हवा में चाकूबाजी और तेज गोता लगाने के दौरान बच्चों को सीने से लगाए बैठा रहा यात्री दुबई से तेल अवीव जा रही उड़ान में कॉकपिट हमले और 17 हजार फीट के गोते के बीच एक पिता ने अपने मासूम बच्चों को ढांढस बंधाया। हवा में हजारों फीट की ऊंचाई पर उड़ रहे किसी विमान का अचानक हिचकोले खाते हुए नीचे गिरना किसी भी मुसाफिर की रूह कंपा देने के लिए काफी होता है। ऐसी ही एक रोंगटे खड़े कर देने वाली स्थिति में जब कॉकपिट के भीतर हिंसा भड़क उठी और विमान बेकाबू होकर गोता लगाने लगा, तब सीट नंबर 13 पर बैठे एक पिता ने अपने दोनों छोटे बच्चों को कसकर बाहों में भींच लिया। यह खौफनाक मंजर दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उस उड़ान का है, जिसमें एक पायलट ने विमान पर कब्जा करने की नीयत से अपने साथी पायलट पर चाकू से हमला बोल दिया था। यात्रा शुरू होने के लगभग दो घंटे बाद विमान महज दो मिनट से भी कम समय में 17,000 फीट यानी करीब 5,200 मीटर नीचे आ गिरा, जिससे केबिन में कोहराम मच गया। सफर के दौरान हवा में अचानक मची अफरा-तफरी सफर के दौरान अचानक आई गिरावट इतनी भीषण थी कि जो यात्री अपनी सीटों पर नहीं थे या सीट बेल्ट नहीं बांधे थे, वे संतुलन खोकर फर्श पर गिर पड़े। 40 वर्षीय एडम पोलोविंसिक सिंगापुर और थाईलैंड में अपनी छुट्टियां बिताने के बाद पत्नी और बच्चों के साथ घर लौट रहे थे। उन्होंने बताया कि विमान में सवार लगभग हर शख्स इस अप्रत्याशित झटके से दहशत में आ गया था। शुरुआत में उन्हें लगा कि शायद यह सामान्य एयर पॉकेट की वजह से लगा झटका है, लेकिन जब यह असामान्य गिरावट लगातार करीब एक मिनट तक जारी रही, तब साफ हो गया कि मामला सामान्य मौसम की खराबी का नहीं है। कुछ ही पलों में केबिन का सन्नाटा चीखों में तब्दील हो गया। आगे की ओर से खून बहने, चाकूबाजी होने और मदद की गुहार लगाने की आवाजें सुनाई देने लगीं। उस पल का जिक्र करते हुए परफॉर्मेंस मार्केटिंग एनालिस्ट पोलोविंसिक ने बताया कि हवा में ऐसी बेबसी छा गई थी जहां मुसाफिर तुरंत यह समझ गए कि उनके हाथ में कुछ भी नहीं है। इसके बावजूद उन्होंने अपने छह साल के बेटे और तीन साल की बेटी के सामने अपनी घबराहट छुपाने की पूरी कोशिश की, ताकि बच्चे सहम न जाएं। मासूम बच्चों को दिलासा और संयम की परीक्षा अपने बच्चों को संभाले रखने के लिए एडम पोलोविंसिक ने अपने चेहरे के भावों और आवाज के लहजे को सामान्य बनाए रखने का कड़ा प्रयास किया। उन्होंने दोनों बच्चों को जोर से गले लगाया और ढांढस बंधाते हुए कहा कि विमान में बस एक तकनीकी खराबी आई है और घबराने की कोई बात नहीं है। उन्होंने बच्चों से कहा कि क्रू स्थिति को संभाल रहा है और बाकी मुसाफिर उनकी मदद में जुटे हैं। हालांकि, जिस विमान में 150 से ज्यादा यात्री सवार थे और जो यहूदी छुट्टियों के समाप्त होने के कारण ज्यादातर परिवारों और बच्चों से भरा हुआ था, वहां भय का माहौल पूरी तरह हावी था। तनावपूर्ण घटनाक्रम के करीब 10 से 15 मिनट बीतने के बाद कॉकपिट के पास से एक मुसाफिर ने बाहर आकर सभी को सूचना दी कि स्थिति काबू में आ चुकी है और विमान को अन्य कर्मचारी उड़ा रहे हैं। लेकिन इसके तुरंत बाद बच्चों को यह यकीन दिलाना और मुश्किल हो गया कि यह महज तकनीकी खराबी थी, क्योंकि कुछ ही देर में केबिन में खून से लथपथ लोग इधर-उधर आते-जाते दिखाई देने लगे थे। कॉकपिट में बहादुरी और भारतीय पायलट का साहस इस पूरी दहशत भरी वारदात के बीच कॉकपिट और केबिन में मौजूद लोगों का अदम्य साहस ही था जिसने इतने सारे लोगों की जान बचाई। विमान में सवार यात्री यानीव हायून ने बताया कि उन्होंने हमलावर की गर्दन को पीछे से जकड़ लिया और उसे खींचकर कॉकपिट से बाहर ले आए, जिसके बाद अन्य मुसाफिरों ने मिलकर उसे जमीन पर दबोच लिया। इसके तुरंत बाद उड़ान में सवार दो अन्य पायलटों ने कमान अपने हाथों में ली और विमान को सुरक्षित रूप से आगे बढ़ाया। हमले का शिकार बने भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की हिम्मत की पोलोविंसिक ने जमकर सराहना की। घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित मच्छार ने हमलावर का कड़ा मुकाबला किया और कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफल रहे, जिससे बाहर मौजूद मुसाफिर तुरंत अंदर घुसकर मदद कर सके। पोलोविंसिक ने स्पष्ट किया कि यदि कैप्टन ने दरवाजा नहीं खोला होता, तो शायद आज कोई भी यात्री अपनी आपबीती सुनाने के लिए जिंदा नहीं बचता। उन्होंने कहा कि वे धार्मिक नहीं हैं, फिर भी ऐसा लगा जैसे किसी दैवीय शक्ति ने उस दिन हालात को इस तरह मोड़ दिया कि सबकी जान बच गई। सऊदी अरब में आपात लैंडिंग और वतन वापसी विमान पर नियंत्रण बहाल होने के बाद उसे आपात स्थिति में सऊदी अरब की ओर मोड़ दिया गया। पोलोविंसिक ने बताया कि विमान में सवार लगभग सभी यात्री इजरायली नागरिक थे, इसके बावजूद सऊदी अरब में उनके साथ बेहद मानवीय और सम्मानजनक व्यवहार किया गया। इजरायल और सऊदी अरब के बीच कोई औपचारिक कूटनीतिक संबंध नहीं होने के बावजूद वहां यात्रियों को पानी, भोजन, कॉफी और बच्चों के लिए मिठाइयां तक मुहैया कराई गईं। हमले में घायल हुए पायलट को अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उनकी हालत स्थिर बताई गई है, जबकि सऊदी अरब में गिरफ्तार किए गए कथित हमलावर को संयुक्त अरब अमीरात को सौंपे जाने की तैयारी है, जहां से इस विमान ने उड़ान भरी थी। घटना के बाद बुधवार को ही दूसरी उड़ान के जरिए सभी मुसाफिरों को तेल अवीव पहुंचाया गया। तेल अवीव हवाई अड्डे पर उनका स्वागत भारी भीड़ ने झंडे लहराकर, संगीत बजाकर और नाच-गाकर किया। एडम पोलोविंसिक का कहना है कि एक शानदार पारिवारिक छुट्टी का यह बेहद डरावना अंत था और इस सदमे से पूरी तरह उबरने में उनके परिवार को काफी वक्त लगेगा। इसका आप पर असर हवाई सफर के दौरान कॉकपिट सुरक्षा और इमरजेंसी प्रोटोकॉल को लेकर यात्रियों के लिए यह घटना बेहद अहम सबक पेश करती है। • सीट बेल्ट का नियम: किसी भी उड़ान में सीट पर बैठते ही हमेशा सीट बेल्ट बांधकर रखें। अचानक विमान के हजारों फीट नीचे गिरने पर बेल्ट न बंधी होने से गंभीर चोटें लग सकती हैं। • इमरजेंसी डायवर्जन प्रोटोकॉल: ऐसे गंभीर संकटों में विमान को निकटतम उपलब्ध सुरक्षित हवाई अड्डे पर उतारा जाता है। कूटनीतिक संबंधों के अभाव में भी मानवीय आधार पर आपातकालीन सहायता और भोजन-पानी तुरंत उपलब्ध कराया जाता है। • विमानन सुरक्षा जांच: इस घटना के बाद पायलटों और एयरलाइन क्रू की मनोवैज्ञानिक जांच और कॉकपिट सुरक्षा नियमों को और कड़ा किया जा सकता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एयरलाइंस उड़ान कर्मचारियों की सुरक्षा स्क्रीनिंग प्रक्रिया की समीक्षा कर सकती हैं। • परिवार और बच्चों की काउंसलिंग: उड़ान में गंभीर सदमे का सामना करने वाले परिवारों को मानसिक स्वास्थ्य सहायता लेने की सलाह दी जाती है। ऐसे अप्रत्याशित हादसों का बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर पड़ सकता है। ऐसा क्यों हुआ यह घटना कॉकपिट के भीतर एक पायलट द्वारा विमान का नियंत्रण जबरन अपने हाथ में लेने की हिंसक कोशिश के कारण पेश आई। जांच एजेंसियां इस अप्रत्याशित हमले के पीछे के मकसद और परिस्थितियों की पड़ताल में जुटी हैं। • कॉकपिट में हिंसक झड़प: उड़ान के करीब दो घंटे बीतने पर एक पायलट ने दूसरे पायलट पर चाकू से हमला कर दिया। हमलावर विमान का नियंत्रण अपने हाथ में लेना चाहता था, जिसके चलते विमान ने 17,000 फीट से अधिक का तेज गोता लगाया। • दरवाजा खोलकर मदद मांगना: घायल भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार ने जवाबी संघर्ष करते हुए कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। दरवाजा खुलने से केबिन में मौजूद यात्रियों और अन्य क्रू सदस्यों को भीतर घुसकर हमलावर को काबू करने का मौका मिला। • उड़ान में अतिरिक्त पायलटों की मौजूदगी: विमान में दो अन्य पायलट यात्री के रूप में सवार थे, जिन्होंने हमलावर के पकड़े जाने के बाद तुरंत कमान संभाल ली। वैकल्पिक पायलटों की मौजूदगी ने विमान को सऊदी अरब में सुरक्षित उतारने में निर्णायक भूमिका निभाई। • आरोपी की हिरासत और जांच: सऊदी अरब में आपात लैंडिंग के तुरंत बाद आरोपी को हिरासत में ले लिया गया। मामले की पूरी वजह और मकसद की तह तक जाने के लिए आरोपी को संयुक्त अरब अमीरात को प्रत्यर्पित करने की कानूनी प्रक्रिया चल रही है। सवाल-जवाब 1. फ्लाईदुबई विमान में अचानक क्या हुआ था? दुबई से तेल अवीव जा रही उड़ान में एक पायलट ने दूसरे पर चाकू से हमला कर दिया, जिसके बाद विमान दो मिनट से भी कम समय में 17,000 फीट नीचे गिर गया। 2. हमलावर को कैसे काबू किया गया? यात्री यानीव हायून ने हमलावर को चोकहोल्ड में जकड़कर कॉकपिट से बाहर खींच लिया और अन्य यात्रियों की मदद से उसे नीचे गिराकर काबू किया। 3. भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार ने क्या भूमिका निभाई? चाकू के वार सहने के बावजूद कैप्टन स्मित मच्छार ने मुकाबला किया और कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, जिससे यात्रियों को अंदर आकर मदद करने का रास्ता मिला। 4. विमान को सुरक्षित किसने उतारा? उड़ान में मुसाफिर के तौर पर सवार दो अन्य पायलटों ने कॉकपिट का नियंत्रण अपने हाथ में लिया और विमान की सुरक्षित लैंडिंग कराई। 5. विमान को किस देश में उतारा गया और यात्रियों का क्या हुआ? विमान को सऊदी अरब की ओर मोड़ा गया जहां सभी यात्रियों का स्वागत किया गया और बाद में दूसरी उड़ान से उन्हें तेल अवीव पहुंचाया गया। https://trendkia.com/middle-east/flydubai-paisenjara-ne-bataya-khauphanaka-mnjara-jaba-cockpit-men-hamale-ke-daurana-vimana-ne-lagaya-gota-41406 TrendKia — Har trend, sabse pehle.