फ्लाईदुबई विमान हमले के बाद इजरायल का बयान, भारत और यूएई के साथ एकजुटता को बताया भविष्य की ताकत फ्लाईदुबई विमान में आतंकी मंसूबों को नाकाम करने के बाद इजरायल के विदेश मंत्रालय ने भारतीय पायलट, यूएई क्रू और इजरायली यात्रियों के साहस को आतंकवाद के खिलाफ साझा भविष्य का प्रतीक बताया। फ्लाईदुबई के एक यात्री विमान में आसमान के बीच जानलेवा हमले की कोशिश को नाकाम किए जाने के बाद इजरायल के विदेश मंत्रालय ने एक अहम बयान जारी किया है। इस घटना में भारतीय पायलट कैप्टन स्मित की जांबाजी और यात्रियों के अदम्य साहस की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना हो रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, डोनाल्ड ट्रंप, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और दुबई के क्राउन प्रिंस समेत कई वैश्विक नेताओं ने पायलट की वीरता का सम्मान किया है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद इजरायली विदेश मंत्रालय ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ भारत, इजरायल और संयुक्त अरब अमीरात की यह साझा मुस्तैदी न केवल इस क्षेत्र बल्कि पूरी दुनिया के भविष्य की दिशा तय करती है। आतंक के खिलाफ भारत, इजरायल और यूएई की साझी लड़ाई दुबई से तेल अवीव की इस उड़ान में पैदा हुए अभूतपूर्व संकट का जिक्र करते हुए इजरायल के विदेश मंत्रालय ने X पर लिखा कि एक जिहादी हमलावर दुबई-टीएलवी विमान को दुर्घटनाग्रस्त कर उसमें सवार तमाम लोगों की जान लेना चाहता था। मंत्रालय ने रेखांकित किया कि हमलावर का सामना निडर इजरायली मुसाफिरों से हुआ, जिन्होंने तुरंत मोर्चा संभाला। इसके साथ ही भारतीय पायलट और यूएई के केबिन क्रू ने विमान की हिफाजत के लिए अपनी जान जोखिम में डालकर मुकाबला किया। इजरायल के मुताबिक जब इजरायली, अमीराती और भारतीय नागरिक मिलकर आतंकवाद के खिलाफ डटते हैं, तो यही अटूट तालमेल पूरे क्षेत्र और दुनिया का भविष्य बनता है। 34,000 फीट की ऊंचाई पर कॉकपिट का खौफनाक मंजर यह सनसनीखेज वारदात 30 सितंबर को उस वक्त घटी जब फ्लाईदुबई का यह यात्री विमान 34,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ान भर रहा था। हमले में लहूलुहान होने के बावजूद जीवित बचे कैप्टन स्मित ने इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू के सामने कॉकपिट के भीतर का पूरा घटनाक्रम विस्तार से साझा किया। कैप्टन स्मित के अनुसार को-पायलट हमाम अल-हमामी ने प्रार्थना करने का बहाना बनाकर अपनी सीट छोड़ी थी। उसने कैप्टन से कहा कि उसकी नमाज का वक्त हो चुका है और वह इबादत करना चाहता है। कैप्टन स्मित ने उसे जाने की अनुमति दे दी और स्वयं सामने की ओर नजर रखते हुए विमान का संचालन करते रहे। इसी दौरान अल-हमामी ने पीछे से अचानक जानलेवा हमला कर दिया और महज कुछ ही पलों के भीतर कुल्हाड़ी से कैप्टन स्मित पर 4 से 5 वार कर दिए। गंभीर जख्मों के बीच कैप्टन स्मित का असाधारण साहस कुल्हाड़ी के ताबड़तोड़ हमलों के बाद कैप्टन स्मित के सिर और चेहरे से भारी खून बहने लगा और उन्हें सामने दिखाई देना लगभग बंद हो गया था। जानलेवा वार झेलने के बाद भी उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने की जद्दोजहद की, लेकिन कोई मदद अंदर पहुंच पाती उससे पहले ही हमलावर को-पायलट ने दरवाजा फिर से बंद कर दिया। कैप्टन स्मित फर्श पर गिर पड़े, जबकि केबिन से यात्रियों की चीख-पुकार सुनाई दे रही थी। विमान में सवार 174 निर्दोष जिंदगियों को बचाने के संकल्प के साथ गंभीर रूप से घायल पायलट ने अपनी पूरी बची हुई ताकत झोंक दी और कॉकपिट का ताला खोल दिया। यात्रियों का पलटवार और सऊदी अरब में सुरक्षित लैंडिंग दरवाजा खुलते ही केबिन से तीन इजरायली नागरिक तुरंत कॉकपिट में दाखिल हुए, जिनमें एक प्लंबर भी शामिल था। कॉकपिट के भीतर उस वक्त दबाव और गुरुत्वाकर्षण का झटका इतना भीषण था कि पहली कोशिश में प्लंबर लड़खड़ा गया। इसके बावजूद उसने तुरंत संतुलन साधा और नियंत्रण नॉब को पूरी ताकत से खींचकर नीचे गिर रहे विमान को दोबारा ऊपर उठाया। बाकी दो यात्रियों ने फौरन हमलावर को-पायलट को दबोच लिया। कॉकपिट में मची हाथापाई के बीच तेल अवीव से आगे की उड़ान संभालने के लिए यात्रा कर रहे दो अतिरिक्त पायलट भी वहां पहुंच गए और उन्होंने विमान की कमान अपने हाथों में ले ली। यात्रियों ने हमलावर से कुल्हाड़ी छीनकर उसके हाथ बांध दिए और कॉकपिट में ही भारतीय पायलट के बहते खून को रोकने के लिए प्राथमिक उपचार दिया गया। नियंत्रण संभालने वाले नए पायलट ने यात्रियों के लिए घोषणा की कि वे अपनी सीट बेल्ट बांध लें, क्योंकि विमान अब तेल अवीव के बजाय आपात स्थिति में सऊदी अरब की ओर मोड़ा जा रहा है। इस घोषणा के साथ ही विमान में सवार यात्रियों ने राहत की सांस ली और तालियों की आवाज के बीच विमान की सुरक्षित लैंडिंग सुनिश्चित हुई। इसका आप पर असर इस घटना से अंतरराष्ट्रीय हवाई सुरक्षा प्रोटोकॉल और कॉकपिट सुरक्षा नियमों में व्यापक बदलाव के संकेत मिले हैं। • उड़ान सुरक्षा नियमों में बदलाव: अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस अब कॉकपिट के भीतर मौजूद आपातकालीन उपकरणों और क्रू की आवाजाही को लेकर कड़े सुरक्षा नियम लागू कर सकती हैं। आने वाले दिनों में उड़ानों के दौरान पायलटों के अकेले रहने या सीट बदलने पर अतिरिक्त निगरानी रखी जाएगी। • मध्य पूर्व के यात्रियों पर असर: खाड़ी देशों और इजरायल के बीच उड़ानों में सुरक्षा जांच और कॉकपिट प्रोटोकॉल और अधिक सख्त किए जा सकते हैं। इस मार्ग पर यात्रा करने वाले मुसाफिरों को बोर्डिंग के दौरान गहन सुरक्षा प्रक्रियाओं का सामना करना पड़ सकता है। • भारतीय विमानन कर्मियों का बढ़ा सम्मान: वैश्विक स्तर पर संकट के समय भारतीय पायलटों के त्वरित निर्णय और साहस की स्वीकार्यता बढ़ी है। इससे अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस में भारतीय क्रू के प्रति विश्वसनीयता और मजबूत होगी। • आपातकालीन प्रोटोकॉल की समीक्षा: नागरिक उड्डयन एजेंसियां उड़ान के बीच अनपेक्षित हमलों से निपटने और सह-कर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य परीक्षण को अनिवार्य कर सकती हैं। एयरलाइंस अपने आपातकालीन क्रू प्रशिक्षण मॉड्यूल में तत्काल संशोधन कर सकती हैं। ऐसा क्यों हुआ यह संकट 30 सितंबर को उस समय पैदा हुआ जब फ्लाईदुबई के सह-पायलट ने उड़ान के दौरान विमान को क्रैश करने के इरादे से मुख्य पायलट पर अचानक प्राणघातक हमला कर दिया। • कॉकपिट में सुनियोजित हमला: सह-पायलट हमाम अल-हमामी ने प्रार्थना करने का बहाना बनाकर अपनी सीट छोड़ी और मुख्य पायलट के असावधान होते ही पीछे से कुल्हाड़ी से वार कर दिया। उसका घोषित इरादा उड़ान को दुर्घटनाग्रस्त करके सभी यात्रियों को मारना था। • संसाधनों और नियंत्रण का दुरुपयोग: विमान के भीतर रखे क्रैश एक्स को हथियार के रूप में इस्तेमाल किया गया और सह-पायलट ने कॉकपिट का दरवाजा बंद करके बाहरी मदद रोकने की कोशिश की। हमले के कारण पायलट गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़े। • यात्रियों और अतिरिक्त पायलटों का त्वरित हस्तक्षेप: घायल पायलट द्वारा दरवाजा खोले जाने के बाद इजरायली यात्रियों ने साहस दिखाते हुए हमलावर को काबू में किया और विमान को अनियंत्रित होने से बचाया। उसी विमान में मौजूद दो अतिरिक्त पायलटों ने तुरंत नियंत्रण संभालकर विमान को सुरक्षित दिशा में मोड़ा। सवाल-जवाब 1. फ्लाईदुबई विमान में हमला किस तारीख को हुआ था? यह जानलेवा हमला 30 सितंबर को हुआ था जब विमान 34,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ रहा था। 2. विमान के भारतीय पायलट का क्या नाम है? विमान के मुख्य पायलट का नाम कैप्टन स्मित है, जिन्होंने गंभीर रूप से घायल होने के बाद भी कॉकपिट का दरवाजा खोला। 3. हमलावर सह-पायलट ने किस बहाने से हमला किया था? सह-पायलट हमाम अल-हमामी ने नमाज पढ़ने का बहाना बनाया और सीट से उठकर पीछे से कुल्हाड़ी से 4 से 5 बार हमला किया। 4. विमान में कुल कितने इजरायली नागरिक सवार थे? उस समय विमान में 174 इजरायली नागरिक सवार थे। 5. विमान को तेल अवीव के बजाय कहां उतारा गया? हमलावर को काबू करने और स्थिति नियंत्रित करने के बाद विमान को तेल अवीव के बजाय सऊदी अरब में उतारा गया। https://trendkia.com/middle-east/flydubai-vimana-hamale-ke-bada-israel-ka-bayana-india-aura-uae-ke-satha-ekajutata-ko-bataya-bhavishya-ki-takata-42823 TrendKia — Har trend, sabse pehle.