# मेघालय में मतदाता सूची संशोधन के बाद 1,510 लोग अपात्र पाए गए, अंतिम सूची 26 अक्टूबर को होगी जारी

> मेघालय में विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया के तहत दस्तावेजों की कमी के कारण 1,510 मतदाताओं को अंतिम सूची के लिए अपात्र घोषित किया गया है, जबकि लगभग 20 लाख मतदाताओं के नाम मंजूर हो चुके हैं।

**Type:** article · **Category:** मेघालय · **Published:** 2026-10-07 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/meghalaya/meghalaya-men-matadata-suchi-snshodhana-ke-bada-1-510-loga-apatra-pae-gae-antima-suchi-26-aktubara-ko-hogi-jari-44365 · **Language:** Hindi
**Tags:** मेघालय, मतदाता सूची, चुनाव आयोग, बीडीआर तिवारी, विशेष पुनरीक्षण, मतदाता पहचान पत्र, शिलांग

मेघालय में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया के दौरान हुई सुनवाई के बाद 1,510 मतदाताओं को अंतिम सूची में शामिल किए जाने के योग्य नहीं पाया गया है। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी बीडीआर तिवारी ने स्पष्ट किया है कि जिन 1,510 मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं, उनके द्वारा जमा किए गए दस्तावेज अधूरे थे या नियमों के अनुकूल नहीं पाए गए। इसके विपरीत, आगामी 26 अक्टूबर को प्रकाशित होने वाली अंतिम मतदाता सूची के लिए लगभग 20 लाख मतदाताओं के नामों को मंजूरी दे दी गई है।

## प्रारूप सूची और जारी किए गए नोटिसों के आंकड़े
संशोधन प्रक्रिया की शुरुआत में जारी की गई प्रारूप मतदाता सूची में कुल 21,69,243 मतदाताओं के नाम दर्ज थे। विस्तृत जांच और सत्यापन के दौरान इनमें से 6,51,735 मतदाताओं के लिए आधिकारिक नोटिस जारी किए गए। चुनाव मशीनरी ने तेजी दिखाते हुए इनमें से 6,51,391 नोटिस मतदाताओं तक सफलतापूर्वक पहुंचा दिए हैं। इसके साथ ही 6,13,512 मामलों में व्यक्तिगत सुनवाई का काम भी पूरा कर लिया गया है, जो कुल जारी किए गए नोटिसों का 94.14 प्रतिशत बैठता है। अब तक सामने आए आंकड़ों के अनुसार कुल 19,96,297 मतदाताओं को अंतिम मतदाता सूची में शामिल करने के लिए चिह्नित किया जा चुका है।

## मैपिंग गड़बड़ियों और श्रेणियों का विवरण
विशेष पुनरीक्षण अभियान के दौरान जारी किए गए कुल नोटिसों में से 2,22,786 नोटिस उन मतदाताओं को दिए गए थे जिन्हें नो मैपिंग श्रेणी में रखा गया था। वहीं दूसरी तरफ 4,28,949 मामले ऐसे थे जहां मतदाताओं के विवरण और रिकॉर्ड में तार्किक विसंगतियां या मैपिंग संबंधी अंतर पाया गया था। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने मंगलवार को एक वर्चुअल बैठक आयोजित करके जिलाधिकारियों, जिला निर्वाचन अधिकारियों, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों और अन्य चुनावी अधिकारियों के साथ पूरी प्रक्रिया की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुसार प्रत्येक पात्र मतदाता को अपनी बात रखने का पूरा अवसर मिले।

## घर-घर जाकर सत्यापन और सुनवाई के नए नियम
भारतीय निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाताओं की सुविधा के लिए लागू किए गए नियमों के तहत जिन मतदाताओं को मैपिंग न होने या तार्किक विसंगतियों के संबंध में नोटिस मिले हैं, उन्हें सामान्य तौर पर चुनाव दफ्तरों के चक्कर काटने की आवश्यकता नहीं होगी। ऐसे मतदाताओं की समस्याओं के समाधान के लिए बूथ लेवल अधिकारी सीधे उनके घर जाएंगे, जरूरी दस्तावेज एकत्रित करेंगे और फिर उन्हें निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के विचारार्थ ईसीआईनेट पोर्टल पर अपलोड करेंगे। चुनाव विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रत्यक्ष सुनवाई केवल असाधारण परिस्थितियों में ही की जाएगी, जिसका निर्णय निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी करेंगे। ऐसी असाधारण सुनवाई को भी प्राथमिकता के आधार पर ऑनलाइन माध्यम से आयोजित किया जाना चाहिए। यदि आवश्यक हो तो मतदाता अपनी जगह अपने परिवार के किसी बालिग सदस्य को सुनवाई में उपस्थित होने के लिए अधिकृत कर सकता है।

## नए आवेदनों की स्थिति और राजनीतिक दलों की भागीदारी
पुनरीक्षण अभियान के दौरान अब तक कुल 23,259 आवेदन प्राप्त कर डिजिटल किए जा चुके हैं। इनमें नए नाम जोड़ने के लिए फॉर्म 6 के 12,624 आवेदन, नाम हटाने के लिए फॉर्म 7 के 1,616 आवेदन, निवास स्थान बदलने के लिए फॉर्म 8 के 1,590 आवेदन और विवरण में सुधार कराने के लिए फॉर्म 8 के 7,429 आवेदन शामिल हैं। इसके साथ ही मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने राज्य और राष्ट्रीय स्तर के मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ भी बैठक की और उन्हें नोटिस, सुनवाई तथा मतदाता सुविधा उपायों की जानकारी दी। राजनीतिक दलों ने राज्य भर में कुल 1,814 बूथ लेवल एजेंट तैनात किए हैं। इनमें एनपीपी ने 736, भाजपा ने 393, वीपीपी ने 320, कांग्रेस ने 186, यूडीपी ने 121 और तृणमूल कांग्रेस ने 58 एजेंट नियुक्त किए हैं। निर्वाचन आयोग के संशोधित कार्यक्रम के अनुसार अंतिम मतदाता सूची 26 अक्टूबर को जारी होगी, जिसके लिए अधिकारियों को शेष कार्य समय पर पूरा करने को कहा गया है।

## इसका आप पर असर
मेघालय में चल रहे इस विशेष पुनरीक्षण अभियान से राज्य के मतदाताओं की सूची में मौजूद त्रुटियों का निपटारा हो रहा है और अंतिम सूची 26 अक्टूबर को सामने आएगी।

- **भारत में:** चुनाव आयोग द्वारा घर-घर जाकर सत्यापन करने और ऑनलाइन सुनवाई की यह व्यवस्था देश में डिजिटल चुनावी प्रक्रियाओं को आसान बनाने का एक उदाहरण है। अन्य राज्यों के मतदाताओं को भी भविष्य के पुनरीक्षण अभियानों में ऐसे सुविधाजनक नियमों का लाभ मिल सकता है।
- **मेघालय में:** राज्य के जिन मतदाताओं को नोटिस मिले थे, उन्हें चुनाव दफ्तर जाने के बजाय बीएलओ को घर पर ही दस्तावेज सौंपने की सुविधा दी गई है। जिन 1,510 लोगों के दस्तावेज अधूरे पाए गए हैं, उन्हें अंतिम सूची से बाहर रखा गया है, इसलिए 26 अक्टूबर को अंतिम सूची आने पर नागरिकों को अपना नाम अवश्य जांचना चाहिए।
- **राजनीतिक दलों के लिए:** विभिन्न दलों द्वारा नियुक्त 1,814 बूथ लेवल एजेंट अंतिम सूची के प्रकाशन तक सत्यापन प्रक्रिया पर नजर रख सकेंगे। इससे फर्जी या गलत प्रविष्टियों को रोकने और वास्तविक मतदाताओं के नाम सूची में बनाए रखने में मदद मिलेगी।
- **दस्तावेज सुधार कराने वालों के लिए:** फॉर्म 6, 7 और 8 के जरिए आवेदन करने वाले 23,259 लोगों के विवरण डिजिटल हो चुके हैं। इन सभी आवेदनों का निपटारा तय तारीख से पहले करके पात्र नागरिकों को वैध पहचान पत्र सुनिश्चित किए जाएंगे।

## ऐसा क्यों हुआ
मेघालय में मतदाता सूची को पूरी तरह त्रुटिरहित बनाने और अपात्र नामों को हटाने के लिए चुनाव आयोग के निर्देश पर विशेष गहन पुनरीक्षण आयोजित किया गया था। प्रारूप सूची में कई मतदाताओं के पते की मैपिंग न होने और आंकड़ों में विसंगतियां मिलने के कारण यह प्रक्रिया शुरू की गई।

- **दस्तावेजों में खामियां:** सुनवाई के दौरान 1,510 मतदाताओं द्वारा प्रस्तुत कागजात पर्याप्त नहीं थे और तय मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए। इस कारण चुनाव अधिकारियों ने उन्हें अंतिम मतदाता सूची में शामिल करने के लिए अपात्र घोषित कर दिया।
- **मैपिंग और तार्किक विसंगतियां:** प्रारूप सूची के 21,69,243 नामों की पड़ताल में 2,22,786 मतदाता बिना मैपिंग वाले पाए गए और 4,28,949 मामलों में जानकारी मेल नहीं खा रही थी। इसके चलते 6,51,735 मतदाताओं को सत्यापन के लिए नोटिस जारी करना पड़ा।
- **सुनवाई प्रक्रिया का समापन:** कुल जारी नोटिसों में से 94.14 प्रतिशत यानी 6,13,512 मामलों में सुनवाई पूरी हो चुकी है। इसी जांच के आधार पर लगभग 20 लाख पात्र मतदाताओं के नाम अंतिम सूची के लिए स्वीकृत किए गए हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. मेघालय में कितने मतदाताओं को अंतिम सूची के लिए अपात्र पाया गया है?
विशेष गहन पुनरीक्षण की सुनवाई के दौरान 1,510 मतदाताओं को आवश्यक दस्तावेज पूरे न होने के कारण अपात्र पाया गया है।

### 2. मेघालय की अंतिम मतदाता सूची कब प्रकाशित होगी?
निर्वाचन आयोग के संशोधित कार्यक्रम के अनुसार अंतिम मतदाता सूची 26 अक्टूबर को प्रकाशित की जाएगी।

### 3. अंतिम मतदाता सूची के लिए अब तक कितने मतदाताओं को मंजूरी मिली है?
अब तक कुल 19,96,297 मतदाताओं को अंतिम मतदाता सूची में शामिल करने के लिए चिह्नित किया गया है, जो लगभग 20 लाख की संख्या है।

### 4. क्या नोटिस मिलने वाले सभी मतदाताओं को चुनाव कार्यालय जाना जरूरी है?
नहीं, सामान्य तौर पर बूथ लेवल अधिकारी खुद घर जाकर दस्तावेज एकत्र करेंगे और केवल असाधारण मामलों में ही ऑनलाइन या प्रत्यक्ष सुनवाई होगी।

### 5. प्रारूप सूची में कुल कितने मतदाता दर्ज थे और कितने नोटिस दिए गए?
प्रारूप मतदाता सूची में 21,69,243 मतदाता थे और सत्यापन के लिए 6,51,735 नोटिस जारी किए गए थे।

### 6. संशोधन अभियान के दौरान कुल कितने नए आवेदन प्राप्त हुए हैं?
इस अभियान के दौरान विभिन्न फॉर्मों के तहत कुल 23,259 आवेदन प्राप्त कर डिजिटल किए गए हैं।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._