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  "type": "article",
  "title": "खामेनेई को अंतिम विदाई देने तेहरान में उमड़ा जनसैलाब, ट्रंप विरोधी नारों से गूंजी सड़कें",
  "summary": "तेहरान में दस किलोमीटर लंबे रास्ते पर लाखों लोगों ने अयातुल्ला अली खामेनेई को अंतिम विदाई दी, जबकि ईरान, अमेरिका और इज़राइल के बीच छिड़ी जंग में उनकी मौत को लेकर गुस्सा सड़कों पर साफ नजर आया।",
  "content": "तेहरान की सड़कों पर रविवार को लाखों लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा, जब ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई का तिरंगे में लिपटा ताबूत एक ट्रक पर रखकर पूरे शहर से गुजारा गया। यह लगातार तीन दिन तक चले शोक कार्यक्रम का आखिरी दिन था, जिसके बाद खामेनेई का पार्थिव शरीर अब दो देशों के तीन और शहरों की यात्रा पर निकलेगा।\n\nखामेनेई की मौत ईरान और अमेरिका, इज़राइल की संयुक्त सेनाओं के बीच छिड़ी जंग के पहले ही दिन हो गई थी, और उनकी अंतिम यात्रा अब तक पूरे देश में उमड़े गम और गुस्से की सबसे बड़ी तस्वीर बनकर सामने आई है। सरकारी टीवी चैनल की फुटेज में भीड़ दस किलोमीटर यानी करीब छह मील लंबे रास्ते पर फैली दिखी, जो राजधानी के मशहूर एंघेलाब स्क्वायर से होकर गुजरा। सरकारी मीडिया के मुताबिक लाखों की तादाद में शोकसंतप्त लोग सड़कों पर उतरे और खामेनेई का ताबूत ले जा रहे काले ट्रक के इर्द गिर्द जमा हो गए।\n\nदस किलोमीटर का यह मातमी सफर\nयह यात्रा तेहरान के पूर्वी हिस्से में स्थित इमाम हुसैन स्क्वायर से शुरू होकर धीरे धीरे पश्चिम की ओर आज़ादी स्क्वायर तक पहुंची, और रास्ते में शहर के सबसे पहचाने जाने वाले सार्वजनिक इलाकों से होकर गुजरी। खामेनेई के ताबूत के साथ ही ट्रक पर उनके परिवार के चार और सदस्यों के शव भी रखे गए थे, जो यह दिखाता है कि जिस हमले में उनकी जान गई, उसने उनके करीबियों को भी नहीं बख्शा। सरकारी मीडिया के मुताबिक लाखों की यह भीड़ इस पल की गंभीरता बयां करती है, एक कार्यरत सर्वोच्च नेता की जंग के दौरान मौत, और पूरी राजधानी का सड़कों पर उतरकर उन्हें आखिरी विदाई देना।\n\nदो दिन रखा गया पार्थिव शरीर, गायब रहा एक बेटा\nइस यात्रा से पहले खामेनेई का पार्थिव शरीर दो दिन तक तेहरान की ग्रैंड मुसल्ला मस्जिद में रखा गया था, जहां लोग कतार में आकर श्रद्धांजलि दे रहे थे। रविवार को उनके तीन बेटे ताबूत के पास खड़े होकर दुआ करते देखे गए। लेकिन एक बेटा वहां नजर नहीं आया, मोज्तबा, जो अपने पिता के बाद सर्वोच्च नेता बने हैं। मोज्तबा उसी इज़राइली हवाई हमले में गंभीर रूप से घायल होने की खबर आने के बाद से सार्वजनिक रूप से कहीं नजर नहीं आए हैं, यह हमला 28 फरवरी को तेहरान में हुआ था और इसी में उनके पिता के साथ साथ उनकी मां, यानी खामेनेई की पत्नी की भी मौत हो गई थी। अपने ही पिता के अंतिम संस्कार में भी मोज्तबा का न दिखना उत्तराधिकार को लेकर एक बड़ा सवाल खड़ा करता है, वो भी ऐसे वक्त में जब देश एकजुटता और निरंतरता का संदेश देने की कोशिश कर रहा है।\n\nझंडे, बदले के बैनर और ट्रंप की तस्वीर पर पथराव\nइस हमले के लिए जिम्मेदार दोनों देशों के खिलाफ भीड़ का गुस्सा साफ झलक रहा था। बहुत से लोगों ने ईरानी झंडों के साथ साथ लाल रंग के बैनर भी लहराए, जो ईरानी राजनीतिक परंपरा में बदले की कसम का प्रतीक माने जाते हैं। कुछ तख्तियों पर लिखा था हमें उठ खड़ा होना होगा, जबकि कुछ और तख्तियों पर सीधे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मौत की मांग की गई थी। ट्रंप ने ही इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ मिलकर चार महीने पहले ईरान पर संयुक्त हमले का आदेश दिया था, जिसने इस जंग को जन्म दिया और जिसमें हजारों लोगों की जान गई। एक बेहद तनावपूर्ण पल में लोगों को यात्रा के रास्ते में एक पुल से लटकाए गए ट्रंप की तस्वीर वाले बड़े होर्डिंग पर पत्थर फेंकते देखा गया। उस होर्डिंग पर लिखा था, अमेरिका ने हमारे पिता को मारा। हम तुम्हें नहीं छोड़ेंगे!\n\nपूर्व राष्ट्रपति की वापसी, मौजूदा राष्ट्रपति भीड़ के बीच\nइस यात्रा में कई बड़े राजनीतिक चेहरे भी सामने आए। स्थानीय मीडिया के मुताबिक पूर्व राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद भीड़ के बीच नजर आए, और यह जंग शुरू होने के बाद उनकी पहली बड़ी सार्वजनिक मौजूदगी मानी जा रही है, इसी जंग के दौरान उनके घर के पास हुए एक हमले में उनके तीन सुरक्षाकर्मी मारे गए थे। ईरान के मौजूदा राष्ट्रपति मसूद पजशकियान को भी तेहरान की एक सड़क पर आम शोकसंतप्त लोगों के बीच पैदल चलते हुए फिल्माया गया, यह एक ऐसा इशारा था जिसने उन्हें भीड़ से दूर नहीं बल्कि सीधे उनके बीच खड़ा कर दिया। इससे पहले पजशकियान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा था कि खामेनेई ने पूरे ईरान को सिखाया कि देश की सबसे बड़ी पूंजी उसके लोग और उनकी एकता है। उन्होंने वादा किया कि ईरानी लोग ईरान के सम्मान, तरक्की और गौरव के रास्ते पर आगे बढ़ते रहेंगे।\n\nइज़राइली रक्षा मंत्री का बेबाक बयान\nइज़राइल की तरफ से इस हत्या को लेकर सीधा और बेबाक बयान आया। रक्षा मंत्री इज़राइल काट्स ने कहा कि खामेनेई को इज़राइल ने खत्म किया, क्योंकि वे इज़राइल के अस्तित्व के लिए खतरा बन चुके थे, और उन्होंने आगे आने वाले किसी भी उत्तराधिकारी को सीधी चेतावनी भी दी। काट्स ने कहा, जो भी ईरानी नेता दोबारा इज़राइल को खत्म करने की योजना बनाने की कोशिश करेगा, उसे भी मार दिया जाएगा। तेहरान में शोक के इस माहौल के बीच आया यह बयान दिखाता है कि दोनों पक्ष इस हत्या के मायने को लेकर कितने अलग अलग नजरिए रखते हैं, एक पक्ष इसे शहादत मान रहा है तो दूसरा खुलेआम इसे एक सोची समझी नीति के तहत की गई कार्रवाई बता रहा है।\n\nकमजोर संघर्ष विराम और होर्मुज जलडमरूमध्य की लड़ाई\nयह अंतिम संस्कार ऐसे वक्त हो रहा है जब ईरान और अमेरिका के बीच जंग खत्म करने और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए हुए एक शुरुआती समझौते को तीन हफ्ते भी नहीं बीते हैं। दुनिया के करीब 20% तेल और गैस शिपमेंट इसी संकरे जलमार्ग से गुजरते हैं। इस शुरुआती समझौते के तहत दोनों देशों ने अंतिम समझौते तक पहुंचने के लिए खुद को दो महीने का वक्त दिया है, जिसमें ईरान के परमाणु कार्यक्रम, अमेरिका की तरफ से लगाए गए प्रतिबंधों और स्थायी संघर्ष विराम की शर्तें तय होनी हैं। दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता कर रहे कतर ने कहा कि पिछले हफ्ते दोहा में हुई परोक्ष बातचीत में ईरानी और अमेरिकी वार्ताकारों के बीच सकारात्मक प्रगति हुई है, यह बातचीत दोनों देशों के बीच चार दिन तक चले हमलों के आदान प्रदान के बाद हुई थी। कतर ने यह भी कहा कि अगला दौर खामेनेई के शोक कार्यक्रम खत्म होने के बाद ही तय किया जाएगा, यानी फिलहाल दोनों पक्ष अंतिम संस्कार की रस्मों को बिना किसी अतिरिक्त दबाव के पूरा होने दे रहे हैं।\n\nआगे के तीन और दिन\nतेहरान में खामेनेई को दी गई यह विदाई अभी सिर्फ एक लंबे सफर की पहली कड़ी है। मंगलवार को मध्य ईरान के शहर क़ोम में एक और शवयात्रा और दुआएं होंगी, यह शहर ईरान की शिया मुस्लिम धार्मिक व्यवस्था का केंद्र माना जाता है और देश के नेतृत्व के लिए इसका गहरा धार्मिक महत्व है। इसके अगले दिन, बुधवार को, यह रस्में सरहद पार कर इराक पहुंचेंगी, जहां कर्बला और नजफ जैसे दरगाह शहरों में कार्यक्रम होंगे, ये दोनों शहर शिया इस्लाम के लिए बेहद अहम हैं और लंबे समय से ईरान के धार्मिक और राजनीतिक नेटवर्क से जुड़े रहे हैं। यह पूरा शोक पर्व आखिरकार गुरुवार को खत्म होगा, जब खामेनेई को उनके गृहनगर मशहद, जो उत्तर पूर्वी ईरान में है, स्थित इमाम रज़ा दरगाह में दफनाया जाएगा। इस तरह चार दिन और दो देशों में फैली यह अंतिम विदाई उस नेता को दी जा रही है, जिनकी मौत ने उस जंग को जन्म दिया, जिसे अब भी बड़ी सावधानी से बातचीत के जरिए खत्म करने की कोशिश हो रही है।\n\nइसका आप पर असर\nयह अंतिम यात्रा एक ऐसी जंग के बीच हो रही है जो ईरान, अमेरिका और इज़राइल के बीच अभी भी जारी है, इसलिए आम पाठकों के लिए इसका असर तेल की कीमतों, यात्रा और जंग के दोबारा भड़कने के खतरे से जुड़ा है।\n\n• ईंधन और तेल की कीमतें: दुनिया के करीब 20% तेल और गैस की ढुलाई होर्मुज जलडमरूमध्य से होती है, इसलिए ईरान अमेरिका के बीच बना कमजोर संघर्ष विराम अगर टूटा तो कच्चे तेल और पेट्रोल डीजल के दाम मध्य पूर्व से कहीं दूर तक बढ़ सकते हैं।\n• खाड़ी देशों से जुड़े कारोबार और यात्रा पर असर: तेहरान की सड़कों पर जारी गुस्सा और प्रतिबंधों तथा परमाणु कार्यक्रम पर अटकी बातचीत को देखते हुए, इस इलाके से कारोबारी या यात्रा संबंध रखने वालों को अगले दो महीनों में होने वाली बातचीत के नतीजे पर करीबी नजर रखनी चाहिए।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. अयातुल्ला अली खामेनेई कौन थे?\nवे ईरान के सर्वोच्च नेता थे, जिनकी मौत अमेरिका और इज़राइल के साथ छिड़ी जंग के पहले ही दिन हो गई थी।\n\n2. खामेनेई की मौत कैसे हुई?\n28 फरवरी को तेहरान में हुए एक इज़राइली हवाई हमले में उनकी मौत हुई, इसी हमले में उनकी पत्नी की भी जान चली गई थी।\n\n3. मोज्तबा खामेनेई अंतिम यात्रा में क्यों नजर नहीं आए?\nवे अपने पिता के बाद सर्वोच्च नेता बने हैं, लेकिन उसी हमले में गंभीर रूप से घायल होने की खबर के बाद से सार्वजनिक रूप से कहीं नहीं दिखे हैं।\n\n4. अंतिम यात्रा किस रास्ते से गुजरी?\nयह यात्रा इमाम हुसैन स्क्वायर से शुरू होकर आज़ादी स्क्वायर तक करीब दस किलोमीटर लंबे रास्ते से गुजरी, जिसमें एंघेलाब स्क्वायर भी शामिल था।\n\n5. लोगों ने डोनाल्ड ट्रंप की तस्वीर वाले होर्डिंग के साथ क्या किया?\nमौजूद लोगों ने उस पर पत्थर फेंके, होर्डिंग पर लिखा था अमेरिका ने हमारे पिता को मारा, हम तुम्हें नहीं छोड़ेंगे।\n\n6. इज़राइल के रक्षा मंत्री ने इस हत्या पर क्या कहा?\nइज़राइल काट्स ने कहा कि खामेनेई को इज़राइल के अस्तित्व के लिए खतरा होने की वजह से खत्म किया गया, और आगे भी ऐसी कोशिश करने वाले किसी भी नेता को मार दिए जाने की चेतावनी दी।\n\n7. ईरान अमेरिका जंग की मौजूदा स्थिति क्या है?\nकरीब तीन हफ्ते पहले दोनों देशों ने जंग खत्म करने और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर खोलने के लिए एक शुरुआती समझौता किया था, और अंतिम समझौते के लिए खुद को दो महीने का समय दिया है।\n\n8. तेहरान की यात्रा के बाद आगे क्या होगा?\nमंगलवार को क़ोम में, बुधवार को इराक के कर्बला और नजफ में कार्यक्रम होंगे, और गुरुवार को खामेनेई को मशहद के इमाम रज़ा दरगाह में दफनाया जाएगा।",
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  "publishedAt": "2026-07-06",
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    "ईरान इज़राइल अमेरिका जंग",
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