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  "type": "article",
  "title": "मेघालय में बीमारी से पहले ही कराएं एमएचआईएस-पीएमजेएवाई का पंजीकरण, स्वास्थ्य मंत्री वायलादमिकी शायल्ला ने दी सलाह",
  "summary": "मेघालय के स्वास्थ्य मंत्री वायलादमिकी शायल्ला ने नागरिकों से अपील की है कि वे अस्पताल में भर्ती होने की नौबत आने से पहले स्वास्थ्य बीमा योजना में पंजीकरण कराएं और आधार कार्ड अवश्य लिंक करें।",
  "content": "मेघालय के स्वास्थ्य मंत्री वायलादमिकी शायल्ला ने राज्य के नागरिकों से स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर पहले से सतर्क रहने का आह्वान किया है। उन्होंने जनता को सलाह दी है कि किसी भी प्रकार की बीमारी या आपातकालीन चिकित्सा स्थिति का इंतजार किए बिना मेघालय स्वास्थ्य बीमा योजना और आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एमएचआईएस-पीएमजेएवाई) के अंतर्गत समय रहते अपना पंजीकरण अवश्य करा लें। समय पूर्व नामांकन कराने से जरूरत पड़ने पर इलाज की प्रक्रिया में अनावश्यक बाधाओं का सामना नहीं करना पड़ता है।\n\nसमय रहते पंजीकरण और आधार लिंकिंग पर विशेष जोर\nमिहमिंतडू स्थित मिहमिंतडू लंपिरदी कम्युनिटी हॉल में आयोजित एक विशेष जागरूकता और संवाद सत्र के दौरान स्वास्थ्य मंत्री लोगों को संबोधित कर रहे थे। इस कार्यक्रम का आयोजन जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, वेस्ट जयंतिया हिल्स द्वारा किया गया था। इस मौके पर उन्होंने कहा कि नागरिकों को औपचारिक पंजीकरण प्रक्रिया पहले ही पूरी कर लेनी चाहिए, ताकि अस्पताल पहुंचने पर कागजी औपचारिकताओं में समय न गंवाना पड़े।\n\nस्वास्थ्य मंत्री ने योजना के सुचारू लाभ के लिए आधार कार्ड को बीमा रिकॉर्ड से जोड़ने की अनिवार्यता को भी रेखांकित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि आधार लिंक होने से सत्यापन कार्य तेज गति से होता है और लाभार्थियों को बिना किसी अड़चन के कैशलेस उपचार की सुविधा मिल पाती है। इसके साथ ही उन्होंने समाज के जागरूक लोगों से अपील की कि वे अपने आसपास के नागरिकों और परिजनों को इस योजना की जानकारी दें, जिससे अधिक से अधिक परिवार स्वास्थ्य सुरक्षा के दायरे में आ सकें।\n\nस्वास्थ्य अधिकारियों की उपस्थिति और लाभार्थियों से संवाद\nकार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने सीधे तौर पर उपस्थित लाभार्थियों से बातचीत की और उनकी व्यावहारिक समस्याओं व सवालों का समाधान किया। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने भी लोगों की शंकाओं का निवारण किया। एमएचआईएस-पीएमजेएवाई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बी. वारजरी ने योजना के महत्वपूर्ण पहलुओं और इसके तहत मिलने वाली वित्तीय सहायता की विस्तृत जानकारी साझा की।\n\nइस सत्र में लाभार्थियों ने अपने अनुभव भी साझा किए, जबकि स्टेट नोडल एजेंसी द्वारा एक दृश्य-श्रव्य प्रस्तुति दी गई। इस अवसर पर जरैन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर आधारित एक लघु वृत्तचित्र दिखाया गया। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. एफ. लामिन ने जमीन पर योजना के कार्यान्वयन और मरीजों को दी जा रही चिकित्सीय सेवाओं के अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम में वेस्ट जयंतिया हिल्स के डीएमएचओ डॉ. पी. शायल्ला, ईस्ट जयंतिया हिल्स के डीएमएचओ डॉ. एम. सिंकॉन, जोवाई के सहायक आयुक्त एलबीआर मारक, राज्य एवं जिला टीमों के अधिकारी और स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर मौजूद रहे।\n\nइसका आप पर असर\nमेघालय स्वास्थ्य बीमा योजना और आयुष्मान भारत के तहत समय पर पंजीकरण कराने से नागरिकों को आपातकालीन स्थिति में तुरंत कैशलेस चिकित्सा सुविधा मिल सकती है।\n\n• भारत में: केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना के तहत नामांकित परिवारों को देश भर के सूचीबद्ध अस्पतालों में माध्यमिक और तृतीयक देखभाल के लिए प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का कैशलेस कवर मिलता है। लाभार्थी अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर पर जाकर या ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से पात्रता जांच सकते हैं।\n• मेघालय में: राज्य के निवासियों को बीमारी की आपात स्थिति से पहले ही एमएचआईएस-पीएमजेएवाई में नामांकन कराकर अपना आधार विवरण जोड़ना होगा। समय पर औपचारिकताएं पूरी करने पर स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और जिला अस्पतालों में भर्ती के दौरान किसी अतिरिक्त वित्तीय बोझ का सामना नहीं करना पड़ेगा।\n• परिवारों के लिए: अस्पताल में भर्ती होने के समय कागजी कार्रवाई में लगने वाले समय की बचत होगी। मरीज के परिजनों को इलाज के दौरान तुरंत बीमा क्लेम की मंजूरी मिल सकेगी।\n• दस्तावेज़ीकरण के लिए: आधार कार्ड का विवरण अपडेट रखना अनिवार्य है ताकि बायोमेट्रिक या ओटीपी सत्यापन में अड़चन न आए। गलत जानकारी होने पर नजदीकी आधार सेवा केंद्र पर जाकर तुरंत सुधार करवाएं।\n\nऐसा क्यों हुआ\nयह जागरूकता अभियान इसलिए चलाया गया क्योंकि कई नागरिक अक्सर बीमार पड़ने के बाद ही अस्पताल में बीमा पंजीकरण कराने का प्रयास करते हैं, जिससे इलाज में अनावश्यक देरी होती है। इसके अलावा आधार विवरण लिंक न होने के कारण सत्यापन में तकनीकी अड़चनें आ रही थीं।\n\n• देरी से पंजीकरण की समस्या: बहुत से नागरिक पहले से बीमा कार्ड नहीं बनवाते और आपातकाल आने पर ही पंजीकरण के लिए दौड़ते हैं। अस्पताल में भर्ती होने के समय इस औपचारिकता को पूरा करने से इलाज शुरू होने में कठिनाई हो सकती है।\n• पहचान सत्यापन की अनिवार्यता: योजना के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए आधार लिंकिंग को अनिवार्य किया गया है। आधार रिकॉर्ड सही न होने पर प्रणाली में लाभार्थी की पहचान सत्यापित करने में बाधा आती है।\n• सामुदायिक स्तर पर जागरूकता की कमी: ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में योजना के पूर्ण लाभों की जानकारी सभी परिवारों तक नहीं पहुंच पाई है। इसी अंतर को पाटने के लिए स्वास्थ्य विभाग जिला स्तर पर संवाद सत्र आयोजित कर रहा है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. स्वास्थ्य मंत्री वायलादमिकी शायल्ला ने नागरिकों को क्या सलाह दी है?\nउन्होंने लोगों से अपील की है कि वे बीमार पड़ने का इंतजार किए बिना एमएचआईएस-पीएमजेएवाई में पहले से पंजीकरण कराएं और आधार लिंक सुनिश्चित करें।\n\n2. यह जागरूकता कार्यक्रम कहां आयोजित किया गया था?\nयह कार्यक्रम वेस्ट जयंतिया हिल्स के मिहमिंतडू स्थित मिहमिंतडू लंपिरदी कम्युनिटी हॉल में आयोजित किया गया था।\n\n3. एमएचआईएस-पीएमजेएवाई का लाभ उठाने के लिए आधार लिंकिंग क्यों जरूरी है?\nआधार लिंक होने से अस्पताल में सत्यापन त्वरित गति से होता है और बिना किसी रुकावट के कैशलेस स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलता है।\n\n4. इस कार्यक्रम में किस प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर आधारित वृत्तचित्र दिखाया गया?\nसत्र के दौरान जरैन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर आधारित एक वृत्तचित्र दिखाया गया, जहां प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. एफ. लामिन ने अपने अनुभव साझा किए।",
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  "category": "मेघालय",
  "publishedAt": "2026-09-21",
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