# स्नियावभलंग धर का दावा: यूडीपी-बीजेपी विलय के बाद भी मेघालय की एमडीए सरकार पूरी तरह स्थिर, एनपीपी के सभी 33 विधायक एकजुट

> मेघालय के उपमुख्यमंत्री स्नियावभलंग धर ने सत्तारूढ़ एमडीए गठबंधन में दरार की खबरों को खारिज करते हुए कहा कि 8 यूडीपी विधायकों के बीजेपी में शामिल होने के बावजूद एनपीपी के सभी 33 विधायक पूरी तरह एकजुट हैं और सरकार को कोई खतरा नहीं है।

**Type:** article · **Category:** मेघालय · **Published:** 2026-09-26 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/meghalaya/sniawbhalang-dhar-ka-bara-bayana-udp-bjp-vilaya-ke-bada-bhi-meghalaya-ki-mda-sarakara-puri-taraha-sthira-npp-ke-sabhi-33-vidhayaka-39037 · **Language:** Hindi
**Tags:** मेघालय राजनीति, स्नियावभलंग धर, एनपीपी, कॉनराड संगमा, एमडीए सरकार, बीजेपी, यूडीपी

मेघालय के उपमुख्यमंत्री और नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष स्नियावभलंग धर ने राज्य की सत्तारूढ़ सरकार में किसी भी प्रकार की राजनीतिक उथल-पुथल की संभावनाओं को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नेशनल पीपुल्स पार्टी के सभी 33 विधायक पूरी तरह से एकजुट हैं और मेघालय डेमोक्रेटिक अलायंस (MDA) सरकार की स्थिरता पर कोई असर नहीं पड़ा है। हाल ही में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (UDP) के 8 विधायकों के भारतीय जनता पार्टी (BJP) में विलय के बाद से गठबंधन में अंदरूनी मतभेद की अटकलें लगाई जा रही थीं, जिस पर विराम लगाते हुए धर ने सरकार के मजबूत होने का दावा किया।

## दिल्ली दौरे और सोशल मीडिया की अटकलों पर दी सफाई
उपमुख्यमंत्री स्नियावभलंग धर ने उन खबरों का भी खंडन किया जिनमें दावा किया जा रहा था कि एनपीपी के विधायक पार्टी नेतृत्व से अलग होकर राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में बीजेपी के शीर्ष नेताओं के साथ किसी गुप्त बातचीत में शामिल थे। उन्होंने अपने हालिया दिल्ली दौरे के संबंध में स्थिति साफ करते हुए कहा कि यह यात्रा पूरी तरह से प्रशासनिक और सरकारी कार्यों से जुड़ी थी।

धर ने बताया कि इस दौरे में उनके साथ राज्य के मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा और उपमुख्यमंत्री प्रेस्टोन टिनसोंग भी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि वे तीनों केवल आधिकारिक कामकाज के सिलसिले में दिल्ली गए थे। उन्होंने सोशल मीडिया पर 22 एनपीपी विधायकों के दिल्ली जाने की अफवाहों का खंडन करते हुए बताया कि केवल 3 विधायक ही सरकारी काम से दिल्ली पहुंचे थे। धर ने मीडिया संस्थानों से अपील की कि वे किसी भी अपरिपक्व खबर को प्रसारित करने से पहले तथ्यों की अच्छी तरह जांच-पड़ताल कर लें।

## यूडीपी विधायकों का बीजेपी में जाना गठबंधन का आंतरिक मामला
यूडीपी के 8 विधायकों के बीजेपी में शामिल होने के राजनीतिक नतीजों पर बोलते हुए धर ने इसे दोनों दलों के बीच का अंदरूनी मामला बताया। उन्होंने कहा कि इस कदम से एमडीए सरकार की सेहत या उसकी कुल संख्यात्मक ताकत पर कोई विपरीत असर नहीं पड़ता है।

उन्होंने समझाया कि यूडीपी और बीजेपी दोनों ही पहले से एमडीए गठबंधन का हिस्सा हैं। ऐसे में विधायकों का यूडीपी से बीजेपी में जाना केवल एक सत्तारूढ़ साझेदार दल से दूसरे सत्तारूढ़ साझेदार दल में स्थानांतरण जैसा है। हर राजनीतिक दल को अपनी स्थिति मजबूत करने का अधिकार है, इसलिए इससे गठबंधन सरकार पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता। एनपीपी और उसके अन्य सहयोगी दल पहले की तरह मिलकर काम कर रहे हैं।

## 2018 के मुकाबले अब अधिक मजबूत स्थिति में है एनपीपी
पार्टी की अंदरूनी एकजुटता पर बल देते हुए स्नियावभलंग धर ने कहा कि मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा, उपमुख्यमंत्री प्रेस्टोन टिनसोंग और वे स्वयं लगातार एक साथ मिलकर काम कर रहे हैं। शीर्ष नेतृत्व में किसी भी स्तर पर कोई मतभेद या गुटबाजी नहीं है।

उन्होंने ऐतिहासिक आंकड़ों का उल्लेख करते हुए याद दिलाया कि 2018 से 2023 के अपने पहले कार्यकाल के दौरान एनपीपी के पास केवल 19 विधायक थे और तब भी सरकार पूरे पांच साल सफलतापूर्वक चली थी। वर्तमान में पार्टी के पास 33 विधायकों का बड़ा और स्पष्ट समर्थन हासिल है। इस तुलना के आधार पर उन्होंने कहा कि वर्तमान एमडीए सरकार अपने पिछले कार्यकाल से भी अधिक मजबूत और सुरक्षित स्थिति में है।

## इसका आप पर असर
मेघालय सरकार के इस स्पष्टीकरण से राज्य में राजनीतिक स्थिरता बनी रहेगी और प्रशासनिक काम बाधित नहीं होंगे।

- **भारत में:** उत्तर-पूर्वी राज्यों में राजनीतिक स्थिरता से केंद्र सरकार की क्षेत्रीय विकास योजनाएं सुचारू रूप से लागू होती हैं। इससे सीमावर्ती और पहाड़ी राज्यों में ढांचागत परियोजनाओं की गति बनी रहती है।
- **मेघालय में:** एमडीए सरकार के स्थिर रहने से राज्य के नागरिकों को योजनाओं में बिना किसी रुकावट के लाभ मिलता रहेगा। सार्वजनिक नीतियों, स्थानीय रोजगार और विकास कार्यों पर राजनीतिक अनिश्चितता का असर नहीं पड़ेगा।

## ऐसा क्यों हुआ
यूडीपी के 8 विधायकों के बीजेपी में विलय और एनपीपी विधायकों के दिल्ली दौरे की अफवाहों के कारण सरकार में अस्थिरता की आशंका जताई जा रही थी, जिसे दूर करने के लिए यह बयान दिया गया।

- **विधायकों का विलय:** यूडीपी के 8 विधायकों द्वारा बीजेपी में शामिल होने से गठबंधन के शक्ति संतुलन में बदलाव की चर्चाएं शुरू हो गई थीं।
- **दिल्ली दौरे की अफवाहें:** सोशल मीडिया पर यह भ्रामक खबर फैली थी कि 22 एनपीपी विधायक नई दिल्ली में शीर्ष नेताओं के संपर्क में हैं।
- **आधिकारिक काम का स्पष्टीकरण:** उपमुख्यमंत्री ने साफ किया कि दिल्ली का दौरा केवल सरकारी कामकाज के लिए था जिसमें सीएम और दोनों डिप्टी सीएम शामिल थे।
- **संख्यात्मक मजबूती:** एनपीपी के पास अकेले 33 विधायक हैं, जो बहुमत के आंकड़े से अधिक होने के कारण सरकार को पूर्ण सुरक्षा देते हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. मेघालय में एनपीपी के कुल कितने विधायक हैं?
नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP) के पास वर्तमान में मेघालय विधानसभा में कुल 33 विधायक हैं।

### 2. यूडीपी के कितने विधायकों का बीजेपी में विलय हुआ है?
यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (UDP) के 8 विधायकों का भारतीय जनता पार्टी (BJP) में विलय हुआ है।

### 3. क्या यूडीपी-बीजेपी विलय से एमडीए सरकार की स्थिरता पर असर पड़ा है?
उपमुख्यमंत्री के अनुसार, इस विलय से सरकार की स्थिरता पर कोई असर नहीं पड़ा है क्योंकि दोनों दल पहले से एमडीए गठबंधन का हिस्सा हैं।

### 4. दिल्ली दौरे पर कितने एनपीपी विधायक गए थे?
दिल्ली दौरे पर केवल 3 विधायक (मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा और दोनों उपमुख्यमंत्री) सरकारी काम से गए थे, 22 विधायकों वाली खबर गलत थी।

### 5. 2018 से 2023 के बीच एनपीपी के पास कितने विधायक थे?
2018 से 2023 के अपने पहले कार्यकाल के दौरान एनपीपी के पास केवल 19 विधायक थे।

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