# तुरा में दुर्गा पूजा को लेकर प्रशासन सतर्क, सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों पर जोर

> तुरा प्रशासन ने आगामी दुर्गा पूजा उत्सव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा, ट्रैफिक प्रबंधन और शोर नियंत्रण के कड़े निर्देश जारी किए हैं।

**Type:** article · **Category:** मेघालय · **Published:** 2026-09-26 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/meghalaya/tura-men-durga-puja-ko-lekara-prashasana-satarka-suraksha-aura-traiphika-niyamon-para-jora-39066 · **Language:** Hindi
**Tags:** तुरा, दुर्गा पूजा, मेघालय, पश्चिम गारो हिल्स, जिला प्रशासन

मेघालय के पश्चिम गारो हिल्स जिला प्रशासन ने तुरा में होने वाले दुर्गा पूजा समारोह को लेकर अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। अधिकारियों का मुख्य ध्यान इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने, यातायात को सुचारू रूप से चलाने, शोर के स्तर को नियंत्रित करने और भीड़भाड़ पर कड़ी नजर रखने पर है, ताकि उत्सव और विसर्जन शोभायात्रा शांतिपूर्ण ढंग से पूरी हो सके।

 

## समीक्षा बैठक और समन्वय

इस सिलसिले में शुक्रवार को एक उच्चस्तरीय समन्वय बैठक बुलाई गई, जिसकी अध्यक्षता डिप्टी कमिश्नर विहोर अग्रवाल ने की। इस बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि, तुरा नगर बोर्ड के अधिकारी, सेंट्रल पूजा कमेटी के सदस्य और तुरा के सभी पूजा आयोजक शामिल हुए। प्रशासन की ओर से स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि सभी पूजा समितियां तय किए गए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर और सुरक्षा नियमों का पूरी सख्ती से पालन करें।

 

## पंडालों और मूर्तियों के लिए निर्देश

तुरा और उसके आसपास के इलाकों जैसे कि गोएराग्री और रोंगराम को मिलाकर कुल 33 पूजा पंडाल सजाए जा रहे हैं। विहोर अग्रवाल ने पंडालों में बिजली के कनेक्शन और सजावट की बारीकी से जांच करने पर जोर दिया ताकि किसी भी तरह की अनहोनी या दुर्घटना से बचा जा सके। इसके अलावा, आयोजकों को सलाह दी गई है कि वे मूर्तियों का आकार एक तय सीमा के भीतर ही रखें, जिससे विसर्जन के समय उन्हें सुरक्षित तरीके से ले जाने में कोई असुविधा न हो।

 

## शोर नियंत्रण और समय सीमा

पश्चिम गारो हिल्स के सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस अब्राहम टी. संगमा ने सभी पूजा समितियों से अपील की है कि वे रात 10 बजे के बाद लाउडस्पीकर और तेज संगीत न बजाने के नियम का सख्ती से पालन करें। ऐसा करना सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने और ध्वनि प्रदूषण को रोकने के लिए जरूरी है। हालांकि, जिन सांस्कृतिक या उत्सव संबंधी गतिविधियों में लाउडस्पीकर का इस्तेमाल नहीं होता, वे कानूनी रूप से अनुमत घंटों के भीतर जारी रह सकती हैं।

 

## विसर्जन घाट पर सुरक्षा और नियम

विसर्जन स्थल पर भारी भीड़ को नियंत्रित करने और अनावश्यक देरी से बचने के लिए जिला प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए हैं। घाट पर केवल उन्हीं अधिकृत सदस्यों और वालंटियर्स को जाने की अनुमति होगी जिनके पास वैध पहचान पत्र होगा और जिन्होंने तयशुदा रंग के कपड़े पहने होंगे। विसर्जन के दिन आयोजकों और सेंट्रल पूजा कमेटी के सदस्यों को दोपहर 12:30 बजे रिपोर्ट करना होगा, जबकि शोभायात्रा दोपहर 1 बजे से शुरू होगी। इसके साथ ही, मूर्तियों को ले जाने के लिए केवल अच्छी मैकेनिकल स्थिति वाले वाहनों का ही इस्तेमाल करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।

 

## अतिरिक्त प्रतिबंध और शांति क्षेत्र

सुरक्षा के लिहाज से विसर्जन शोभायात्रा के दौरान डीजे सिस्टम और आतिशबाजी के इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। जिला प्रशासन और सेंट्रल पूजा कमेटी कानून-व्यवस्था बनाए रखने, ट्रैफिक को दुरुस्त करने और सभी पंडालों में सुरक्षा मानकों को लागू करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। विशेष तौर पर जिला मातृत्व और बाल अस्पताल के नजदीक वाले संवेदनशील मार्गों पर शांति क्षेत्र लागू किए जाएंगे ताकि मरीजों और आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

## इसका आप पर असर
तुरा में दुर्गा पूजा उत्सव के दौरान कड़े सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों से स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों के लिए आवाजाही और सुरक्षा बेहतर होगी।

- **मेघालय में:** जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के कड़े उपायों से पूरे राज्य में त्योहारी सीजन के दौरान शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी।

- **तुरा में:** स्थानीय निवासियों और पंडाल जाने वालों को तय समय सीमा और ट्रैफिक डायवर्जन का पालन करना होगा, जिससे भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाम की समस्या से राहत मिलेगी।

- **समय पालन:** आयोजकों को रात 10 बजे के बाद लाउडस्पीकर बंद करने के नियम का पालन करना होगा, जिससे स्थानीय आवासीय क्षेत्रों में ध्वनि प्रदूषण नियंत्रित रहेगा।

- **सुरक्षा जांच:** पंडालों में बिजली के कनेक्शन की गहन जांच से शॉर्ट सर्किट जैसी दुर्घटनाओं की आशंका काफी हद तक कम हो जाएगी।

- **अस्पताल क्षेत्र:** जिला मातृत्व और बाल अस्पताल के पास शांति जोन बनाए जाने से मरीजों और उनके तीमारदारों को लाउड म्यूजिक और शोर-शराब से राहत मिलेगी।

## ऐसा क्यों हुआ
त्योहारी सीजन के दौरान संभावित सुरक्षा जोखिमों, भीड़भाड़ और ध्वनि प्रदूषण को रोकने के लिए जिला प्रशासन को यह कदम उठाने पड़े।

- **भीड़ नियंत्रण:** तुरा और आसपास के क्षेत्रों में 33 पंडालों के सजने के कारण भारी भीड़ जुटने की संभावना थी, जिसे नियंत्रित करना जरूरी था।

- **ध्वनि प्रदूषण:** पिछले अनुभवों को ध्यान में रखते हुए रात के समय होने वाले शोर को रोकने के लिए सख्त समय सीमा तय की गई।

- **सुरक्षा मानक:** पिछले वर्षों में पंडालों में बिजली के शॉर्ट सर्किट और विसर्जन के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं से सबक लेते हुए प्रशासन ने पहले ही कड़े निर्देश जारी किए।

- **अस्पताल की सुरक्षा:** संवेदनशील चिकित्सा क्षेत्रों के पास से गुजरने वाले जुलूसों के दौरान मरीजों को परेशानी से बचाने के लिए शांति जोन बनाए गए।

## सवाल-जवाब

### 1. तुरा में कुल कितने दुर्गा पूजा पंडाल बनाए जा रहे हैं?
तुरा और उसके आसपास के इलाकों में कुल 33 दुर्गा पूजा पंडाल बनाए जा रहे हैं, जिनमें गोएराग्री और रोंगराम का एक-एक पंडाल भी शामिल है।

### 2. बैठक की अध्यक्षता किसने की?
इस समन्वय बैठक की अध्यक्षता डिप्टी कमिश्नर विहोर अग्रवाल ने की।

### 3. लाउडस्पीकर बजाने की समय सीमा क्या तय की गई है?
प्रशासन के निर्देशानुसार रात 10 बजे के बाद तेज संगीत या लाउडस्पीकर बजाने पर रोक रहेगी।

### 4. विसर्जन शोभायात्रा कब शुरू होगी?
विसर्जन शोभायात्रा दोपहर 1 बजे से शुरू होगी, जिसके लिए आयोजकों और कमिटी के सदस्यों को दोपहर 12:30 बजे रिपोर्ट करना होगा।

### 5. विसर्जन के दौरान किन चीजों पर प्रतिबंध लगाया गया है?
विसर्जन शोभायात्रा के दौरान डीजे सिस्टम और आतिशबाजी के इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है।

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