# मेघालय के ईस्ट जयंतिया हिल्स में धारा 163 लागू, डीसी दफ्तर के पास प्रदर्शनों पर रोक

> मेघालय के ईस्ट जयंतिया हिल्स जिला प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से उपायुक्त कार्यालय के आसपास पांच या उससे अधिक लोगों के इकट्ठा होने और प्रदर्शन करने पर रोक लगा दी है।

**Type:** article · **Category:** मेघालय · **Published:** 2026-08-25 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/meghalaya/section-163-imposed-around-east-jaintia-hills-dc-office-in-meghalaya-over-protests-fear-21736 · **Language:** Hindi
**Tags:** मेघालय, ईस्ट जयंतिया हिल्स, धारा 163, खलीहरियात, कानून व्यवस्था, प्रशासन

**खलीहरियात:** मेघालय के ईस्ट जयंतिया हिल्स जिले में प्रशासन ने कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। जिला मजिस्ट्रेट ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत खलीहरियात स्थित उपायुक्त कार्यालय के परिसर और उसकी सीमा के भीतर नए प्रतिबंध लागू किए हैं। यह आदेश तत्काल प्रभाव से प्रभावी हो गया है, जिसका उद्देश्य किसी भी संभावित विरोध प्रदर्शन या अप्रिय स्थिति को रोकना है।

## प्रदर्शनों और रैलियों पर पूर्ण प्रतिबंध
जारी किए गए आधिकारिक आदेश के अनुसार, उपायुक्त कार्यालय के आसपास पांच या उससे अधिक लोगों के एक साथ जुटने पर पूरी पाबंदी लगा दी गई है। लोग किसी भी प्रकार के विरोध प्रदर्शन, धरना, सार्वजनिक सभा या ऐसी अन्य गतिविधियों में शामिल नहीं हो सकते हैं जिनसे इलाके की शांति और व्यवस्था भंग होने का अंदेशा हो। प्रशासन का मानना है कि ऐसे आयोजनों से कार्यालय के नियमित कामकाज में बाधा आ सकती है और आम जनता तथा वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है।

## हथियार और खतरनाक वस्तुएं ले जाने पर रोक
प्रशासन ने सार्वजनिक सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रतिबंधित क्षेत्र में किसी भी तरह के हथियार या खतरनाक सामान ले जाने, रखने या दिखाने पर रोक लगा दी है। इस सूची में लाठी, डंडे, दाओ, आग्नेयास्त्र, गोला-बारूद, विस्फोटक सामग्री और ज्वलनशील पदार्थ शामिल हैं। इसके अलावा, ऐसे किसी भी भाषण, नारे या उत्तेजक गतिविधियों पर भी सख्त प्रतिबंध लगाया गया है जो भीड़ को भड़का सकती हैं या हिंसा का कारण बन सकती हैं।

## आवाजाही और सरकारी कामकाज में बाधा पर शिकंजा
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि प्रतिबंधित क्षेत्र के भीतर पैदल यात्रियों, वाहनों, आपातकालीन सेवाओं, सरकारी अधिकारियों और अन्य आवश्यक सेवाओं की आवाजाही में किसी भी प्रकार की रुकावट नहीं डाली जाएगी। सार्वजनिक या निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी कृत्य को गंभीर अपराध माना जाएगा। ऐसा करने या इसके लिए उकसाने के प्रयासों पर भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

## इन लोगों को मिली है छूट
कड़े प्रतिबंधों के बीच कुछ श्रेणियों को इस आदेश से बाहर रखा गया है। मजिस्ट्रेट, पुलिस और सुरक्षाकर्मी, आपातकालीन और चिकित्सा सेवाएं, अधिकृत सरकारी अधिकारी तथा अपने आधिकारिक कर्तव्यों का पालन करने वाले अन्य लोग इन पाबंदियों के दायरे में नहीं आएंगे। इसके अलावा, सक्षम प्राधिकारी द्वारा विशेष रूप से छूट प्राप्त व्यक्तियों को भी इस नियम से राहत दी गई है।

## उल्लंघन करने पर होगी कानूनी कार्रवाई
यह प्रशासनिक आदेश अगले आदेश तक पूरे क्षेत्र में प्रभावी रहेगा। यदि कोई भी व्यक्ति इन नियमों का उल्लंघन करता हुआ पाया जाता है या आदेश की अवहेलना करता है, तो उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 और कानून के अन्य सुसंगत प्रावधानों के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

## इसका आप पर असर
**भारत में:** यह प्रशासनिक आदेश देश भर में स्थानीय प्रशासन द्वारा कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाए जाने वाले एहतियाती कदमों का हिस्सा है।

**ईस्ट जयंतिया हिल्स में:** स्थानीय नागरिकों और सरकारी कामकाज से जुड़े लोगों को खलीहरियात में डीसी दफ्तर के पास नए नियमों का पालन करना होगा और पांच से अधिक लोगों के जुटने से बचना होगा।

## सवाल-जवाब

### 1. ईस्ट जयंतिया हिल्स में कौन सा नया प्रतिबंध लागू किया गया है?
प्रशासन ने उपायुक्त कार्यालय के पास धारा 163 के तहत पांच या अधिक लोगों के इकट्ठा होने और प्रदर्शन करने पर रोक लगाई है।

### 2. यह आदेश किस क्षेत्र में प्रभावी है?
यह आदेश मेघालय के खलीहरियात में ईस्ट जयंतिया हिल्स के उपायुक्त कार्यालय के परिसर और उसकी सीमा के भीतर लागू है।

### 3. किन वस्तुओं और गतिविधियों पर पूरी तरह पाबंदी है?
हथियार, लाठी, विस्फोटक, भड़काऊ भाषण और सार्वजनिक शांति भंग करने वाली गतिविधियों पर पूरी तरह पाबंदी है।

### 4. इस आदेश से किसे छूट दी गई है?
मजिस्ट्रेट, पुलिस कर्मी, सुरक्षा बल, आपातकालीन सेवाएं और आधिकारिक ड्यूटी पर तैनात सरकारी अधिकारियों को छूट दी गई है।

### 5. नियम तोड़ने पर क्या सजा मिल सकती है?
आदेश का उल्लंघन करने पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 और अन्य कानूनों के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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