मेघालय में श्री सीमेंट की जनसुनवाई पर विवाद, केएसयू ने एसपी और डीसी समेत कई अधिकारियों पर दर्ज कराई एफआईआर खासी स्टूडेंट्स यूनियन (केएसयू) ने ईस्ट जयंतिया हिल्स में श्री सीमेंट लिमिटेड की विस्तार परियोजना के लिए हुई जनसुनवाई के दौरान कथित तौर पर जनता को रोकने, बल प्रयोग करने और नियमों की अनदेखी के मामले में जिला प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ अपराध शाखा में एफआईआर दर्ज कराई है। खासी स्टूडेंट्स यूनियन (केएसयू) की ईस्ट जयंतिया हिल्स जिला इकाई ने लूम सिरमैन में श्री सीमेंट लिमिटेड की परियोजना के विस्तार और संचालन से जुड़ी पर्यावरण जनसुनवाई के सिलसिले में बड़ा कदम उठाया है। संगठन ने अपराध शाखा में एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराते हुए जिला प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों और मेघालय राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एमएसपीसीबी) के नुमाइंदों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इस शिकायत में मुख्य रूप से जनभागीदारी दबाने, प्रक्रियागत अनियमितताओं और अत्यधिक बल के इस्तेमाल का दावा किया गया है। किन अधिकारियों और लोगों के नाम हैं शिकायत में दाखिल की गई एफआईआर में ईस्ट जयंतिया हिल्स के पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र बामानिया, उपायुक्त मनीष कुमार, एमएसपीसीबी के पर्यावरण अभियंता फ्रेंकी लालो और एमएसपीसीबी के सदस्य सचिव जी.एच. चीरमंग के नाम शामिल हैं। इसके अलावा, संगठन नेएलाका नोंग्खलिएह के डोलसोई ना उ आई जिंकीयुरमेन सुखलैं, सरपई सुखलैं, फें¨सग बारेह तथा मूलसंगई औरतोंगसंग के स्थानीय निवासियों को भी नामित किया है। केएसयू का आरोप है कि इन लोगों ने श्री सीमेंट से जुड़े हितों को साधने में मदद की और स्थानीय भूस्वामियों को जनसुनवाई में हिस्सा लेने से रोका। यातायात रोकने और आंसू गैस के इस्तेमाल के आरोप शिकायत के मुताबिक, 30 जुलाई की शाम से ही उम्पलेंग सीमेंट मार्केट के आसपास भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। केएसयू का दावा है कि सुरक्षाकर्मियों ने प्रभावित भूमि मालिकों और स्थानीय नागरिकों को जनसुनवाई स्थल की तरफ बढ़ने से रोका और नागरिक बाजार क्षेत्र में आंसू गैस के गोले छोड़े। इस कार्रवाई की चपेट में आने से एक महिला और एक बच्चे के प्रभावित होने की बात कही गई है, जिसे संगठन ने अनुचित और अत्यधिक बल प्रयोग करार दिया है। सड़क खोदने और पथराव के बीच रुकावटें घटनाक्रम का जिक्र करते हुए शिकायत में बताया गया कि 31 जुलाई की सुबह लगभग 5 बजे लूम सिरमैन की ओर जा रहे लोगों को लाड टोंगसेंग के पास रोक दिया गया था। आरोप है कि टोंगसेंग और मूलसंगई के कुछ लोगों ने एक ऊंची जगह से वहां पहुंचने की कोशिश कर रहे लोगों पर पथराव किया। संगठन का यह भी कहना है कि मौके पर मौजूद पुलिस बल ने न तो इस बाधा को हटाया और न ही जनसुनवाई स्थल तक पहुंचने की जिद कर रहे नागरिकों की पर्याप्त सुरक्षा सुनिश्चित की। इसके साथ ही, जनसुनवाई से ठीक पहले एक संपर्क सड़क को भारी मशीनों से लगभग सात फीट की गहराई तक खोद दिए जाने का भी गंभीर आरोप लगाया गया है। भ्रष्टाचार और वैधानिकता पर सवाल केएसयू ने इस पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा है कि इस तरह के माहौल में हुई जनसुनवाई कानून की नजर में शून्य है। संगठन ने आशंका जताई है कि इस मामले में किसी तरह के वित्तीय लेनदेन या अनुचित प्रभाव से इंकार नहीं किया जा सकता है और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत इसकी जांच होनी चाहिए। साथ ही, भारतीय न्याय संहिता और पर्यावरण कानूनों के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत मामला दर्ज करने की मांग की गई है ताकि क्षेत्र के निवासियों के अधिकारों और आजीविका की रक्षा की जा सके। इसका आप पर असर श्री सीमेंट की जनसुनवाई और उसके बाद दर्ज हुई एफआईआर का असर स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक पारदर्शिता, सुरक्षा प्रबंधों और औद्योगिक परियोजनाओं के प्रति जवाबदेही पर सीधा पड़ेगा। • भारत में: देश भर में औद्योगिक परियोजनाओं के दौरान होने वाली पर्यावरण जनसुनवाई और स्थानीय नागरिकों की भागीदारी के कानूनी पहलुओं पर इसका गहरा असर पड़ सकता है। इससे यह तय होगा कि विकास कार्यों के बीच स्थानीय अधिकारों की रक्षा कैसे की जाए। • ईस्ट जयंतिया हिल्स में: मेघालय के इस जिले में स्थानीय निवासियों, भूमि मालिकों और जिला प्रशासन के बीच तनाव बढ़ सकता है। आने वाले समय में यहां किसी भी नई औद्योगिक गतिविधि या सार्वजनिक परामर्श से पहले सुरक्षा और प्रशासनिक नियमों की कड़ी समीक्षा की जाएगी। ऐसा क्यों हुआ यह विवाद 31 जुलाई को लूम सिरमैन में श्री सीमेंट लिमिटेड की विस्तार परियोजना के लिए आयोजित पर्यावरण जनसुनवाई के दौरान हुए भारी गतिरोध और झड़पों के कारण पैदा हुआ है। • प्रत्यक्ष कारण: स्थानीय निवासियों और भूस्वामियों को जनसुनवाई स्थल तक पहुंचने से रोकने के लिए पुलिस कार्रवाई, आंसू गैस का इस्तेमाल और सड़कों की सात फीट गहरी खुदाई को मुख्य वजह बताया गया है। • प्रक्रियागत नाराजगी: केएसयू का यह आरोप कि जनसुनवाई के दौरान मूल हितधारकों को जानबूझकर दूर रखा गया और अधिकारियों ने इस धांधली को रोकने के बजाय इसे जारी रहने दिया, इस कानूनी कदम की बड़ी वजह बना। • आपसी संघर्ष: लाड टोंगसेंग के पास स्थानीय लोगों के बीच हुए पथराव और पुलिस द्वारा स्थिति को नियंत्रित करने में विफलता ने स्थिति को और गंभीर बना दिया। सवाल-जवाब 1. केएसयू ने किसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है? खासी स्टूडेंट्स यूनियन ने ईस्ट जयंतिया हिल्स के एसपी शैलेन्द्र बामानिया, डीसी मनीष कुमार और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। 2. यह विवाद किस परियोजना से जुड़ा है? यह विवाद लूम सिरमैन में श्री सीमेंट लिमिटेड के विस्तार और संचालन से जुड़ी पर्यावरण जनसुनवाई से संबंधित है। 3. केएसयू ने जनसुनवाई के दौरान क्या मुख्य आरोप लगाए हैं? संगठन ने लोक भागीदारी दबाने, अत्यधिक बल और आंसू गैस का प्रयोग करने तथा भूस्वामियों को बैठक में भाग लेने से रोकने का आरोप लगाया है। 4. सड़क से जुड़ा क्या विवाद सामने आया है? शिकायत में कहा गया है कि जनसुनवाई स्थल तक जाने वाले संपर्क मार्ग को भारी मशीनों से लगभग सात फीट गहरा खोद दिया गया था। 5. इस मामले में किन कानूनों के तहत कार्रवाई की मांग की गई है? संगठन ने भारतीय न्याय संहिता, सार्वजनिक संपत्ति के विनाश से जुड़े कानूनों और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत जांच व कार्रवाई की मांग की है। https://trendkia.com/meghalaya/meghalaya-ksu-files-fir-against-sp-dc-and-pollution-board-officials-over-shree-cement-public-hearing-29545 TrendKia — Har trend, sabse pehle.