# शिलांग में 7 अक्टूबर को सड़कों पर उतरेंगे प्राथमिक शिक्षक, शिक्षा विभाग के आदेशों के खिलाफ विरोध मार्च का ऐलान

> मेघालय में प्राथमिक शिक्षकों के संगठन ने शिक्षा विभाग की अधिसूचनाओं के विरोध में 7 अक्टूबर को शिलांग में एक रैली निकालने की घोषणा की है। शिक्षकों ने रिक्त पदों को भरने और बीएलओ ड्यूटी से राहत सहित कई प्रमुख मांगें रखी हैं।

**Type:** article · **Category:** मेघालय · **Published:** 2026-10-05 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/meghalaya/shillong-men-7-aktubara-ko-sarakon-para-utarenge-prathamika-shikshaka-shiksha-vibhaga-ke-adeshon-ke-khilapha-virodha-marcha-ka-ail-43465 · **Language:** Hindi
**Tags:** मेघालय, शिलांग, प्राथमिक शिक्षक, शिक्षा विभाग, एएमपीएसटीए, शिक्षक विरोध

मेघालय में प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों ने शिक्षा विभाग की ओर से जारी किए गए विभिन्न आदेशों के खिलाफ व्यापक विरोध प्रदर्शन करने का फैसला किया है। ऑल मेघालय प्राइमरी स्कूल टीचर्स एसोसिएशन (एएमपीएसटीए) ने राज्य की राजधानी शिलांग में आगामी 7 अक्टूबर को एक बड़ा विरोध मार्च निकालने का ऐलान किया है। संगठन का कहना है कि विभाग के हालिया आदेशों से शिक्षकों के हितों पर सीधा असर पड़ रहा है, जिसको लेकर लंबे समय से असंतोष बना हुआ है।

## रैली का समय और तय मार्ग
संगठन की संयुक्त महासचिव सीडी सिनरेम ने सोमवार को संवाददाताओं को जानकारी देते हुए बताया कि यह मार्च सुबह 10 बजे गोल्फलिंक स्थित कम्युनिटी हॉल से शुरू होगा। इसके बाद विरोध प्रदर्शन कर रहे शिक्षक बिशप्स कॉटन रोड और फोर्थ फरलॉन्ग से होते हुए आगे बढ़ेंगे। यह पूरी रैली अपना निर्धारित चक्कर पूरा करने के बाद वापस गोल्फलिंक पहुंचेगी, जहां इसका औपचारिक समापन किया जाएगा।

## लंबित मांगों पर सुनवाई न होने से नाराजगी
सीडी सिनरेम ने स्पष्ट किया कि संगठन ने अपनी चिंताओं और समस्याओं को सुलझाने के लिए शिक्षा विभाग के समक्ष कई बार बात रखी और आवश्यक कदम उठाए, लेकिन प्रशासन की तरफ से अब तक कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस रैली के आयोजन के बाद भी राज्य सरकार ने शिक्षकों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो एएमपीएसटीए एक बैठक बुलाकर अपने आंदोलन के अगले चरण की रूपरेखा तय करेगी।

## प्रमुख मांगें और 27 जुलाई के आदेश का विरोध
शिक्षकों के इस संगठन की मुख्य मांगों में सरकारी, डेफिसिट और गैर-सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में स्वीकृत खाली पदों को बनाए रखना और उन्हें शीघ्र भरना शामिल है। इसके अलावा, जिन स्कूलों में केवल एक ही शिक्षक तैनात है, वहां अतिरिक्त शिक्षकों के पद सृजित करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई है।

संगठन प्राथमिक शिक्षकों को बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) के कार्यों से मुक्त करने की मांग भी कर रहा है। इसके साथ ही, वर्ष 2007 में नियुक्त लोअर प्राइमरी (एलपी) शिक्षकों और गैर-सरकारी लोअर प्राइमरी विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के नियमितीकरण की बात कही गई है। प्रदर्शनकारी शिक्षक शिक्षा विभाग के 27 जुलाई के आदेश के कुछ विशेष प्रावधानों को तत्काल वापस लेने की मांग पर भी अड़े हुए हैं।

## इसका आप पर असर
मेघालय के प्राथमिक शिक्षकों के इस विरोध मार्च से राज्य की प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था और स्कूल संचालन पर सीधा प्रभाव पड़ सकता है।

- **भारत में:** शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों जैसे चुनावी जिम्मेदारियों से मुक्त रखने की बहस विभिन्न राज्यों में लंबे समय से चल रही है। यदि प्राथमिक शिक्षकों को बीएलओ ड्यूटी से छूट मिलती है, तो यह देश भर में इसी तरह की मांगों को बल दे सकता है।
- **मेघालय में:** राजधानी शिलांग में 7 अक्टूबर को सुबह 10 बजे से गोल्फलिंक, बिशप्स कॉटन रोड और फोर्थ फरलॉन्ग क्षेत्रों में यातायात प्रभावित रह सकता है। वहीं एकल-शिक्षक स्कूलों और खाली पदों के मुद्दे सुलझने पर राज्य के प्राथमिक छात्रों की पढ़ाई की गुणवत्ता में सुधार होगा।
- **शिक्षकों के लिए:** वर्ष 2007 में नियुक्त और गैर-सरकारी एलपी स्कूलों के शिक्षकों के लिए सेवा नियमितीकरण की मांग बेहद महत्वपूर्ण है। यदि सरकार इन मांगों को मानती है, तो सैकड़ों शिक्षकों की नौकरी सुरक्षित हो सकेगी।
- **प्रशासन के लिए:** शिक्षा विभाग को 27 जुलाई के विवादास्पद आदेश और भर्ती प्रक्रिया को लेकर नीतिगत फैसला लेना होगा। मांगों की अनदेखी की स्थिति में आंदोलन और तेज होने की चेतावनी दी गई है।

## ऐसा क्यों हुआ
यह विरोध प्रदर्शन प्राथमिक विद्यालय शिक्षकों और राज्य शिक्षा विभाग के बीच लंबे समय से जारी नीतिगत गतिरोध और अनसुलझी समस्याओं का परिणाम है।

- **सीधा कारण:** शिक्षा विभाग द्वारा जारी की गई नई अधिसूचनाएं और विशेषकर 27 जुलाई का आधिकारिक आदेश, जिसके कुछ प्रावधानों से शिक्षक वर्ग असंतुष्ट है।
- **संवाद की कमी:** संगठन के अनुसार उसने अपनी मांगों को लेकर कई बार विभाग से संपर्क किया, लेकिन अधिकारियों की तरफ से कोई संतोषजनक या सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली।
- **लंबित सेवा शर्तें:** प्राथमिक विद्यालयों में बड़ी संख्या में रिक्त पद बने हुए हैं, एकल-शिक्षक स्कूलों पर अत्यधिक बोझ है, और वर्ष 2007 से कार्यरत शिक्षकों का नियमितीकरण लंबित पड़ा है।
- **गैर-शैक्षणिक जिम्मेदारियां:** शिक्षकों को बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) जैसी गैर-अध्यापन ड्यूटी सौंपे जाने से उनके नियमित शैक्षणिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. शिलांग में प्राथमिक शिक्षक कब विरोध रैली निकालेंगे?
यह विरोध रैली 7 अक्टूबर को सुबह 10 बजे आयोजित की जाएगी।

### 2. विरोध मार्च का रास्ता क्या रहेगा?
यह मार्च गोल्फलिंक के कम्युनिटी हॉल से शुरू होकर बिशप्स कॉटन रोड और फोर्थ फरलॉन्ग होते हुए वापस गोल्फलिंक में समाप्त होगा।

### 3. इस प्रदर्शन का आयोजन कौन सा संगठन कर रहा है?
इसका आयोजन ऑल मेघालय प्राइमरी स्कूल टीचर्स एसोसिएशन (एएमपीएसटीए) कर रहा है।

### 4. शिक्षकों की मुख्य मांगें क्या हैं?
शिक्षकों की मांगों में खाली पदों को भरना, एकल-शिक्षक स्कूलों में अतिरिक्त पद बनाना, 2007 के एलपी शिक्षकों का नियमितीकरण, बीएलओ ड्यूटी से छूट और 27 जुलाई के आदेश के कुछ प्रावधानों को वापस लेना शामिल है।

### 5. यदि सरकार ने मांगें नहीं मानीं तो संगठन क्या करेगा?
संगठन की संयुक्त महासचिव के अनुसार, मांगें पूरी न होने पर एएमपीएसटीए बैठक कर अपने आंदोलन के अगले चरण की घोषणा करेगा।

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