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  "type": "article",
  "title": "मेघालय में ड्रग्स की लत रोकने के लिए शुरू हुआ ड्रीम यंग अभियान",
  "summary": "मेघालय सरकार के ड्रीम मिशन ने युवाओं को नशे से दूर रखने और उन्हें रोजगार से जोड़ने के लिए 'ड्रीम यंग' पहल की शुरुआत की है।",
  "content": "मेघालय सरकार के ड्रीम मिशन ने एक नई पहल की शुरुआत की है जिसका मुख्य उद्देश्य कमजोर और संवेदनशील युवाओं को मादक पदार्थों की लत से बचाना है। इसके लिए युवाओं को व्यावसायिक प्रशिक्षण और रोजगार के अवसरों से जोड़ा जा रहा है। पारंपरिक नशा मुक्ति अभियानों से आगे बढ़कर यह कार्यक्रम स्कूल बीच में छोड़ने वाले बच्चों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के युवाओं को व्यावहारिक अवसर उपलब्ध कराने पर जोर देता है।\n\nइस पहल का नाम 'ड्रीम यंग' रखा गया है। कार्यक्रम के पहले चरण के तहत मिशन ने सेंग क्यंथेई कथोलिक ज़ोन 2 के साथ साझेदारी की और कुल 69 युवाओं की पहचान की। इन सभी युवाओं को अप्रैल 2026 में एक स्किल सेंटर ले जाया गया ताकि वे विभिन्न व्यावसायिक प्रशिक्षण विकल्पों से रूबरू हो सकें।\n\nआईटीआई शिलोंग, डॉन बॉस्को टेक्निकल स्कूल और डॉन बॉस्को यूथ सेंटर की ओर से लगातार काउंसलिंग और सहायता मिलने के बाद इनमें से 22 युवाओं ने विभिन्न ट्रेडों में दाखिला ले लिया है।\n\nड्रीम मिशन के अनुसार यह कार्यक्रम प्रिवेंशन विद एक्शन के दृष्टिकोण पर आधारित है। इसका मकसद युवाओं को नशे की लत के विकल्प के रूप में कौशल, रोजगार और एक सुरक्षित भविष्य तक पहुंच प्रदान करना है। यह कार्यक्रम मेघालय स्टेट स्किल डेवलपमेंट सोसाइटी और अन्य व्यावसायिक प्रशिक्षण संस्थानों के सहयोग से चलाया जा रहा है।\n\nराज्य भर में इस अभियान का विस्तार करने के लिए मिशन ने सभी डिप्टी कमिश्नरों को पत्र लिखा है। इसमें उनसे अपने-अपने जिलों में इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट की समीक्षा करने और उन्हें मजबूत बनाने का अनुरोध किया गया है।\n\nकार्यक्रम का अगला चरण मंगलवार, 1 सितंबर को शुरू होने वाला है। इस दौरान आईटीआई शिलोंग में सुबह 10 बजे नए प्रतिभागियों के लिए काउंसलिंग सत्र और आगे के दाखिले की प्रक्रिया आयोजित की जाएगी।\n\nइसका आप पर असर\nयह पहल मेघालय के युवाओं और उनके परिवारों को सीधे तौर पर प्रभावित करती है, खासकर उन लोगों को जो आर्थिक तंगी या पढ़ाई छोड़ने की समस्या से जूझ रहे हैं।\n\n• भारत में: देश भर के राज्यों के लिए यह एक मॉडल बन सकता है कि किस तरह प्रशासनिक स्तर पर कौशल विकास के जरिए सामाजिक समस्याओं से निपटा जा सकता है।\n• मेघालय में: राज्य के स्कूल छोड़ने वाले और जरूरतमंद युवाओं को मुफ्त या समर्थित व्यावसायिक प्रशिक्षण मिलेगा, जिससे उनके लिए रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे और वे नशे की लत से दूर रह सकेंगे।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. ड्रीम यंग पहल की शुरुआत किसने की है?\nमेघालय सरकार के ड्रीम मिशन ने ड्रीम यंग पहल की शुरुआत की है।\n\n2. इस पहल का मुख्य उद्देश्य क्या है?\nइसका मुख्य उद्देश्य कमजोर युवाओं को मादक पदार्थों की लत से बचाना और उन्हें व्यावसायिक प्रशिक्षण तथा रोजगार के अवसर देना है।\n\n3. कार्यक्रम के पहले चरण में कितने युवाओं की पहचान की गई थी?\nपहले चरण के तहत 69 युवाओं की पहचान की गई थी।\n\n4. कितने युवाओं ने अब तक विभिन्न ट्रेडों में दाखिला लिया है?\nकाउंसलिंग और सहायता के बाद इनमें से 22 युवाओं ने विभिन्न ट्रेडों में दाखिला ले लिया है।\n\n5. कार्यक्रम का अगला चरण कब शुरू होगा?\nकार्यक्रम का अगला चरण मंगलवार, 1 सितंबर को आईटीआई शिलोंग में शुरू होगा।",
  "url": "https://trendkia.com/meghalaya/meghalaya-men-dragsa-ki-lata-rokane-ke-lie-shuru-hua-dream-young-abhiyana-25819",
  "category": "मेघालय",
  "publishedAt": "2026-09-01",
  "tags": [
    "मेघालय",
    "ड्रग्स",
    "युवा",
    "कौशल विकास",
    "रोजगार",
    "शिलोंग"
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  "language": "hi",
  "site": "TrendKia"
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