मेघालय में एसआईआर सुनवाई का काम अस्सी प्रतिशत से अधिक पूरा, मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने दिए निर्देश मेघालय में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत अस्सी प्रतिशत से अधिक मामलों की सुनवाई पूरी हो चुकी है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीडीआर तिवारी ने अधिकारियों को लंबित मामलों को तेजी से निपटाने और हर मतदाता को अपनी बात रखने का अवसर देने का निर्देश दिया है। शिलांग में निर्वाचन अधिकारियों ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर 2026 अभियान के तहत महत्वपूर्ण प्रगति दर्ज की है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीडीआर तिवारी ने एक वर्चुअल समीक्षा बैठक के दौरान बताया कि राज्य में कुल मामलों का अस्सी प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा पूरा किया जा चुका है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूचियों की शुद्धता सुनिश्चित करना और हर पात्र नागरिक के मताधिकार की रक्षा करना है। बैठक में सभी जिलों के उपायुक्त और जिला निर्वाचन अधिकारी, निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी और सहायक निर्वाचन अधिकारी शामिल रहे। नोटिस वितरण और सुनवाई की स्थिति मौजूदा समय में तैयार किए गए ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल में कुल इक्कीस लाख انہत्तर हजार दो सौ सैंतालीस मतदाता शामिल हैं। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान अब तक छह लाख इक्यावन हजार सात सौ पैंतीस नोटिस तैयार किए जा चुके हैं। इनमें से छह लाख छियालीस हजार तीन सौ सत्तानंद नोटिसों का सफल वितरण हो चुका है जबकि पांच हजार एक सौ नब्बे नोटिस अभी भी पहुंचना बाकी हैं। इसके अलावा जिला स्तर पर अधिकारियों ने पांच लाख छत्तीस हजार चार सौ अडसठ मामलों में सुनवाई पूरी कर ली है जो कुल जारी नोटिसों का 82.31 प्रतिशत बैठता है। पूरी जांच-परख और तय नियमों का पालन करने के बाद अब तक पांच सौ बयालीस मतदाताओं को अपात्र घोषित किया गया है। अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई इस उच्चस्तरीय बैठक में सभी संबंधित अधिकारियों को लंबित नोटिसों के वितरण और शेष बची सुनवाइयों को जल्द से जल्द पूरा करने को कहा है। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि यदि कोई मतदाता निर्धारित तिथि पर अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं करा पाता है, तो उसे अपनी बात रखने का एक और मौका जरूर मिलना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय और राज्य स्तर के मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ साप्ताहिक समीक्षा बैठक भी की और उन्हें चुनाव प्रक्रिया की ताजा जानकारी दी। मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा प्रक्रिया के नियमों को स्पष्ट करते हुए डॉ. बीडीआर तिवारी ने कहा कि किसी भी मतदाता को नोटिस मिलने मात्र से उसका नाम सूची से नहीं काटा जा सकता है। उन्होंने साफ किया कि बिना पूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन किए और व्यक्ति को सुने बिना किसी का नाम मतदाता सूची से हटाया नहीं जा सकता। समीक्षा बैठक के दौरान एसआईआर प्रक्रिया के तहत विभिन्न फॉर्मों के माध्यम से प्राप्त दावों और आपत्तियों की भी समीक्षा की गई। विभिन्न फॉर्मों के तहत आवेदन राज्य भर में चुनाव अधिकारियों के पास विभिन्न श्रेणियों में कुल सत्रह हजार इकसठ आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें नए नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म 6 के नौ हजार तीन चार आवेदन, नाम हटाने के लिए फॉर्म 7 के एक हजार छियासी आवेदन, निवास स्थान बदलने के लिए फॉर्म 8 के एक हजार दो सौ ग्यारह आवेदन और विवरणों में संशोधन के लिए फॉर्म 8 के पांच हजार चार सौ इकतीस आवेदन शामिल हैं। प्रशासन इन सभी आवेदनों पर नियमानुसार कार्रवाई कर रहा है ताकि मतदाता सूची पूरी तरह त्रुटिहीन बन सके। इसका आप पर असर मेघालय में चल रहे मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान का सीधा असर वहां के नागरिकों के मताधिकार पर पड़ेगा। • भारत में: चुनाव आयोग के नियमों के तहत देश भर में मतदाता सूचियों की शुद्धता सुनिश्चित की जाती है जिससे फर्जी मतदान रुकता है और लोकतांत्रिक प्रक्रिया मजबूत होती है। • मेघालय में: राज्य के सभी मतदाताओं के लिए यह जरूरी है कि वे अपने नोटिस का जवाब दें और सुनवाई प्रक्रिया में भाग लें ताकि उनका नाम सूची में सुरक्षित रह सके। ऐसा क्यों हुआ विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया मतदाता सूचियों को त्रुटिहीन बनाने और मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाने के लिए चलाई जाती है। • प्रशासनिक कदम: चुनाव आयोग ने समय-समय पर मतदाता सूचियों के नवीनीकरण के लिए देश भर में ऐसे अभियान अनिवार्य किए हैं। • कानूनी सुरक्षा: किसी भी नागरिक का नाम बिना विधिवत नोटिस और सुनवाई के नहीं काटा जा सकता ताकि किसी का मताधिकार न छिने। सवाल-जवाब 1. मेघालय में एसआईआर 2026 के तहत कितने कुल मतदाता हैं? ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल में कुल 21,69,243 मतदाता शामिल हैं। 2. अब तक कितने नोटिस जारी किए जा चुके हैं? अब तक 6,51,735 नोटिस जनरेट किए गए हैं जिनमें से 6,46,397 का वितरण हो चुका है। 3. कितने प्रतिशत सुनवाइयां पूरी हो चुकी हैं? अधिकारियों ने 5,36,468 सुनवाइयां पूरी कर ली हैं जो जारी नोटिसों का 82.31 प्रतिशत है। 4. कितने लोगों को अपात्र घोषित किया गया है? जांच के बाद अब तक 542 मतदाताओं को अपात्र घोषित किया गया है। 5. कुल कितने आवेदन प्राप्त हुए हैं? विभिन्न श्रेणियों के तहत कुल 17,061 आवेदन प्राप्त हुए हैं। https://trendkia.com/meghalaya/over-82-percent-sir-hearings-completed-in-meghalaya-ceo-stresses-elector-right-to-be-heard-32516 TrendKia — Har trend, sabse pehle.