मेघालय के पाथारखमाह में मिनी सचिवालय की नींव, री-भोई जिले को मिले नए कॉलेज और ब्लॉक कार्यालय मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा ने पाथारखमाह में मिनी सचिवालय का शिलान्यास किया और एक ही परिसर में उच्च शिक्षा, स्कूल व ब्लॉक स्तर की कई बुनियादी विकास परियोजनाओं का लोकार्पण किया। मेघालय सरकार ने ग्रामीण इलाकों में प्रशासनिक तंत्र को जनता के करीब लाने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए री-भोई जिले के पाथारखमाह में मिनी सचिवालय की आधारशिला रखी है। इस नए प्रशासनिक केंद्र का मुख्य उद्देश्य पाथारखमाह सिविल सब-डिवीजन के अंतर्गत आने वाले सभी सरकारी दफ्तरों को एक साझा छत के नीचे एकत्र करना है, जिससे दूरदराज के ग्रामीणों को छोटे-छोटे कामों के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें। वेस्टर्न री-भोई फुटबॉल ग्राउंड में आयोजित इस समारोह में सचिवालय प्रशासन मंत्री सोस्थीनेस सोह्तुन भी उपस्थित रहे, जहां क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने वाले कई अन्य महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स का भी लोकार्पण किया गया। नागरिक सुविधाओं का एकीकरण और प्रशासनिक जवाबदेही प्रशासनिक सेवाओं के विकेंद्रीकरण पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा ने कहा कि सरकारी कामकाज की पहुंच आम नागरिकों की दहलीज तक होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आधुनिक शासन व्यवस्था केवल विशाल इमारतों के निर्माण से नहीं, बल्कि एक प्रभावी और सुगम कार्यप्रणाली से संचालित होती है। मुख्यमंत्री ने कहा, “नागरिक अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर काटने के बजाय एक ही फेरे में अपने संबंधित काम पूरे कर सकते हैं।” उन्होंने इस बात को रेखांकित किया कि भौगोलिक दूरी लोगों और आवश्यक लोक सेवाओं के बीच बाधा नहीं बननी चाहिए, ताकि ग्रामीणों को बुनियादी प्रमाण पत्रों या योजनाओं के लिए घंटों या दिनों तक सफर न करना पड़े। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने सरकारी मशीनरी के रवैये पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कोई भी इमारत केवल एक ढांचा होती है, असली प्रशासनिक बदलाव तब आता है जब ब्लॉक, सब-डिवीजन और विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी आम जनता के प्रति संवेदनशीलता और सहानुभूति का भाव रखें। उन्होंने सरकारी अमले से सेवा भावना के साथ कार्य करने का आह्वान किया और साथ ही नागरिक समाज से विकास के इस सफर में सक्रिय हिस्सेदारी निभाने की अपील की। जिरांग ब्लॉक कार्यालय का लोकार्पण और स्थानीय पहचान इसी समारोह के दौरान जिरांग ब्लॉक के नए एकीकृत कार्यालय का भी उद्घाटन संपन्न हुआ। इस भवन का उद्घाटन भारतीय महिला राष्ट्रीय फुटबॉल टीम की स्थानीय गोलकीपर रिबांसी जामु के हाथों कराया गया। मुख्यमंत्री ने इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि एक उभरती हुई स्थानीय खेल प्रतिभा से सरकारी दफ्तर का फीता कटवाना क्षेत्र के युवाओं को अपने सपनों और जुनून को पूरा करने के लिए प्रेरित करेगा। जिरांग सामुदायिक एवं ग्रामीण विकास (सी एंड आरडी) ब्लॉक की स्थापना 24 मार्च 2001 को पाथारखमाह में मुख्यालय के साथ हुई थी। इस नए ब्लॉक इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट कॉम्प्लेक्स की आधारशिला 27 अक्टूबर 2023 को रखी गई थी। स्थानीय परिवारों के लिए ब्लॉक कार्यालय सरकारी योजनाओं से जुड़ने का पहला और सबसे महत्वपूर्ण जरिया होता है, क्योंकि ग्रामीण सड़कें, आवास निर्माण, पेयजल आपूर्ति, आजीविका मिशन और ग्राम स्तर के तमाम विकास कार्य इसी केंद्र से संचालित और नियंत्रित होते हैं। राज्य भर में लंबे समय से किराये या जर्जर भवनों में चल रहे ब्लॉक कार्यालयों के स्थान पर अब आधुनिक परिसरों का निर्माण किया जा रहा है। पाथारखमाह मॉडल डिग्री कॉलेज से उच्च शिक्षा को नई दिशा क्षेत्र के युवाओं के लिए उच्च शिक्षा की राह आसान करते हुए पाथारखमाह मॉडल डिग्री कॉलेज के नए परिसर का औपचारिक उद्घाटन भी किया गया। राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (RUSA) के तहत 25 मई 2022 को स्थापित यह संस्थान री-भोई जिले का पहला सरकारी डिग्री कॉलेज है। यह कॉलेज कैप्टन विलियमसन संगमा स्टेट यूनिवर्सिटी से संबद्ध है और यहां कला संकाय (आर्ट्स) में स्नातक स्तर की पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। यह शिक्षण संस्थान 10.09 एकड़ के विस्तृत भूखंड पर फैला हुआ है, जहां छात्र और छात्राओं के लिए 60-60 सीटों की क्षमता वाले अलग-अलग छात्रावास बनाए गए हैं। इसके ठीक पास पाथारखमाह सीनियर सेकेंडरी स्कूल का नया भवन भी बनकर तैयार हुआ है। इन दोनों संस्थानों के एक साथ स्थापित होने से क्षेत्र के विद्यार्थी अब स्कूल स्तर से लेकर स्नातक तक की शिक्षा अपने ही इलाके में रहकर पूरी कर सकेंगे। पहले बारहवीं कक्षा पास करने के बाद विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए नोंगपोह, शिलांग या गुवाहाटी जाना पड़ता था, जिसका यात्रा खर्च, कमरों का किराया और भोजन का भार कई आर्थिक रूप से कमजोर परिवार वहन नहीं कर पाते थे। री-भोई जिले में बड़े पैमाने पर जारी ढांचागत निवेश क्षेत्र के समग्र विकास के आंकड़ों का उल्लेख करते हुए बताया गया कि री-भोई जिले में वर्तमान समय में 1 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली कुल 184 विकास परियोजनाएं मंजूर हैं, जिनकी कुल स्वीकृत लागत 1,847.38 करोड़ रुपये है। इनमें से 14 प्रोजेक्ट पूरी तरह से बनकर तैयार हो चुके हैं, 109 परियोजनाओं पर निर्माण कार्य चल रहा है, जबकि 61 नए प्रोजेक्ट्स की शुरुआत की जा चुकी है। पश्चिमी री-भोई क्षेत्र में कनेक्टिविटी और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए कई विशिष्ट कार्य किए जा रहे हैं। इनमें पाथारखमाह मार्ग पर 16.58 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला स्टील ट्रस ब्रिज, डिग्री कॉलेज के लिए 3.51 करोड़ रुपये की पहुंच सड़क और 1.26 करोड़ रुपये की लागत से तैयार जिरांग प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं। इसके अतिरिक्त जिले के मावहाती सी एंड आरडी ब्लॉक के नए प्रशासनिक परिसर के लिए भी 4.50 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस कार्यक्रम में ग्राम संगठनों, महिला स्वयं सहायता समूहों, स्कूली छात्रों और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। इसका आप पर असर इस प्रशासनिक और शैक्षणिक विस्तार से री-भोई जिले के सुदूरवर्ती निवासियों के रोजमर्रा के जीवन और आर्थिक खर्चों पर सीधा और सकारात्मक असर पड़ेगा। • री-भोई जिले में: पाथारखमाह में मिनी सचिवालय और एकीकृत ब्लॉक परिसर बनने से स्थानीय लोगों का सरकारी कार्यों में लगने वाला समय और आवागमन का खर्च काफी कम हो जाएगा। अब जाति, आय प्रमाण पत्र, भूमि दस्तावेज और ग्रामीण कल्याणकारी योजनाओं के आवेदन एक ही परिसर में एक ही दिन में निपटाए जा सकेंगे। • विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए: 10.09 एकड़ में बने मॉडल डिग्री कॉलेज और 60-60 सीटों वाले छात्रावासों से ग्रामीण छात्रों को स्नातक की पढ़ाई के लिए शिलांग या गुवाहाटी जाने की मजबूरी खत्म हो जाएगी। इससे गरीब परिवारों को बाहर रहने, हॉस्टल और आने-जाने पर होने वाले हजारों रुपये के मासिक खर्च की बचत होगी। • सड़क और स्वास्थ्य कनेक्टिविटी: 16.58 करोड़ रुपये के नए स्टील ट्रस ब्रिज और 1.26 करोड़ रुपये के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से आपातकालीन चिकित्सा और व्यापारिक आवागमन सुगम होगा। खराब मौसम में भी ग्रामीण मुख्य मार्गों से कटे बिना समय पर अस्पताल पहुंच सकेंगे। • समग्र पूर्वोत्तर और राष्ट्रीय स्तर पर: सुदूरवर्ती उप-मंडलों में एकीकृत प्रशासनिक संकुलों का यह मॉडल अन्य पहाड़ी राज्यों के लिए भी विकेंद्रीकृत सुशासन का व्यावहारिक उदाहरण पेश करता है। सीमांत और ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत ढांचा मजबूत होने से पलायन की समस्या पर प्रभावी रोक लगती है। ऐसा क्यों हुआ मेघालय के सुदूरवर्ती क्षेत्रों में सरकारी कार्यालयों के बिखराव और उच्च शिक्षण संस्थानों की कमी के कारण यह व्यापक ढांचागत पहल की गई है। दशकों से ग्रामीण आबादी को बुनियादी नागरिक सेवाओं और उच्च शिक्षा के लिए जिला मुख्यालयों या बड़े शहरों पर निर्भर रहना पड़ता था। • बिखरी हुई प्रशासनिक व्यवस्था: पाथारखमाह सिविल सब-डिवीजन के विभिन्न कार्यालय अलग-अलग या किराए के जर्जर भवनों से संचालित हो रहे थे, जिससे जनता को सामान्य फाइलों के लिए भटकना पड़ता था। इस असुविधा को समाप्त करने के लिए एक छत के नीचे सभी विभागों को लाने वाला मिनी सचिवालय स्वीकृत किया गया। • उच्च शिक्षा के अवसरों का अभाव: पश्चिमी री-भोई में बारहवीं कक्षा के बाद सरकारी कॉलेज न होने के कारण गरीब परिवारों के छात्र पढ़ाई छोड़ने पर मजबूर होते थे। इसी विषमता को दूर करने के लिए राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (RUSA) के तहत 25 मई 2022 को इस मॉडल कॉलेज की नींव रखी गई थी। • बुनियादी ढांचे का आधुनिकीकरण अभियान: मेघालय सरकार द्वारा पूरे री-भोई जिले में 1,847.38 करोड़ रुपये की 184 परियोजनाओं पर काम चलाया जा रहा है, ताकि पहाड़ी इलाकों में बारहमासी सड़कें, पुल और स्वास्थ्य केंद्र उपलब्ध कराए जा सकें। 27 अक्टूबर 2023 को जिरांग ब्लॉक परिसर का शिलान्यास इसी व्यापक योजना का हिस्सा था। सवाल-जवाब 1. पाथारखमाह में मिनी सचिवालय का निर्माण क्यों किया जा रहा है? पाथारखमाह सिविल सब-डिवीजन के सभी सरकारी दफ्तरों को एक छत के नीचे लाने के लिए इसका निर्माण किया जा रहा है, ताकि नागरिकों को अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। 2. जिरांग ब्लॉक कार्यालय का उद्घाटन किसने किया? इस ब्लॉक कार्यालय का उद्घाटन भारतीय महिला राष्ट्रीय फुटबॉल टीम की स्थानीय गोलकीपर रिबांसी जामु ने किया। 3. पाथारखमाह मॉडल डिग्री कॉलेज की क्या खासियतें हैं? यह 10.09 एकड़ में फैला री-भोई का पहला सरकारी डिग्री कॉलेज है, जो कैप्टन विलियमसन संगमा स्टेट यूनिवर्सिटी से संबद्ध है और इसमें छात्र-छात्राओं के लिए 60-60 सीटों के हॉस्टल हैं। 4. जिरांग सी एंड आरडी ब्लॉक का गठन कब हुआ था? जिरांग सामुदायिक एवं ग्रामीण विकास ब्लॉक की स्थापना 24 मार्च 2001 को हुई थी और इसका मुख्यालय पाथारखमाह में है। 5. री-भोई जिले में कुल कितनी बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाएं चल रही हैं? जिले में 1 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली कुल 184 परियोजनाएं हैं, जिनकी कुल स्वीकृत लागत 1,847.38 करोड़ रुपये है। 6. पश्चिमी री-भोई में अन्य किन प्रमुख निर्माण कार्यों का उल्लेख किया गया है? यहां 16.58 करोड़ रुपये का स्टील ट्रस ब्रिज, 3.51 करोड़ रुपये की कॉलेज लिंक रोड और 1.26 करोड़ रुपये का जिरांग प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं। https://trendkia.com/meghalaya/patharkhmah-men-mini-secretariat-ki-ninva-ri-bhoi-jile-ko-mile-nae-koleja-aura-bloka-karyalaya-46920 TrendKia — Har trend, sabse pehle.