मेघालय में सुरक्षा चिंताओं के बीच नॉर्थ-ईस्ट पेट्रोलियम मजदूर यूनियन ने रोकी ईंधन की सप्लाई असम से मेघालय जाने वाले पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति सुरक्षा कारणों से रोक दी गई है। यूनियन ने साफ किया है कि जब तक हालात सामान्य नहीं होते और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए जाते, यह रोक जारी रहेगी। शिलोंग में जारी तनाव और हिंसा के बीच असम से मेघालय के लिए पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की ढुलाई पूरी तरह से ठप कर दी गई है। नॉर्थ-ईस्ट पेट्रोलियम मजदूर यूनियन ने असम में रजिस्टर्ड गाड़ियों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता जताई है, जिसके बाद यह बड़ा कदम उठाया गया है। इस फैसले के दायरे में पर्यटकों को ले जाने वाले वाहन भी शामिल हैं, क्योंकि पड़ोसी राज्य में चल रहे मौजूदा घटनाक्रम के कारण ड्राइवरों और गाड़ियों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई थी। असम-मेघालय सीमा पर ईंधन परिवहन प्रभावित यूनियन के जनरल सेक्रेटरी रमेन डेका ने इस स्थिति पर बात करते हुए बताया कि राज्य के अलग-अलग हिस्सों से मिल रही हिंसा और अशांति की खबरों के बाद मेघालय के भीतर लोडिंग और अनलोडिंग का काम भी रोक दिया गया है। चूंकि पेट्रोलियम पदार्थ बेहद ज्वलनशील होते हैं, इसलिए इनका परिवहन करना पहले से ही जोखिम भरा होता है और ऐसे माहौल में ड्राइवरों तथा उनके माल की सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद मुश्किल हो गया था। यूनियन के सदस्यों ने अपनी जान और वाहनों को जोखिम में डालकर सेवाएं जारी रखने से साफ इनकार कर दिया है। रमेन डेका ने कहा, “जब तक स्थिति में सुधार नहीं होता, हमारे सदस्य मेघालय में किसी भी तरह के पेट्रोलियम उत्पादों का परिवहन करने को तैयार नहीं हैं। लगातार डर और धमकी के साये में जरूरी सामान की आपूर्ति करना मुमकिन नहीं है।” हिंसा के बीच सड़कों पर बढ़ी सख्ती और मुश्किलें इस अनिश्चितता के कारण असम और मेघालय के बीच चलने वाली कमर्शियल टैक्सियों की आवाजाही पर भी बुरा असर पड़ा है। पड़ोसी राज्य की कमर्शियल गाड़ियों को भी रास्तों पर पाबंदियों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे यात्रियों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। इस तनाव के चलते कम्यूटरों को खास तौर पर बायर्निहाट-जोराबाउट रूट से बचने की सलाह दी गई है। हालात से निपटने के लिए प्रशासन ने शिलोंग में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। संवेदनशील इलाकों में पुलिस और सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है ताकि स्थिति पर काबू पाया जा सके और जनजीवन को सामान्य बनाया जा सके। वहीं, नॉर्थ-ईस्ट पेट्रोलियम मजदूर यूनियन ने मेघालय सरकार से मांग की है कि वह कानून-व्यवस्था बहाल करे और गाड़ियों तथा उनके चालकों को परेशान करने वाले उपद्रवियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे। अगर यह गतिरोध लंबा खिंचता है, तो मेघालय में ईंधन की आपूर्ति और जरूरी सामान के मूवमेंट पर गहरा संकट आ सकता है। इसका आप पर असर भारत में: असम और मेघालय के बीच परिवहन और ईंधन आपूर्ति प्रभावित होने से दोनों राज्यों के बीच आवागमन करने वाले यात्रियों और ट्रांसपोर्टरों को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। मेघालय में: शिलोंग और आसपास के इलाकों में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति रुकने तथा सुरक्षा पाबंदियों के कारण स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों की रोजमर्रा की जिंदगी पर सीधा असर पड़ रहा है। सवाल-जवाब 1. ईंधन की सप्लाई किसने और क्यों रोकी है? नॉर्थ-ईस्ट पेट्रोलियम मजदूर यूनियन ने असम से मेघालय जाने वाले पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की सप्लाई सुरक्षा चिंताओं के कारण रोक दी है। 2. यूनियन ने यह कदम उठाने से पहले क्या वजह बताई? यूनियन के अनुसार, पड़ोसी राज्य में चल रही हिंसा और अशांति के बीच असम में रजिस्टर्ड गाड़ियों और चालकों की सुरक्षा खतरे में थी। 3. यह रोक कब तक जारी रहेगी? यह निलंबन तब तक जारी रहेगा जब तक मेघालय सरकार वाहनों और ड्राइवरों की सुरक्षा के लिए प्रभावी उपाय नहीं करती। 4. इस विवाद का परिवहन पर क्या असर पड़ा है? ईंधन के अलावा असम और मेघालय के बीच चलने वाली कमर्शियल टैक्सियों की आवाजाही पर भी पाबंदियां लग गई हैं। https://trendkia.com/meghalaya/north-east-petroleum-mazdoor-union-halts-fuel-supply-to-meghalaya-amid-security-concerns-20111 TrendKia — Har trend, sabse pehle.