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  "type": "article",
  "title": "शिलांग के आरआर कॉलोनी पहुंचे मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा, प्रतिमाओं की मरम्मत के लिए दिए पांच लाख रुपये",
  "summary": "मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा ने हालिया हिंसा में क्षतिग्रस्त हुई नेताजी सुभाष चंद्र बोस और स्वामी विवेकानंद की प्रतिमाओं की मरम्मत के लिए पांच लाख रुपये की सहायता राशि सौंपी है।",
  "content": "मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा ने शनिवार को शिलांग की आरआर कॉलोनी का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने हाल ही में हुई हिंसा के दौरान क्षतिग्रस्त हुई स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा और स्वामी विवेकानंद की मूर्ति के कांच के आवरण की मरम्मत के लिए पांच लाख रुपये की राशि सौंपी। ये प्रतिमाएं शिलांग में खासी स्टूडेंट्स यूनियन की एक रैली के दौरान भड़की हिंसा के बीच क्षतिग्रस्त हो गई थीं।\n\nक्षतिग्रस्त मूर्तियों की बहाली और स्थानीय लोगों से चर्चा\nअपनी इस यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा ने आरवाईंजाह की आरआर कॉलोनी का मुआयना किया और वहां जाकर उस दुर्भाग्यपूर्ण क्षति का जायजा लिया जो देश के महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा को पहुंचाई गई थी। इस प्रतिमा में हाल ही में तोड़फोड़ की गई थी। इसके साथ ही उन्होंने इस मूर्ति की बहाली और जीर्णोद्धार के लिए पांच लाख रुपये स्वीकृत किए। इस दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने स्थानीय इलाके की विकास समिति के सदस्यों से भी मुलाकात की और क्षेत्र के निवासियों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।\n\n \n\nहिंसा से हुए नुकसान का ब्योरा और पुलिस के आंकड़े\nमुख्यमंत्री का यह दौरा शिलांग में हालिया अशांति के बाद सार्वजनिक संपत्तियों को बहाल करने और स्थानीय लोगों की चिंताओं को दूर करने के लगातार चल रहे प्रयासों के बीच सामने आया है। गौरतलब है कि इस हिंसा के दौरान पुलिस ने बताया था कि कुल 31 वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया था, जबकि एक सरकारी वाहन को आग के हवाले कर दिया गया था। इसके अलावा फायरब्रिज, नोंगमेंसोंग, पोलो, बारिक और मावलाई क्षेत्रों से भी विभिन्न घटनाओं की रिपोर्ट सामने आई थी।\n\nछात्र संगठन का पक्ष और बाहरी तत्वों का आरोप\nदूसरी ओर खासी स्टूडेंट्स यूनियन ने दावा किया था कि कुछ अज्ञात उपद्रवियों ने उनके आंदोलन को बाधित करने और उसकी छवि को धूमिल करने के नापाक इरादे से उनकी रैली में घुसपैठ की थी। प्रशासन और सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है ताकि क्षेत्र में शांति और व्यवस्था पूरी तरह से बहाल की जा सके।\n\nइसका आप पर असर\nशिलांग में हाल ही में हुई हिंसा और प्रतिमाओं के क्षतिग्रस्त होने की घटना का स्थानीय नागरिकों और यात्रियों पर सीधा असर पड़ा है।\n\n• भारत में: सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा और विरोध प्रदर्शनों के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के संबंध में देश भर के प्रशासनिक हलकों में कड़े संदेश जाते हैं। ऐसी घटनाओं से यह चिंता बढ़ती है कि आंदोलनों के दौरान असामाजिक तत्व किस तरह शांति भंग कर सकते हैं।\n• शिलांग में: स्थानीय निवासियों और दुकानदारों को आवाजाही में सतर्कता बरतनी पड़ रही है क्योंकि प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर रहा है। प्रभावित इलाकों के लोगों को सामान्य स्थिति लौटने और सार्वजनिक संपत्तियों के पूर्ण सुधार के लिए अभी प्रशासनिक कदमों का इंतजार करना होगा।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा ने शिलांग में किस स्थान का दौरा किया?\nमुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा ने शिलांग की आरआर कॉलोनी का दौरा किया।\n\n2. किन प्रतिमाओं की मरम्मत के लिए राशि दी गई है?\nनेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा और स्वामी विवेकानंद की मूर्ति के कांच के आवरण की मरम्मत के लिए राशि दी गई है।\n\n3. सरकार की ओर से कितनी राशि स्वीकृत की गई है?\nसरकार की ओर से पांच लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।\n\n4. यह हिंसा किस संगठन की रैली के दौरान भड़की थी?\nयह हिंसा खासी स्टूडेंट्स यूनियन की एक रैली के दौरान भड़की थी।\n\n5. हिंसा के दौरान कुल कितने वाहनों को नुकसान पहुंचा था?\nहिंसा के दौरान कुल 31 वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया था और एक सरकारी वाहन को आग के हवाले कर दिया गया था।\n\n6. खासी स्टूडेंट्स यूनियन ने इस हिंसा के बारे में क्या दावा किया है?\nसंगठन ने दावा किया कि कुछ अज्ञात उपद्रवियों ने उनके आंदोलन को बाधित करने के लिए रैली में घुसपैठ की थी।",
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  "category": "मेघालय",
  "publishedAt": "2026-08-29",
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    "कॉनराड के संगमा",
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