# शिलांग के दो रेस्टोरेंट्स रिनसन और नोना मेई ने भारत के टॉप 50 में बनाई जगह, मुख्यमंत्री ने दी बधाई

> मेघालय की राजधानी शिलांग के दो प्रमुख रेस्टोरेंट्स रिनसन और नोना मेई ने 2026 के लिए देश के शीर्ष 50 भोजनालयों की सूची में स्थान हासिल किया है। मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा ने इस उपलब्धि पर दोनों प्रतिष्ठानों की सराहना की।

**Type:** article · **Category:** मेघालय · **Published:** 2026-10-08 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/meghalaya/shillong-ke-do-restorentsa-rynsan-aura-nonna-mei-ne-india-ke-topa-50-men-banai-jagaha-mukhyamntri-ne-di-badhai-44972 · **Language:** Hindi
**Tags:** शिलांग रेस्टोरेंट, रिनसन, नोना मेई, मेघालय खानपान, कॉनराड संगमा, टॉप 50 रेस्टोरेंट

मेघालय की राजधानी शिलांग ने अपनी विशिष्ट खानपान संस्कृति के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान दर्ज कराई है। शहर के दो लोकप्रिय रेस्टोरेंट्स ने वर्ष 2026 के लिए भारत के शीर्ष 50 भोजनालयों की प्रतिष्ठित सूची में जगह बनाई है। यह सम्मान मिलने से पूर्वोत्तर के खानपान और स्थानीय स्वादों की चर्चा अब पूरे देश में हो रही है।

## राष्ट्रीय रैंकिंग में दर्ज कराई मजबूत मौजूदगी
कॉन्डे नास्ट ट्रैवलर और डिस्ट्रिक्ट टॉप रेस्टोरेंट अवार्ड्स के 2026 के संस्करण में शिलांग के ‘रिनसन’ और ‘नोना मेई’ को देश के अग्रणी भोजनालयों में शामिल किया गया है। रैंकिंग के अनुसार, रिनसन ने सूची में 32वां स्थान हासिल किया है, जबकि नोना मेई 44वें पायदान पर रहा। इन दोनों प्रतिष्ठानों का संचालन संगीतकार और उद्यमी हमारसिंग खारहमार तथा उनकी पत्नी रियाकी जाना मिलकर करते हैं।

रिनसन के लिए यह उपलब्धि एक लंबी छलांग की तरह है। पिछले वर्ष 2025 के पुरस्कारों में यह रेस्टोरेंट 49वें स्थान पर मौजूद था, जहाँ से इसने अपनी स्थिति में सुधार करते हुए सीधे 32वें स्थान पर अपनी जगह बनाई है। हमारसिंग खारहमार के अनुसार, यह सम्मान ऐसे समय में मिला है जब लोग मेघालय की वादियों और प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ यहाँ के पारंपरिक व्यंजनों में भी गहरी रुचि दिखा रहे हैं।

## स्थानीय परंपरा और अंतरराष्ट्रीय अंदाज का अनूठा संगम
दोनों रेस्टोरेंट्स अपने खास अंदाज और भोजन तैयार करने के अनूठे तरीकों के लिए जाने जाते हैं। रिनसन एक पुनर्निर्मित असम शैली के बंगले से संचालित होता है। यहाँ गारो, खासी और जयंतिया जनजातियों की पारंपरिक पाक शैलियों को नगालैंड, मिजोरम, बर्मा और थाईलैंड के प्रभावों के साथ नए सिरे से पेश किया जाता है। क्षेत्रीय स्वादों का यह मेल ग्राहकों को बेहद पसंद आता है।

वहीं दूसरी ओर, नोना मेई भोजन तैयार करने में बिल्कुल अलग दृष्टिकोण अपनाता है। यह प्रतिष्ठान इतालवी तकनीकों और स्वादों को मेघालय की पारंपरिक सामग्रियों के साथ मिलाता है। इसका मेन्यू स्थानीय उपज और अंतरराष्ट्रीय व्यंजनों के बीच एक बेहतरीन संतुलन बनाता है, जिससे खाने के शौकीनों को बिल्कुल नया अनुभव मिलता है।

## मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा ने की सराहना
इस राष्ट्रीय उपलब्धि पर मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा ने दोनों प्रतिष्ठानों को अपनी शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा, 
> “देश के टॉप 50 विजेताओं में शामिल होने पर रिनसन और नोना मेई को बधाई।”
 मुख्यमंत्री ने कहा कि ये दोनों रेस्टोरेंट मेघालय की खाद्य संस्कृति की विविधता, रचनात्मकता और परिष्कार को दर्शाते हैं। उन्होंने शेफ और उनकी टीमों की प्रशंसा करते हुए कहा कि राज्य के पारंपरिक स्वाद अब देश के पाक मानचित्र पर अपनी मजबूत छाप छोड़ रहे हैं।

## इसका आप पर असर
इस उपलब्धि से मेघालय के खाद्य उद्योग और स्थानीय पर्यटन को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।

- **भारत में:** देश भर के पर्यटकों और भोजन प्रेमियों को पूर्वोत्तर भारत के अनूठे क्षेत्रीय स्वादों को नए रूप में जानने का मौका मिलेगा। इससे राष्ट्रीय स्तर पर पूर्वोत्तर के स्वदेशी व्यंजनों और सामग्रियों की मांग बढ़ सकती है।
- **शिलांग में:** स्थानीय रेस्टोरेंट उद्योग और किसानों को लाभ मिलेगा क्योंकि स्वदेशी उपज का उपयोग बढ़ेगा। मेघालय आने वाले यात्रियों के लिए अब प्राकृतिक नजारों के साथ-साथ यह खानपान का बड़ा केंद्र बनेगा।
- **रेस्तरां संचालकों के लिए:** पूर्वोत्तर के अन्य शेफ और उद्यमियों को स्थानीय परंपराओं को आधुनिक शैली में पेश करने की प्रेरणा मिलेगी। इससे स्थानीय रोजगार और आतिथ्य सत्कार के क्षेत्र में नए अवसर पैदा होंगे।
- **ग्राहकों के लिए:** शिलांग में आने वाले लोगों को पारंपरिक जनजातीय भोजन और अंतरराष्ट्रीय स्वादों के अनूठे मेल का स्वाद चखने का अवसर मिलेगा। इससे डाइनिंग के अनुभव में नयापन आएगा।

## ऐसा क्यों हुआ
शिलांग के इन दोनों प्रतिष्ठानों ने स्थानीय स्वदेशी व्यंजनों और वैश्विक पाक शैलियों का अभिनव प्रयोग किया, जिससे उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली।

- **पाक नवाचार:** रिनसन ने खासी, गारो और जयंतिया परंपराओं को पड़ोसी राज्यों व देशों के स्वादों के साथ मिलाया, जबकि नोना मेई ने स्थानीय सामग्री को इतालवी तकनीकों के साथ जोड़ा। इस नए प्रयोग ने भोजन के आलोचकों का ध्यान खींचा।
- **सतत सुधार और प्रगति:** रिनसन ने 2025 में 49वां स्थान हासिल करने के बाद अपने स्तर में लगातार सुधार किया और 2026 में 32वें स्थान पर पहुंचा। यह निरंतरता उनकी गुणवत्ता को साबित करती है।
- **पूर्वोत्तर भोजन में बढ़ती रुचि:** मेघालय की प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ वहाँ की समृद्ध खाद्य संस्कृति को भी अब देश भर में तेजी से सराहा जा रहा है।

## सवाल-जवाब

### 1. शिलांग के कौन से दो रेस्टोरेंट्स भारत के टॉप 50 में शामिल हुए हैं?
शिलांग के 'रिनसन' और 'नोना मेई' ने 2026 के लिए भारत के शीर्ष 50 भोजनालयों की सूची में स्थान प्राप्त किया है।

### 2. रिनसन और नोना मेई को 2026 की सूची में क्या रैंक मिली है?
रिनसन को इस सूची में 32वां स्थान मिला है, जबकि नोना मेई को 44वां स्थान प्राप्त हुआ है।

### 3. इन दोनों रेस्टोरेंट्स के संचालक कौन हैं?
इन दोनों प्रतिष्ठानों का संचालन संगीतकार और उद्यमी हमारसिंग खारहमार तथा उनकी पत्नी रियाकी जाना करते हैं।

### 4. रिनसन रेस्टोरेंट किस तरह का भोजन परोसता है?
रिनसन गारो, खासी और जयंतिया परंपराओं को नगालैंड, मिजोरम, बर्मा और थाईलैंड के प्रभावों के साथ मिलाकर पेश करता है।

### 5. नोना मेई के मेन्यू की क्या विशेषता है?
नोना मेई इतालवी पाक तकनीकों और स्वादों को मेघालय की स्थानीय सामग्रियों के साथ जोड़कर विशेष व्यंजन तैयार करता है।

### 6. मेघालय के मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा ने दोनों प्रतिष्ठानों को बधाई दी और कहा कि वे राज्य की खाद्य संस्कृति की विविधता, रचनात्मकता और परिष्कार को दर्शाते हैं।

## प्रेरणा और सबक
यह कहानी दर्शाती है कि अपनी जड़ों और संस्कृति से जुड़े रहकर भी वैश्विक स्तर पर पहचान बनाई जा सकती है।

- **अपनी जड़ों का सम्मान:** हमारसिंग खारहमार और रियाकी जाना ने विदेशी शैलियों की नकल करने के बजाय अपनी पारंपरिक जनजातीय पाक कला को आधार बनाया। स्थानीय संस्कृति में हमेशा अनूठी ताकत होती है।
- **प्रयोग करने का साहस:** स्थानीय सामग्रियों को इतालवी शैलियों या पड़ोसी देशों के स्वादों के साथ जोड़ना दिखाता है कि लीक से हटकर सोचने से नया रास्ता बनता है। नवाचार सफलता की कुंजी है।
- **निरंतर सुधार का संकल्प:** पिछले साल 49वें स्थान पर रहने के बाद काम बंद नहीं किया, बल्कि मेहनत से 32वें पायदान तक पहुंचे। निरंतर प्रयास से रैंकिंग और प्रतिष्ठा दोनों सुधरती हैं।

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