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  "title": "मेघालय के दौरे पर पहुंचे सी पी राधाकृष्णन, एक हजार करोड़ से अधिक के विकास कार्यों की रखी आधारशिला",
  "summary": "भारत के उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन ने मेघालय की अपनी पहली आधिकारिक यात्रा के दौरान पानी, सड़क और स्वास्थ्य से जुड़ी कई प्रमुख विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी।",
  "content": "भारत के उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन ने अपनी पहली आधिकारिक मेघालय यात्रा के दौरान राज्य में विभिन्न बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का शिलान्यास किया। शिलान्यास समारोह का आयोजन शिलांग के यू सोसो थाम ऑडिटोरियम में एक सार्वजनिक स्वागत कार्यक्रम के रूप में किया गया, जहां जल आपूर्ति, सड़क निर्माण, स्वास्थ्य सुविधाओं और बिजली क्षेत्र से जुड़ी योजनाओं की शुरुआत की गई। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा के अलावा उप मुख्यमंत्री, मंत्रिमंडल के अन्य मंत्री और कई वरिष्ठ सरकारी अधिकारी भी उपस्थित रहे।\n\nकेंद्र और राज्य के बीच मजबूत साझेदारी पर जोर\n\nकार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि ये परियोजनाएं मेघालय के समग्र विकास में मील का पत्थर साबित होंगी और यह केंद्र तथा राज्य सरकार के बीच बेहतरीन तालमेल का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने संतुलित और समावेशी प्रगति के लिए केंद्र और राज्य के आपसी सहयोग को अनिवार्य बताया। साथ ही इस बात पर भी विशेष जोर दिया कि आर्थिक और ढांचागत तरक्की के साथ-साथ राज्य की पर्यावरण संपदा, अनूठी संस्कृति और प्राचीन परंपराओं का संरक्षण भी उतना ही जरूरी है।\n\n \n\nमेघालय की गर्मजोशी और सांस्कृतिक विविधता की सराहना\n\nअपनी इस पहली यात्रा पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि वह राज्य के लोगों द्वारा दिए गए स्नेह और गर्मजोशी से अभिभूत हैं तथा राज्य के हरसंभव विकास में वह साथ खड़े हैं। उन्होंने पूर्वोत्तर के इस राज्य की प्राकृतिक सुंदरता और समृद्ध सांस्कृतिक ताने-बाने की सराहना की और वहां की मजबूत जमीनी संस्थाओं की प्रशंसा की। अपने संबोधन में उन्होंने सेकुलरिज्म के वास्तविक अर्थ को समझाते ہوئے कहा कि इसका मतलब केवल विभिन्न धर्मों का सम्मान करना ही नहीं, बल्कि एक-दूसरे के विचारों, संस्कृतियों और मान्यताओं का आदर करना भी है।\n\nमुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा का संबोधन\n\nउपराष्ट्रपति का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा ने विश्वास जताया कि यह दौरा राज्य और उपराष्ट्रपति के बीच एक मजबूत और आत्मीय रिश्ते की शुरुआत करेगा। मुख्यमंत्री ने पिछले चौवन वर्षों में तमाम मुश्किलों के बावजूद राज्य की प्रगति का जिक्र किया और कहा कि वहां की स्थानीय संस्थाओं तथा पारंपरिक व्यवस्थाओं ने लोगों की पहचान और संस्कृति को सुरक्षित रखने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है। उन्होंने राज्य सरकार की कई प्रमुख योजनाओं का हवाला देते हुए बताया कि आज यह क्षेत्र देश की सबसे तेजी से आगे बढ़ने वाली अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है।\n\nमुख्यमंत्री ने कॉनराड संगमा द्वारा एक्स पर साझा की गई जानकारी का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार की प्राथमिकता केवल आर्थिक दायरा बढ़ाना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि विकास का लाभ युवाओं, किसानों, उद्यमियों, विद्यार्थियों और महिलाओं तक पहुंचे।\n\nएक हजार करोड़ रुपये से अधिक की छह प्रमुख परियोजनाएं\n\nइस आधिकारिक दौरे के दौरान जिन छह बड़ी विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई, उनकी कुल लागत एक हजार करोड़ रुपये से अधिक है। इन परियोजनाओं का विवरण इस प्रकार है\n\n• न्यू शिलांग वाटर सप्लाई स्कीम, चरण दो का भाग ए, जिसकी लागत 850.58 करोड़ रुपये है और जिसे आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के अर्बन चैलेंज फंड से वित्त पोषित किया जा रहा है।\n\n• जोंगकशा-खारंग-डिएंगलिएंग-नोंगझ्रोंग-मूडीममाई-वाहियाजेर सड़क पर उमंगोट नदी पर बनने वाला 110 मीटर लंबा पुल, जिसकी लागत 21.86 करोड़ रुपये है और जिसे एनईएसआईडीएस के तहत फंड मिला है।\n\n• पिलांगकू-ए, जिरमांग, छिबरा और मावियोंग के रास्ते उमसेन से बरापाथर तक जाने वाली 13.50 किलोमीटर लंबी सड़क, जिस पर 56.01 करोड़ रुपये की लागत आएगी और इसे भी एनईएसआईडीएस के अंतर्गत समर्थन प्राप्त है।\n\n• शिलांग सिविल अस्पताल में 30 बिस्तरों वाली आयुष सुविधा, जिसके लिए जनजातीय कार्य मंत्रालय ने अनुच्छेद 275(1) के तहत 10 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की है।\n\n• मावखानू में 2 गुणा 50 एमवीए और 132/33 केवी का सब-स्टेशन, साथ ही 132 केवी की डी/सी साइसेज-मावखानू लाइन और साइसेज में जीआईएस बे, जिस पर 72 करोड़ रुपये खर्च होंगे और यह पीएम-देवइन योजना के तहत वित्त पोषित है।\n\nकार्यक्रम के दौरान स्थानीय कलाकारों ने पारंपरिक गीत और नृत्य प्रस्तुत कर मेघालय की सांस्कृतिक विरासत का अनूठा प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री ने उपराष्ट्रपति को राज्य के अन्य हिस्सों की यात्रा करने और वहां की विविध संस्कृतियों को नजदीक से देखने का आमंत्रण भी दिया।\n\nइसका आप पर असर\nमेघालय में शुरू की गई इन विकास परियोजनाओं से राज्य के नागरिकों को जलापूर्ति, परिवहन, स्वास्थ्य और बिजली आपूर्ति के क्षेत्र में सीधा लाभ मिलेगा।\n\n• भारत में: केंद्र सरकार द्वारा पूर्वोत्तर राज्यों में बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर देने से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत होगी और देश के इस हिस्से में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।\n\n• मेघालय में: शिलांग और आसपास के इलाकों में नई जल आपूर्ति योजना, नए पुल, बेहतर सड़कों और आयुष सुविधाओं के निर्माण से आम जनता के दैनिक जीवन में सुधार आएगा और स्वास्थ्य सेवाएं अधिक सुलभ होंगी।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. मेघालय में विकास परियोजनाओं की आधारशिला किसने रखी?\nभारत के उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन ने मेघालय में इन विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी।\n\n2. यह कार्यक्रम कहां आयोजित किया गया था?\nयह सार्वजनिक स्वागत कार्यक्रम शिलांग के यू सोसो थाम ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया था।\n\n3. शिलान्यास समारोह के दौरान राज्य के मुख्यमंत्री कौन थे?\nकॉनराड के संगमा मेघालय के मुख्यमंत्री के रूप में इस कार्यक्रम में उपस्थित थे।\n\n4. न्यू शिलांग वाटर सप्लाई स्कीम (चरण दो, भाग ए) की लागत कितनी है?\nइस जल आपूर्ति योजना की लागत 850.58 करोड़ रुपये है।\n\n5. उमंगोट नदी पर बनने वाले पुल की लंबाई कितनी है?\nउमंगोट नदी पर बनने वाला मुख्य पुल 110 मीटर लंबा है।",
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  "category": "मेघालय",
  "publishedAt": "2026-09-07",
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    "सी पी राधाकृष्णन",
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