शिलांग में बाइक रैली के दौरान हिंसा के बाद खासी स्टूडेंट्स यूनियन के तीन शीर्ष पदाधिकारी गिरफ्तार शिलांग में ब्लैक-फ्लैग बाइक रैली के दौरान हुई तोड़फोड़ और आगजनी के मामले में पुलिस ने खासी स्टूडेंट्स यूनियन के अध्यक्ष रेमंड खारजाना सहित तीन मुख्य नेताओं को देर रात गिरफ्तार कर लिया। मेघालय की राजधानी शिलांग में बुधवार देर रात पुलिस ने खासी स्टूडेंट्स यूनियन (KSU) के तीन शीर्ष पदाधिकारियों को एक होटल से हिरासत में ले लिया। यह कार्रवाई संगठन द्वारा निकाली गई मोटरसाइकिल रैली के दौरान शहर भर में हुई भीषण तोड़फोड़, आगजनी और हिंसा के बाद की गई है। पुलिस दल ने उस समय छापा मारा जब ये छात्र नेता एक होटल में बैठक कर रहे थे। रैली के दौरान हुई हिंसक घटनाओं के संबंध में पूछताछ के लिए तीनों को हिरासत में लेकर पुलिस स्टेशन भेजा गया। हिरासत में लिए गए संगठन के प्रमुख पदाधिकारी पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई में खासी स्टूडेंट्स यूनियन के अध्यक्ष रेमंड खारजाना, उपाध्यक्ष पिंकमेनलांग सन्मियत और महासचिव रुबेन नाजियार को गिरफ्तार किया गया है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने पुष्टि की कि तीनों नेताओं को बुधवार देर रात शहर के एक होटल से पकड़ा गया। इसके तुरंत बाद उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच सदर पुलिस स्टेशन ले जाया गया, जहां अधिकारी उनसे लगातार पूछताछ कर रहे हैं। पुलिस ने तीनों छात्र नेताओं के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 (BNS) के तहत कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। इनमें सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, लोगों को चोट पहुंचाने और गैरकानूनी सभा आयोजित करने से जुड़ी धाराएं शामिल हैं। गिरफ्तारी की यह कार्रवाई उस प्रेस कॉन्फ्रेंस के कुछ ही घंटों बाद हुई, जिसमें यूनियन के नेताओं ने हिंसा पर दुख जताते हुए माफी मांगी थी, हालांकि उन्होंने रैली आयोजित करने के अपने फैसले का समर्थन जारी रखा था। शिलांग में बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ और आगजनी बुधवार दोपहर करीब 4 बजे जियाव स्थित KSU कार्यालय से यह ब्लैक-फ्लैग बाइक रैली शुरू हुई थी। यह रैली लुमदिएंगजरी, माल्की, धनखेती, उमपलिंग, गोल्फ लिंक और मावलाई मावरोह जैसे प्रमुख इलाकों से गुजरते हुए वापस जियाव पहुंची। रैली के दौरान शहर के बड़े हिस्सों में दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान पूरी तरह बंद रहे, जबकि कई इलाकों में अचानक हिंसा भड़क उठी। पुलिस से मिले आंकड़ों के अनुसार, उपद्रव के दौरान कम से कम 31 वाहनों को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने गुजरते वाहनों पर पथराव किया और विशेष रूप से राज्य से बाहर के नंबर वाले वाहनों को निशाना बनाया। इसके अलावा, कम से कम दो सरकारी गाड़ियों में आग लगा दी गई, जिससे एक वाहन पूरी तरह जलकर खाक हो गया। शहर के विभिन्न हिस्सों में पैदल चल रहे राहगीरों पर भी हमले किए गए, जिसमें कई लोग घायल हो गए। उपद्रवियों ने सार्वजनिक महापुरुषों की प्रतिमाओं को भी नुकसान पहुंचाया, जिनमें स्वामी विवेकानंद और नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मूर्तियां शामिल हैं। यूनियन कार्यालय की घेराबंदी और पुलिस के साथ झड़प प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान KSU नेतृत्व ने दावा किया था कि हिंसा की घटनाओं के पीछे कुछ "नकारात्मक तत्व" शामिल थे। संगठन का आरोप था कि इन असामाजिक तत्वों ने रैली में घुसपैठ की ताकि आंदोलन को भटकाया जा सके और यूनियन की साख को नुकसान पहुंचाया जा सके। हालांकि, पुलिस ने अपनी जांच और कार्रवाई जारी रखी। आधी रात के आसपास SF-10 के जवानों के साथ पुलिस टीम ने जियाव स्थित KSU के मुख्य कार्यालय को चारों तरफ से घेर लिया और वहां सघन तलाशी अभियान चलाया। देर रात हुई इन गिरफ्तारियों और पुलिस कार्रवाई के बाद शिलांग में KSU समर्थकों और पुलिसकर्मियों के बीच फिर से टकराव और तनाव की स्थिति पैदा हो गई। यूनियन की 5 सूत्री मांगें और अल्टीमेटम खासी स्टूडेंट्स यूनियन ने राज्य सरकार को 5 सूत्री मांगों को लेकर 15 दिनों का अल्टीमेटम दिया था। सरकार की ओर से कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया न मिलने पर संगठन ने इस ब्लैक-फ्लैग बाइक रैली का आयोजन किया था। संगठन की मुख्य मांगों में ईस्ट जयंतिया हिल्स में प्रस्तावित एक निजी सीमेंट संयंत्र को लेकर 31 जुलाई को होने वाली जनसुनवाई को रद्द करना शामिल है। यूनियन ने इस जनसुनवाई का आयोजन कराने के जिम्मेदार अधिकारियों, जिनमें ईस्ट जयंतिया हिल्स के डिप्टी कमिश्नर, पुलिस अधीक्षक और मेघालय राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी शामिल हैं, के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। इसके अलावा, संगठन मेघालय रेजिडेंट्स सेफ्टी एंड सिक्योरिटी एक्ट (MRSSA), 2016 को तत्काल लागू करने और प्रवासी श्रमिकों से संबंधित संशोधनों को सख्ती से लागू करने पर जोर दे रहा है। सरकारी नौकरियों में भर्ती प्रक्रिया को लेकर KSU की मांग है कि ग्रेड सी और डी के पदों के लिए व्यक्तिगत साक्षात्कार (इंटरव्यू) की व्यवस्था समाप्त की जाए और सरकारी नौकरियां केवल मेघालय के मूल निवासियों के लिए आरक्षित की जाएं। अन्य प्रमुख मांगों में नेग्रिम्स (NEIGRIHMS) में भर्ती से जुड़े मुद्दों का समाधान, राज्य में इनर लाइन परमिट (ILP) प्रणाली लागू करना और यूरेनियम खनन के विरोध में राज्य सरकार की पुरानी प्रतिबद्धता को पूरा करना शामिल है। इसका आप पर असर भारत में: मेघालय की यात्रा करने वाले यात्रियों और माल परिवहन वाहनों को राज्य में सुरक्षा जांच और संभावित सड़क जाम के कारण सतर्क रहने की सलाह दी जाती है। शिलांग और मेघालय में: शिलांग में पुलिस गश्त बढ़ने और सुरक्षा जांच के कारण स्थानीय निवासियों, स्कूली छात्रों और व्यावसायिक गतिविधियों पर अस्थायी प्रभाव पड़ सकता है। सवाल-जवाब 1. शिलांग में किन नेताओं को पुलिस ने गिरफ्तार किया है? पुलिस ने खासी स्टूडेंट्स यूनियन (KSU) के अध्यक्ष रेमंड खारजाना, उपाध्यक्ष पिंकमेनलांग सन्मियत और महासचिव रुबेन नाजियार को गिरफ्तार किया है। 2. KSU नेताओं पर किन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है? तीनों नेताओं पर भारतीय न्याय संहिता, 2023 के तहत सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, चोट पहुंचाने और गैरकानूनी सभा से जुड़ी धाराओं में मामला दर्ज हुआ है। 3. मोटरसाइकिल रैली के दौरान कितना नुकसान हुआ? रैली के दौरान 31 वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया, कम से कम दो सरकारी वाहनों में आग लगा दी गई और सार्वजनिक प्रतिमाओं को क्षतिग्रस्त किया गया। 4. खासी स्टूडेंट्स यूनियन की मुख्य मांगें क्या हैं? यूनियन की मुख्य मांगों में सीमेंट प्लांट की जनसुनवाई रद्द करना, इनर लाइन परमिट (ILP) लागू करना, MRSSA 2016 लागू करना और ग्रेड सी व डी नौकरियों में इंटरव्यू खत्म करना शामिल है। https://trendkia.com/meghalaya/shillong-men-baika-raili-ke-daurana-hinsa-ke-bada-khasi-students-union-ke-tina-shirsha-padadhikari-giraphtara-18847 TrendKia — Har trend, sabse pehle.