शिलॉन्ग में व्यापार और बुनियादी ढांचे को मिलेगी नई रफ्तार, सीएम कॉनराड के संगमा ने रखी मालकी मार्केट पुनर्विकास की आधारशिला मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा ने शिलॉन्ग में 24.27 करोड़ रुपये की मालकी मार्केट परियोजना का शिलान्यास किया। यह राज्य सरकार द्वारा शहर के बाजार बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने के बड़े अभियान का हिस्सा है। बुधवार को शिलॉन्ग में शहरी विकास की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया, जब मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा ने ऐतिहासिक मालकी मार्केट के व्यापक पुनर्विकास की आधारशिला रखी। लगभग 24.27 करोड़ रुपये के अनुमानित बजट वाली यह परियोजना राज्य की राजधानी में बाजार सुविधाओं को आधुनिक बनाने और उनके स्तर को ऊंचा उठाने के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों का हिस्सा है। शिलान्यास का यह औपचारिक समारोह मालकी ग्राउंड में आयोजित किया गया था, जिसमें स्थानीय हितधारकों, प्रशासनिक अधिकारियों और सामुदायिक नेताओं ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ मंच पर स्थानीय विधायक डॉ. एम. एम्परीन लिंगदोह भी उपस्थित थीं, जो निर्वाचन क्षेत्र के स्तर पर विकास कार्यों से बारीकी से जुड़ी रही हैं। स्थानीय व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मालकी मार्केट का पुनर्विकास कोई अकेली परियोजना नहीं है, बल्कि यह राज्य सरकार द्वारा वित्तपोषित एक व्यापक योजना का हिस्सा है जिसका उद्देश्य स्थानीय व्यापारियों और रेहड़ी-पटरी वालों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार करना है। शिलान्यास समारोह के दौरान बोलते हुए, मुख्यमंत्री संगमा ने इस बात पर जोर दिया कि क्षेत्र में मजबूत आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए उच्च गुणवत्ता वाले बाजार बुनियादी ढांचे में निवेश करना बेहद आवश्यक है। एक व्यवस्थित, स्वच्छ और संगठित व्यापारिक माहौल बनाकर, राज्य सरकार स्थानीय परिवारों के लिए आजीविका के स्थायी अवसर पैदा करना चाहती है। मालकी मार्केट परियोजना किसी एक बाजार परिसर के लिए राज्य सरकार द्वारा किए गए सबसे बड़े वित्तीय आवंटनों में से एक है, और इस पहल से मालकी और उसके आसपास के क्षेत्रों के एक प्रमुख व्यावसायिक केंद्र के रूप में विकसित होने की उम्मीद है। राज्य सरकार द्वारा वित्तपोषित शहरी परियोजनाओं का नेटवर्क मालकी मार्केट परियोजना वास्तव में राज्य बजट के माध्यम से सीधे वित्तपोषित शहरी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के एक बड़े पैकेज का हिस्सा है। राज्य प्रशासन ने शिलॉन्ग के विभिन्न क्षेत्रों में बाजारों और नागरिक बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण के लिए लगभग 130 करोड़ रुपये का बजट सुरक्षित रखा है। इसके साथ ही, स्मार्ट सिटी पहल के तहत शिलॉन्ग शहर और उसके आसपास के क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विभिन्न कार्यों के लिए 100 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा वित्तपोषित बाजार परियोजनाओं का विवरण इस प्रकार है • लैतुमखराह शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का निर्माण 38 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। • लाबान मार्केट परियोजना के लिए 14 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। • लुमश्याप में बुनियादी ढांचे के विकास पर 2 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। • पोलो डेवलपमेंट परियोजना के तहत उस क्षेत्र को पुनर्जीवित करने के लिए 30 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। • धनखेती, बारिक, ब्राइटवेल रोड, मोतफरण और पोलो सहित प्रमुख क्षेत्रों में रेहड़ी-पटरी वालों के लिए विशेष बाजार विकसित करने के लिए संयुक्त रूप से 6 करोड़ रुपये की राशि दी जा रही है। • ऐतिहासिक इवदुह बाजार क्षेत्र का पुनर्विकास 14 करोड़ रुपये के बजट के साथ किया जा रहा है। • मालकी मार्केट का नया ढांचा 24.27 करोड़ रुपये के समर्पित बजट से तैयार किया जा रहा है। यह बड़ा वित्तीय निवेश पारंपरिक व्यापारिक केंद्रों की भीड़भाड़ कम करने और खरीदारों व विक्रेताओं दोनों को सुरक्षित और आधुनिक स्थान प्रदान करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। शहरी भीड़भाड़ से मुक्ति और सचिवालय का स्थानांतरण शिलॉन्ग का यह भौतिक बदलाव केवल बाजार परिसरों तक ही सीमित नहीं है। मुख्यमंत्री संगमा ने ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू बनाने और शहर को अधिक रहने योग्य बनाने के उद्देश्य से चल रही कई अन्य परियोजनाओं की भी जानकारी दी। बारिक पॉइंट को एक आधुनिक शहरी केंद्र के रूप में विकसित करने का काम पहले ही शुरू हो चुका है, और योजना भवन को अंजलि पॉइंट, राइनो पॉइंट और सिविल अस्पताल जैसे प्रमुख स्थानों से जोड़ने वाली चार लेन की सड़क बनाने की योजना अंतिम चरण में है। शहर की भीड़भाड़ को कम करने की इस योजना का एक बड़ा हिस्सा राज्य के प्रशासनिक केंद्र को स्थानांतरित करने पर निर्भर करता है। अमसावली में नए सचिवालय का निर्माण कार्य काफी तेजी से चल रहा है, जिसका लगभग 75 प्रतिशत सिविल वर्क पूरा हो चुका है। राज्य सरकार को उम्मीद है कि अगले साल तक प्रशासनिक काम पूरी तरह से अमसावली परिसर में स्थानांतरित कर दिया जाएगा। इस स्थानांतरण के बाद, शहर के केंद्र में वर्तमान सचिवालय द्वारा घेरी गई कीमती जगह का सौंदर्यीकरण किया जाएगा। पुराने सचिवालय क्षेत्र को चौड़ी सड़कों, पैदल चलने वालों के लिए विशेष रास्तों और हरित क्षेत्रों के रूप में पुनर्विकसित करने का प्रस्ताव है। संगमा के अनुसार, ये परियोजनाएं अगले दो से तीन वर्षों में मालकी और उसके आसपास के क्षेत्रों में एक बड़ा सकारात्मक और व्यावहारिक बदलाव ला सकती हैं। पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक विकास का समन्वय पिछले आठ वर्षों में सरकार के विकास मॉडल पर चर्चा करते हुए, मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि आर्थिक प्रगति का वास्तविक लाभ जमीनी स्तर पर प्रत्येक परिवार और समुदाय तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी शहरी विकास स्थानीय लोगों की भागीदारी के बिना सफल नहीं हो सकता, इसलिए इसे स्थानीय पारंपरिक संस्थानों, पारंपरिक प्रमुखों और सामुदायिक नेताओं के साथ साझेदारी में किया जाना चाहिए। अपनी प्रशासनिक दृष्टि को साझा करते हुए, संगमा ने X पर लिखा कि पुनर्विकसित बाजार से स्थानीय व्यापारियों के लिए अधिक आधुनिक और व्यवस्थित स्थान उपलब्ध होगा। उन्होंने अपने भाषण में भी जोर देकर कहा कि पारिस्थितिकी और अर्थव्यवस्था को एक साथ आगे बढ़ना चाहिए, और बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण के दौरान शिलॉन्ग के अनूठे प्राकृतिक पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए। सार्वजनिक धन के कुशल उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए, संगमा ने नगर विकास विभाग और मालकी परियोजना को संभाल रहे ठेकेदारों को काम की गुणवत्ता के मानकों का कड़ाई से पालन करने और इसे तय समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने रंगबाह श्नोंग्स (पारंपरिक ग्राम प्रधानों) और अन्य स्थानीय नेताओं से चल रहे निर्माण कार्यों की सक्रिय रूप से निगरानी करने की अपील की, ताकि वे एक सामाजिक ऑडिट तंत्र के रूप में कार्य कर सकें और पारदर्शिता सुनिश्चित कर सकें। वेंडरों का पुनर्वास और पर्यटन को बढ़ावा देना मुख्यमंत्री ने अस्थायी स्थानांतरण के दौरान सहयोग करने के लिए स्थानीय रेहड़ी-पटरी वालों, फेरीवालों और अन्य हितधारकों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि नए वेंडिंग जोन न केवल जगह की समस्या को हल करेंगे, बल्कि शौचालय, स्वच्छता और अन्य आवश्यक बुनियादी सुविधाएं भी प्रदान करेंगे। इन वेंडिंग जोन का मुख्य उद्देश्य व्यापार को शहरी सौंदर्यीकरण और सांस्कृतिक गतिविधियों के साथ जोड़ना है। प्रशासन इन क्षेत्रों को पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए आकर्षक बनाना चाहता है। इसके तहत, इन स्थानों पर चीफ मिनिस्टर्स मेघालय ग्रासरूट्स म्यूजिक प्रोजेक्ट (CM-MGMP) के तहत लाइव संगीत कार्यक्रमों की मेजबानी की जाएगी, जिससे ये बाजार सांस्कृतिक केंद्रों के रूप में भी उभर सकेंगे। राष्ट्रीय नीति में पूर्वोत्तर के हितों की वकालत राष्ट्रीय विधायी मामलों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री संगमा ने दिल्ली में मेघालय के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को लेकर एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि मेघालय के राज्यसभा सांसद को FCRA नियमों में प्रस्तावित संशोधनों की समीक्षा कर रही संयुक्त संसदीय समिति में विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है। इस समिति की पहली बैठक 18 सितंबर को निर्धारित है। संगमा ने कहा कि इस अवसर का उपयोग मेघालय और पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र के समुदायों की चिंताओं को उठाने के लिए किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रस्तावित संशोधनों से क्षेत्र के सामाजिक विकास और कल्याणकारी कार्यों में जुटी स्थानीय संस्थाओं के काम पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। इस कार्यक्रम का समापन खेल बुनियादी ढांचे, फुटपाथों और शहरी सौंदर्यीकरण के लिए सरकार के निरंतर सहयोग के आश्वासन के साथ हुआ, जिसमें नगर विकास विभाग, शिलॉन्ग नगर पालिका बोर्ड, रंगबाह श्नोंग्स और दोरबार श्नोंग के सदस्यों ने अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई। इसका आप पर असर मालकी मार्केट और अन्य व्यावसायिक क्षेत्रों के आधुनिक होने से शिलॉन्ग के स्थानीय दुकानदारों और ग्राहकों के लिए व्यापारिक माहौल में सीधा सुधार होगा। • पूरे मेघालय में: बुनियादी सुविधाओं से लैस साफ-सुथरे और व्यवस्थित वेंडिंग जोन बनने से हजारों रेहड़ी-पटरी वालों को स्थायी आजीविका मिलेगी। इस व्यवस्थित पहल से स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलने और ग्राहकों के खरीदारी अनुभव में सुधार होने की उम्मीद है। • शिलॉन्ग में: मालकी और आसपास के इलाकों के निवासियों को सड़कों के चौड़ीकरण और बाजारों के पुनर्गठन से ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलेगी। इसके साथ ही, अगले साल सचिवालय के अमसावली में स्थानांतरित होने से शहर के केंद्र में पैदल चलने वालों के लिए अधिक हरित क्षेत्र उपलब्ध होंगे। ऐसा क्यों हुआ यह बड़ा बुनियादी ढांचागत बदलाव राज्य सरकार की उस बहुवर्षीय रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत तेजी से हो रहे आर्थिक विकास को शहरी भीड़भाड़ कम करने और पर्यावरण संरक्षण के साथ संतुलित किया जा रहा है। • बाजारों के आधुनिकीकरण की आवश्यकता: शिलॉन्ग के कई पारंपरिक बाजार जगह की कमी, खराब स्वच्छता और बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे हैं। राज्य सरकार राज्य बजट से 130 करोड़ रुपये और स्मार्ट सिटी पहल के तहत 100 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करके इन अव्यवस्थित क्षेत्रों को सुव्यवस्थित व्यावसायिक केंद्रों में बदल रही है। • शहरी केंद्र की भीड़भाड़ कम करना: वर्तमान सचिवालय क्षेत्र में अत्यधिक भीड़भाड़ रहती है, जिससे अक्सर ट्रैफिक जाम की स्थिति पैदा होती है। इसका समाधान करने के लिए, सरकार अमसावली में नए सचिवालय का निर्माण पूरा कर रही है ताकि प्रशासनिक कार्यों को वहां स्थानांतरित करके मुख्य शहर में जगह खाली की जा सके। • पर्यावरण और विकास का संतुलन: प्रशासन एक सहयोगी विकास मॉडल अपनाना चाहता है जहां रंगबाह श्नोंग्स जैसे स्थानीय पारंपरिक संस्थान काम की गुणवत्ता की निगरानी करेंगे ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि शहरी विस्तार से स्थानीय पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे। सवाल-जवाब 1. मालकी मार्केट परियोजना का बजट कितना है? मालकी मार्केट के पुनर्विकास की अनुमानित लागत 24.27 करोड़ रुपये है। 2. मालकी मार्केट पुनर्विकास की आधारशिला किसने रखी? मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा ने विधायक डॉ. एम. एम्परीन लिंगदोह की उपस्थिति में इसकी आधारशिला रखी। 3. शिलॉन्ग में बाजार और शहरी बुनियादी ढांचे के लिए कुल कितना बजट रखा गया है? राज्य सरकार ने राज्य बजट से लगभग 130 करोड़ रुपये रखे हैं, जबकि स्मार्ट सिटी पहल के तहत अतिरिक्त 100 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। 4. सरकार के नए सचिवालय (अमसावली) में स्थानांतरित होने की कब तक उम्मीद है? चूंकि अमसावली में 75 प्रतिशत सिविल वर्क पूरा हो चुका है, इसलिए सरकार अगले साल नए स्थान पर स्थानांतरित होने की योजना बहा रही है। 5. इस परियोजना में स्थानीय समुदाय के नेताओं को कैसे शामिल किया जा रहा है? मुख्यमंत्री संगमा ने रंगबाह श्नोंग्स और अन्य स्थानीय नेताओं से कार्य की प्रगति की सक्रिय निगरानी करने और सोशल ऑडिट तंत्र के रूप में कार्य करने का आग्रह किया है। 6. प्रशासनिक कार्यालयों के स्थानांतरित होने के बाद पुराने सचिवालय क्षेत्र का क्या होगा? मौजूदा सचिवालय क्षेत्र को चौड़ी सड़कों, पैदल चलने वालों के लिए विशेष रास्तों और हरित क्षेत्रों के रूप में पुनर्विकसित करने का प्रस्ताव है। https://trendkia.com/meghalaya/shillong-men-vyapara-aura-buniyadi-dhanche-ko-milegi-nai-raphtara-siema-conrad-k-sangma-ne-rakhi-malki-market-punarvikasa-ki-adhar-32719 TrendKia — Har trend, sabse pehle.