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  "type": "article",
  "title": "पूर्वोत्तर में वन्यजीव तस्करी पर बड़ा शिकंजा, असम और मेघालय से 24 किलो पैंगोलिन की खाल व बाघ की हड्डियां जब्त",
  "summary": "राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने देशव्यापी अभियान के तहत असम और मेघालय में छापेमारी कर भारी मात्रा में संरक्षित वन्यजीव अवशेष और जीवित जीव जब्त किए हैं। इस कार्रवाई के दौरान 13 तस्करों को गिरफ्तार किया गया है।",
  "content": "राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव तस्करी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए मेघालय और असम में संरक्षित जीवों के अवशेष और दुर्लभ वन्यजीवों की भारी खेप बरामद की है। गुप्त सूचनाओं के आधार पर देशभर में चलाए गए छह विशेष अभियानों के तहत यह कार्रवाई की गई। इस पूरी मुहिम में अधिकारियों ने तस्करों के रास्तों को काटते हुए 13 आरोपियों को हिरासत में लिया है और दुर्लभ प्राणि अवशेषों को जब्त किया है।\n\nमेघालय और असम में चलाए गए विशेष ऑपरेशन\nमेघालय के री-भोई जिले में 7 सितंबर को डीआरआई अधिकारियों ने मावहाती की ओर जा रहे एक बोलेरो पिकअप वाहन को रास्ते में रोका। वाहन की गहन तलाशी लेने पर उसके अंदर तीन थैलों में छिपाकर रखी गई 14.68 किलोग्राम सूखी पैंगोलिन की खाल बरामद हुई। गाड़ी के चालक और पकड़े गए व्यक्ति को जब्त वाहन व सामग्री के साथ नोंगपोह के रेंज फॉरेस्ट ऑफिसर को सौंप दिया गया, ताकि वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा सके।\n\nइसी क्रम में असम के कार्बी आंगलोंग जिले में 28 अगस्त को एक वाहन को रोका गया, जिसमें तीन लोग सवार थे। इस वाहन से लगभग 9 किलोग्राम पैंगोलिन की खाल और करीब 500 ग्राम बाघ की हड्डियां बरामद की गईं, जिनमें बाघ की खोपड़ी और दांत भी शामिल थे। इन तीनों आरोपियों और जब्त किए गए अवशेषों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए बोकोलिया के फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर के सुपुर्द कर दिया गया।\n\nइसके अलावा, असम के केओखाली में 5 सितंबर को चलाए गए एक अन्य ऑपरेशन के दौरान दो लोगों को पकड़ा गया। उनके पास से 12 जीवित टोके गेको (छिपकली की एक दुर्लभ प्रजाति) को सुरक्षित बचाया गया। इस मामले में दोनों आरोपियों और बरामद गेको को विश्वनाथ वाइल्डलाइफ डिविजन के रेंज फॉरेस्ट ऑफिसर के हवाले किया गया है।\n\nदुर्लभ जीवों की सुरक्षा और कानून\nवन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की अनुसूची I के तहत पैंगोलिन और टोके गेको को सर्वोच्च कानूनी सुरक्षा प्राप्त है। इसके अतिरिक्त, संकटग्रस्त प्रजातियों के अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर कन्वेंशन (CITES) के तहत पैंगोलिन को परिशिष्ट I में और टोके गेको को परिशिष्ट II में सूचीबद्ध किया गया है। कुछ एशियाई देशों में पारंपरिक औषधीय दावों के कारण अंतरराष्ट्रीय तस्कर गिरोह इन पैंगोलिन की खालों की अवैध रूप से भारी मांग पैदा करते हैं।\n\nदेशव्यापी अभियानों का कुल रिपोर्ट कार्ड\nडीआरआई द्वारा चलाए गए इन सभी छह अभियानों के कुल नतीजों की बात करें तो सुरक्षा बलों ने कुल मिलाकर 2 तेंदुए की खाल, 180 जीवित भारतीय स्टार कछुए, 12 जीवित टोके गेको, लगभग 24 किलोग्राम पैंगोलिन की खाल और लगभग 500 ग्राम बाघ की हड्डियां जब्त की हैं। इस बहुराज्यीय कार्रवाई में कुल 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। खुफिया एजेंसियों और वन विभागों के बीच इस तरह का तालमेल ही वन्यजीवों के अवैध व्यापार पर प्रभावी रोक लगा सकता है।\n\nइसका आप पर असर\nयह कार्रवाई पूर्वोत्तर भारत में सक्रिय अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव तस्करी तंत्रों पर कड़ा प्रहार करती है और सीमावर्ती सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करती है।\n\n• भारत में: देश स्तर पर यह कार्रवाई संरक्षित जीवों के शिकार और उनके अंगों की तस्करी में शामिल आपराधिक गिरोहों के लिए एक कड़ा चेतावनी संदेश है। इससे CITES नियमों के तहत अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं को निभाते हुए पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी।\n• असम और मेघालय में: पूर्वोत्तर राज्यों के स्थानीय सीमावर्ती इलाकों और जंगल से सटे गांवों में वन विभाग की निगरानी सख्त होगी। ग्रामीणों को अवैध शिकार गतिविधियों की सूचना देने के लिए प्रेरित किया जाएगा जिससे स्थानीय जैव विविधता सुरक्षित रहे।\n\nऐसा क्यों हुआ\nयह कार्रवाई डीआरआई को मिली उस गुप्त सूचना के बाद हुई, जिसमें एशिया के पारंपरिक दवा बाजारों में पैंगोलिन की खाल और बाघ की हड्डियों की बढ़ती अवैध मांग की बात सामने आई थी।\n\n• तस्करी का मुख्य कारण: पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों में पारंपरिक दवाओं और टोटकों के नाम पर पैंगोलिन की खालों तथा बाघ के अंगों की ऊंची कीमतों पर अवैध बिक्री होती है।\n• पूर्वोत्तर का भौगोलिक महत्व: असम और मेघालय जैसे राज्य अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के करीब होने के कारण तस्करों के लिए अवैध आपूर्ति मार्ग के रूप में इस्तेमाल किए जाते रहे हैं।\n• एजेंसियों का समन्वित अभियान: खुफिया जानकारी मिलने के बाद राजस्व अधिकारियों और राज्य वन विभागों ने संयुक्त रणनीति बनाकर इन 6 अलग-अलग छापों को अंजाम दिया।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. डीआरआई ने इस अभियान में कुल कितनी मात्रा में सामग्री जब्त की?\nडीआरआई ने 6 अभियानों के दौरान लगभग 24 किलो पैंगोलिन की खाल, 500 ग्राम बाघ की हड्डियां, 2 तेंदुए की खाल, 180 स्टार कछुए और 12 टोके गेको जब्त किए।\n\n2. मेघालय के री-भोई जिले से क्या बरामद हुआ?\nरी-भोई में एक बोलेरो गाड़ी से 3 थैलों में छिपाई गई 14.68 किलोग्राम सूखी पैंगोलिन की खाल बरामद की गई।\n\n3. इस कार्रवाई में कुल कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया है?\nदेशभर में चलाए गए इन छह ऑपरेशनों में कुल 13 तस्करों व संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है।\n\n4. पैंगोलिन की खालों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्यों मांग है?\nकुछ एशियाई देशों में पारंपरिक औषधीय दावों और नुस्खों के कारण पैंगोलिन की खालों की अवैध बाजार में भारी मांग रहती है।",
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  "category": "मेघालय",
  "publishedAt": "2026-09-10",
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    "वन्यजीव तस्करी",
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    "पर्यावरण"
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