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  "type": "article",
  "title": "मेघालय में प्रवासी श्रमिकों के फर्जी दस्तावेजों पर सख्ती, पकड़े जाने पर जेल और जुर्माने की चेतावनी",
  "summary": "मेघालय श्रम विभाग ने चेक गेटों पर नकली पंजीकरण प्रमाणपत्र दिखाने वालों को भारतीय न्याय संहिता के तहत कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। श्रमिकों का पंजीकरण न कराने वाले नियोक्ताओं पर भी भारी जुर्माना लगाया जाएगा।",
  "content": "मेघालय में काम करने आने वाले बाहरी कामगारों के लिए अनिवार्य कागजी कार्रवाई को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। राज्य के श्रम आयुक्त बंटेइलांग खारशंडी ने साफ किया है कि चेक गेटों पर फर्जी पंजीकरण प्रमाण पत्र या नकली पावती रसीदें पेश करने वालों के खिलाफ आपराधिक धाराओं के तहत कार्रवाई होगी। अवैध रूप से कागजात की नकल तैयार करना और उनका उपयोग करना भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 336 के तहत दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है।\n\nपंजीकरण के कानूनी नियम और नियोक्ताओं की जवाबदेही\nमेघालय आइडेंटिफिकेशन, रजिस्ट्रेशन ऑफ माइग्रेंट वर्कर्स एक्ट एंड रूल्स 2020 के कानूनी प्रावधानों के तहत राज्य में कदम रखने वाले प्रत्येक प्रवासी मजदूर के लिए पंजीकरण कराना और अपना अलग पंजीकरण कार्ड हासिल करना अनिवार्य है। श्रम आयुक्त ने ठेकेदारों, कंपनियों और स्थानीय नियोक्ताओं को चेताया है कि वे अपनी परियोजनाओं में कार्यरत हर बाहरी श्रमिक का कानूनी पंजीकरण सुनिश्चित करें। इस कानूनी दायित्व से बचने वाले नियोक्ताओं पर चरणबद्ध तरीके से आर्थिक और न्यायिक कार्रवाई तय की गई है।\n\nलापरवाही बरतने वाले नियोक्ताओं पर पहली बार नियम तोड़ने पर 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। दूसरी बार वही गलती दोहराने पर जुर्माने की रकम बढ़कर 25,000 रुपये हो जाएगी। इसके बाद भी यदि कोई नियोक्ता तीसरी बार या उससे अधिक बार नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उस पर 1 लाख रुपये तक का जुर्माना, अधिकतम तीन महीने का साधारण कारावास या फिर दोनों सजाएं एक साथ दी जा सकती हैं।\n\nऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया और शुल्क\nप्रवासी कामगारों के लिए पंजीकरण की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से उपलब्ध कराई गई है। इच्छुक आवेदकों को संबंधित पंजीकरण अधिकारी के समक्ष आवेदन करना होगा, जिसके लिए 50 रुपये का सरकारी शुल्क तय किया गया है। श्रमिक और नियोक्ता इस सुविधा का लाभ श्रम आयुक्त के आधिकारिक पोर्टल, इन्वेस्ट मेघालय पोर्टल अथवा मेघालय स्टेट स्किल डेवलपमेंट एंड एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एमएसपीएसडीसी) की वेबसाइट के जरिए ले सकते हैं। इसके अलावा जमीनी स्तर पर सुविधा देने के लिए कॉमन सर्विस सेंटर और जिला श्रम कार्यालयों के माध्यम से भी आवेदन जमा किए जा सकते हैं।\n\nसत्यापन प्रक्रिया और कार्ड की वैधता\nसंशोधन नियम 2026 के ताजा दिशा-निर्देशों के अनुसार पंजीकरण के लिए पहचान प्रमाण प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। आवेदक वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, बीपीएल कार्ड या सरकार द्वारा जारी कोई अन्य वैध पहचान पत्र संलग्न कर सकते हैं। हालांकि इस सूची में आधार कार्ड को शामिल नहीं किया गया है। पहचान पत्र के साथ-साथ पुलिस सत्यापन रिपोर्ट लगाना भी अनिवार्य होगा।\n\nदस्तावेजों की जांच में तेजी लाने के लिए क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम्स (सीसीटीएनएस) का उपयोग अनंतिम सत्यापन के लिए किया जाएगा। प्रशासन इस पूरी सत्यापन प्रक्रिया को 30 दिनों की समय सीमा के भीतर पूरा करेगा। जारी किया गया पंजीकरण कार्ड 179 दिनों की अवधि के लिए वैध रहेगा। कामगार इस कार्ड की समय सीमा खत्म होने से 30 दिन पहले इसके नवीनीकरण के लिए आवेदन कर सकते हैं।\n\nइसका आप पर असर\nमेघालय में काम करने वाले प्रवासी श्रमिकों और उन्हें काम पर रखने वाले नियोक्ताओं को अब अनिवार्य रूप से वैध कागजात तैयार रखने होंगे।\n\n• मेघालय में: राज्य में बाहरी मजदूरों को काम पर रखने वाले ठेकेदारों को 50 रुपये की फीस देकर आधिकारिक पोर्टल से उनका पंजीकरण कराना होगा। ऐसा न करने पर पहले अपराध पर 10,000 रुपये और बार-बार नियम तोड़ने पर 1 लाख रुपये तक का जुर्माना या तीन महीने की जेल हो सकती है।\n• भारत में: दूसरे राज्यों से मेघालय जाकर काम करने वाले मजदूरों को चेक गेट पर जांच से बचने के लिए अधिकृत कार्ड बनवाना होगा। किसी भी बिचौलिए से जाली पर्ची लेने के बजाय सरकारी पोर्टल या कॉमन सर्विस सेंटर की मदद से ही आवेदन करना सुरक्षित रहेगा।\n• पहचान पत्र के नियम: आवेदन करते समय श्रमिकों को ध्यान रखना होगा कि पहचान पत्र के रूप में आधार कार्ड स्वीकार्य नहीं होगा। उन्हें वोटर आईडी, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस या बीपीएल कार्ड के साथ पुलिस सत्यापन रिपोर्ट देनी होगी।\n• नवीनीकरण समय सीमा: जारी किया गया श्रमिक कार्ड केवल 179 दिनों के लिए ही मान्य रहेगा। कार्य अवधि जारी रखने के लिए श्रमिकों को वैधता खत्म होने के 30 दिन पहले नवीनीकरण कराना अनिवार्य होगा।\n\nऐसा क्यों हुआ\nयह सख्त निर्देश इसलिए जारी किए गए क्योंकि राज्य के सीमावर्ती चेक गेटों पर प्रवासी श्रमिकों के फर्जी पहचान प्रमाण पत्र और जाली पावती रसीदों के उपयोग के मामले सामने आ रहे थे।\n\n• जाली दस्तावेजों का बढ़ता चलन: चेक गेटों पर गैरकानूनी तरीके से तैयार की गई पर्चियां दिखाकर प्रवेश करने की कोशिशें पकड़ी गईं। इसके चलते श्रम विभाग को भारतीय न्याय संहिता की धारा 336 के तहत आपराधिक कार्रवाई की चेतावनी जारी करनी पड़ी।\n• कानूनी नियम 2020 का अनुपालन: मेघालय आइडेंटिफिकेशन, रजिस्ट्रेशन ऑफ माइग्रेंट वर्कर्स एक्ट एंड रूल्स 2020 के तहत सभी प्रवासी कामगारों का डेटाबेस तैयार करना राज्य का कानूनी दायित्व है। ठेकेदारों द्वारा जिम्मेदारी से बचने के कारण प्रशासन को कड़े जुर्माने की व्यवस्था दोहरानी पड़ी।\n• सत्यापन व्यवस्था में सुधार: संशोधन नियम 2026 के तहत पहचान सत्यापन को पारदर्शी बनाने के लिए आधार कार्ड को छोड़कर अन्य वैध सरकारी दस्तावेजों और सीसीटीएनएस पुलिस डेटाबेस से जांच को अनिवार्य बनाया गया।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. मेघालय में फर्जी श्रमिक पंजीकरण दस्तावेज दिखाने पर क्या सजा हो सकती है?\nफर्जी दस्तावेज या नकली पावती पर्ची दिखाना भारतीय न्याय संहिता की धारा 336 के तहत कानूनी रूप से दंडनीय अपराध है।\n\n2. प्रवासी कामगारों का पंजीकरण न कराने वाले नियोक्ताओं पर कितना जुर्माना लगेगा?\nपहली बार 10,000 रुपये और दूसरी बार 25,000 रुपये का जुर्माना लगेगा। इसके बाद अपराध दोहराने पर 1 लाख रुपये जुर्माना या तीन महीने की कैद हो सकती है।\n\n3. पंजीकरण के लिए कौन से दस्तावेज मान्य हैं और किसे बाहर रखा गया है?\nवोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड या बीपीएल कार्ड मान्य हैं और साथ में पुलिस रिपोर्ट जरूरी है। इस प्रक्रिया में आधार कार्ड मान्य नहीं है।\n\n4. प्रवासी श्रमिक कार्ड की वैधता कितने दिनों की होती है?\nयह कार्ड 179 दिनों के लिए वैध रहता है और इसकी समाप्ति से 30 दिन पहले नवीनीकरण कराया जा सकता है।\n\n5. श्रमिक पंजीकरण के लिए सरकारी आवेदन शुल्क कितना है?\nऑनलाइन आवेदन के लिए 50 रुपये का शुल्क निर्धारित किया गया है।\n\n6. दस्तावेजों के सत्यापन में कितना समय लगता है?\nसीसीटीएनएस के जरिए अनंतिम जांच की जाती है और पूरी सत्यापन प्रक्रिया 30 दिनों के भीतर पूरी की जाएगी।",
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  "category": "मेघालय",
  "publishedAt": "2026-10-01",
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