वेस्ट खासी हिल्स में बच्चे की मौत के बाद मेघालय में दूरदराज के स्वास्थ्य तंत्र की समीक्षा शुरू अस्पताल पहुंचने से पहले नवजात की मौत के बाद मेघालय सरकार ने सुदूर ग्रामीण इलाकों में चिकित्सा सुविधाओं की मौजूदगी का आकलन शुरू किया है। मेघालय के सुदूर और दुर्गम ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा तंत्र की जमीनी स्थिति को परखने के लिए राज्य सरकार ने एक व्यापक समीक्षा प्रक्रिया शुरू की है। यह कदम वेस्ट खासी हिल्स जिले में समय पर इलाज न मिल पाने के कारण एक नवजात शिशु की जान जाने के कुछ दिनों बाद उठाया गया है। स्वास्थ्य मंत्री वैलादमिकी श्यल्ला ने स्पष्ट किया कि इस अध्ययन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ग्रामीणों को बुनियादी इलाज के लिए अत्यधिक दूरी तय न करनी पड़े। सड़क तक पहुंचने के संघर्ष में तोड़ा दम यह दुखद मामला तब सामने आया जब वेस्ट खासी हिल्स में एक मां अपने बीमार बच्चे को लेकर पैदल ही निकल पड़ी। पहाड़ी रास्ते से मुख्य सड़क या वाहन चलने योग्य स्थान तक पहुंचने के लिए उसे करीब तीन घंटे तक पैदल चलना पड़ा। जब तक परिवार उस बिंदु पर पहुंचा जहां से किसी स्वास्थ्य केंद्र के लिए गाड़ी मिल सकती थी, तब तक काफी देर हो चुकी थी। बच्चे ने अपनी मां की गोद में ही दम तोड़ दिया था। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि शिशु को स्वास्थ्य केंद्र में मृत अवस्था में लाया गया था। इस घटना ने एक बार फिर राज्य के पहाड़ी और कटे हुए इलाकों में बुनियादी आपातकालीन सेवाओं की भारी कमी को उजागर कर दिया है। स्वास्थ्य तंत्र के पास नहीं थी पूर्व सूचना घटना के संदर्भ में स्थिति स्पष्ट करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के पास इस मामले की पहले से कोई सूचना नहीं थी। उनके अनुसार, बच्चे के परिवार ने अस्पताल के लिए निकलने से पहले स्थानीय आशा कार्यकर्ता या किसी भी स्वास्थ्य अधिकारी से संपर्क नहीं किया था। स्वास्थ्य मंत्री ने इसे मुख्य रूप से आवागमन और संपर्क मार्ग से जुड़ी समस्या बताया। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि मेघालय के कई हिस्से आज भी स्वास्थ्य सेवाओं की आसान पहुंच के अभाव से जूझ रहे हैं, जिसे सुधारने के लिए प्रणालीगत समीक्षा आवश्यक हो गई है। कठिन रास्तों के लिए विशेष एम्बुलेंस का प्रस्ताव पहुंच की इन बाधाओं को दूर करने के लिए सरकार कई मोर्चों पर काम कर रही है। सुदूर और ऊबड़-खाबड़ रास्तों वाले क्षेत्रों में मरीजों को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाने के लिए फोर-बाई-फोर (4×4) एम्बुलेंस तैनात करने का प्रस्ताव रखा गया है। समीक्षा प्रक्रिया के संबंध में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता का यह अध्ययन समय लेगा, लेकिन इसका मकसद गांवों तक सेवाओं की दूरी को न्यूनतम करना है। सड़क और विकास कार्यों को एक साथ बढ़ाने की योजना प्रशासन का मानना है कि स्वास्थ्य सेवाओं की सुलभता को केवल सड़कों के निर्माण से अलग करके नहीं देखा जा सकता। सरकार सड़क संपर्क, आपातकालीन परिवहन और सामान्य विकास को एक साथ आगे बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है। श्यल्ला ने जोर देकर कहा कि हर गांव को मुख्य धारा से जोड़ना सरकार का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि अधिकांश इलाकों को सड़कों से जोड़ा जा चुका है और बाकी दुर्गम स्थानों तक पहुंचने के लिए नई परियोजनाएं लाई जा रही हैं, ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोका जा सके। इसका आप पर असर दुर्गम इलाकों में स्वास्थ्य तंत्र की इस समीक्षा से ग्रामीणों के लिए आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता और सड़क संपर्क में बड़ा सुधार हो सकता है। • भारत में: पहाड़ी और दूरदराज के राज्यों में स्वास्थ्य नेटवर्क के विस्तार से जुड़े नीतिगत प्रयासों को गति मिलेगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आपातकालीन बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है। • मेघालय में: वेस्ट खासी हिल्स सहित राज्य के सभी दुर्गम गांवों में 4×4 एम्बुलेंस की तैनाती और सड़कों के विस्तार की योजना है। इससे ग्रामीणों को बीमार मरीजों को घंटों पैदल उठाकर मुख्य मार्ग तक लाने की मजबूरी से राहत मिल सकेगी। • मरीजों और परिवारों के लिए: आपात स्थिति में स्थानीय आशा कार्यकर्ताओं और स्वास्थ्य तंत्र से समय पर समन्वय की प्रक्रिया मजबूत होगी। इससे समय रहते प्राथमिक सहायता मिलने की संभावना बढ़ेगी। • प्रशासनिक स्तर पर: स्वास्थ्य केंद्रों की मैपिंग पूरी होने के बाद नए क्लीनिक और आपातकालीन वाहन तैनात किए जाएंगे। अधिकारियों को दूरस्थ क्षेत्रों में सेवाओं की कमी वाले बिंदुओं की सटीक जानकारी मिल सकेगी। ऐसा क्यों हुआ यह समीक्षा वेस्ट खासी हिल्स में एक नवजात की असामयिक मृत्यु के बाद शुरू की गई है, जहां सड़क संपर्क न होने के कारण इलाज में घंटों की देरी हो गई थी। • सड़क संपर्क का अभाव: प्रभावित गांव से मुख्य सड़क तक कोई सीधा वाहन मार्ग नहीं था, जिसके चलते मां को बीमार शिशु को गोद में लेकर लगभग तीन घंटे पैदल चलना पड़ा। सड़क बिंदु पर पहुंचने से पहले ही बच्चे ने दम तोड़ दिया। • सूचना का अंतर: स्वास्थ्य विभाग के अनुसार परिवार ने अस्पताल रवाना होने से पहले स्थानीय आशा कार्यकर्ता या स्वास्थ्य अधिकारियों से संपर्क नहीं साधा था। इस कारण प्रशासन को मरीज की गंभीर स्थिति की कोई पूर्व जानकारी नहीं मिल पाई। • भौगोलिक विषमताएं: मेघालय का अधिकांश हिस्सा दुर्गम पहाड़ियों में फैला हुआ है, जहां बुनियादी ढांचे का निर्माण बेहद चुनौतीपूर्ण रहता है। इसी वजह से कई बस्तियां स्वास्थ्य सुविधाओं और मुख्य परिवहन नेटवर्क से कटी रह गई हैं। • भविष्य की रणनीति: घटना के बाद सरकार ने सड़क विकास, 4×4 एम्बुलेंस और स्वास्थ्य केंद्रों की मौजूदगी का एक साथ अध्ययन शुरू किया है। इस समीक्षा का उद्देश्य सुदूर बस्तियों और नजदीकी चिकित्सा केंद्रों के बीच की दूरी को पाटना है। सवाल-जवाब 1. मेघालय सरकार ने स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा क्यों शुरू की है? वेस्ट खासी हिल्स में अस्पताल पहुंचने से पहले एक नवजात की मौत होने के बाद सरकार ने दूरदराज के क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधाओं की समीक्षा शुरू की है। 2. वेस्ट खासी हिल्स में बच्चे की मौत कैसे हुई? बच्चे की मां को वाहन मार्ग तक पहुंचने के लिए लगभग तीन घंटे पैदल चलना पड़ा, और रास्ते में ही बच्चे ने दम तोड़ दिया। 3. स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार क्या परिवार ने पहले स्वास्थ्य विभाग को सूचित किया था? स्वास्थ्य मंत्री वैलादमिकी श्यल्ला के अनुसार, परिवार ने स्थानीय आशा कार्यकर्ता या स्वास्थ्य अधिकारियों से पहले संपर्क नहीं किया था। 4. दुर्गम इलाकों में आपातकालीन परिवहन के लिए क्या प्रस्ताव है? कठिन और पथरीले रास्तों वाले क्षेत्रों में मरीजों को लाने के लिए फोर-बाई-फोर (4×4) एम्बुलेंस तैनात करने का प्रस्ताव रखा गया है। 5. स्वास्थ्य सुविधाओं की इस समीक्षा का मुख्य उद्देश्य क्या है? इसका उद्देश्य यह तय करना है कि ग्रामीणों को बुनियादी इलाज पाने के लिए अत्यधिक दूरी तय न करनी पड़े। https://trendkia.com/meghalaya/west-khasi-hills-men-bachche-ki-mauta-ke-bada-meghalaya-men-duradaraja-ke-svasthya-tntra-ki-samiksha-shuru-43810 TrendKia — Har trend, sabse pehle.