# मेघालय में मेडिकल सीट आवंटन पर विवाद: जयंतिया स्टूडेंट्स यूनियन ने लगाए धांधली के आरोप, अधिकारियों संग बैठक की मांग

> मेघालय में एमबीबीएस और मेडिकल सीटों के आवंटन में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए जयंतिया स्टूडेंट्स यूनियन ने स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संगठन ने मेरिट के उल्लंघन का दावा करते हुए सोमवार को अधिकारियों के साथ आपातकालीन बैठक मांगी है।

**Type:** article · **Category:** मेघालय · **Published:** 2026-09-12 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/meghalaya/meghalaya-men-medikala-sita-avntana-para-vivada-jaintia-students-union-ne-lagae-dhandhali-ke-aropa-adhikariyon-snga-baithaka-ki-ma-31523 · **Language:** Hindi
**Tags:** मेघालय मेडिकल सीट, जयंतिया स्टूडेंट्स यूनियन, एमबीबीएस एडमिशन, शिलांग, स्वास्थ्य विभाग, बोचेरू मि पोहस्नेम

मेघालय में हाल ही में जारी की गई मेडिकल कॉलेज सीट आवंटन सूची को लेकर भारी असंतोष देखने को मिल रहा है। जयंतिया स्टूडेंट्स यूनियन (जेएसयू) ने इस आवंटन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि इसमें मेधावी छात्रों के साथ अनदेखी की गई है। संगठन का दावा है कि प्रवेश परीक्षा में अधिक अंक प्राप्त करने वाले कई अभ्यर्थियों को उनकी पसंद के संस्थानों में दाखिला नहीं दिया गया, जबकि कम अंक वाले उम्मीदवारों को पसंदीदा मेडिकल सीटें आवंटित कर दी गईं। इस स्थिति के कारण राज्य भर के विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों में गहरा आक्रोश और निराशा व्याप्त है।

## वादों के बावजूद लागू नहीं हो सकी पारदर्शी प्रणाली
जयंतिया स्टूडेंट्स यूनियन के अनुसार, यह पूरी समस्या स्वास्थ्य विभाग द्वारा पिछले साल किए गए वादों को पूरा न करने के कारण पैदा हुई है। पिछले शैक्षणिक सत्र के दौरान प्रवेश प्रक्रिया के बाद हुई बातचीत में स्वास्थ्य अधिकारियों ने छात्र संगठनों को आश्वासन दिया था कि उन्हें इस प्रक्रिया में हितधारक बनाया जाएगा। इसके अलावा, मेडिकल सीटों के निष्पक्ष और पारदर्शी आवंटन के लिए एक विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करके सार्वजनिक करने की प्रतिबद्धता जताई गई थी। यूनियन ने छात्रों के हित में अपने सुझाव भी विभाग को सौंपे थे, लेकिन लगातार पत्राचार और बैठकों के बावजूद यह एसओपी लागू नहीं की गई।

## पुराने अनुभवों और ओपन कैटेगरी का मुद्दा
संगठन ने ध्यान दिलाया कि पिछले साल भी यूनियन को हस्तक्षेप करना पड़ा था, ताकि शीर्ष अंक प्राप्त करने वाले मेधावी उम्मीदवारों को ओपन कैटेगरी (खुली श्रेणी) में स्थानांतरित किया जा सके। उस समय स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ हुई बैठकों के बाद प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने का भरोसा दिया गया था। पिछले अक्टूबर में भी जेएसयू के प्रतिनिधियों और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक हुई थी, जिसका उद्देश्य प्रवेश प्रक्रिया में ऐसी विसंगतियों को दोबारा होने से रोकना था। इसके बावजूद, इस वर्ष की सूची में फिर से अनियमितताओं के आरोप सामने आ रहे हैं।

## सोमवार को आपात बैठक की मांग और हेल्पलाइन नंबर जारी
ताजा विवाद के बाद जेएसयू के शिक्षा सेल ने सोमवार को स्वास्थ्य विभाग के शीर्ष अधिकारियों के साथ एक तत्काल बैठक बुलाई है। यूनियन का कहना है कि वह बैठक के दौरान अनियमितताओं का विस्तृत विवरण मांगेगी और प्रभावित छात्रों के न्याय के लिए सुधारात्मक कदम उठाने की मांग करेगी। जयंतिया स्टूडेंट्स यूनियन (सेंट्रल बॉडी) के शिक्षा सचिव बोचेरू मि पोहस्नेम द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि जिन छात्रों या अभिभावकों को लगता है कि उनका सीट आवंटन उनके अंकों के अनुरूप नहीं है, वे अपनी शिकायतें यूनियन के पास दर्ज कराएं। संगठन ने इसके लिए दो हेल्पलाइन नंबर +91 7005527646 और +91 9856130842 जारी किए हैं, ताकि सोमवार की बैठक में इन मामलों को सीधे अधिकारियों के समक्ष उठाया जा सके।

## इसका आप पर असर
यह मामला मेडिकल उम्मीदवारों के लिए पारदर्शिता और मेरिट आधारित दाखिले को सुरक्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।

- **भारत में:** राज्य स्तरीय मेडिकल काउंसलिंग में पारदर्शिता की कमी से राष्ट्रीय स्तर पर छात्रों का विश्वास प्रभावित होता है। यह घटना भविष्य में सभी राज्यों में मेडिकल सीट आवंटन के लिए स्पष्ट एसओपी लागू करने की आवश्यकता को रेखांकित करती है।
- **मेघालय में:** जिन छात्रों को लगता है कि उनके अंकों के आधार पर सही कॉलेज नहीं मिला है, वे तुरंत जेएसयू हेल्पलाइन पर संपर्क कर सकते हैं। सोमवार को होने वाली बैठक के बाद अधिकारियों द्वारा आवंटन सूची में सुधारात्मक कदम उठाए जाने की संभावना है।

## ऐसा क्यों हुआ
मेघालय स्वास्थ्य विभाग द्वारा पूर्व में किए गए वादों के बावजूद पारदर्शी एसओपी लागू न किए जाने के कारण यह विवाद खड़ा हुआ है।

- **मानक प्रक्रिया की अनुपस्थिति:** पिछले साल के आश्वासनों के बाद भी राज्य स्वास्थ्य विभाग ने मेडिकल सीट आवंटन के लिए कोई लिखित एसओपी जारी नहीं की।
- **मेरिट का कथित उल्लंघन:** छात्रों का आरोप है कि उच्च अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों को दरकिनार कर कम अंक वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता वाले कॉलेज आवंटित किए गए।
- **छात्र संगठनों के सुझावों की अनदेखी:** जेएसयू द्वारा दिए गए लिखित प्रस्तावों और लगातार पत्राचार के बावजूद विभाग ने हितधारकों को प्रक्रिया में शामिल नहीं किया।

## सवाल-जवाब

### 1. जयंतिया स्टूडेंट्स यूनियन (जेएसयू) ने स्वास्थ्य विभाग पर क्या आरोप लगाए हैं?
यूनियन का आरोप है कि मेघालय मेडिकल कॉलेज seat allotment में मेरिट की अनदेखी की गई है, जहाँ अधिक अंक वाले छात्रों को सीटें नहीं मिलीं जबकि कम अंक वालों को आवंटित कर दी गईं।

### 2. छात्र और उनके अभिभावक अपनी शिकायत कहाँ दर्ज करवा सकते हैं?
प्रभावित अभ्यर्थी अपनी शिकायतें जेएसयू के शिक्षा सेल को हेल्पलाइन नंबर +91 7005527646 या +91 9856130842 पर दर्ज करा सकते हैं।

### 3. जेएसयू और स्वास्थ्य अधिकारियों के बीच अगला कदम क्या है?
जेएसयू शिक्षा सेल ने इन अनियमितताओं पर स्पष्टीकरण और सुधारात्मक कदमों की मांग को लेकर सोमवार को स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ एक तत्काल बैठक बुलाई है।

### 4. पिछली प्रवेश प्रक्रिया के दौरान क्या आश्वासन दिया गया था?
स्वास्थ्य विभाग ने छात्र संगठनों को आश्वासन दिया था कि उन्हें हितधारक बनाया जाएगा और सीट आवंटन के लिए एक पारदर्शी एसओपी (SOP) बनाई जाएगी।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._