मध्य पूर्व में अमेरिकी कर्मियों पर हमले तेज करने की कोशिश कर रहा है ईरान, खुफिया प्रमुख की चेतावनी अमेरिका के राष्ट्रीय खुफिया निदेशक जे क्लेटन ने चेतावनी दी है कि ईरान ने मध्य पूर्व और अन्य क्षेत्रों में अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाने के प्रयास काफी बढ़ा दिए हैं। अमेरिका के राष्ट्रीय खुफिया निदेशक जे क्लेटन ने एक आंतरिक ज्ञापन के जरिए यह चेतावनी दी है कि ईरान ने मध्य पूर्व तथा अन्य विदेशी क्षेत्रों में तैनात अमेरिकी कर्मियों को निशाना बनाने की अपनी कोशिशों में भारी इजाफा किया है। यह आकलन ऐसे वक्त में सामने आया है जब अमेरिकी विदेश विभाग ने क्षेत्रीय राजनयिक मिशनों में कर्मचारियों की तैनाती में बदलाव करना शुरू कर दिया है। इसके तहत इस सप्ताह की शुरुआत में सऊदी अरब स्थित अमेरिकी दूतावास से गैर-आपातकालीन कर्मचारियों को वापस लौटने का आदेश दिया गया था। सऊदी अरब में बढ़ते हमले और दूतावासों में फेरबदल दूतावास के कर्मचारियों की वापसी का यह निर्देश यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा पिछले एक महीने के दौरान सऊदी अरब पर तेज किए गए हमलों के जवाब में जारी किया गया। जे क्लेटन का यह ज्ञापन गोपनीय श्रेणी से बाहर रखते हुए शुक्रवार को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो को भेजा गया था। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि ईरान की ओर से अमेरिकी नागरिकों को नुकसान पहुँचाने की घातक साजिशें मध्य पूर्व के साथ-साथ चुनिंदा अन्य देशों में भी अपने उन्नत चरणों में पहुँच चुकी हैं। जे क्लेटन की ओर से यह भी कोशिश की जा रही है कि खुफिया जानकारियों से जल्द से जल्द गोपनीयता हटाई जाए ताकि मार्को रुबियो उन्हें अमेरिकी विदेश विभाग के अन्य कर्मियों के साथ साझा कर सकें। इस पूरे सुरक्षा घटनाक्रम पर एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि दूतावासों के स्टाफ को लेकर सुरक्षा माहौल की लगातार नई सूचनाओं के आधार पर समीक्षा की जाती है। हूती हमलों के खतरे और अमेरिकी अधिकारियों को निशाना बनाने वाले ईरानी आतंकी षड्यंत्रों के कारण ही क्षेत्र के प्रतिबंधित संचालन स्थिति वाले दूतावासों के लिए स्टाफ समायोजन के निर्णय लिए जा रहे हैं। यमन संघर्ष और हूती हमलों का बढ़ता दायरा सऊदी प्राधिकरणों के अनुसार अक्टूबर की शुरुआत से लेकर अब तक सऊदी हवाई अड्डों पर हुए हूती हमलों में कम से कम 21 लोगों की जान जा चुकी है। रियाद के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 10 अक्टूबर को हुए एक मिसाइल हमले में 13 लोगों की मौत हो गई थी जबकि 308 अन्य लोग घायल हुए थे। पिछले एक दशक से अधिक समय में सऊदी अरब की धरती पर हुआ यह सबसे घातक हमला था। हूती विद्रोहियों का कहना है कि वे सऊदी अरब के बंदरगाहों और हवाई अड्डों की कथित नाकेबंदी तथा सना हवाई अड्डे पर हुए हवाई हमले का बदला लेने के लिए ये कार्रवाई कर रहे हैं। गौरतलब है कि यमन पिछले एक दशक से भीषण गृहयुद्ध की चपेट में है जिसकी शुरुआत 2014 में हूतियों द्वारा सना से सरकार को बेदखल किए जाने के बाद हुई थी। यह संघर्ष तब और भड़क गया जब साल 2015 में सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन ने पुरानी सरकार की सत्ता बहाल करने के इरादे से इसमें दखल दिया। चार साल पुराना अनौपचारिक संघर्ष विराम इस साल जुलाई में तब टूट गया जब हूतियों ने सऊदी अरब के खिलाफ समुद्री नाकेबंदी की घोषणा कर मिसाइल और ड्रोन हमले शुरू कर दिए। हूती संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक इस दौरान यमन में लगभग 155 नागरिक मारे जा चुके हैं। व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष और ऊर्जा बाजार पर असर यह क्षेत्रीय संघर्ष असल में मध्य पूर्व के एक बड़े भू-राजनीतिक टकराव की पृष्ठभूमि में सामने आ रहा है। अमेरिका और इजराइल ने फरवरी के महीने में ईरान के खिलाफ एक सैन्य हवाई अभियान शुरू किया था जिसमें वहां के सर्वोच्च नेता की मौत हो गई थी। इसके बाद तेहरान की सरकार ने पूरे क्षेत्र में अमेरिकी सहयोगियों पर जवाबी हमले शुरू कर दिए और होर्मुज जलडमरूमध्य को व्यावहारिक रूप से बंद कर दिया। इस समुद्री मार्ग से दुनिया का करीब पांचवां हिस्सा तेल और गैस का परिवहन करता है। जून में अमेरिका और ईरान ने युद्ध समाप्त करने तथा होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए एक शुरुआती समझौते पर सहमति जताई थी। हालांकि, ईरानी पक्षों द्वारा जहाजरानी पर हमले दोबारा शुरू होने और अमेरिका द्वारा अपनी नाकेबंदी बहाल किए जाने के कारण यह समझौता कुछ ही हफ्तों में ढह गया। होर्मुज जलडमरूमध्य की मौजूदा तनावपूर्ण स्थिति के कारण तेल की कीमतों में भारी उछाल दर्ज किया गया है, जिसे सऊदी अरब के खिलाफ हूती विद्रोहियों के समुद्री प्रतिबंधों ने और अधिक गंभीर बना दिया है। इसका आप पर असर मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने और अमेरिकी कर्मियों को निशाना बनाए जाने की चेतावनी का असर वैश्विक स्तर पर सुरक्षा और ऊर्जा बाजारों पर पड़ सकता है। • वैश्विक स्तर पर: होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रभावित रहने और तेल आपूर्ति बाधित होने से कच्चे तेल की कीमतों में तेजी बनी रह सकती है, जिसका असर पेट्रोल और डीजल के दामों पर पड़ेगा। • क्षेत्रीय स्तर पर: सऊदी अरब और मध्य पूर्व के देशों में तैनात विदेशी कर्मचारियों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है तथा राजनयिक मिशनों में स्टाफ कम किया जा रहा है। • यात्रारत नागरिकों के लिए: मध्य पूर्व के देशों की यात्रा करने वाले यात्रियों को सुरक्षा एजेंसियों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करना होगा। • सुरक्षा और रक्षा क्षेत्र: क्षेत्रीय तनाव के चलते कूटनीतिक और रक्षा मामलों से जुड़ी कंपनियों और शेयर बाजारों में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। • आर्थिक मोर्चे पर: आपूर्ति श्रृंखला में बाधा आने के कारण वैश्विक मुद्रास्फीति और परिवहन लागत बढ़ने की आशंका बनी हुई है। ऐसा क्यों हुआ यह मौजूदा भू-राजनीतिक संकट फरवरी में अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान के खिलाफ शुरू किए गए सैन्य अभियानों तथा उसके बाद के जवाबी कदमों के कारण गहराया है। • प्रत्येक कारण: फरवरी में ईरान के नेता की मौत के बाद तेहरान ने अमेरिकी सहयोगियों पर हमले तेज किए और होर्मुज जलडमरूमध्य को व्यावहारिक रूप से बंद कर दिया। • संघर्ष का विस्तार: यमन में हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब के बंदरगाहों और हवाई अड्डों पर मिसाइल तथा ड्रोन हमले किए जाने से स्थिति और अधिक जटिल हो गई है। • समझौते की विफलता: जून में अमेरिका और ईरान के बीच हुए शुरुआती शांति समझौते के टूटने के बाद से क्षेत्रीय शत्रुता और जहाजरानी पर हमले दोबारा शुरू हो गए थे। • खुफिया आकलन: राष्ट्रीय खुफिया निदेशक के ज्ञापन के अनुसार ईरानी साजिशें अपने उन्नत चरणों में पहुँच चुकी हैं, जिसके कारण अमेरिकी प्रशासन को यह कड़े कदम उठाने पड़े हैं। सवाल-जवाब 1. जे क्लेटन के ज्ञापन में मुख्य चेतावनी क्या दी गई है? जे क्लेटन ने चेतावनी दी है कि ईरान ने मध्य पूर्व और अन्य देशों में अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाने के अपने घातक प्रयास काफी बढ़ा दिए हैं। 2. सऊदी अरब से किस अमेरिकी दूतावास के स्टाफ को लौटने का आदेश दिया गया? सऊदी अरब स्थित अमेरिकी दूतावास से गैर-आपातकालीन कर्मचारियों को वापस लौटने का आदेश दिया गया है। 3. सऊदी अरब के किस हवाई अड्डे पर सबसे घातक हमला हुआ था? 10 अक्टूबर को रियाद के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए मिसाइल हमले में 13 लोग मारे गए थे और 308 अन्य घायल हुए थे। 4. यमन में गृहयुद्ध की शुरुआत कब हुई थी? यमन में गृहयुद्ध की शुरुआत साल 2014 में हुई थी जब हूतियों ने सना से सरकार को बेदखल कर दिया था। 5. होर्मुज जलडमरूमध्य क्यों महत्वपूर्ण है? इस जलडमरूमध्य के रास्ते दुनिया का लगभग पांचवां हिस्सा तेल और गैस का परिवहन करता है। 6. जून में अमेरिका और ईरान के बीच क्या हुआ था? अमेरिका और ईरान ने युद्ध समाप्त करने के लिए एक शुरुआती समझौते पर सहमति जताई थी, जो कुछ हफ्तों बाद टूट गया। https://trendkia.com/middle-east/iran-trying-harder-to-target-us-personnel-in-middle-east-intelligence-chief-warns-51293 TrendKia — Har trend, sabse pehle.