# वीपीपी प्रमुख आर्डेंट मिलर बसायावमोइत ने शिक्षा आयुक्त विजय कुमार मंत्री को हटाने की मांग का विरोध करने पर एसएसए नेता एरिस्टोटल रयम्बई पर उठाए सवाल

> वॉयस ऑफ द पीपल्स पार्टी (VPP) के प्रमुख आर्डेंट मिलर बसायावमोइत ने मेघालय एसएसए स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष एरिस्टोटल रयम्बई की राजनीतिक निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं, जिन्होंने शिक्षा आयुक्त विजय कुमार मंत्री को हटाने की मांग का विरोध किया था।

**Type:** article · **Category:** मेघालय · **Published:** 2026-09-15 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/meghalaya/vpp-pramukha-ardent-miller-basaiawmoit-ne-shiksha-ayukta-vijay-kumar-mantri-ko-hatane-ki-manga-ka-virodha-karane-para-ssa-neta-ari-32481 · **Language:** Hindi
**Tags:** मेघालय राजनीति, वीपीपी, एसएसए शिक्षक, शिक्षा आयुक्त, आर्डेंट मिलर बसायावमोइत, एरिस्टोटल रयम्बई, विजय कुमार मंत्री

शिलांग में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। वॉयस ऑफ द पीपल्स पार्टी (VPP) के प्रमुख आर्डेंट मिलर बसायावमोइत ने मेघालय एसएसए (SSA) स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष एरिस्टोटल रयम्बई पर तीखा हमला बोला है। यह विवाद शिक्षा आयुक्त और सचिव विजय कुमार मंत्री को उनके पद से हटाने की VPP की मांग के बाद शुरू हुआ, जिसका विरोध एरिस्टोटल रयम्बई ने किया था। बसायावमोइत ने रयम्बई के इस विरोध पर पलटवार करते हुए उनकी राजनीतिक निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं और उनके राजनीतिक झुकाव की ओर इशारा किया है।

## एसएसए नेता की राजनीतिक निष्पक्षता पर उठे सवाल
वीपीपी (VPP) प्रमुख ने सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही एक तस्वीर का हवाला दिया। इस तस्वीर में मेघालय के सर्व शिक्षा अभियान (SSA) शिक्षकों के नेता एरिस्टोटल रयम्बई को सत्तारूढ़ नेशनल पीपल्स पार्टी (NPP) के चुनाव चिह्न "किताब" को हाथ में लिए हुए देखा गया है। बताया जा रहा है कि यह तस्वीर NPP की एक बैठक के दौरान की है, जिसमें राज्य के उपमुख्यमंत्री प्रेस्टन टिनसोंग भी उपस्थित थे। बसायावमोइत ने इस पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जब लोग किसी राजनीतिक दल से जुड़े होते हैं, तो उन्हें सच बोलने में संकोच नहीं करना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि शिक्षकों और उनके प्रतिनिधियों को विशेष रूप से शिक्षा क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर बात करते समय पूरी तरह से राजनीतिक रूप से निष्पक्ष रहना चाहिए।

## शिक्षा विभाग के कामकाज और आयुक्त को हटाने की मांग
विजय कुमार मंत्री को पद से हटाने की मांग पर स्पष्टीकरण देते हुए बसायावमोइत ने साफ किया कि इस मांग के पीछे कोई व्यक्तिगत द्वेष या निजी मतभेद नहीं है। उन्होंने कहा कि यह मांग पूरी तरह से शिक्षा विभाग के कामकाज में आ रही कमियों और विसंगतियों पर आधारित है। उनके कार्यकाल के दौरान विभाग की कार्यप्रणाली के कारण शिक्षा क्षेत्र में काफी असमंजस और परेशानियां पैदा हुई हैं। वीपीपी (VPP) का मानना है कि विभाग के प्रदर्शन के आधार पर ही यह मांग उठाई गई है, न कि यह सरकार को सीधे तौर पर निशाना बनाने की कोई कोशिश है।

## स्ट्रक्चर पे फ्रेमवर्क (SPF) पर वीपीपी का रुख
आर्डेंट मिलर बसायावमोइत ने शिक्षकों की भर्ती और उनके वेतन भुगतान के लिए सरकार के स्ट्रक्चर पे फ्रेमवर्क (SPF) पर भी अपनी पार्टी का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वीपीपी (VPP) इस नई प्रणाली (SPF) को लागू करने के खिलाफ नहीं है। हालांकि, उनकी मुख्य चिंता यह है कि कोई भी नई भर्ती प्रणाली ऐसी होनी चाहिए जो शिक्षकों को पर्याप्त और सुरक्षित वेतन प्रदान करे। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सरकारी स्कूलों में भर्तियां केवल SPF के जरिए की जाएंगी, तो दो साल बाद सेवा में आने वाले शिक्षकों का भविष्य क्या होगा? उन्होंने एक ऐसी व्यवस्था की वकालत की जो शिक्षकों को सम्मानजनक वेतन की गारंटी दे सके।

## वेतन वृद्धि को लेकर वीपीपी की चेतावनी
शिक्षकों के नेतृत्व के साथ अपने इस मतभेद को लेकर वीपीपी (VPP) प्रमुख ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने साफ कर दिया कि इस विवाद से उनकी पार्टी के राजनीतिक रुख पर कोई असर नहीं पड़ेगा। इसके साथ ही उन्होंने एक बड़ी चेतावनी भी दी। बसायावमोइत ने कहा कि अगर SSA अध्यक्ष का यह बयान इस आधार पर है कि वे सरकार द्वारा दिए जा रहे वर्तमान वेतन से संतुष्ट हैं, तो भविष्य में सत्ता में आने पर वीपीपी (VPP) उनके वेतन को सरकारी स्कूल के शिक्षकों या घाटे वाले स्कूलों के शिक्षकों के बराबर बढ़ाने पर कोई ध्यान नहीं देगी। इस बयान ने राज्य के शिक्षक संगठनों और राजनीतिक दलों के बीच चल रही बहस को और अधिक गरमा दिया है।

## इसका आप पर असर
यह राजनीतिक गतिरोध मेघालय के शिक्षा क्षेत्र में गहरे मुद्दों को उजागर करता है, जो सीधे तौर पर शिक्षकों के वेतन, भर्ती नीतियों और स्कूली शिक्षा की समग्र गुणवत्ता को प्रभावित कर सकता है।

- **भारत भर में:** यह विवाद शैक्षिक नेताओं और शिक्षक संघों के बीच राजनीतिक निष्पक्षता की महत्वपूर्ण आवश्यकता को रेखांकित करता है। इसका मतलब है कि देश भर के शिक्षक संघों को अपने राजनीतिक जुड़ाव और पैरवी गतिविधियों को लेकर अधिक जांच का सामना करना पड़ सकता है।
- **भारत भर में:** स्ट्रक्चर पे फ्रेमवर्क (SPF) पर हो रही चर्चा इस बात को प्रभावित कर सकती है कि अन्य राज्य सरकारी सहायता प्राप्त शिक्षकों के लिए वेतन मॉडल कैसे तैयार करते हैं। यह संभवतः अन्य क्षेत्रीय प्रशासनों को यह मूल्यांकन करने के लिए प्रेरित करेगा कि क्या उनके भर्ती ढांचे शिक्षकों के लिए दीर्घकालिक वित्तीय सुरक्षा प्रदान करते हैं।
- **मेघालय में:** SSA से जुड़े स्थानीय शिक्षकों को भविष्य में वीपीपी (VPP) के सत्ता में आने पर गंभीर राजनीतिक झटके लग सकते हैं। इसका मतलब है कि सरकारी स्कूल के शिक्षकों के समान वेतन की उनकी मांगों को भविष्य के प्रशासन द्वारा ठंडे बस्ते में डाला जा सकता है।
- **मेघालय में:** राजनीतिक दलों और नौकरशाही के बीच चल रही खींचतान राज्य के शिक्षा विभाग में महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णयों में देरी कर सकती है। इसके परिणामस्वरूप, छात्रों और अभिभावकों को स्कूल के संचालन और पाठ्यक्रम लागू होने में व्यवधान का सामना करना पड़ सकता है।

## ऐसा क्यों हुआ
यह विवाद वीपीपी (VPP) द्वारा शिक्षा आयुक्त विजय कुमार मंत्री को हटाने की मांग के कारण उत्पन्न हुआ, जिसका एसएसए (SSA) शिक्षक संघ के नेता ने कड़ा विरोध किया। स्थिति तब और बिगड़ गई जब वीपीपी प्रमुख ने संघ के नेता पर छिपे हुए राजनीतिक हितों का आरोप लगाया।

- **नौकरशाही की विफलताएं:** वीपीपी ने विजय कुमार मंत्री के कार्यकाल के दौरान शिक्षा विभाग के कामकाज की आलोचना की है। उनका दावा है कि मंत्री के नेतृत्व ने स्कूल प्रणाली के भीतर अत्यधिक भ्रम और प्रशासनिक समस्याएं पैदा की हैं।
- **कथित राजनीतिक झुकाव:** सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल होने के बाद यह विवाद बढ़ा, जिसमें एसएसए नेता एरिस्टोटल रयम्बई को सत्तारूढ़ एनपीपी (NPP) का चुनाव चिह्न पकड़े हुए देखा गया। इसने वीपीपी को यह तर्क देने का मौका दिया कि रयम्बई का विरोध राजनीति से प्रेरित था।
- **SPF पर असहमति:** हालांकि वीपीपी स्ट्रक्चर पे फ्रेमवर्क का विरोध नहीं कर रही है, लेकिन वे मांग कर रहे हैं कि किसी भी भर्ती प्रणाली में उचित और सुरक्षित वेतन सुनिश्चित होना चाहिए। वर्तमान व्यवस्था का एसएसए नेतृत्व द्वारा बचाव किए जाने से दोनों पक्षों में नीतिगत मतभेद पैदा हो गए।

## सवाल-जवाब

### 1. वीपीपी प्रमुख आर्डेंट मिलर बसायावमोइत ने एसएसए नेता एरिस्टोटल रयम्बई की आलोचना क्यों की?
उन्होंने शिक्षा आयुक्त विजय कुमार मंत्री को हटाने की वीपीपी की मांग का विरोध करने पर रयम्बई की आलोचना की और उन पर राजनीतिक निष्पक्षता न रखने का आरोप लगाया।

### 2. वीपीपी प्रमुख ने एसएसए नेता की निष्पक्षता पर सवाल उठाने के लिए क्या सबूत दिया?
बसायावमोइत ने सोशल मीडिया पर वायरल एक तस्वीर का हवाला दिया, जिसमें रयम्बई को उपमुख्यमंत्री प्रेस्टन टिनसोंग के साथ एनपीपी का चुनाव चिह्न किताब पकड़े हुए देखा गया है।

### 3. स्ट्रक्चर पे फ्रेमवर्क (SPF) पर वीपीपी का क्या रुख है?
वीपीपी स्वयं SPF के खिलाफ नहीं है, लेकिन उनकी मांग है कि इस प्रणाली को शिक्षकों के लिए पर्याप्त और सुरक्षित वेतन सुनिश्चित करना चाहिए।

### 4. वीपीपी ने एसएसए शिक्षक संघ को क्या चेतावनी दी है?
वीपीपी ने चेतावनी दी कि यदि एसएसए अपने वर्तमान वेतन से संतुष्ट है, तो भविष्य में सत्ता में आने पर वीपीपी उनके वेतन को बढ़ाने पर ध्यान नहीं देगी।

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