मेघालय के दक्षिण गारो हिल्स में नेशनल हाईवे-62 के निर्माण में देरी से आक्रोश, प्रशासन ने लगाया प्रदर्शन पर प्रतिबंध दक्षिण गारो हिल्स में नेशनल हाईवे-62 के डालू-बाघमारा हिस्से के निर्माण में देरी से फेडरेशन ऑफ खासी जयंतिया एंड गारो पीपल में भारी गुस्सा है, जिसके बाद जिला प्रशासन ने कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए आगामी विरोध प्रदर्शन पर रोक लगा दी है। मेघालय के दक्षिण गारो हिल्स में नेशनल हाईवे-62 (217) के डालू से बाघमारा हिस्से पर अब तक निर्माण कार्य शुरू न होने को लेकर स्थानीय संगठनों में गहरा आक्रोश फैल गया है। इस देरी के विरोध में फेडरेशन ऑफ खासी जयंतिया एंड गारो पीपल (FKJGP) गारो हिल्स जोन ने तीखी नाराजगी जताई है और स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। सड़क निर्माण और पुरानी मांगें फेडरेशन ऑफ खासी जयंतिया एंड गारो पीपल के अध्यक्ष प्रीतम अरेग ने जानकारी दी कि इस महत्वपूर्ण सड़क मार्ग पर अभी तक कोई काम शुरू नहीं हो सका है, जिसे दक्षिण गारो हिल्स की जीवन रेखा माना जाता है। यह मार्ग यहां के व्यापार, अर्थव्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं और रोजमर्रा के जनजीवन के लिए बेहद आवश्यक है। प्रीतम अरेग के अनुसार, बाघमारा क्षेत्र के गैर-सरकारी संगठनों और नागरिक समाज समूहों ने इस सड़क के निर्माण के लिए लंबे समय से नाइट ब्लॉकड, रैलियों और एनएचआईडीसीएल तथा राज्य लोक निर्माण विभाग को कई ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगें रखी हैं। आंदोलन की चेतावनी और सरकारी रुख अरेग का कहना है कि इन तमाम प्रयासों के बावजूद अधिकारियों की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। लगातार प्रशासनिक उदासीनता को देखते हुए विभिन्न एनजीओ ने 28 अक्टूबर से बड़े पैमाने पर प्रदर्शन शुरू करने का निर्णय लिया है। इस बीच, संगठन ने मेघालय सरकार, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, एनएचआईडीसीएल और लोक निर्माण विभाग से मांग की है कि वे विस्तृत परियोजना रिपोर्ट यानी डीपीआर को जल्द पूरा करें, वन और पर्यावरण संबंधी मंजूरियां लें, युद्धस्तर पर टेंडर प्रक्रिया पूरी करें और बिना किसी और देरी के धरातल पर काम शुरू करवाएं। संगठन ने मुख्यमंत्री के व्यक्तिगत हस्तक्षेप की भी अपील की है और कहा है कि बेहतर सड़क संपर्क कोई विलासिता नहीं बल्कि एक बुनियादी संवैधानिक अधिकार है, जो इस दूरदराज के सीमावर्ती जिले में शांति, विकास और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बहुत जरूरी है। प्रशासनिक प्रतिबंध और धारा 163 दूसरी ओर, प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन की जानकारी मिलने के बाद अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट पीआर मारक ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नेशनल हाईवे-62 बाघमारा को तुरा, शिलांग और राज्य के बाकी हिस्सों से जोड़ता है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि किसी भी प्रकार का चक्का जाम या नाकाबंदी करने से आवश्यक सेवाओं, आपातकालीन वाहनों और दैनिक वस्तुओं की आपूर्ति बाधित होगी जिससे आम जनता को भारी असुविधा का सामना करना पड़ेगा। नियमों का उल्लंघन और छूट के प्रावधान जारी किए गए आदेश के तहत पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने, नेशनल हाईवे-62 या किसी भी सार्वजनिक सड़क को अवरुद्ध करने, लाठी, पत्थर या घातक हथियार ले जाने, तथा लाउडस्पीकर के इस्तेमाल और नारेबाजी करने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है, जिससे शांति भंग होने की आशंका हो। हालांकि, एंबुलेंस, दमकल सेवाओं, सुरक्षा बलों, मजिस्ट्रेटों और ड्यूटी पर तैनात सरकारी कर्मचारियों को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है। आदेश का उल्लंघन करने वालों पर भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 के तहत कानूनी कार्रवाई और सजा का प्रावधान किया गया है, जिसके संबंध में हाईलैंड पोस्ट की एक रिपोर्ट में भी जानकारी दी गई है। इसका आप पर असर मेघालय के दक्षिण गारो हिल्स में नेशनल हाईवे-62 के निर्माण में देरी और उसके बाद लगाए गए प्रतिबंधों का सीधा असर स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों और आपातकालीन सेवाओं पर पड़ेगा। • भारत में: देश के दूरदराज के सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी सड़क बुनियादी ढांचे और विकास परियोजनाओं की गति का मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बनता है। इससे केंद्र और राज्य स्तर पर सड़क परियोजनाओं की निगरानी प्रक्रिया पर भी असर पड़ता है। • दक्षिण गारो हिल्स में: स्थानीय निवासियों और व्यापारियों को खराब सड़क स्थिति के कारण दैनिक आवागमन और माल ढुलाई में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन द्वारा प्रदर्शनों पर रोक लगाने से स्थानीय स्तर पर असंतोष और बढ़ने की संभावना है। • आपातकालीन सेवाएं: सड़क मार्ग बाधित होने या निर्माण कार्य में देरी से एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन वाहनों की समय पर आवाजाही प्रभावित होती है। इससे मरीजों को समय पर इलाज मिलने में गंभीर बाधा आती है। • व्यापार और अर्थव्यवस्था: बाघमारा और आसपास के क्षेत्रों में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति और स्थानीय व्यापार सीधे तौर पर इस सड़क मार्ग पर निर्भर करते हैं। सड़क चालू न होने से व्यापारिक गतिविधियों को वित्तीय नुकसान उठाना पड़ रहा है। • प्रशासनिक प्रतिबंध: धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू होने से नागरिकों के शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने के अधिकार पर रोक लग गई है। आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों को भारतीय न्याय संहिता के तहत कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। ऐसा क्यों हुआ दक्षिण गारो हिल्स में नेशनल हाईवे-62 के निर्माण में देरी और उसके बाद प्रशासन द्वारा विरोध प्रदर्शनों पर प्रतिबंध लगाए जाने के पीछे कई प्रशासनिक और लॉजिस्टिक कारण जिम्मेदार हैं। इन परिस्थितियों के कारण स्थानीय नागरिकों और प्रशासन के बीच तनाव की स्थिति पैदा हुई है। • निर्माण कार्य में देरी: डालू से बाघमारा तक के हिस्से पर लंबे समय से भौतिक निर्माण शुरू नहीं होने के कारण स्थानीय संगठनों और नागरिकों में लगातार असंतोष बढ़ रहा था। अधिकारियों की ओर से पूर्व में कोई ठोस प्रतिक्रिया न मिलने से जनता का गुस्सा फूट पड़ा। • पूर्व में किए गए प्रयास: नागरिकों और गैर-सरकारी संगठनों ने इससे पहले कई बार ज्ञापन सौंपने, रैलियां निकालने और रात्रि नाकाबंदी जैसे कदम उठाए थे। इसके बावजूद जब कोई समाधान नहीं निकला तो उन्होंने 28 अक्टूबर से बड़े आंदोलन की घोषणा की। • सुरक्षा और व्यवस्था की चिंता: प्रशासन द्वारा विरोध प्रदर्शनों पर प्रतिबंध लगाने का मुख्य कारण क्षेत्र की सार्वजनिक शांति और सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखना था। प्रशासन का मानना था कि हाईवे पर किसी भी तरह के चक्का जाम से आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति गंभीर रूप से बाधित हो सकती है। • कानूनी प्रावधानों का इस्तेमाल: स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू की। इसका उद्देश्य आपातकालीन वाहनों और सरकारी कामकाज में किसी भी प्रकार की बाधा को रोकना था। सवाल-जवाब 1. नेशनल हाईवे-62 के किस हिस्से पर निर्माण कार्य रुका हुआ है? नेशनल हाईवे-62 के डालू से बाघमारा हिस्से पर निर्माण कार्य रुका हुआ है। 2. किस संगठन ने सड़क निर्माण में देरी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की घोषणा की थी? फेडरेशन ऑफ खासी जयंतिया एंड गारो पीपल (FKJGP) गारो हिल्स जोन ने 28 अक्टूबर से विरोध प्रदर्शन की घोषणा की थी। 3. प्रशासन ने किस कानूनी धारा के तहत प्रदर्शन पर रोक लगाई है? प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू की है। 4. निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने पर किस कानून के तहत सजा का प्रावधान है? आदेश का उल्लंघन करने वालों पर भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 के तहत कार्रवाई की जाएगी। 5. इस आदेश से किन सेवाओं को छूट दी गई है? एंबुलेंस, दमकल सेवाओं, सुरक्षा बलों, मजिस्ट्रेटों और ड्यूटी पर तैनात सरकारी कर्मचारियों को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है। https://trendkia.com/meghalaya/meghalaya-ke-south-garo-hills-mein-national-highway-62-ke-nirman-mein-deri-53077 TrendKia — Har trend, sabse pehle.