श्री सीमेंट परियोजना के खिलाफ मेघालय के पूर्वी जयंतिया हिल्स में संगठनों का अचानक प्रदर्शन मेघालय के ख्लिहरियात में विभिन्न संगठनों ने श्री सीमेंट की प्रस्तावित चूना पत्थर परियोजना के लिए हुई जनसुनवाई के विरोध में धरना दिया। उन्होंने सरकार से सुनवाई रद्द करने और किसानों के भूमि अधिकारों का समाधान करने की मांग की है। मेघालय के ख्लिहरियात में सोमवार को कई प्रमुख दबाव समूहों ने एक अप्रत्याशित विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया। यह प्रदर्शन उपायुक्त कार्यालय परिसर के भीतर स्थित यू कींग नांगबाह स्मारक के बाहर किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य श्री सीमेंट की प्रस्तावित सीमेंट परियोजना के संबंध में हाल ही में संपन्न हुई जनसुनवाई का विरोध करना था। विभिन्न संगठनों की संयुक्त भागीदारी इस विरोध प्रदर्शन में पांच प्रमुख संगठनों ने हिस्सा लिया, जिनमें जयंतिया नेशनल काउंसिल, जयंतिया स्टूडेंट्स यूनियन, खासी स्टूडेंट्स यूनियन, हिमा सुतंगा यूथ फेडरेशन और फेडरेशन ऑफ खासी जयंतिया एंड गारो पीपल शामिल रहे। इन सभी ने एकजुट होकर पूर्वी जयंतिया हिल्स जिले में श्री सीमेंट की प्रस्तावित परियोजना के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। परियोजना रद्द करने की मांग प्रदर्शनकारी संगठनों ने मेघालय सरकार से यह पुरजोर मांग की है कि वह लुम सिरमैन लाइमस्टोन प्रोजेक्ट से जुड़ी जनसुनवाई को तत्काल प्रभाव से रद्द करे। आपको बता दें कि यह प्रस्तावित चूना पत्थर परियोजना 217.394 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली हुई है, जिसको लेकर स्थानीय स्तर पर काफी नाराजगी देखने को मिल रही है। भूमि अधिकारों और किसानों की चिंताएं इन संगठनों का मुख्य जोर इस बात पर है कि सुतंगा और नोंग्ख्लिहर इलाके के पारंपरिक भूस्वामियों के दावों और अधिकारों को पहले मान्यता दी जानी चाहिए और उनका निपटारा किया जाना चाहिए। इसके साथ ही, लुम सिरमैन क्षेत्र पर खेती करने वाले किसानों के स्वामित्व अधिकारों के समाधान की मांग भी उठाई गई है, ताकि इस परियोजना से जुड़ी अगली किसी भी प्रक्रिया को आगे बढ़ने से रोका जा सके। मुख्यमंत्री को पहले भी सौंपा जा चुका है ज्ञापन यह पूरा विरोध प्रदर्शन भूमि विवाद और आजीविका से जुड़े उन गंभीर मुद्दों के बीच सामने आया है जिन्हें स्थानीय किसानों और जमीन मालिकों ने उठाया है। इससे पहले जयंतिया नेशनल काउंसिल ने मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा से हस्तक्षेप करने का आग्रह किया था ताकि प्रभावित लोगों के हितों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जा सकें। संगठन की ओर से 13 अगस्त को मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन सौंपा गया था, जिसमें यह सवाल उठाया गया था कि क्या 31 जुलाई को आयोजित जनसुनवाई में सभी प्रभावित भूस्वामियों, किसानों और अन्य हितधारकों को अपनी बात रखने का उचित अवसर मिला था या नहीं। कार्रवाई की समीक्षा की मांग उक्त संगठन ने इस पूरी जनसुनवाई की कार्यवाही की विस्तृत समीक्षा की भी मांग की है। इसमें उपस्थिति रजिस्टर, दर्ज आपत्तियां, शिकायतें और वीडियो रिकॉर्डिंग शामिल हैं, क्योंकि प्रक्रिया की पारदर्शिता और प्रभावित लोगों की भागीदारी को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं। इन समूहों का कड़ा रुख है कि सरकार को इस परियोजना को आगे बढ़ाने से पहले भूमि स्वामित्व के तमाम मामलों को सुलझाना होगा। इसका आप पर असर भारत में: यह घटना देश भर में औद्योगिक परियोजनाओं के दौरान स्थानीय भूमि अधिकारों और जनसुनवाई की पारदर्शिता से जुड़े नीतिगत मुद्दों को उजागर करती है। मेघालय में: पूर्वी जयंतिया हिल्स और आसपास के क्षेत्रों के किसानों और भूस्वामियों के लिए यह प्रशासन के साथ भूमि स्वामित्व और आजीविका सुरक्षा के चल रहे संघर्ष को प्रभावित करता है। सवाल-जवाब 1. मेघालय में हाल ही में किस परियोजना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुआ? पूर्वी जयंतिया हिल्स जिले में श्री सीमेंट की प्रस्तावित 217.394 हेक्टेयर की लुम सिरमैन लाइमस्टोन प्रोजेक्ट के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुआ। 2. यह विरोध प्रदर्शन कहां आयोजित किया गया था? यह प्रदर्शन ख्लिहरियात में उपायुक्त कार्यालय परिसर के भीतर यू कींग नांगबाह स्मारक के बाहर आयोजित किया गया। 3. किन संगठनों ने इस विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया? इस प्रदर्शन में जयंतिया नेशनल काउंसिल, जयंतिया स्टूडेंट्स यूनियन, खासी स्टूडेंट्स यूनियन, हिमा सुतंगा यूथ फेडरेशन और फेडरेशन ऑफ खासी जयंतिया एंड गारो पीपल ने हिस्सा लिया। 4. संगठनों ने सरकार से क्या मुख्य मांग की है? संगठनों ने मांग की है कि हाल ही में हुई जनसुनवाई को रद्द किया जाए और परियोजना पर आगे बढ़ने से पहले पारंपरिक भूस्वामियों व किसानों के अधिकारों का समाधान किया जाए। 5. इससे पहले मुख्यमंत्री को ज्ञापन कब सौंपा गया था? जयंतिया नेशनल काउंसिल की ओर से 13 अगस्त को मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा को एक ज्ञापन सौंपा गया था। https://trendkia.com/meghalaya/pressure-groups-stage-surprise-protest-against-shree-cement-public-hearing-in-east-jaintia-hills-17654 TrendKia — Har trend, sabse pehle.