मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा ने फुटबॉलर संफीदा नोंग्रुम को मेघालय का 'अचीवर ऑफ द मंथ' सम्मान दिया मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा ने मंगलवार को शिलॉन्ग में फुटबॉलर संफीदा नोंग्रुम को राज्य का 'अचीवर ऑफ द मंथ' खेल सम्मान दिया, इस दौरान कुल 47 खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया। मेघालय की फुटबॉल कप्तान संफीदा नोंग्रुम को मंगलवार को शिलॉन्ग में एक बड़ा सम्मान मिला, जब मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा ने उन्हें राज्य के 'अचीवर ऑफ द मंथ' खेल श्रेणी में सम्मानित किया। यह सम्मान उन्हें साल भर में भारतीय फुटबॉल में उनके योगदान के लिए दिया गया। इस कार्यक्रम में राज्य के कई दिग्गज खिलाड़ी एक साथ मंच पर नजर आए। 47 खिलाड़ियों को एक साथ सम्मान संफीदा उन 47 खिलाड़ियों में शामिल थीं, जिन्हें अलग-अलग खेलों में उनके प्रदर्शन के लिए इस कार्यक्रम में सम्मानित किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कॉनराड के संगमा ने कहा कि यह मासिक पहल उन लोगों को पहचान देने के लिए शुरू की गई है, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में खास योगदान दिया है, ताकि उनकी उपलब्धियां दूसरों को भी प्रेरित करें। कॉनराड के संगमा ने अपने X पोस्ट में लिखा, "संफीदा ने अपनी प्रतिभा, कौशल और मेहनत से भारतीय फुटबॉल में अपनी पहचान बनाई है," और बताया कि टीम की हाल की एक बड़ी जीत में उनकी कप्तानी की अहम भूमिका रही। खेल बजट बढ़ाने की तैयारी संगमा ने इस मौके पर बताया कि मेघालय सरकार ने पिछले कुछ सालों में खेलों के बजट और निवेश में काफी बढ़ोतरी की है। उन्होंने माना कि राज्य के खेल संघों को पहले सरकार से सीमित मदद मिलने की वजह से कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब खेल ढांचे में निवेश और संघों, कोचों तथा खिलाड़ियों को सीधी मदद देकर इन समस्याओं को दूर किया जा रहा है। उनके मुताबिक, यह बदलाव खासतौर पर छोटे कस्बों और ग्रामीण इलाकों के खिलाड़ियों के लिए सुविधाओं की पुरानी कमी को पाटने के मकसद से किया जा रहा है। संगमा ने मेघालय की खेल नीति को एक 'विजन डॉक्युमेंट' बताया, जो राज्य को उसके लंबे समय के खेल लक्ष्यों तक पहुंचाने का रास्ता दिखाती है। युवाओं और भविष्य पर जोर मुख्यमंत्री ने इस खर्च को युवाओं के भविष्य से जोड़ते हुए कहा कि खेल कार्यक्रमों में लगाया गया पैसा असल में मेघालय के युवाओं के भविष्य में किया गया निवेश है। सभी 47 खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि खेल में सफलता सिर्फ मेडल और वाहवाही तक सीमित नहीं है, और उनसे अपील की कि वे अपनी कहानी से दूसरों को प्रेरित करें। कार्यक्रम के दौरान संगमा ने खिलाड़ियों, कोचों और खेल संघों के प्रतिनिधियों से सीधे बातचीत भी की और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भागीदारी और पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को मिलने वाले प्रोत्साहन को लेकर उनके सवालों और सुझावों का जवाब दिया। कई खिलाड़ियों ने बड़े टूर्नामेंट से पहले यात्रा खर्च और तैयारी में मिलने वाली मदद को लेकर भी सवाल उठाए, जिन पर संगमा ने कहा कि सरकार इस दिशा में लगातार काम कर रही है। इसका आप पर असर यह मुख्यतः मेघालय सरकार से जुड़ी खबर है, लेकिन इससे पता चलता है कि राज्य सरकारें अब मेडल के अलावा खिलाड़ियों को लगातार मदद देने की दिशा में कदम बढ़ा रही हैं। • भारत में: मेघालय जैसी पहचान और फंडिंग योजनाएं अक्सर दूसरे राज्यों के खेल विभाग भी अपनाने पर विचार करते हैं। अगर और राज्य ऐसी व्यवस्थित प्रोत्साहन योजनाएं लागू करते हैं, तो देशभर के युवा खिलाड़ियों को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने में ज्यादा मदद मिल सकती है। • मेघालय में: अब राज्य के कोच, खिलाड़ी और खेल संघों के पास सरकारी मदद पाने का साफ रास्ता है, क्योंकि संगमा के मुताबिक फंडिंग सीधे ढांचे, कोचिंग और व्यक्तिगत खिलाड़ी सहायता में जा रही है। मेघालय के किसी भी संघ से जुड़े खिलाड़ी यात्रा या तैयारी के खर्च की बात इसी चैनल से रख सकते हैं, जैसा कि मंगलवार के कार्यक्रम में कई खिलाड़ियों ने किया। • पदक विजेताओं के लिए: संगमा ने खासतौर पर मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों को मिलने वाले प्रोत्साहन पर बात की, इसलिए मेघालय की तरफ से बड़ी प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों को आगे बेहतर इनाम मिल सकते हैं। सवाल-जवाब 1. मेघालय का 'अचीवर ऑफ द मंथ' खेल सम्मान किसे मिला? फुटबॉलर संफीदा नोंग्रुम को यह सम्मान दिया गया। 2. उन्हें किसने सम्मानित किया? मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा ने उन्हें सम्मानित किया। 3. यह सम्मान कब और कहां दिया गया? मंगलवार को शिलॉन्ग में हुए एक कार्यक्रम में यह सम्मान दिया गया। 4. कुल कितने खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया? अलग-अलग खेलों के कुल 47 खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया। 5. 'अचीवर ऑफ द मंथ' पहल का मकसद क्या है? अलग-अलग क्षेत्रों में खास योगदान देने वालों को पहचान देना और उनके जरिए दूसरों को प्रेरित करना। 6. मेघालय के खेल बजट को लेकर संगमा ने क्या कहा? उन्होंने कहा कि सरकार ने पिछले कुछ सालों में खेलों में निवेश और बजट आवंटन काफी बढ़ाया है। 7. मेघालय की खेल नीति को संगमा ने कैसे बताया? उन्होंने इसे एक 'विजन डॉक्युमेंट' बताया, जो राज्य को लंबे समय के खेल लक्ष्यों तक पहुंचाने का रास्ता दिखाती है। 8. कार्यक्रम में खिलाड़ियों ने संगमा से किन मुद्दों पर बात की? राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भागीदारी में मदद और पदक जीतने वालों को मिलने वाले प्रोत्साहन को लेकर सवाल उठाए गए। प्रेरणा और सबक संफीदा नोंग्रुम की यह उपलब्धि हर उस खिलाड़ी के लिए सीख है, जो राष्ट्रीय स्तर पर अपनी जगह बनाना चाहता है। • सिर्फ हुनर काफी नहीं: कॉनराड के संगमा ने साफ कहा कि संफीदा की पहचान उनकी प्रतिभा, कौशल और मेहनत, तीनों के मेल से बनी है, अकेले टैलेंट से नहीं। • लीडरशिप भी उतनी ही जरूरी: उनकी कप्तानी और नेतृत्व को टीम की जीत में सीधे योगदान के तौर पर गिनाया गया, यानी टीम को दिशा देना भी उतना ही मायने रखता है जितना खुद अच्छा खेलना। • पहचान लगातार मेहनत से मिलती है: उन्हें पूरे साल के योगदान के लिए सम्मानित किया गया, किसी एक मैच के लिए नहीं, यानी निरंतरता का असर सबसे ज्यादा होता है। • छोटे राज्य से भी राष्ट्रीय मंच तक पहुंचा जा सकता है: मेघालय से होते हुए भारतीय टीम में जगह बनाकर संफीदा ने दिखाया कि छोटे राज्यों के खिलाड़ी भी शीर्ष स्तर तक पहुंच सकते हैं। https://trendkia.com/meghalaya/mukhyamntri-conrad-k-sangma-ne-phutabolara-sanfida-nongrum-ko-meghalaya-ka-achivara-pha-da-mntha-sammana-diya-29491 TrendKia — Har trend, sabse pehle.