शिलांग में डीआईपीआर कॉन्क्लेव 2026 संपन्न, मेघालय में सरकारी सूचना तंत्र को डिजिटल और आधुनिक बनाने पर बना रोडमैप मेघालय के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने शिलांग में डीआईपीआर कॉन्क्लेव 2026 का आयोजन कर डिजिटल विस्तार, फैक्ट चेकिंग और त्वरित जनसंचार के लिए कई अहम प्रस्ताव पारित किए। मेघालय सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क निदेशालय (डीआईपीआर) ने शुक्रवार को शिलांग में डीआईपीआर कॉन्क्लेव 2026 का आयोजन किया, जिसमें जनसंचार प्रणाली को आधुनिक और अधिक प्रभावी बनाने की व्यापक रूपरेखा तैयार की गई। इस एक दिवसीय सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य प्रशासनिक स्तर पर बेहतर समन्वय स्थापित करना, डिजिटल माध्यमों की पहुंच को दूरदराज तक बढ़ाना और आम जनता व सरकार के बीच सीधे संवाद को मजबूत करना रहा। इस आयोजन के दौरान विभागीय कार्यप्रणाली को भविष्य की चुनौतियों के अनुकूल ढालने के लिए कई अहम प्रस्ताव भी सर्वसम्मति से पारित किए गए। यह सम्मेलन 'स्ट्रेंथनिंग डीआईपीआर: बिल्डिंग अ रिस्पॉन्सिव, कनेक्टेड एंड फ्यूचर-रेडी इंफॉर्मेशन सर्विस' विषय पर आधारित था। यह इस वार्षिक आयोजन का दूसरा संस्करण था, जिसकी शुरुआत 5 मार्च 2025 को हुए उद्घाटन सम्मेलन से हुई थी। सम्मेलन में लगातार बदलते मीडिया परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए विभाग की संस्थागत क्षमता बढ़ाने, सरकारी जानकारियों के प्रसार को व्यवस्थित करने और सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान पर विशेष जोर दिया गया। इसके अलावा, गलत जानकारियों के बढ़ते प्रभाव से निपटने और विभागीय त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र को चाक-चौबंद करने के उपायों पर भी विस्तृत चर्चा की गई। सटीक सूचना और निष्पक्ष जनसंचार पर जोर कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री लखमेन रिम्बुई ने मीडिया और सरकार के बीच सकारात्मक तालमेल पर बल दिया। उन्होंने कहा कि प्रिंट मीडिया और प्रकाशकों के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखते हुए यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि आम नागरिकों तक पूरी तरह सटीक और प्रामाणिक सूचना पहुंचे। लखमेन रिम्बुई ने वर्तमान दौर में जनमानस पर सोशल मीडिया के बढ़ते असर को लेकर आगाह किया और नागरिकों से अपील की कि वे किसी भी सूचना को स्वीकार करने से पहले उसकी सत्यता के प्रति सजग रहें। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस सम्मेलन के विचार-विमर्श से नए दृष्टिकोण सामने आएंगे और राज्य की जनता के हित में व्यावहारिक समाधान तलाशे जा सकेंगे। आधुनिक संचार प्रणाली के पांच प्रमुख सत्र इस सम्मेलन के दौरान जनसंचार और मीडिया प्रबंधन के पांच प्रमुख पहलुओं पर केंद्रित विशेष सत्र आयोजित किए गए। इनमें 'वन डीआईपीआर न्यूजरूम' सत्र में समाचारों के संकलन और उनके एकीकृत वितरण की आधुनिक तकनीक पर विचार किया गया। वहीं एबीसी डाइजेस्ट टीम द्वारा 'डिजिटल रीच एंड द फेडेरेटेड चैनल नेटवर्क' सत्र प्रस्तुत किया गया, जिसमें आधिकारिक सूचनाओं तक आम लोगों की पहुंच आसान बनाने और डिजिटल तंत्र के विस्तार पर चर्चा हुई। तीसरे सत्र में मेघालय क्रॉनिकल की टीम ने 'मीडिया रिलेशंस, रैपिड रिस्पॉन्स एंड पब्लिक कम्युनिकेशन पॉलिसी' विषय पर प्रस्तुति दी, जिसमें मीडिया संस्थानों के साथ समयबद्ध संवाद और संकट के समय त्वरित सूचना देने की रणनीतियां साझा की गईं। एक अन्य सत्र में डीआईपीआर के आगामी रोडमैप के तहत संस्थागत मजबूती और अधिकारियों की क्षमता निर्माण की समीक्षा की गई। इसके साथ ही शिलांग प्रेस क्लब और मेघालय एडिटर्स एंड पब्लिशर्स एसोसिएशन (एमईपीए) के साथ आयोजित हितधारक संवाद में मीडियाकर्मियों को सरकारी सूचनाओं की सुलभ उपलब्धता पर चर्चा हुई। पत्रकार कल्याण और फैक्ट चेकिंग तंत्र सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के आयुक्त एवं सचिव विजय मंत्री ने मीडिया को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ बताते हुए स्पष्ट और पारदर्शी संचार की अनिवार्यता को रेखांकित किया। उन्होंने पारंपरिक मीडिया को सहयोग देने और भ्रामक जानकारियों से निपटने में डीआईपीआर की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। विजय मंत्री ने राज्य सरकार द्वारा पत्रकारों के हित में शुरू की गई पहलों का जिक्र किया, जिनमें जर्नलिस्ट वेलफेयर स्कीम 2024, वरिष्ठ व सेवानिवृत्त पत्रकारों के लिए पेंशन योजना और जर्नलिस्ट वेलफेयर फंड शामिल हैं। उन्होंने फेक न्यूज पर अंकुश लगाने के लिए मजबूत फैक्ट चेकिंग तंत्र विकसित करने, विश्वसनीय मीडिया संस्थानों पर जनविश्वास बढ़ाने और राज्य के समाचार संगठनों के सामने मौजूद व्यावहारिक कठिनाइयों के समाधान पर बल दिया। मीडिया प्रतिनिधियों ने रखीं प्रमुख मांगें सम्मेलन में पहुंचे पत्रकार संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपनी जमीनी चुनौतियां और आवश्यकताएं साझा कीं। शिलांग प्रेस क्लब के महासचिव और टी7 न्यूज के निर्माता डोमिनिक सैवियो डिएंगडोह ने पत्रकारों के लिए सूचनाओं तक त्वरित पहुंच और नियमित प्रेस ब्रीफिंग की व्यवस्था करने की मांग की। उन्होंने कहा कि मीडिया से आने वाले सवालों के समय पर जवाब मिलने चाहिए और शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने वाले पत्रकारों के लिए निरंतर प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाने चाहिए। उन्होंने दूरदराज के क्षेत्रों में रिपोर्टिंग करने वाले संवाददाताओं की सुरक्षा और कल्याणकारी योजनाओं की जरूरत भी उठाई। मेघालय टाइम्स की प्रबंध संपादक और मेघालय एडिटर्स एंड पब्लिशर्स एसोसिएशन की कोषाध्यक्ष डेइमेबंदा ब्लाह ने विभाग से बदलते मीडिया दौर के अनुरूप ढलने का आग्रह किया। उन्होंने जिला स्तर पर संचार व्यवस्था मजबूत करने, सरकारी प्रेस विज्ञप्तियों के लिए एक केंद्रीकृत पोर्टल बनाने, नियमित ब्रीफिंग शुरू करने और डीआईपीआर के भीतर एक समर्पित फैक्ट चेकिंग सेल स्थापित करने का प्रस्ताव रखा। साथ ही उन्होंने मीडियाकर्मियों के लिए संयुक्त कार्यशालाओं के आयोजन की वकालत की। भविष्य के लिए ठोस प्रस्ताव पारित सम्मेलन के समापन पर डीआईपीआर की प्राथमिकताओं को दिशा देने के लिए आधिकारिक प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन प्रस्तावों का मुख्य लक्ष्य विभागीय समन्वय को धार देना और पूरे राज्य में जनहित से जुड़ी जानकारियों की पारदर्शी आपूर्ति सुनिश्चित करना है। डीआईपीआर कॉन्क्लेव 2026 ने यह स्पष्ट किया कि मेघालय सरकार अपने सूचना तंत्र को पूरी तरह उत्तरदायी, डिजिटल रूप से कनेक्टेड और भविष्य के लिए तैयार सूचना सेवा के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसका आप पर असर इस सम्मेलन के फैसलों से मेघालय के नागरिकों और पत्रकारों दोनों को सरकारी सूचनाओं की त्वरित व प्रामाणिक प्राप्ति में सीधा लाभ मिलेगा। • मेघालय में: सरकारी योजनाओं, नीतियों और प्रशासनिक घोषणाओं के लिए जिला स्तर पर डिजिटल प्रचार और केंद्रीकृत व्यवस्था की जाएगी। इससे दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को आधिकारिक जानकारी बिना किसी भ्रांति के समय पर उपलब्ध हो सकेगी। • स्थानीय मीडियाकर्मियों के लिए: नियमित सरकारी ब्रीफिंग, सवालों के त्वरित उत्तर और प्रशिक्षण कार्यशालाओं की व्यवस्था लागू की जाएगी। ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में काम करने वाले संवाददाताओं को कल्याणकारी योजनाओं और पेंशन का व्यवस्थित संरक्षण मिल सकेगा। • फर्जी खबरों से बचाव: विभाग के स्तर पर तथ्य जांच और सूचना सत्यापन का विशेष तंत्र तैयार किया जा रहा है। आम नागरिक सोशल मीडिया पर फैलने वाले भ्रामक दावों से बच सकेंगे और प्रामाणिक खबरों तक उनकी पहुंच सुनिश्चित होगी। • पारदर्शिता और संवाद: सरकारी विभागों और मीडिया संगठनों के बीच संवाद की प्रक्रिया सरल और पारदर्शी बनेगी। इससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर जनता का भरोसा और अधिक मजबूत होगा। ऐसा क्यों हुआ तेजी से बदलते डिजिटल मीडिया परिवेश, सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों और सरकारी सूचना तंत्र को आधुनिक बनाने की आवश्यकता के चलते इस सम्मेलन का आयोजन किया गया। • बदलता मीडिया परिदृश्य: पारंपरिक समाचार पत्रों के साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के बढ़ते प्रभाव ने सरकारी संचार प्रणाली में आमूलचूल बदलाव की जरूरत पैदा की। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग को डिजिटल रूप से सक्षम बनाने के लिए यह वार्षिक मंथन जरूरी था। • फेक न्यूज की चुनौती: सोशल मीडिया पर असत्यापित जानकारियों के प्रसार से जनता में भ्रम की स्थिति बनने का जोखिम लगातार बढ़ रहा था। इसे रोकने के लिए एक मजबूत तथ्य जांच व्यवस्था और विश्वसनीय सूचना नेटवर्क खड़ा करना अनिवार्य हो गया था। • निरंतर सुधार की प्रक्रिया: विभाग ने 5 मार्च 2025 को अपने पहले सम्मेलन का आयोजन किया था, जिसकी निरंतरता में दूसरा संस्करण बुलाया गया। इसका उद्देश्य पिछले निर्णयों की प्रगति की समीक्षा करना और दीर्घकालिक संस्थागत रोडमैप को अंतिम रूप देना था। • पत्रकार संगठनों की मांगें: शिलांग प्रेस क्लब और संपादकों के संगठनों द्वारा सूचनाओं की आसान पहुंच और कल्याणकारी योजनाओं की मांग उठाई जा रही थी। प्रशासन ने इन सभी पक्षों को एक मंच पर लाकर समाधान निकालने का निर्णय लिया। सवाल-जवाब 1. डीआईपीआर कॉन्क्लेव 2026 का आयोजन कहां और कब हुआ? यह सम्मेलन शुक्रवार को मेघालय की राजधानी शिलांग में सूचना एवं जनसंपर्क निदेशालय द्वारा आयोजित किया गया। 2. इस वर्ष के सम्मेलन का मुख्य विषय क्या था? सम्मेलन का विषय 'स्ट्रेंथनिंग डीआईपीआर: बिल्डिंग अ रिस्पॉन्सिव, कनेक्टेड एंड फ्यूचर-रेडी इंफॉर्मेशन सर्विस' रखा गया था। 3. सम्मेलन में मुख्य अतिथि कौन थे और उन्होंने क्या संदेश दिया? सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री लखमेन रिम्बुई मुख्य अतिथि थे, जिन्होंने मीडिया से बेहतर समन्वय और सोशल मीडिया पर सटीक सूचना जांचने पर जोर दिया। 4. सम्मेलन में पत्रकारों के कल्याण के लिए किन योजनाओं का उल्लेख किया गया? आयुक्त एवं सचिव विजय मंत्री ने जर्नलिस्ट वेलफेयर स्कीम 2024, पेंशन योजना और जर्नलिस्ट वेलफेयर फंड का उल्लेख किया। 5. मीडिया प्रतिनिधियों ने विभाग के समक्ष क्या प्रमुख प्रस्ताव रखे? प्रतिनिधियों ने नियमित प्रेस ब्रीफिंग, एक केंद्रीकृत प्रेस रिलीज पोर्टल, फैक्ट चेकिंग सेल और पत्रकारों के लिए निरंतर प्रशिक्षण की मांग रखी। https://trendkia.com/meghalaya/shillong-men-dipr-conclave-2026-snpanna-meghalaya-men-sarakari-suchana-tntra-ko-dijitala-aura-adhunika-banane-para-bana-rodamaipa-45525 TrendKia — Har trend, sabse pehle.