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  "title": "इलेक्शन से ठीक पहले वेस्ट बैंक के संवेदनशील ई1 इलाके में 1,200 नए मकानों के लिए इस्राइल ने निकाली निविदाएं",
  "summary": "इस्राइली सरकार ने कब्जायुक्त वेस्ट बैंक के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ई1 क्षेत्र में लगभग 1,200 नए बस्तियों वाले मकान बनाने के लिए निविदाएं आमंत्रित की हैं, जिसे स्वतंत्र फलस्तीनी राष्ट्र के निर्माण को रोकने के बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है।",
  "content": "कब्जायुक्त वेस्ट बैंक के अत्यधिक संवेदनशील और रणनीतिक ई1 क्षेत्र में इस्राइली सरकार ने लगभग 1,200 नए बस्तियों वाले मकानों के निर्माण के लिए आधिकारिक तौर पर निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी है। यरुशलम के पूर्व में स्थित इस क्षेत्र में किसी भी तरह के निर्माण का अंतर्राष्ट्रीय समुदाय लंबे समय से कड़ा विरोध करता रहा है। इस नए कदम को एक स्वतंत्र और संप्रभु फलस्तीनी राष्ट्र की स्थापना की किसी भी बची-खुची संभावना को समाप्त करने के इस्राइली सरकार के रणनीतिक प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है।\n\nआम चुनाव से ठीक पहले निविदा प्रक्रिया की शुरुआत\nइस्राइली प्रशासन द्वारा निर्धारित समय-सारणी के अनुसार, इन निर्माण परियोजनाओं के लिए बोलियां लगाने की अंतिम तिथि 19 अक्टूबर रखी गई है। यह तारीख 27 अक्टूबर को होने वाले इस्राइल के आम चुनावों से महज कुछ ही दिन पहले की है। राजनीतिक विश्लेषकों और कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि चुनाव से ठीक पहले ठेकेदारों के साथ औपचारिक अनुबंध पर हस्ताक्षर करके वर्तमान सरकार इस परियोजना को कानूनी रूप से पक्का कर देना चाहती है, ताकि यदि चुनाव के बाद सत्ता परिवर्तन होता भी है, तो आने वाली नई सरकार के लिए इन ठेकों को रद्द करना बेहद कठिन हो जाए।\n\nई1 कॉरिडोर का रणनीतिक और भौगोलिक महत्व\nई1 कॉरिडोर पूर्वी यरुशलम और माले अदुमिम की बड़ी इस्राइली बस्ती के बीच फैला लगभग 12 वर्ग किलोमीटर (4.6 वर्ग मील) का इलाका है। भौगोलिक दृष्टि से यह क्षेत्र पूरे वेस्ट बैंक के केंद्र में स्थित है। यदि इस इलाके में इस्राइली बस्तियां बस जाती हैं, तो यह वेस्ट बैंक के उत्तरी हिस्से को उसके दक्षिणी हिस्से से पूरी तरह से अलग कर देगा। इसके अतिरिक्त, यह रामल्लाह, पूर्वी यरुशलम और बेथलेहम को आपस में जोड़ने वाले किसी भी निरंतर फलस्तीनी शहरी क्षेत्र के विकास के रास्ते को हमेशा के लिए बंद कर देगा। यही कारण है कि भू-राजनीतिक जानकार इसे दो-राज्य समाधान के ताबूत में आखिरी कील मान रहे हैं।\n\nइस्राइली नेतृत्व के राजनीतिक इरादे और आधिकारिक बयान\nई1 क्षेत्र में निर्माण की योजनाएं कोई नई नहीं हैं, लेकिन अंतर्राष्ट्रीय दबाव और वैश्विक सहयोगियों की चेतावनियों के कारण इस्राइल की पूर्ववर्ती सरकारों ने दशकों तक इस पर काम रोके रखा था। हालांकि, वर्ष 2022 के उत्तरार्ध में जब प्रधानमंत्री बेनजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व में कट्टर दक्षिणपंथी और बस्ती-समर्थक गठबंधन सरकार सत्ता में आई, उसके बाद से बस्तियों के विस्तार में अभूतपूर्व तेजी आई है। 7 अक्टूबर 2023 को हमास द्वारा इस्राइल पर किए गए हमले के बाद शुरू हुए गाजा युद्ध ने भी इस प्रक्रिया को और गति दी है।\n\nवर्तमान इस्राइली सरकार ने करीब एक साल पहले ई1 में निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने की औपचारिक मंजूरी दी थी। उस दौरान देश के वित्त मंत्री बेज़लेल स्मोट्रिच, जो खुद एक कट्टर राष्ट्रवादी और बस्तियों के पुरजोर समर्थक नेता हैं, ने खुलकर यह घोषणा की थी कि इस कदम का स्पष्ट उद्देश्य फलस्तीनी राज्य की अवधारणा को पूरी तरह से मिटाना है।\n\nअंतर्राष्ट्रीय कानून, ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और जनसांख्यिकी\nअंतर्राष्ट्रीय कानून के तहत कब्जायुक्त क्षेत्रों में बस्तियों का निर्माण पूरी तरह से गैर-कानूनी माना जाता है। इस्राइल ने 1967 के मध्य पूर्व युद्ध के दौरान वेस्ट बैंक और पूर्वी यरुशलम पर कब्जा कर लिया था, जो पहले जॉर्डन के नियंत्रण में थे। बाद में, वर्ष 1980 में इस्राइल ने पूर्वी यरुशलम को औपचारिक रूप से अपने देश में मिला लिया, हालांकि इस कदम को अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के विशाल बहुमत ने कभी मान्यता नहीं दी।\n\n1967 के युद्ध के बाद से अब तक इस्राइल ने वेस्ट बैंक और पूर्वी यरुशलम में लगभग 160 बस्तियां बसाई हैं, जिनमें करीब 7,00,000 यहूदी रहते हैं। दूसरी ओर, इसी इलाके में लगभग 33 लाख फलस्तीनी निवास करते हैं। फलस्तीनी नागरिक लंबे समय से यह मांग करते आ रहे हैं कि वेस्ट बैंक, पूर्वी यरुशलम और गाजा पट्टी को मिलाकर उनके भावी स्वतंत्र देश का निर्माण किया जाए।\n\nशांति संगठनों और स्थानीय कार्यकर्ताओं की कड़ी आपत्तियां\nइस्राइल में बस्तियों के विस्तार का विरोध करने वाले और इस मामले को अदालत में चुनौती देने वाले प्रमुख संगठन पीस नाउ ने इस सरकारी कदम की तीव्र आलोचना की है। संगठन का कहना है कि सरकार चुनाव से ठीक पहले आनन-फानन में ठेकेदारों से करार करना चाहती है ताकि अगली सरकार के लिए इसे रोकना असंभव हो जाए। पीस नाउ ने चेतावनी दी है कि यदि इस निर्माण योजना का आंशिक हिस्सा भी लागू हो जाता है, तो यह इस पूरे क्षेत्र के भौगोलिक और रणनीतिक चरित्र को मौलिक रूप से बदल देगा, जिससे उत्तरी और दक्षिणी वेस्ट बैंक आपस में कट जाएंगे और पूर्वी यरुशलम अलग-थलग पड़ जाएगा। संगठन के अनुसार, ई1 में निर्माण होने से दो-राज्य सिद्धांत पर आधारित शांति वार्ता और संघर्ष के स्थायी समाधान की तमाम संभावनाएं समाप्त हो जाएंगी।\n\nयरुशलम में रहने वाले फलस्तीनी नागरिक और स्टॉप द वॉल अभियान के प्रमुख कार्यकर्ता जमाल जुमा ने इस फैसले पर चिंता जताते हुए कहा, \"यह समुदायों की तबाही है, यह परिवारों की तबाही है... यह एक बड़ी आपदा है।\" उन्होंने आगे रेखांकित किया कि इस निर्माण परियोजना के कारण 40 से अधिक बदू समुदायों के जीवन पर सीधा असर पड़ेगा और उन्हें अपनी सदियों पुरानी जमीनों से बेदखल होना पड़ेगा।\n\nइसका आप पर असर\nभारत में: यह घटनाक्रम मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव को बढ़ा सकता है, जिससे वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों और अंतर्राष्ट्रीय शेयर बाजारों में अस्थिरता की संभावना बढ़ जाती है।\n\nमध्य पूर्व क्षेत्र में: वेस्ट बैंक में बस्तियों के इस विस्तार से इस्राइल और फलस्तीन के बीच तनाव और गहराएगा तथा दो-राज्य समाधान के माध्यम से स्थायी शांति स्थापना की अंतर्राष्ट्रीय कोशिशों को बड़ा झटका लगेगा।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. इस्राइल ने किस क्षेत्र में बस्तियों के निर्माण के लिए निविदाएं निकाली हैं?\nइस्राइल ने पूर्वी यरुशलम के पास कब्जायुक्त वेस्ट बैंक के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ई1 क्षेत्र में लगभग 1,200 नए बस्तियों वाले मकान बनाने की निविदाएं निकाली हैं।\n\n2. ई1 परियोजना की निविदा के लिए अंतिम तिथि क्या रखी गई है?\nनिविदाओं के लिए बोलियां जमा करने की अंतिम तिथि 19 अक्टूबर है, जो इस्राइल के 27 अक्टूबर के आम चुनाव से ठीक आठ दिन पहले है।\n\n3. ई1 क्षेत्र का भौगोलिक महत्व क्या है?\nयह लगभग 12 वर्ग किलोमीटर का इलाका पूर्वी यरुशलम और माले अदुमिम के बीच स्थित है। यहां बस्तियां बसने से वेस्ट बैंक का उत्तरी और दक्षिणी हिस्सा आपस में कट जाएगा।\n\n4. अंतर्राष्ट्रीय कानून में बस्तियों की क्या स्थिति है?\nअंतर्राष्ट्रीय कानून के तहत कब्जायुक्त क्षेत्रों में बस्तियों का निर्माण पूरी तरह से अवैध और गैर-कानूनी माना जाता है।\n\n5. वेस्ट बैंक और पूर्वी यरुशलम में कितने इस्राइली और फलस्तीनी रहते हैं?\n1967 के युद्ध के बाद से इस्राइल द्वारा बसाई गई 160 बस्तियों में लगभग 7,00,000 यहूदी रहते हैं, जबकि वहां लगभग 33 लाख फलस्तीनी निवास करते हैं।\n\n6. पीस नाउ संगठन ने इस निर्णय पर क्या प्रतिक्रिया दी है?\nपीस नाउ ने चेतावनी दी है कि चुनाव से ठीक पहले अनुबंध करने से अगली सरकार के लिए इसे रद्द करना मुश्किल होगा और इससे दो-राज्य समाधान की संभावनाएं खत्म हो जाएंगी।",
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  "category": "मध्य पूर्व",
  "publishedAt": "2026-08-19",
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