# मेघालय में ड्रग्स की लत रोकने के लिए शुरू हुआ ड्रीम यंग अभियान

> मेघालय सरकार के ड्रीम मिशन ने युवाओं को नशे से दूर रखने और उन्हें रोजगार से जोड़ने के लिए 'ड्रीम यंग' पहल की शुरुआत की है।

**Type:** article · **Category:** मेघालय · **Published:** 2026-09-01 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/meghalaya/meghalaya-men-dragsa-ki-lata-rokane-ke-lie-shuru-hua-dream-young-abhiyana-25819 · **Language:** Hindi
**Tags:** मेघालय, ड्रग्स, युवा, कौशल विकास, रोजगार, शिलोंग

मेघालय सरकार के ड्रीम मिशन ने एक नई पहल की शुरुआत की है जिसका मुख्य उद्देश्य कमजोर और संवेदनशील युवाओं को मादक पदार्थों की लत से बचाना है। इसके लिए युवाओं को व्यावसायिक प्रशिक्षण और रोजगार के अवसरों से जोड़ा जा रहा है। पारंपरिक नशा मुक्ति अभियानों से आगे बढ़कर यह कार्यक्रम स्कूल बीच में छोड़ने वाले बच्चों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के युवाओं को व्यावहारिक अवसर उपलब्ध कराने पर जोर देता है।

इस पहल का नाम 'ड्रीम यंग' रखा गया है। कार्यक्रम के पहले चरण के तहत मिशन ने सेंग क्यंथेई कथोलिक ज़ोन 2 के साथ साझेदारी की और कुल 69 युवाओं की पहचान की। इन सभी युवाओं को अप्रैल 2026 में एक स्किल सेंटर ले जाया गया ताकि वे विभिन्न व्यावसायिक प्रशिक्षण विकल्पों से रूबरू हो सकें।

आईटीआई शिलोंग, डॉन बॉस्को टेक्निकल स्कूल और डॉन बॉस्को यूथ सेंटर की ओर से लगातार काउंसलिंग और सहायता मिलने के बाद इनमें से 22 युवाओं ने विभिन्न ट्रेडों में दाखिला ले लिया है।

ड्रीम मिशन के अनुसार यह कार्यक्रम प्रिवेंशन विद एक्शन के दृष्टिकोण पर आधारित है। इसका मकसद युवाओं को नशे की लत के विकल्प के रूप में कौशल, रोजगार और एक सुरक्षित भविष्य तक पहुंच प्रदान करना है। यह कार्यक्रम मेघालय स्टेट स्किल डेवलपमेंट सोसाइटी और अन्य व्यावसायिक प्रशिक्षण संस्थानों के सहयोग से चलाया जा रहा है।

राज्य भर में इस अभियान का विस्तार करने के लिए मिशन ने सभी डिप्टी कमिश्नरों को पत्र लिखा है। इसमें उनसे अपने-अपने जिलों में इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट की समीक्षा करने और उन्हें मजबूत बनाने का अनुरोध किया गया है।

कार्यक्रम का अगला चरण मंगलवार, 1 सितंबर को शुरू होने वाला है। इस दौरान आईटीआई शिलोंग में सुबह 10 बजे नए प्रतिभागियों के लिए काउंसलिंग सत्र और आगे के दाखिले की प्रक्रिया आयोजित की जाएगी।

## इसका आप पर असर
यह पहल मेघालय के युवाओं और उनके परिवारों को सीधे तौर पर प्रभावित करती है, खासकर उन लोगों को जो आर्थिक तंगी या पढ़ाई छोड़ने की समस्या से जूझ रहे हैं।

- **भारत में:** देश भर के राज्यों के लिए यह एक मॉडल बन सकता है कि किस तरह प्रशासनिक स्तर पर कौशल विकास के जरिए सामाजिक समस्याओं से निपटा जा सकता है।
- **मेघालय में:** राज्य के स्कूल छोड़ने वाले और जरूरतमंद युवाओं को मुफ्त या समर्थित व्यावसायिक प्रशिक्षण मिलेगा, जिससे उनके लिए रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे और वे नशे की लत से दूर रह सकेंगे।

## सवाल-जवाब

### 1. ड्रीम यंग पहल की शुरुआत किसने की है?
मेघालय सरकार के ड्रीम मिशन ने ड्रीम यंग पहल की शुरुआत की है।

### 2. इस पहल का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य कमजोर युवाओं को मादक पदार्थों की लत से बचाना और उन्हें व्यावसायिक प्रशिक्षण तथा रोजगार के अवसर देना है।

### 3. कार्यक्रम के पहले चरण में कितने युवाओं की पहचान की गई थी?
पहले चरण के तहत 69 युवाओं की पहचान की गई थी।

### 4. कितने युवाओं ने अब तक विभिन्न ट्रेडों में दाखिला लिया है?
काउंसलिंग और सहायता के बाद इनमें से 22 युवाओं ने विभिन्न ट्रेडों में दाखिला ले लिया है।

### 5. कार्यक्रम का अगला चरण कब शुरू होगा?
कार्यक्रम का अगला चरण मंगलवार, 1 सितंबर को आईटीआई शिलोंग में शुरू होगा।

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