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  "type": "article",
  "title": "होर्मुज जलडमरूमध्य में मिसाइल हमले के बाद सिंगापुर का मालवाहक जहाज डूबा",
  "summary": "होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे सिंगापुर के झंडे वाले एक मालवाहक जहाज पर अज्ञात प्रक्षेपास्त्र से हमला हुआ, जिसके बाद जहाज समुद्र में डूब गया और सभी 21 चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया।",
  "content": "मध्य पूर्व में तनावपूर्ण समुद्री मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरते समय एक बड़े मालवाहक जहाज पर अज्ञात प्रक्षेपास्त्र से प्रहार किया गया, जिसके बाद वह गहरे समुद्र में डूब गया। सिंगापुर के समुद्री और बंदरगाह प्राधिकरण के अनुसार, इस घटना का शिकार बना जहाज जीएफएस प्राइड था, जिस पर सिंगापुर का झंडा लगा हुआ था। मंगलवार को हुए इस हमले के चलते जहाज में भीषण आग भड़क उठी और उसके ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा। राहत की बात यह रही कि जहाज पर तैनात सभी 21 नाविकों को वक्त रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और इस घटना में किसी के घायल होने की खबर नहीं है।\n\nसमुद्री सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि इस जलमार्ग में उसी दिन और उसके अगले दिन भी अन्य व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाया गया। जलडमरूमध्य के इस बेहद संवेदनशील हिस्से में लगातार हो रहे हमलों ने दुनिया के सबसे व्यस्त तेल और गैस परिवहन गलियारे में वाणिज्यिक नौवहन के लिए गंभीर खतरा पैदा कर दिया है।\n\nलगातार दूसरे दिन एक और व्यापारिक जहाज पर निशाना\nजीएफएस प्राइड के डूबने के चौबीस घंटे के भीतर इसी कंपनी के एक अन्य जहाज को भी निशाना बनाया गया। सिंगापुर के समुद्री और बंदरगाह प्राधिकरण ने पुष्टि की कि बुधवार को सिंगापुर के ध्वज वाले कंटेनर जहाज जीएफएस गिसेल पर भी एक प्रक्षेपास्त्र आकर गिरा। इस टक्कर से जहाज के बाहरी ढांचे को क्षति पहुंची, हालांकि चालक दल जहाज को नियंत्रित रखने में सफल रहा। जहाज पर सवार सभी 22 नाविक पूरी तरह सुरक्षित रहे और पोत आपातकालीन स्थिति से निपटते हुए सुरक्षित लंगरगाह तक पहुंचने में कामयाब रहा।\n\nइसके अलावा यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस यानी यूकेएमटीओ ने भी जानकारी दी कि मंगलवार को 16:40 और 17:00 जीएमटी के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर रहे दो अज्ञात कंटेनर जहाजों पर अज्ञात हथियारों से हमला किया गया था। एजेंसी के मुताबिक दोनों जहाजों को मामूली नुकसान हुआ और वे अपनी समुद्री यात्रा जारी रखने में सफल रहे। वहीं ओमान की खाड़ी में खोर फक्कन के पास चीन के झंडे वाला कंटेनर पोत हुई फा भी मंगलवार को देखा गया था।\n\nईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स का दावा और मलबे की तस्वीरें\nइस घटनाक्रम को लेकर ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने अपना बयान जारी किया है। रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कहा कि यह जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य के भीतर एक अनधिकृत समुद्री मार्ग से गुजर रहा था, जहां वह नौसैनिक बारूदी सुरंगों यानी नेवल माइन्स की चपेट में आ गया और क्षतिग्रस्त होकर डूब गया।\n\nईरान के सुरक्षा बलों ने कुछ तस्वीरें भी सार्वजनिक की हैं। इन तस्वीरों में कंटेनर पोत के पिछले हिस्से से काला घना धुआं उठता दिखाई दे रहा था और उसका पिछला हिस्सा पानी में समाता नजर आ रहा था। अन्य तस्वीरों में देखा गया कि जहाज पर लदे दर्जनों कंटेनर और उनमें भरा सामान समुद्र की लहरों पर तैर रहे थे। पाकिस्तान के हाइड्रोग्राफर ने नाविकों और व्यापारिक जहाजों के लिए एक चेतावनी जारी करते हुए बताया कि जीएफएस प्राइड ओमान के मुसैंडम प्रायद्वीप में रास अल-शेख मसूद से 4 समुद्री मील यानी लगभग 7.4 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में डूब चुका है।\n\nफरवरी से जारी संघर्ष और नाविकों पर मंडराता संकट\nफारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ने वाला होर्मुज जलडमरूमध्य महीनों से जंग का अखाड़ा बना हुआ है। फरवरी के महीने में ईरान के साथ अमेरिका और इज़राइल का युद्ध शुरू होने के बाद से इस पूरे समुद्री क्षेत्र में व्यापारिक जहाजों पर लगातार मिसाइल और ड्रोन हमले हो रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र के अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन यानी आईएमओ के आंकड़ों के अनुसार, इस युद्ध के शुरू होने के बाद से अब तक 106 पुष्ट हमलों में कम से कम 24 नाविकों की जान जा चुकी है।\n\nइस पूरे संघर्ष काल में जीएफएस प्राइड डूबने वाला दूसरा वाणिज्यिक जहाज है। इससे पहले 4 मार्च को ओमान के पास हमले की चपेट में आया माल्टा के ध्वज वाला कंटेनर जहाज सफीन प्रेस्टीज समुद्र में समा गया था। इसके अलावा समुद्री जोखिम प्रबंधन फर्म वैनगार्ड ने बताया कि एंटीगुआ और बारबुडा के ध्वज वाला बल्क कैरियर केप दाओ भी बचाव के असफल प्रयासों के बाद डूबने की कगार पर पहुंच गया। केप दाओ पर 23 सितंबर को उस समय अज्ञात हथियार से प्रहार हुआ था जब वह ओमान के खसाब के उत्तर-पूर्व से गुजर रहा था। उस हमले में जहाज के ब्रिज और रिहायशी हिस्से को गंभीर क्षति पहुंची थी और एक नाविक की मौत हो गई थी।\n\nवैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और बंद होते समुद्री रास्ते की चुनौती\nहोर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया की ऊर्जा अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है, क्योंकि सामान्य दिनों में वैश्विक तेल और तरल गैस की कुल खपत का लगभग पांचवां हिस्सा इसी संकरे जलमार्ग से होकर गुजरता है। फरवरी में युद्ध भड़कने के बाद व्यापारिक जहाजों पर ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों तथा ईरानी बंदरगाहों की अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी के कारण यह जलमार्ग व्यावहारिक रूप से पूरी तरह बंद हो गया था।\n\nजून के महीने में युद्ध समाप्त करने और जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच एक प्रारंभिक समझौता हुआ था। हालांकि यह शांति व्यवस्था कुछ ही हफ्तों में बिखर गई, क्योंकि ईरानी पक्ष की ओर से जहाजों पर हमले फिर शुरू हो गए और जवाब में अमेरिका ने अपनी नौसैनिक नाकाबंदी दोबारा लागू कर दी।\n\nओमानी जलक्षेत्र के दक्षिणी मार्ग पर बढ़ता टकराव\nईरान ने स्पष्ट किया है कि वह इस महत्वपूर्ण जलमार्ग पर अपना रणनीतिक नियंत्रण किसी भी सूरत में नहीं छोड़ेगा। जब अंतरराष्ट्रीय जहाजों ने ईरानी जलक्षेत्र वाले पसंदीदा रूट से बचकर ओमान के जलक्षेत्र से गुजरने वाले दक्षिणी मार्ग का इस्तेमाल करना शुरू किया, तो ईरान ने उस रास्ते पर चलने वाले पोतों को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया।\n\nखाड़ी अरब देशों से कच्चे तेल के निर्यात को जारी रखने के लिए अमेरिकी सेना जलडमरूमध्य से गुजरने वाले तेल टैंकरों को सुरक्षा कवच प्रदान कर रही है। शिपिंग डेटा विश्लेषक फर्म केपलर के अनुसार, वाणिज्यिक जहाजों पर लगातार बढ़ते खतरों के बावजूद पिछले महीने इस रास्ते से होने वाला कच्चा तेल निर्यात युद्ध-पूर्व के 1.6 करोड़ बैरल प्रतिदिन के औसत स्तर के लगभग 80 प्रतिशत तक पहुंच गया था। हालांकि ताजा हमलों ने एक बार फिर इस नाजुक समुद्री मार्ग की सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।\n\nइसका आप पर असर\nहोर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हुए घातक हमलों से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला और समुद्री व्यापार पर गहरा असर पड़ने की संभावना है।\n\n• भारत में प्रभाव: भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा इसी समुद्री मार्ग के जरिए खाड़ी देशों से आयात करता है। यदि इस मार्ग पर टकराव लंबा खिंचता है तो घरेलू बाजार में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है।\n• वैश्विक उपभोक्ताओं पर असर: दुनिया भर में तेल और माल ढुलाई के समुद्री बीमा प्रीमियम में भारी उछाल आने की आशंका है। इससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार में कंटेनर फ्रेट महंगा होगा और आयातित वस्तुओं के खुदरा दाम बढ़ सकते हैं।\n• नाविकों और कर्मियों की सुरक्षा: व्यापारिक जहाजों पर तैनात भारतीय और अन्य देशों के नाविकों की जान पर सीधा जोखिम बढ़ गया है। शिपिंग कंपनियों को इन जोखिम भरे क्षेत्रों से गुजरने वाले जहाजों के लिए अतिरिक्त सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू करने होंगे।\n• आपूर्ति मार्गों में बदलाव: शिपिंग कंपनियां हमलों से बचने के लिए लंबे और अधिक खर्चीले वैकल्पिक समुद्री मार्गों का चयन कर सकती हैं। इससे अंतरराष्ट्रीय बंदरगाहों पर माल पहुंचने में कई हफ्तों का विलंब देखने को मिल सकता है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nहोर्मुज जलडमरूमध्य में मालवाहक जहाज पर यह हमला इस क्षेत्र में फरवरी से जारी व्यापक सैन्य टकराव और समुद्री मार्ग पर नियंत्रण की होड़ का नतीजा है।\n\n• फरवरी से जारी क्षेत्रीय युद्ध: संयुक्त राज्य अमेरिका और इज़राइल का ईरान के साथ युद्ध फरवरी में शुरू हुआ था, जिसके बाद से रणनीतिक जलमार्गों पर जहाजों को निशाना बनाया जा रहा है। ईरानी पक्ष की ओर से मिसाइल और ड्रोन हमलों तथा अमेरिका की बंदरगाह नाकाबंदी ने इस क्षेत्र को अत्यंत अस्थिर बना दिया है।\n• शांति समझौते की नाफलता: जून में अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध समाप्त करने और जलडमरूमध्य को सुचारू रखने के लिए एक प्रारंभिक सहमति बनी थी। हालांकि कुछ ही हफ्तों में यह समझौता टूट गया, जिसके बाद हमलों का नया दौर शुरू हो गया और अमेरिकी नाकाबंदी दोबारा लागू कर दी गई।\n• मार्ग नियंत्रण को लेकर टकराव: ईरान जलडमरूमध्य पर अपना दबदबा बनाए रखना चाहता है और उन जहाजों को निशाना बना रहा है जो ईरानी जलक्षेत्र से बचकर ओमान के जलक्षेत्र वाले दक्षिणी मार्ग से निकल रहे हैं। जहाजों के कथित अनधिकृत रास्तों पर जाने को लेकर भी ईरानी सुरक्षा बल कार्रवाई का दावा करते हैं।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. होर्मुज जलडमरूमध्य में कौन सा जहाज डूबा है?\nसिंगापुर के झंडे वाला कंटेनर जहाज जीएफएस प्राइड अज्ञात प्रक्षेपास्त्र के हमले के बाद आग लगने और क्षतिग्रस्त होने से डूब गया।\n\n2. क्या जीएफएस प्राइड के चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं?\nहां, सिंगापुर के समुद्री और बंदरगाह प्राधिकरण के अनुसार जहाज पर सवार सभी 21 चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित निकाल लिया गया और कोई घायल नहीं हुआ।\n\n3. ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने जहाज डूबने का क्या कारण बताया है?\nरिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया कि जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य में एक अनधिकृत मार्ग से जा रहा था और नौसैनिक बारूदी सुरंगों से टकराकर डूब गया।\n\n4. क्या इसी क्षेत्र में किसी अन्य जहाज को भी निशाना बनाया गया?\nहां, उसी कंपनी के सिंगापुर ध्वज वाले दूसरे जहाज जीएफएस गिसेल पर भी बुधवार को प्रक्षेपास्त्र से हमला हुआ, लेकिन वह अपने 22 नाविकों के साथ सुरक्षित लंगरगाह पहुंच गया।\n\n5. फरवरी से अब तक इस समुद्री मार्ग पर कितने नाविकों की जान गई है?\nअंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन के अनुसार फरवरी से अब तक 106 पुष्ट घटनाओं में कम से कम 24 नाविकों की मौत हो चुकी है।\n\n6. सामान्य दिनों में होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया का कितना तेल और गैस गुजरता है?\nसामान्य परिस्थितियों में दुनिया भर के कुल तेल और गैस शिपमेंट का लगभग पांचवां हिस्सा इसी संकरे समुद्री मार्ग से होकर गुजरता है।",
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  "category": "मध्य पूर्व",
  "publishedAt": "2026-10-14",
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