# खाड़ी में नए सैन्य टकराव का खतरा: कतर में जारी बातचीत के बीच यूएई और बहरीन ने जताई गहरी चिंता

> कतर में जारी कूटनीतिक वार्ताओं के बीच संयुक्त अरब अमीरात और बहरीन ने नए सैन्य टकराव को टालने के लिए राजनीतिक समाधान पर जोर दिया है। मनामा डायलॉग में दोनों देशों के नेताओं ने ईरान के साथ बढ़े तनाव, हॉर्मुज जलडमरूमध्य और खाड़ी सुरक्षा पर महत्वपूर्ण चिंताएं सामने रखीं।

**Type:** article · **Category:** मध्य पूर्व · **Published:** 2026-11-01 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/middle-east/khari-men-nae-sainya-takarava-ka-khatara-qatar-men-jari-batachita-ke-bicha-uae-aura-bahrain-ne-jatai-gahari-chinta-54621 · **Language:** Hindi
**Tags:** खाड़ी संकट, ईरान अमेरिका तनाव, कतर वार्ता, संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, हॉर्मुज जलडमरूमध्य, मनामा डायलॉग

खाड़ी क्षेत्र में एक और बड़े सैन्य टकराव की आशंकाओं के बीच कूटनीतिक प्रयासों को तेज कर दिया गया है। दोहा में कतर के नेतृत्व में जारी विचार-विमर्श के दौरान संयुक्त अरब अमीरात ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका और ईरान के बीच किसी भी संभावित नए युद्ध को रोकने के लिए केवल कूटनीति ही एकमात्र व्यावहारिक रास्ता है। बहरीन की राजधानी में आयोजित सालाना सुरक्षा सम्मेलन मनामा डायलॉग में भाग लेते हुए क्षेत्रीय नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि दोनों पक्षों के बीच के मतभेदों को जल्द नहीं सुलझाया गया तो स्थिति बेहद गंभीर रूप ले सकती है।

## कतर वार्ता और हॉर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने का प्रस्ताव
ईरानी वार्ताकार इस समय कतर में मौजूद हैं जहां एक नए प्रस्ताव पर बातचीत की जा रही है। इस प्रस्ताव के तहत रणनीतिक रूप से अहम हॉर्मुज जलडमरूमध्य को जल्द से जल्द दोबारा खोलने की योजना पर विचार हो रहा है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने टेलीग्राम पर दिए एक साक्षात्कार में इन वार्ताओं की स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि अमेरिका के साथ सीधे तौर पर कोई आमने-सामने की बातचीत नहीं हो रही है। अराघची के अनुसार किसी भी समझौते का परिणाम पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करता है कि वॉशिंगटन ईरानी सवालों का क्या जवाब देता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान दोनों ही परिस्थितियों के लिए तैयार है, चाहे वह रक्षा का मार्ग हो या कूटनीति का, लेकिन उम्मीद यही है कि अमेरिका बुद्धिमानी दिखाते हुए राजनीतिक समाधान को चुनेगा।

## मनामा डायलॉग में यूएई की दो टूक चेतावनी
इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रैटेजिक स्टडीज (IISS) द्वारा आयोजित सुरक्षा सम्मेलन में संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति के सलाहकार अनवर गरगाश ने क्षेत्रीय हालातों पर अपनी बात रखी। गरगाश ने स्पष्ट कहा कि क्षेत्र में कोई भी नया टकराव नहीं देखना चाहता। उन्होंने सम्मेलन में शामिल वैश्विक और क्षेत्रीय सुरक्षा विशेषज्ञों को संबोधित करते हुए कहा कि मौजूदा संकट को सुलझाने के लिए गहरी राजनीतिक समझ और कूटनीतिक तरीकों की आवश्यकता है। सैन्य कार्रवाई से पहले से ही जटिल स्थिति और अधिक बिगड़ जाएगी।

गरगाश ने यह भी आगाह किया कि अमेरिका और ईरान के रुख में अब भी बहुत बड़ा फासला है। उन्होंने कहा कि अगर इन दोनों विरोधी पक्षों के रुख के बीच का अंतर कम नहीं किया गया, तो सबसे बुरे हालात का सामना करने की चिंता बढ़ जाएगी। गरगाश ने दोहराया कि न तो ईरान के हित में दोबारा युद्ध में उतरना है और न ही खाड़ी क्षेत्र के हित में, लेकिन संभावित तनाव को देखते हुए यूएई और अन्य खाड़ी देश हर तरह की स्थिति से निपटने की तैयारियां भी कर रहे हैं।

## फरवरी से शुरू हुआ संघर्ष और खाड़ी देशों पर व्यापक असर
मौजूदा संकट की जड़ें 28 फरवरी को शुरू हुए युद्ध से जुड़ी हैं। इसकी शुरुआत अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों से हुई थी, जिसके जवाब में ईरान ने खाड़ी देशों को निशाना बनाकर जवाबी हमले किए थे। अप्रैल में लागू हुए संघर्ष विराम से पहले, यूएई को ईरान की ओर से सबसे ज्यादा हवाई हमलों का सामना करना पड़ा था। सुरक्षा शोध संस्थान IISS के आंकड़ों के अनुसार, उस दौरान हवाई अड्डों, सैन्य ठिकानों और तेल सुविधाओं को निशाना बनाकर 3,000 से अधिक ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गई थीं। हालांकि इनमें से अधिकांश हमलों को सुरक्षा प्रणालियों ने हवा में ही नष्ट कर दिया था। इस संघर्ष विराम के बाद से ही खाड़ी देशों ने अपनी रक्षा प्रणालियों को मजबूत करने के लिए अरबों डॉलर खर्च किए हैं। गरगाश ने बताया कि इस युद्ध ने यूएई और अमेरिका के सुरक्षा संबंधों को और गहरा किया है, जो यूएई की अपनी रक्षा क्षमता के केंद्र में स्थित है।

## बहरीन पर हमले और अहम बुनियादी ढांचे को खतरा
बहरीन भी इस संघर्ष की सीधी चपेट में आया था, जहां अमेरिकी नौसेना का 5वां बेड़ा तैनात है। IISS के ब्योरे के मुताबिक, ईरान ने बहरीन की दिशा में 500 ड्रोन और लगभग 200 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं। इन हमलों का असर केवल नौसैनिक अड्डे तक सीमित नहीं रहा, बल्कि रिहायशी इमारतों, वित्तीय जिले और पानी को पीने योग्य बनाने वाले डीसेलिनेशन प्लांट पर भी पड़ा। इससे नागरिक सुविधाओं को पहुंचे नुकसान को लेकर चिंताएं काफी बढ़ गई थीं।

मनामा में बहरीन के विदेश मंत्री अब्दुललतीफ बिन राशिद अल ज़यानी ने कहा कि बहरीन तनाव को कम करने वाले हर कदम का समर्थन करता है और संवाद का दायरा बढ़ाने के पक्ष में है। साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ईरान के हमलों और धमकियों का एक निरंतर पैटर्न दिखाई देता रहा है। उनके मुताबिक ईरान के निशाने पर समुद्री मार्ग, हवाई क्षेत्र और डेटा सुविधाएं रही हैं। ज़यानी ने बताया कि संघर्ष विराम के बाद भी इस तरह का आचरण बंद नहीं हुआ है और पिछले महीने ही पानी के नीचे मौजूद डेटा केबल्स को खतरा पहुंचाया गया था।

## सऊदी अरब में हूती हमलों से बढ़ा भू-राजनीतिक दबाव
बहरीन के विदेश मंत्री ने सऊदी अरब पर ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के हमलों का भी उल्लेख किया। इस गर्मी में हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के तेल ठिकानों और हवाई अड्डों पर अपने हमलों की तीव्रता बढ़ा दी थी। हूती गुट ने इन हमलों को सना हवाई अड्डे पर सऊदी हवाई हमलों का जवाब बताया था। इन हमलों के कारण सऊदी अरब की महत्वपूर्ण तेल पाइपलाइनों को नुकसान पहुंचा और हवाई यातायात बाधित हुआ। सुरक्षा सम्मेलन में शामिल अधिकारियों ने माना कि इन तमाम जमीनी दबावों और सुरक्षा जोखिमों के कारण खाड़ी में स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है, जिससे कतर में चल रही कूटनीतिक वार्ताओं का महत्व और अधिक बढ़ गया है।

## इसका आप पर असर
खाड़ी क्षेत्र में जारी सैन्य तनाव और कतर में चल रही वार्ताओं का सीधा असर वैश्विक ऊर्जा बाजार, समुद्री व्यापार और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर पड़ सकता है।

- **भारत में प्रभाव:** भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए खाड़ी देशों से आने वाले कच्चे तेल और एलपीजी पर काफी हद तक निर्भर है। यदि हॉर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव बढ़ता है या आपूर्ति बाधित होती है, तो घरेलू स्तर पर पेट्रोल, डीजल और गैस की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है।
- **खाड़ी में भारतीय प्रवासियों पर:** यूएई, बहरीन और सऊदी अरब में लाखों भारतीय नागरिक कार्यरत हैं। हवाई अड्डों और नागरिक बुनियादी ढांचे पर किसी भी संभावित हमले से उड़ानों में देरी, हवाई किराए में उछाल और स्थानीय सुरक्षा नियम कड़े हो सकते हैं।
- **वैश्विक जहाजरानी और व्यापार:** हॉर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक है। जहाजों की सुरक्षा जोखिम बढ़ने से समुद्री बीमा प्रीमियम बढ़ जाएगा, जिससे आयातित वस्तुओं की ढुलाई लागत में वृद्धि होगी।
- **इंटरनेट और डेटा कनेक्टिविटी:** पानी के नीचे मौजूद डेटा केबल्स को दी गई धमकियां वैश्विक डिजिटल संचार नेटवर्क को प्रभावित कर सकती हैं। इससे एशिया और पश्चिम के बीच डेटा ट्रांसफर धीमा होने का जोखिम बना रहता है।

## ऐसा क्यों हुआ
खाड़ी क्षेत्र में वर्तमान सुरक्षा संकट फरवरी में शुरू हुए सीधे सैन्य टकराव और उसके बाद लगातार बनी असुरक्षा की कड़ी का परिणाम है।

- **सीधे सैन्य हमलों की शुरुआत:** 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए संयुक्त हमलों के बाद ईरान ने खाड़ी के कई देशों को निशाना बनाकर जवाबी मिसाइल और ड्रोन हमले शुरू किए थे।
- **हवाई और समुद्री सुरक्षा को खतरे:** संघर्ष विराम से पहले यूएई और बहरीन पर हजारों बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन दागे गए, जिससे नौसैनिक अड्डे, तेल सुविधाएं, रिहायशी इमारतें और वाटर प्लांट सीधे निशाने पर आ गए।
- **संघर्ष विराम के बाद भी जारी तनाव:** अप्रैल में संघर्ष विराम होने के बावजूद हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी तेल पाइपलाइनों पर हमले और अंडरवाटर डेटा केबल्स को दी गई धमकियों ने दोनों पक्षों के बीच अविश्वास को गहरा बनाए रखा है।
- **कूटनीतिक मतभेदों की खाई:** कतर में मध्यस्थता के प्रयास जारी हैं, लेकिन अमेरिका और ईरान के बीच सीधी बातचीत न होने और मांगों पर सहमति न बनने से नए टकराव की आशंकाएं बनी हुई हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. कतर में चल रही वार्ताओं का मुख्य उद्देश्य क्या है?
कतर में चल रही वार्ताओं का मुख्य उद्देश्य अमेरिका और ईरान के बीच नए सैन्य टकराव को रोकना तथा हॉर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने के प्रस्ताव पर सहमति बनाना है।

### 2. क्या अमेरिका और ईरान के बीच सीधी बातचीत हो रही है?
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची के अनुसार, अमेरिका के साथ कोई सीधी बातचीत नहीं हो रही है और परिणाम इस बात पर निर्भर करता है कि अमेरिका उनके सवालों का क्या जवाब देता है।

### 3. यूएई के राष्ट्रपति के सलाहकार अनवर गरगाश ने क्या चेतावनी दी?
अनवर गरगाश ने कहा कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच के मतभेदों को कूटनीति से नहीं पाटा गया, तो क्षेत्र को बदतर हालात और नए सैन्य टकराव का सामना करना पड़ सकता है।

### 4. फरवरी में शुरू हुए संघर्ष के दौरान यूएई पर कितने हमले हुए थे?
IISS के अनुसार, अप्रैल के संघर्ष विराम से पहले ईरान ने यूएई के हवाई अड्डों, सैन्य ठिकानों और तेल सुविधाओं पर 3,000 से अधिक ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं।

### 5. बहरीन में किन प्रमुख स्थानों को ईरानी हमलों का निशाना बनाया गया था?
बहरीन में अमेरिकी नौसेना के 5वें बेड़े के अड्डे, रिहायशी इमारतों, वित्तीय जिले और एक जल विलवणीकरण (डीसेलिनेशन) संयंत्र को निशाना बनाया गया था।

### 6. बहरीन के विदेश मंत्री ने ईरान पर क्या आरोप लगाए हैं?
विदेश मंत्री अब्दुललतीफ बिन राशिद अल ज़यानी ने आरोप लगाया कि ईरान लगातार समुद्री, हवाई और डेटा बुनियादी ढांचे को निशाना बना रहा है और पिछले महीने उसने अंडरवाटर केबल्स को भी धमकी दी थी।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._