शिलांग के पिंथोरुमख्राह में वाहन से 40.12 ग्राम हेरोइन बरामद, असम और मेघालय के दो तस्कर गिरफ्तार मेघालय पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने शिलांग में असम नंबर के एक वाहन को रोककर 7 लाख रुपये मूल्य की 40.12 ग्राम हेरोइन पकड़ी है और दो लोगों को गिरफ्तार किया है। मेघालय की राजधानी शिलांग में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार पर नकेल कसते हुए पुलिस की विशेष टीम ने बड़ी कामयाबी हासिल की है। एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने शहर के पिंथोरुमख्राह इलाके में एक सुनियोजित घेराबंदी के दौरान 40.12 ग्राम संदिग्ध हेरोइन बरामद की, जिसकी गैरकानूनी बाजार में अनुमानित कीमत करीब 7 लाख रुपये आंकी गई है। इस कार्रवाई के दौरान मौके से दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। सिलचर से शिलांग तक मादक पदार्थ पहुंचाने की गुप्त सूचना मादक पदार्थों की इस खेप को लेकर सुरक्षा एजेंसियों को पहले से ही खुफिया जानकारी मिल रही थी। प्राप्त सूचना के अनुसार असम के सिलचर से नशीले पदार्थों की एक खेप शिलांग शहर में आपूर्ति के लिए लाई जा रही थी। इस इनपुट की पुष्टि होते ही ANTF के जवानों ने पिंथोरुमख्राह के रणनीतिक स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी और आने-जाने वाले संदिग्ध वाहनों की जांच शुरू कर दी। तलाशी में चार साबुनदानी से मिला मादक पदार्थ निगरानी के दौरान पुलिस टीम ने पंजीकरण संख्या ML-05-AD-1301 वाले एक वाहन को रोका। वाहन में दो व्यक्ति सवार थे, जिनकी पहचान असम के कछार जिले के पनग्राम निवासी जमीर हुसैन लस्कर (पुत्र स्वर्गीय मकबूल अली लस्कर) और शिलांग के नोंगमेंसोंग स्थित उमकडैत निवासी जॉय रिंथाथियांग (पुत्र स्वर्गीय डी. चाइन) के रूप में हुई। अनिवार्य कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए जब वाहन और दोनों व्यक्तियों की गहन तलाशी ली गई, तो उनके पास से चार साबुन की पेटियां बरामद हुईं, जिनमें नशीला पाउडर छिपाकर रखा गया था। एनडीपीएस कानून के तहत मुकदमा और नेटवर्क की पड़ताल बरामद पदार्थ के नमूनों का परीक्षण करने पर उसके हेरोइन होने की पुष्टि हुई, जिसका कुल शुद्ध वजन 40.12 ग्राम दर्ज किया गया। प्रतिबंधित खेप को जब्त करते हुए दोनों आरोपियों को स्वापक औषधि एवं मनःप्रभावी पदार्थ (NDPS) अधिनियम, 1985 के सख्त प्रावधानों के तहत गिरफ्तार कर लिया गया। मेघालय पुलिस इस पूरे अंतरराज्यीय नेटवर्क के मुख्य स्रोत और स्थानीय खरीददारों की पहचान करने के लिए आगे की जांच में जुटी है, जिससे राज्य में चल रहे ड्रग्स आपूर्ति तंत्र को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके। इसका आप पर असर इस जब्ती से अंतरराज्यीय ड्रग तस्करी नेटवर्क के खिलाफ चल रही कार्रवाई तेज होगी और स्थानीय स्तर पर सुरक्षा जांच और कड़ी की जाएगी। • मेघालय और शिलांग में: स्थानीय पुलिस द्वारा संवेदनशील रास्तों पर वाहनों की औचक जांच बढ़ाई जाएगी। नशीले पदार्थों के खिलाफ सख्त निगरानी से आवासीय इलाकों में युवाओं तक पहुंचने वाले अवैध नेटवर्क पर अंकुश लगेगा। • असम और पूर्वोत्तर सीमा पर: सिलचर और आसपास के जिलों से आने वाले मालवाहक तथा निजी वाहनों की चेकिंग तेज होगी। इससे अंतरराज्यीय यात्रा करने वाले आम यात्रियों को सीमा चौकियों पर थोड़े अतिरिक्त समय और पहचान पत्र सत्यापन के लिए तैयार रहना होगा। • नागरिक सुरक्षा: पुलिस द्वारा स्थानीय नागरिकों से संदिग्ध गतिविधियों की तत्काल सूचना देने की अपील की गई है। मोहल्ला स्तर पर निगरानी बढ़ने से नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। • कानूनी कार्रवाई: एनडीपीएस अधिनियम के तहत कठोर कानूनी धाराओं के चलते गिरफ्तार आरोपियों के संपर्कों की वित्तीय और लॉजिस्टिक जांच शुरू होगी। इससे इस अवैध धंधे में शामिल अन्य स्थानीय कड़ियों पर भी कानूनी शिकंजा कसेगा। ऐसा क्यों हुआ यह कार्रवाई असम के सिलचर से शिलांग तक हेरोइन की खेप पहुंचाने की सटीक खुफिया सूचना मिलने के बाद की गई। पूर्वोत्तर भारत में सिलचर और आसपास के मार्ग लंबे समय से तस्करी के संवेदनशील गलियारे रहे हैं। • सटीक खुफिया इनपुट: पुलिस को सूचना मिली थी कि एक तय वाहन में मादक पदार्थ छिपाकर शिलांग लाया जा रहा है। इस आधार पर कार्यबल ने संदिग्ध वाहन की पहचान कर सही समय पर घेराबंदी की। • तस्करी का छिपाया गया तरीका: पुलिस की नजरों से बचने के लिए तस्करों ने हेरोइन को चार अलग-अलग साबुनदानियों में छुपा रखा था। यह तरीका आम तौर पर छोटे पार्सल को सामान्य सामान की तरह दिखाने के लिए अपनाया जाता है। • आगे की जांच: पुलिस अब इस बात की कड़ियां जोड़ रही है कि यह खेप सिलचर में किस सप्लायर से खरीदी गई थी और शिलांग में इसे किन स्थानीय पेडलर्स तक पहुंचाया जाना था। सवाल-जवाब 1. शिलांग में पुलिस ने कितनी हेरोइन जब्त की है? पुलिस ने 40.12 ग्राम हेरोइन बरामद की है, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग 7 लाख रुपये है। 2. यह कार्रवाई किस इलाके में और किस टीम द्वारा की गई? यह कार्रवाई शिलांग के पिंथोरुमख्राह क्षेत्र में मेघालय पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स द्वारा की गई। 3. पकड़े गए आरोपियों की पहचान क्या है? आरोपियों की पहचान असम के कछार निवासी जमीर हुसैन लस्कर और शिलांग के नोंगमेंसोंग निवासी जॉय रिंथाथियांग के रूप में हुई है। 4. मादक पदार्थ को वाहन में किस तरह छिपाया गया था? हेरोइन को वाहन के भीतर चार प्लास्टिक की साबुनदानियों में छिपाकर रखा गया था। 5. आरोपियों पर किस कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है? दोनों आरोपियों के खिलाफ स्वापक औषधि एवं मनःप्रभावी पदार्थ (NDPS) अधिनियम, 1985 के तहत मामला दर्ज कर जांच की जा रही है। https://trendkia.com/meghalaya/shillong-ke-pynthorumkhrah-men-vahana-se-40-12-grama-heroina-baramada-assam-aura-meghalaya-ke-do-taskara-giraphtara-35746 TrendKia — Har trend, sabse pehle.