी को दूर करना है।\n\n• सीएसआर फंड का आवंटन: सार्वजनिक क्षेत्र की प्रमुख कंपनी एनटीपीसी लिमिटेड ने अपने बोंगाईगांव संभाग के सीएसआर बजट के तहत 148.50 लाख रुपये इस शिक्षा परियोजना के लिए आवंटित किए। कंपनी अपनी सामाजिक जिम्मेदारी के तहत स्थानीय क्षेत्रों के विकास पर ध्यान केंद्रित करती है।\n\n• शैक्षणिक असमानता को कम करना: री-भोई जिले के अधिकांश सरकारी स्कूलों में आधुनिक लैब नहीं थीं, जिससे छात्र व्यावहारिक ज्ञान से वंचित रह जाते थे। इसी अंतर को पाटने के लिए इस परियोजना को मंजूरी दी गई।\n\n• प्रशासनिक समन्वय: जिला प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर तालमेल के कारण इस महत्वपूर्ण परियोजना को तेजी से जमीन पर उतारा जा सका।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. मेघालय के किस जिले में इन STEM लैब्स का उद्घाटन किया गया है?\nइन लैब्स का उद्घाटन मेघालय के री-भोई जिले के अंतर्गत आने वाले 27 सरकारी स्कूलों में किया गया है।\n\n2. इस शैक्षणिक परियोजना के लिए किसने फंडिंग प्रदान की है?\nइस परियोजना के लिए पूरी फंडिंग एनटीपीसी लिमिटेड द्वारा अपनी सीएसआर (CSR) गतिविधि के तहत दी गई है।\n\n3. 27 स्कूलों में लैब्स स्थापित करने की कुल लागत कितनी है?\nइस पूरी परियोजना को लागू करने की कुल लागत 148.50 लाख रुपये है।\n\n4. मुख्य उद्घाटन कार्यक्रम का आयोजन किस स्कूल में हुआ?\nमुख्य उद्घाटन कार्यक्रम री-भोई जिले के उमडेन उमरोई आरएमएसए सेकेंडरी स्कूल में आयोजित किया गया था।",
  "url": "https://trendkia.com/meghalaya/meghalaya-ke-sarakari-skulon-men-adhunika-shiksha-ki-nai-pahala-ri-bhoi-men-shuru-huin-27-stem-laibsa-32939",
  "category": "मेघालय",
  "publishedAt": "2026-09-17",
  "tags": [
    "मेघालय",
    "री भोई",
    "एनटीपीसी",
    "सरकारी स्कूल",
    "शिक्षा सुधार",
    "सीएसआर पहल"
  ],
  "language": "hi",
  "site": "TrendKia"
}